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शाही महल में डिनर, फोन पर बात और जंग खत्म:दिन में ईरान को धमकाने वाले ट्रम्प रात को चिल्लाकर बोले- डील साइन

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वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने के समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात फ्रांस के वर्साय पैलेस में दस्तखत कर दिए। दिलचस्प बात यह रही कि कुछ घंटे पहले तक वही ट्रम्प ईरान को धमका रहे थे। G7 समिट के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर 60 दिन में अंतिम समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से ईरान पर बम बरसाएगा।

लेकिन शाम ढलते-ढलते तस्वीर बदल गई। G7 समिट के समापन के बाद ट्रम्प फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर वर्साय पैलेस पहुंचे। वहां डिनर से पहले दोनों नेताओं को फोन पर किसी से बातचीत करते देखा गया। इसके कुछ देर बाद ट्रम्प ने ईरान के साथ शांति समझौते (MoU) पर दस्तखत कर दिए।

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विदेश

यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया:1000 से ज्यादा ड्रोन, क्रूज मिसाइलें भी दागीं, जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो रूस भी जलेगा

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मॉस्को/कीव, एजेंसी। यूक्रेन ने गुरुवार को रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रातभर में करीब 1,000 ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें करीब 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, “हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।”

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र का एक ऑयल डिपो धमाके से तबाह हो गया। यहां मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई। मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ। विस्फोट के बाद ऑयल डिपो टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर उछल गया और आसमान में काले धुएं के गुबार छा गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पास के एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई। ड्रोन का मलबा गिरने से कुछ रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। कई ऊंची इमारतों को खाली कराया गया। हमले के बाद मॉस्को के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई।

जेलेंस्की बोले- हमने रूस के हमले का जवाब दिया

जेलेंस्की ने मॉस्को पर हमले को पिछले हफ्ते कीव पर रूस की कार्रवाई का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो रूस के युद्ध अभियान को सहारा दे रहे हैं।

जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए। उन्होंने यूक्रेन की विभिन्न सैन्य और खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ भी की।

हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कजान में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ शिखर बैठक में मौजूद थे। उन्होंने यूक्रेन के इस हमले पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जेलेंस्की ने X पर पोस्ट कर मॉस्को पर हमले की जिम्मेदारी ली।

जेलेंस्की ने X पर पोस्ट कर मॉस्को पर हमले की जिम्मेदारी ली।

2023 से रूसी राजधानी पर ड्रोन हमले बढ़े

2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के ड्रोन हमले सीमित थे। 2023 में पहली बार उसके ड्रोन मॉस्को तक पहुंचे, लेकिन तब हमलों में कुछ ही ड्रोन इस्तेमाल किए जाते थे।

अब यूक्रेन लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गया है, जबकि रूस ने भी राजधानी के चारों ओर मजबूत एयर डिफेंस तैनात कर रखा है।

इस वजह से युद्ध अब सिर्फ फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं रहा। दोनों देश तेल डिपो, रिफाइनरी और दूसरे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

G7 देशों ने यूक्रेन को मदद देने का ऐलान किया

मॉस्को पर बड़े हमले के बीच G7 देशों ने यूक्रेन के लिए सैन्य मदद बढ़ाने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि यूक्रेन को ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम, इंटरसेप्टर और लंबी दूरी के हथियार दिए जाएंगे।

इसके अलावा रूस के तेल और गैस कारोबार पर प्रतिबंध और सख्त किए जाएंगे। G7 देशों ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और ऊर्जा जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त मदद देने का भरोसा दिया है।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराना आसान होगा, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी ने बातचीत को मुश्किल बना दिया है।

उन्होंने कहा कि उनकी वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमिर पुतिन दोनों से अच्छी बातचीत हुई है और वह इस युद्ध का अंत देखना चाहते हैं।

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बिज़नस

वो Luxury Villa जिसे देखने दुनिया भर से आते हैं रईस, 32 कमरे और आलीशान Pool, जानें कौन है इसका मालिक और क्या है कीमत?

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बीजिंग, एजेंसी। खूबसूरत वादियों, शांत समंदर या किसी खूबसूरत आइलैंड (द्वीप) पर अपना एक आलीशान घर होना हर किसी का सपना होता है। जरा सोचिए, एक ऐसा घर जो चारों तरफ से नीले पानी और पहाड़ों से घिरा हो, जिसमें तैरने के लिए एक शानदार इनफिनिटी पूल हो और अंदर कदम रखते ही सात सितारा होटल जैसी लक्जरी का अहसास हो। चीन के सूझोउ (Suzhou) शहर में स्थित एक ऐसा ही आलीशान महलनुमा घर इस समय पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह चीन का अब तक का सबसे महंगा घर है जिसकी भव्यता और कीमत सुनकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ जाते हैं।

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क्या है इस महल का नाम और कहां है स्थित?

