Connect with us

देश

विश्व प्रसिद्ध Banke Bihari Temple में नया विवाद ! देहरी पूजन को लेकर भड़का गोस्वामी समाज, हाई पावर कमेटी पर उठे सवाल

Published

on

मथुरा,एजेंसी। वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध Banke Bihari Temple में दर्शन व्यवस्था को लेकर नया विवाद सामने आया है। मंदिर में दर्शन के तरीके में बदलाव के फैसले के बाद गोस्वामी समाज के एक वर्ग ने हाई पावर कमेटी (HPC) के खिलाफ कड़ी नाराज़गी जताई है। देश और विदेश से आने वाले भक्तों के बीच भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि ठाकुर जी की सेवा और सदियों पुरानी परंपराओं के प्रति कमेटी का रवैया अपमानजनक प्रतीत हो रहा है।

PunjabKesari

क्या है पूरा विवाद?
मंदिर के मुख्य सेवायत अनंत गोस्वामी जी ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब ठाकुर जी के दर्शन गर्भगृह के बजाय जगमोहन से कराने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही गोस्वामियों के जजमानों को देहरी पूजन करने से भी रोकने की बात कही गई है। अनंत गोस्वामी जी का आरोप है कि कमेटी भक्तों और गोस्वामी समाज को देहरी पूजन से रोक रही है, जबकि कमेटी के सदस्य स्वयं पूजन करते दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन बार-बार दोहरे मापदंड अपना रहा है। गोस्वामी समाज का दावा है कि इस नई व्यवस्था से पारंपरिक तरीके से आने वाले जजमानों के दर्शन प्रभावित होंगे और VIP दर्शन व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।

परंपरा बनाम नई व्यवस्था
प्रशासन का तर्क है कि बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ठाकुर जी को रोजाना जगमोहन में विराजमान कर दर्शन कराने की व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन  गोस्वामी समाज का कहना है कि यह सदियों पुरानी परंपरा के खिलाफ है। परंपरा के अनुसार ठाकुर जी विशेष अवसरों और त्योहारों पर ही जगमोहन में दर्शन देते हैं, जबकि सामान्य दिनों में दर्शन गर्भगृह से ही होते हैं।  

PunjabKesari

रेलिंग ठेका और अन्य विवाद
फरवरी 2026 में मंदिर में स्टील रेलिंग लगाने का ठेका एक मुस्लिम फर्म को मिलने पर भी साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। मंदिर प्रबंधन की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 1971 के बाद से बंद पड़ा मंदिर का तोशखाना (खजाना) अक्टूबर 2025 में खोला गया था, जिसमें कई पुरानी वस्तुओं और दस्तावेजों की जांच की गई।  मंदिर के सेवायतों ने उत्तर प्रदेश सरकार के 2025 के नए ट्रस्ट अध्यादेश को Supreme Court of India में चुनौती दी है। इस अध्यादेश के तहत मंदिर के प्रबंधन को सरकारी ट्रस्ट के अंतर्गत लाने का प्रयास किया गया था। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम निर्णय आने तक मंदिर का प्रबंधन एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली अंतरिम समिति को सौंप रखा है।

विदेशी भक्तों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन आने वाले कई विदेशी श्रद्धालुओं ने भी इस विवाद पर चिंता जताई है। कुछ विदेशी भक्तों का कहना है कि वे यहां की पारंपरिक झांकी दर्शन व्यवस्था और आध्यात्मिक माहौल से आकर्षित होकर आते हैं। उनका मानना है कि मंदिर की प्राचीन परंपराओं को संरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि यही इसकी पहचान और आस्था का केंद्र है। Vrindavan में स्थित बांके बिहारी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की स्थापना महान संत Swami Haridas ने की थी। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए दर्शन व्यवस्था में किसी भी बदलाव को लेकर संवेदनशीलता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।

Continue Reading

देश

‘महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करना विपक्ष की बड़ी राजनीतिक गलती है’: कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी बोले

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। संसद में महिला आरक्षण बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव जारी है। प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को परिसीमन का धोखा बताया है। पीएम मोदी ने  कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम ने कहा है कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन का इनकार विपक्ष की एक बड़ी  राजनीतिक गलती है और इसके लिए उन्हें भविष्य में  गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

Continue Reading

देश

महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026

दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।

बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया

  • राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
  • प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
  • शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।

संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की

सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।

पीएम की 3 अपील

  • 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
  • 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
  • 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी

17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

Continue Reading

देश

‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

PunjabKesari

थरुर ने अपने भाषण में कहा

शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”

PunjabKesari

थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677