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कोरबा

कोरबा जिले का कोई भी विद्यालय नहीं रहेगा शिक्षकविहीन

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अब दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालय के विद्यार्थियों को भी मिलेगी बेहतर शिक्षा

जिले के सभी मिडिल स्कूलों में होगी तीन शिक्षकों की उपलब्धता

पोड़ी उपरोड़ा, पाली और कोरबा ब्लॉक के दूरस्थ विद्यालयो में बदलेगी शिक्षा की तस्वीर

कलेक्टरअजीत वसंत ने कहा-शैक्षणिक माहौल और बेहतर होगा

कोरबा । राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत कोरबा जिले में अतिशेष शिक्षको के काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों को नए शिक्षक मिल गए, वहीं इन क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा की गारण्टी सुनिश्चित हो गई है। आने वाले दिनों में जब विद्यालय खुलेंगे तो उन्हें नए शिक्षक के साथ अध्ययन का अवसर मिलेगा। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में आयोजित की गई काउंसिलिंग प्रक्रिया के पश्चात पोड़ी उपरोड़ा,पाली,कोरबा ब्लॉक के दूरस्थ क्षेत्रों के अनेक विद्यालयों के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। पिपरिया, लमना, मोरगा, दुल्लापुर, चोटिया, पसान, अरसिया, पोड़ी, पाली, सिरमिना, सपलवा, उड़ान, रतखंडी, परसदा, बारी उमराव, पहाडग़ांव, बाईसेमर, नकिया, श्यांग,लेमरू, खमहून, सिमकेन्दा, लामपहाड़, बिंझकोट जैसे दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में अब पर्याप्त शिक्षक होंगे।
शासन के दिशा निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षको की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लगातार तीन दिनों तक चले इस प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकविहीन विद्यालय और शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया। सर्वप्रथम प्राथमिक शालाओं में अतिशेष प्रधानपाठकों और सहायक शिक्षको की काउंसलिंग 31 मई को की गई। इस प्रक्रिया में 287 सहायक शिक्षको की काउंसलिंग की गई। प्राथमिक शाला के इस काउंसिलिंग प्रक्रिया में 14 शिक्षकविहीन और 273 एकलशिक्षकीय विद्यालय भी शामिल है, जहाँ अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति के पश्चात अब ये विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं रहेंगे। अतिशेष शिक्षको के समायोजन के पश्चात सभी प्राथमिक शाला में अब कम से कम दो शिक्षक होंगे। इसी तरह 3 जून को माध्यमिक शाला अंतर्गत शिक्षको की काउंसिलिंग की प्रक्रिया आयोजित की गई। जिसमें 4 प्रधानपाठकों और 147 शिक्षकों की काउंसिलिंग आयोजित कर उन्हें शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय-द्विशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। काउंसिलिंग के पश्चात 20 एकलशिक्षकीय और 4 शिक्षकविहीन और 62 द्विशिक्षकीय मिडिल स्कूलों में भी अब कम से कम तीन शिक्षक पदस्थ हो गए हैं। दो जून को हाई और हायर सेकंडरी विद्यालय के अतिशेष व्याख्याताओं की काउंसिलिंग की प्रक्रिया आयोजित कर 75 अतिशेष व्याख्याताओं को उन विद्यालयों में पदस्थ किया गया है, जहाँ गणित,रसायन, भौतिकी, हिंदी, अंग्रेजी, कामर्स विषयों के शिक्षकों की कमी थी।

सबसे ज्यादा पोड़ी उपरोड़ा और पाली ब्लॉक के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को होगा लाभ

शासन द्वारा अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण का निर्देश जारी करने के पश्चात जिले में कई गई कार्यवाही का लाभ दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक में लगभग 100 प्राथमिक विद्यालय ऐसे थे जहाँ एकलशिक्षक होने की वजह से अध्ययन व्यवस्था प्रभावित होती रही है। इसी तरह पाली ब्लॉक के 76 प्राथमिक शाला, करतला के 30,कटघोरा ब्लॉक के 26 और कोरबा ब्लॉक के लगभग 34 प्राथमिक शाला में भी एक शिक्षक के स्थान पर अब कम से कम दो शिक्षक पदस्थ होंगे। अतिशेष शिक्षको की नई जगह पर पदस्थापना से दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में जहाँ शिक्षको की कमी दूर हो गई है वहीं इन विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी शासन द्वारा जारी आदेश के तहत की गई युक्ति युक्तकरण की व्यवस्था लाभदायक होने जा रही है।