इस आलीशान विला को ‘ताओहुआयुआन’ (Taohuayuan) नाम दिया गया है। चीनी भाषा में इसका मतलब होता है ‘यूटोपिया’ (Utopia)—यानी एक ऐसी आदर्श और शांत दुनिया जहां सिर्फ सुख और शांति हो। यह घर चीन की मशहूर ‘दुशु झील’ (Dushu Lake) के ठीक बीच में बने एक बेहद खूबसूरत प्राइवेट आइलैंड (निजी द्वीप) पर स्थित है।

कौन है इसका रहस्यमयी मालिक? 

इस घर की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसका असली मालिक कौन है यह आज तक कोई नहीं जानता। इस आलीशान प्रॉपर्टी का मालिकाना हक पूरी तरह से गुप्त (गुमनाम) रखा गया है जो इसे और ज्यादा रहस्यमयी बनाता है।

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जानिए इसकी खासियतें

रिपोर्ट के मुताबिक इस घर को तैयार करने में दुनिया भर के बेहतरीन आर्किटेक्ट्स को लगाया गया था। यह प्रॉपर्टी करीब 72,400 वर्ग फुट के विशाल एरिया में फैली हुई है। इसे पूरी तरह से बनकर तैयार होने में 3 साल से भी ज्यादा का समय लगा था। इस घर के अंदर कुल 32 आलीशान बेडरूम और 32 हाई-टेक बाथरूम बनाए गए हैं।

घर का नक्शा इस तरह तैयार किया गया है कि इसके हर एक कमरे में सूरज की प्राकृतिक रोशनी (Natural Light) सीधी पहुंचती है। इस पूरे विला का डिजाइन यूनेस्को की विश्व धरोहरों से प्रेरित है। इसे फेंगशुई के सभी नियमों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और इसे तराशने के लिए खास पारंपरिक कारीगरों की मदद ली गई थी।

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कितनी है इस Luxury Villa की कीमत?

चीन के बाजार में इसकी कीमत 1 अरब युआन है। डॉलर में आंका जाए तो यह संपत्ति लगभग 150 मिलियन डॉलर की है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से इस एक अकेले घर की कीमत करीब 1200 करोड़ रुपये बैठती है। खूबसूरत बगीचों, पारंपरिक चीनी नक्काशी और आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस इस द्वीप-महल को देखने और इसकी एक झलक पाने के लिए दुनिया भर से रईस और टूरिस्ट चीन पहुंचते हैं।

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देश

G7 समिट में PM मोदी एंट्री; ट्रंप भी पहुंचे सम्मेलन में, दोनों की मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजर

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पेरिस, एजेंसी। एवियन-ले-बैंस (फ्रांस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मंगलवार को फ्रांस के खूबसूरत शहर Évian-les-Bains पहुंच गए, जहां वह 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) के विशेष निमंत्रण पर पहुंचे मोदी का सम्मेलन स्थल पर औपचारिक स्वागत किया जाएगा। जी7 देशों के अलावा भारत सहित कई साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं।

#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives in Evian, France. He will participate in the #G7Summit here.

(via ANI) pic.twitter.com/DWJSGTj6jS

— Hindustan Times (@htTweets) June 16, 2026

सम्मेलन में  राष्ट्रपति.डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) भी पहुंच चुके हैं। दुनिया की निगाहें अब मोदी और ट्रंप के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक पर टिकी हैं, जिसे सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। अमेरिका-ईरान समझौते के बाद यह उनका पहला बड़ा बहुपक्षीय मंच है, जहां वह दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की मुलाकात को लेकर कूटनीतिक हलकों में काफी उत्सुकता है, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, वीजा नीति, प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

🚨 Formidable US President Trump arrive at the G7 summit meeting venue accompanied by France’s Macron and Ukrainian Zelenskyy.

Remember that time Trump pushed through other leaders to stand at the forefront?

Who has that video? Share below. 😂 pic.twitter.com/Dzn2VelCNg

— Wolf Brief (@wolfbrief_) June 16, 2026

ट्रंप से मुलाकात पर सबसे ज्यादा नजर
फ्रांस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह विश्व नेताओं के साथ अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक अधिक टिकाऊ, समृद्ध और समावेशी विश्व व्यवस्था के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सम्मेलन का सबसे चर्चित पहलू प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक है। दोनों नेताओं की यह करीब 16 महीनों में पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, वीजा, ऊर्जा सहयोग, रक्षा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी जैसे विषयों पर चर्चा कर सकते हैं।

इन मुद्दों पर होगा वैश्विक मंथन
जी7 सम्मेलन में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा होनी है, उनमें शामिल हैं 

  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
  • पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिका-ईरान समझौता
  • रूस-यूक्रेन युद्ध
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का नियमन
  • महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति
  • ऊर्जा सुरक्षा
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती
  • सतत विकास और जलवायु चुनौतियां

अन्य नेताओं से भी मुलाकात
जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान  के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। गौरतलब है कि जब दुनिया यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा सुरक्षा और एआई शासन जैसे मुद्दों से जूझ रही है, भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है। जी7 मंच पर मोदी की मौजूदगी भारत की बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक ताकत का भी संकेत मानी जा रही है।

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