युवती बोली-मर्जी से आगरा जा रहे थे, पीटकर बयान लिया, मेघालय CM बोले-झूठा केस रद्द कीजिए
जगदलपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में गिरफ्तार दो ननों के मामले में शुक्रवार को बिलासपुर NIA कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पीड़ित पक्ष ने अपनी दलीलें दर्ज कराईं। वहीं NIA ने आरोपों को सही ठहराने के लिए अपनी तैयारी पेश की।
NIA कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। NIA कोर्ट के जज सिराजुद्दीन कुरैशी शनिवार को ननों की जमानत पर फैसला सुनाएंगे। वहीं अब सबकी निगाहें NIA कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, क्या कोर्ट ननों को बेल देगा या उन्हें फिर जेल भेजेगा?
वहीं बचाव पक्ष के वकील अमृतो दास ने बताया कि NIA कोर्ट के सामने सभी बातें रखी गई है। ननों के खिलाफ जिस तरीके से जो डायरी में मटेरियल आया है, उसे कोर्ट को बताया गया है। ननों के खिलाफ पुलिस के पास कोई भी सबूत नहीं हैं। प्रॉसीक्यूशन ने इंट्रोगेशन की डिमांड नहीं की। हमने कोर्ट से अपील की है कि ननों को कस्टडी में रखने की जरूरत ही नहीं है।
वहीं NIA के वकील ने दाऊ चंद्रवंशी ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। अभी कोर्ट से ऑर्डर नहीं आया है। फैसला सुरक्षित रखा गया है। ननों के पक्ष से बताया गया है कि मानव तस्करी का मामला नहीं है, लेकिन हमें लगता है कि ये मानव तस्करी है। इसलिए कोर्ट में विरोध किया गया है। बाकी कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।
इन सभी के बीच मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ CM विष्णु देव साय को पत्र लिखा है। सरकार से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और केरल की दो कैथोलिक ननों के खिलाफ आरोप वापस लेने पर विचार करने की अपील की है।
साथ ही कहा कि उन्हें कथित मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया। संगमा ने आरोपों को झूठा बताया है। छत्तीसगढ़ सरकार से धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने और न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
वहीं ननों के साथ पकड़ाई नारायणपुर के अबूझमाड़ की रहने वाली कमलेश्वरी ने कहा है कि हमें कोई अपहरण कर नहीं ले जा रहा था। अपनी मर्जी से आगरा जा रहे थे। ननों पर झूठा आरोप लगाया गया है। हमसे मारपीट कर जबरदस्ती बयान लिया गया। मेरा पूरा परिवार पिछले 5-6 साल से ईसाई धर्म को मान रहा है।
दुर्ग जेल में बंद ननों से आज केरल के पांच सांसदों ने मुलाकात की है।
CPM महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष पीके श्रीमती और पूर्व सांसद सीएस सुजाता ने ननों से मुलाकात की।
वहीं शुक्रवार को केरल के 5 सांसदों ने दुर्ग जेल में बंद ननों से मुलाकात की। उनसे पहले, सीपीएम महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष पीके श्रीमती और पूर्व सांसद सीएस सुजाता मौजूद थीं। पीके श्रीमती ने बताया कि उन्होंने सिस्टर्स से लगभग 15 से 20 मिनट तक मुलाकात की। वे यहां लोगों की मदद और शिक्षा देने आई थी, लेकिन झूठे केस में फंसा दिया गया।
केरल के पांच सांसद दुर्ग जेल में ननों से मिले
कोडिकुन्निल सुरेश
एंटो एंटनी
डीन कुरियाकोसे
हिबी जॉर्ज ईडन
राज मोहन उन्नीथन
ननों से मुलाकात के दौरान केरल के पांचों सांसदों के साथ प्रदेश कांग्रेस सह-प्रभारी जरिता लैतफलांग, दुर्ग शहर से पूर्व विधायक अरूण वोरा भी मौजूद रहे। इसके बाद रायपुर में ननों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन की तैयारी है। इस विरोध प्रदर्शन में केरल सांसदों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
फर्जी केस के खिलाफ पूरा केरल ननों के साथ खड़ा- हिबी जॉर्ज ईडन
केरल के कांग्रेस सांसद हिबी जॉर्ज ईडन ने बताया कि जेल में बंद सिस्टर्स बहुत परेशान हैं। एक हफ्ता पूरा हो गया है। एक सिस्टर का मेडिकल कंडिशन बहुत ही खराब है। फर्जी केस के खिलाफ पूरा केरल उनके साथ खड़ा है।
वहीं उन्होंने CM विष्णुदेव साय के हम आदिवासी हैं, हमें आदिवासी ही रहने दिया जाए वाले बयान पर सांसद ने कहा कि हमें क्रिश्चियन बनना है, हमें मुस्लिम बनना है, वह मेरा निर्णय है। मैं अपना फैसला खुद कर सकता हूं। संविधान के अनुसार मैं किसी भी जाति किसी भी धर्म को स्वीकार कर सकता हूं।
बजरंग दल को सरकार का संरक्षण- दीपक बैज
दुर्ग जिले में ननों की गिरफ्तारी पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार ने बजरंग दल के दबाव में आकर ननों को गलत ढंग से गिरफ्तार किया है। केरल भाजपा अध्यक्ष इस मामले में पहले ही कह चुके है कि नन निर्दोष है उसकी गिरफ्तारी गलत है।
सरकार ने ननों के खिलाफ गलत कार्रवाई की- दीपक बैज
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूडीएफ सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से कहा था कि वे ननों की रिहाई में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे राज्य सरकार को कोर्ट में जमानत का विरोध नहीं करने के निर्देश देंगे। इसके बाद दीपक बैज ने कहा कि इससे साफ है कि सरकार ने गलत कार्रवाई की।
नारायणपुर की रहने वाली कमलेश्वरी प्रधान बोली- पिछले 5-6 साल से ईसाई धर्म मान रहे हैं।
अब पढ़िए ननों के साथ पकड़ाई युवती ने क्या-क्या कहा ?