शिक्षकों और पालकों को मिलेगी राहत
अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण का लाभ दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलने के साथ ही अनेक शिक्षकों के लिए भी लाभदायक साबित होगा। कुछ विद्यालय में शिक्षक नहीं होने से आसपास के किसी विद्यालय के शिक्षक को संलग्न कर अध्यापन के लिए भेजा जाता था। उनके ऊपर अधिक संख्या में मौजूद बच्चों को पढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी के साथ ही अन्य कार्यों की जिम्मेदारी भी रहती थी। शिक्षक नहीं होने या कम शिक्षक होने से बच्चों के पालक भी परेशान होते थे। अब शिक्षको और पालकों को इसका लाभ मिलेगा।

गणित,भौतकी, रसायन, जीवविज्ञान में नहीं होंगे कमजोर

प्राथमिक और माध्यमिक शाला के अतिशेष शिक्षकों को दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किए जाने से विद्यालयों में शिक्षा की नींव मजबूत होगी वहीं हायर सेकण्डरी में पहुँचने वाले विद्यार्थियों को भी अब गणित, भौतकी, रसायन, जीवविज्ञान, अंग्रेजी जैसे विषयों में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में कला विषय चयन करने के अलावा गणित,विज्ञान विषय चयन करने में रुचि जागेगी। इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में जाने वाले विद्यार्थियों को नए व्याख्याताओं की नियुक्ति से लाभ होगा।

शैक्षणिक माहौल बेहतर बनने के साथ ही बढ़ेगी जिले की पहचानः कलेक्टर

कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि कोरबा जिले में अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण की प्रकिया शासन के दिशा निर्देशों के अंतर्गत पूरी कर ली गई है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ काउंसिलिंग आयोजित की गई। अतिशेष शिक्षको के समायोजन से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा। सभी प्राथमिक शालाओं में अब कम से कम दो शिक्षक और मिडिल स्कूल में तीन शिक्षक होंगे। प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बच्चों को शिक्षक मिलने से उनके शिक्षा की नींव मजबूत होगी। इसके बाद हाई और हायर सेकण्डरी विद्यालयों में भी गणित, रसायन,भौतकी, जीवविज्ञान,अंग्रेजी आदि विषय के व्याख्याता पदस्थ हो जाने से उन्हें कठिन लगने वाले विषय को अध्ययन करने में आसानी होगी। विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षको की व्यवस्था हो जाने से आने वाले दिनों में जिले का शैक्षणिक माहौल बदलेगा और नई तस्वीर दिखाई देगी।

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कोरबा

सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के साथ मनाया जाएगा आवास दिवस

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प्रत्येक माह की 07 तारीख को होगा आयोजन

क्यू आर कोड स्कैन प्रणाली के माध्यम से मिलेगी नए प्रावधानों की जानकारी

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार एवं सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 07 तारीख को चावल उत्सव एवं महात्मा गांधी नरेगा के रोजगार दिवस के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा।

आवास दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराना, हितग्राहियों में जन-जागरूकता लाना तथा निर्माण में आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है।

जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए।

आवास दिवस के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों के आवास निर्माण को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने हेतु विशेष चर्चा एवं प्रेरणा दी जाएगी। आवास दिवस में जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों,ग्रामीण हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रावधानों एवं विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी क्यू आर कोड प्रणाली के माध्यम से दी जाएगी। इसके साथ ही क्यू आर कोड प्रणाली के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किए जाएगा।

योजना के अंतर्गत समय-समय पर जारी शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी जाएगी।

