विदेश
इजराइल के ईरान पर नए ताबड़तोड़ हमलेः Iran एयरफोर्स का फाइटर जेट मार गिराया, काट्ज बोले- अगला ईरानी सुप्रीमो हमारा ‘टारगेट’
यरूशलम, एजेंसी। इजरायल ने तेहरान समेत कई ईरानी शहरों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक का दावा किया और एक फाइटर जेट गिराने की बात कही। रक्षा मंत्री Israel Katz ने अगले संभावित सर्वोच्च नेता को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी। लेबनान, इराक और खाड़ी देशों तक संघर्ष फैल गया है। इजरायली सेना (Israel Defense Forces) ने दावा किया है कि उसने तेहरान सहित कई शहरों में एक साथ एयरस्ट्राइक की। इजरायल का कहना है कि इन हमलों में ईरान एयरफोर्स का एक फाइटर जेट गिराया गया। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, बुधवार सुबह तेहरान के आसपास कई धमाके सुने गए। इजरायल ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के बाद उसकी एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय की गई।
इजराइल काट्ज की खुली चेतावनी
इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “ईरानी आतंकी शासन द्वारा जिसे भी अगला सर्वोच्च नेता नियुक्त किया जाएगा, उसका खात्मा हमारा लक्ष्य होगा।” यह बयान उस समय आया जब जंग पांचवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps और उससे जुड़ी ‘बासिज’ इकाइयों की इमारतों को निशाना बनाया। इसके अलावा आंतरिक सुरक्षा कमान से संबंधित ठिकानों पर भी हमले किए गए।
ट्रंप का संकेत-लंबी जंग के लिए तैयार रहें
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह संघर्ष कई हफ्तों या उससे अधिक समय तक चल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक
- ईरान में लगभग 800 लोगों की मौत
- इजराइल में अब तक 11 मौतें
- कुवैत में ड्रोन हमले में अमेरिकी सैनिक मारे गए
- लेबनान में भीषण हमले
- इजराइल ने Hezbollah के खिलाफ लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं।
- बालबेक में रिहायशी इमारत पर हमला- 5 मौतें
- अरामून और सादियात में 6 मौतें, 8 घायल
- बेरूत के उपनगर हजमी में होटल पर हमला
- 16 गांव खाली करवाए गए
- लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिक हताहतों की पुष्टि की है।
साइप्रस और खाड़ी में हाई अलर्ट
तनाव के बीच Larnaca International Airport का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया गया। इराक में ईरान समर्थित समूह “सराया अवलिया अल-दम” ने जॉर्डन की ओर ड्रोन दागने का दावा किया। जॉर्डन में सायरन बजने लगे। सऊदी अरब और यूएई में अमेरिकी दूतावासों को भी निशाना बनाया गया।फ्रांस ने संयुक्त अरब अमीरात में Dassault Rafale फाइटर जेट तैनात किए हैं। यह तैनाती French Air and Space Force के जरिए की गई है।
विदेश
जेलेंस्की का बड़ा ऐलान: भारत देगा यूक्रेन का साथ, डिफेंस डील फाइनल स्टेज में!
कीव,एजेंसी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि भारत (India) के साथ सुरक्षा सहयोग को लेकर एक समझौता तय हो चुका है। इस समझौते से जुड़े जरूरी दस्तावेज अभी तैयार किए जा रहे हैं। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस, सेना को समर्थन और देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसी दिशा में भारत के साथ यह सहयोग अहम माना जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन के रक्षा मंत्री Rustem Umierov अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही सुरक्षा समझौतों पर काम कर रहे हैं, ताकि यूक्रेन को ज्यादा सैन्य और रणनीतिक मदद मिल सके। साथ ही, यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ भी बातचीत कर रहा है, ताकि पहले से स्वीकृत सहायता पैकेज को जल्द लागू किया जा सके, जो अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। कुल मिलाकर, भारत और यूक्रेन के बीच यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगा और यूक्रेन की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है।
विदेश
मिडल ईस्ट जंग में ट्रंप को सबसे बड़ा झटका, UAE ने दिखा दिया ठेंगा ! बोला-‘हमें अमेरिका की जरूरत नहीं’
दुबई,एजेंसी। मिडिल ईस्ट जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और संयुक्त राज्य अमेरिका(USA) के बीच संबंधों को दरार बहुत गहरी हो गई है। यह खुलासा तब प्रमुख एमिराती विश्लेषक अब्दुल खालिक अब्दुल्ला के बयान से हुआ है। उन्होंने कहा कि UAE को अब अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षा के बजाय एक “बोझ” बन सकते हैं।

हालांकि यह उनका व्यक्तिगत मत है और UAE सरकार की आधिकारिक नीति नहीं मानी जा रही है। विश्लेषक का तर्क है कि हाल के हमलों और खतरों के बीच UAE ने अपनी रक्षा क्षमता मजबूत की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से आए ड्रोन और मिसाइल खतरों को रोककर UAE ने दिखाया है कि वह अपनी सुरक्षा खुद संभाल सकता है। इसी कारण कुछ लोग अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर पुनर्विचार की बात कर रहे हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी एक बड़ा मुद्दा सामने आया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर युद्ध या संकट की वजह से डॉलर की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो UAE तेल व्यापार के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। इसमें चीन की मुद्रा युआन का नाम सामने आया है। दशकों से खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच एक समझ बनी हुई थी, जिसमें अमेरिका सुरक्षा देता था और बदले में तेल का व्यापार डॉलर में होता था। अब अगर इस व्यवस्था में बदलाव आता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों पर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में चीन का नाम भी सामने आ रहा है। अगर भविष्य में युआन में तेल व्यापार बढ़ता है, तो इससे चीन की वैश्विक भूमिका और मजबूत हो सकती है।
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होर्मुज में फायरिंग पर भड़के ट्रंपः बोले- “No More Mr Nice Guy, अब ईरान ने बात न मानी तो…”
वाशिंगठन, एजेंसी। जलमार्ग होर्मुज में हुई कथित गोलीबारी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान (Iran) ने इस क्षेत्र में फायरिंग की, जिसमें एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटेन का मालवाहक जहाज निशाने पर आए। इस घटना को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है।इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका का प्रस्तावित समझौता नहीं माना, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि अब अमेरिका सख्ती से कार्रवाई करेगा और पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने ईरान को “आखिरी मौका” देते हुए कहा है कि वह समझौता स्वीकार करे, वरना कड़ी कार्रवाई होगी। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जाकर वार्ता करेंगे।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद होता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान को भी इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी बीच अमेरिका ने अपनी टीम को Islamabad भेजने का फैसला किया है, जहां अगले दौर की बातचीत होगी। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner सोमवार को Islamabad पहुंचेंगे। वहां वे ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को लेकर अहम बातचीत करेंगे। ट्रंप के अनुसार, यह कूटनीति का “आखिरी प्रयास” है।उन्होंने कहा कि इस डील के अधिकांश बिंदु पहले ही तय हो चुके हैं और ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने होंगे। अब केवल औपचारिक सहमति बाकी है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलना होगा, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले हफ्ते भी J. D. Vance के नेतृत्व में इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब एक बार फिर से कोशिश की जा रही है कि 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले कोई समझौता हो जाए। हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इन नई वार्ताओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अगर यह बातचीत भी असफल रही, तो अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
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