ननों के साथ पकड़ाई 3 युवतियों में से एक कमलेश्वरी प्रधान ने बताया कि मेरे साथ 2 और युवतियां थीं, यानी हम 3 लोग थे। वो दोनों युवतियां दोबारा दुर्ग गईं हैं। जबरदस्ती धर्मांतरण का आरोप लगाया गया। ननों के साथ हम अपने माता-पिता और अपनी मर्जी से आगरा जा रहे थे।
कमलेश्वरी का कहना है कि मेरे साथ कि उन दोनों युवतियों को ज्यादा डराया, धमकाया गया था। हम आगरा में अस्पताल में सिस्टर और मरीजों के लिए खाना बनाने और उनकी देखरेख करने के लिए जा रहे थे।
पूरा परिवार ईसाई धर्म मान रहा- कमलेश्वरी प्रधान
कमलेश्वरी प्रधान ने कहा कि, कुछ साल पहले मेरी मां बहुत ज्यादा बीमार थी। अस्पताल लेकर गए, अलग-अलग गांवों में भी देसी इलाज करवाए लेकिन ठीक नहीं हुईं। जब यहां गए (चर्च) तो एक दिन में इलाज हो गया। एक दिन में ठीक हो गईं। जिसके बाद हमारा ईसाई धर्म के प्रति विश्वास बढ़ गया। पूरा परिवार इस धर्म को मानने लगा।
29 जुलाई को सांसदों ने ननों से की थी मुलाकात
माकपा नेता वृंदा करात और CPI नेता एनी राजा ने भी बुधवार को दुर्ग जेल पहुंचकर दोनों ननों से मुलाकात की। इस दौरान वृंदा ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में गुंडाराज चल रहा है। बीजेपी सरकार ईसाई समुदाय को टारगेट कर रही है। पुलिस ने बजरंग दल के लोगों को फोन कर रेलवे स्टेशन में बेवजह हंगामा कराया। धर्मांतरण और मानव तस्करी के झूठे केस में फंसाया।
वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि दोहरापन नहीं चलेगा विष्णुदेव साय जी और विजय शर्मा जी!। भाजपा केरल के अध्यक्ष कह रहे हैं कि गिरफ्तार की गईं नन का धर्मांतरण से कोई लेना देना नहीं है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गिरफ्तार की गईं नन धर्मांतरण में लिप्त हैं। आप अपना मत स्पष्ट कीजिए। प्रदेश जानना चाहता है।
इन आरोपों पर दुर्ग से बीजेपी के सांसद विजय बघेल ने संसद में कहा कि क्या हम अपनी आदिवासी बेटियों की रक्षा नहीं करेंगे? कांग्रेस के जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों ने भ्रम फैलाया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग रेलवे स्टेशन में मानव तस्करी और धर्मांतरण कर दो नन द्वारा बस्तर की भोली-भाली आदिवासी बेटियों को आगरा ले जाया जा रहा था।
बुधवार को माकपा नेता और सीपीआई नेता एनी राजा ने भी दुर्ग जेल में ननों से मुलाकात की थी।
जेल में बंद कैथोलिक नन वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी पर कार्रवाई के खिलाफ 28 जुलाई को सांसदों ने प्रदर्शन किया था।
कोर्ट में याचिका खारिज, जेल में रहेंगी नन
दुर्ग में केरल की दो ननों की गिरफ्तारी मामले में लोअर कोर्ट के बाद सेशन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। सेशन कोर्ट के जज अनीश दुबे ने कहा हमें यह प्रकरण सुनने का अधिकार नहीं है। यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला था, जिसमें बिलासपुर NIA कोर्ट को सुनवाई का अधिकार है।
वहीं थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि, मानव तस्करी मामले में केंद्रीय एजेंसी को जानकारी दें। कोर्ट में अपील के बाद सुनवाई होगी, तब तक ननों को जेल में रखा जाएगा। वहीं अब ननों के वकील राजकुमार तिवारी NIA कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।