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कोरबा

इंदिरा विहार कालोनी ने जमकर खेली होली:अबीर-गुलाल से होली में दिखा उल्लास

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कोरबा। 04 मार्च को रंगों का महापर्व-होलिकोत्सव पर पूरे कोरबा में उल्लास और उमंग चरमोत्कर्ष पर था। हर वर्ग के लोग एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल के बहाने प्रेम और स्नेह उड़ेल रहे थे। इंदिरा विहार विकास समिति, महिला मण्डल एवं पूरी कालोनी की होली भी रंगों से सराबोर रही। कालोनी के लोग प्रात: 09.00 बजे टैगोर उद्यान में एकत्रित हुए और रंगोत्सव को मस्ती के साथ-साथ उल्लास और उमंग के साथ मनाया।

इस अवसर पर महिला मण्डल की अध्यक्ष कुमोद राठौर, सचिव मुक्ता अग्रवाल, कोषाध्यक्ष लता अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती डॉ. मनीषा सिंह, रश्मि सरावगी, मंजू गोयल, रश्मि श्रीवास सहित बड़ी संख्या में महिलाएं टैगोर उद्यान में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया, स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया, मिठाईयां, शरबत आदि मिठाईयां भी एक-दूसरे को खिलाकर कुछ घंटों के लिए जीवन की खुशियां बांटी।


इस अवसर पर इंदिरा विहार विकास समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पुरूष वर्ग एवं युवा, बच्चों ने भी जमकर रंग-गुलाल उड़ेला और रंगोत्सव की खुशियां मनाई।
एक-दूसरे ने दी होली की बधाई


यहां उपस्थित समिति के सदस्यों, महिला मंडल के सदस्यों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर होली की बधाईयां दी। महिला मण्डल की पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनीषा सिंह ने सभी को रंगोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली स्नेह, विश्वास एवं सद्भाव का संदेश देता है और विभिन्न रंगों में सभी जाति, धर्म के लोग एक रंग में रंग जाते हैं, यही सद्भाव और स्नेह की अटूट परंपरा है। डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि सभी आत्मीय भाव से एक-दूसरे से मिले, रंग-गुलाल लगाया, जिससे नई ऊर्जा का संचार हुआ। डॉ. मनीषा सिंह ने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उल्लास और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

होलिका दहन में शामिल हुए डॉ. मनीषा-इ. कन्हैया सिंह


होलिका दहन 02 मार्च को इंदिरा विहार कालोनी में पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ डा. मनीषा सिंह, इंजीनियर कन्हैया सिंह परिवार सहित शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर सभी के लिए धन-धान्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की और भभूत से तिलक लगाया। डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि होलिका दहन के भभूत का पौराणिक महत्व है और इसे लगाने से कई प्रकार से लाभ होते हैं।

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कोरबा

हाथी ने मंडी प्रभारी को कुचला, मौके पर मौत:पत्नी ने भागकर बचाई जान, वन अमला ने हाथी को खदेड़ा

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कोरबा। कोरबा जिले के कोरकोमा क्षेत्र स्थित कुदमुरा उपार्जन केंद्र में बुधवार देर रात एक जंगली हाथी ने मंडी प्रभारी को कुचल दिया। इस हमले में 42 वर्षीय राजेश कुमार सिंह राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी ने किसी तरह अपनी जान बचाई। राजेश रजगामार का निवासी था।

यह घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे हुई, जब राजेश अपनी पत्नी के साथ मंडी में सो रहे थे। अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंचा और राजेश पर हमला कर दिया। पत्नी की चीख-पुकार के बावजूद रात के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था।

बाद में ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी गई और वन विभाग को भी सूचित किया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। हालांकि, बताया जा रहा है कि हाथी अभी भी आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

चोरी होने के कारण झोपड़ी बनाकर रह रहे थे

वन विभाग की टीम ने घटना स्थल का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कुदमुरा उपार्जन केंद्र में धान चोरी की लगातार घटनाओं के कारण राजेश और उनकी पत्नी अस्थायी रूप से एक झोपड़ी बनाकर केंद्र की देखरेख कर रहे थे।

बता दें कि कि हाथी अक्सर धान मंडियों में धान खाने के लिए पहुंच जाते हैं। वन अमला और ग्रामीण इन हाथियों को खदेड़ने के लिए लगातार मशक्कत करते रहते हैं।

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