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छत्तीसगढ़

रायगढ़ में 1 एकड़ में 2 करोड़ की अफीम जब्त:तरबूज-ककड़ी बताकर खेती, झारखंड से 10 साल पहले आया था, दोस्तों संग मिलकर कारोबार किया

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रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करीब एक एकड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे। जिसका पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी ने रायगढ़ में ही 10 साल पहले शादी की। किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया। इसके बाद ससुराल में रहकर दोस्तों के साथ मिलकर अफीम का कारोबार शुरू कर दिया।

यह मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट इलाके का है। पुलिस ने झारखंड के खूंटी जिले के रहने वाले मार्शल सांगा (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ पाझर नाला के पास अफीम की खेती कर रहा था।

वहीं, कांग्रेस का एक जनप्रतिनिधि मंडल मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस ने इस पर बीजेपी का संरक्षण होना बताया है।

इस पूरे मामले में 60,326 अफीम पौधे (2,877 किलो) और 3 किलो तैयार अफीम जब्त हुई है, जिसकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई। मामले में दो आरोपी इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की।

पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की।

झारखंड से आकर बस गया था आरोपी

जानकारी के मुताबिक, मार्शल सांगा की शादी तमनार के आमाघाट निवासी सुषमा खालको से हुई थी। इसके बाद वो पिछले 8-10 वर्षों से यहां आकर रहने लगा था। बताया जा रहा है कि आरोपी कभी झारखंड तो कभी आमाघाट में रहता था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अफीम की खेती शुरू कर दी।

पुलिस दबिश में एक आरोपी पकड़ा, साथी फरार

पुलिस ने आरोपी के घर और खेत में दबिश दी। इस दौरान मार्शल सांगा को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके साथी फरार हो गए। पुलिस ने रातभर इलाके में पहरा दिया। जांच में पता चला कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह पांच अलग-अलग खसरा नंबरों की निजी और परियोजना भूमि है।

  • खसरा नं 462/3 भूमि स्वामी विराज, प्रवीण उर्मिला, सुलोचना।
  • खसरा नं 462/2 भूमि केलो परियोजना।
  • खसरा नं 462/1 भूमि स्वामी महंत पिता चमरा, अश्वनी बेवा चमरा।
  • खसरा नं 462/4 भूमि स्वामी दयानंद पिता धरमदेव।
  • खसरा नं 462/5 भूमि स्वामी हेमंत कुमार पिता धरमदेव के होने की जानकारी मिली है।
आरोपी झारखंड से आकर तमनार के आमाघाट में अफीम की खेती कर रहा था।

आरोपी झारखंड से आकर तमनार के आमाघाट में अफीम की खेती कर रहा था।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि, जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बिना संरक्षण मिले नहीं कर सकता खेती

जनपद सदस्य संपति सिंह सिदार ने बताया कि, बिना किसी के जानकारी, बिना किसी के अनुमति यहां कोई कैसे खेती करेगा। जरूर वो किसी के संरक्षण में खेती कर रहा था। बाहर से आकर कोई खेती नहीं कर सकता। ये बीजेपी के संरक्षण में ही होगा।

निष्पक्ष जांच होनी चाहिए- सिंहदेव

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए। पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ में भी अफीम की खेती का खुलासा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में जिस जमीन को तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर लिया गया था, वहां असलियत कुछ और ही निकली। क्या तरबूज और ककड़ी की फसलें ऐसी दिखती हैं? और ऐसा तो बिल्कुल संभव नहीं है कि ऐसी खेती रातों-रात खड़ी हो जाए।

यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक गंभीर खतरे का संकेत है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार गहरी नींद में है, जब प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और नशे का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में आज तक ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार कभी नहीं आई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब सरकार और प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।

यह सिर्फ लापरवाही नहीं, इस अवैध खेती में ऊपर से नीचे तक मिलीभगत और गहरे भ्रष्टाचार के चिन्ह हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और कड़ी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

भूपेश बघेल बोले- भाजपा सरकार दे रही संरक्षण

रायगढ़ में अफीम की खेती पकड़ाने पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में हो रही अफीम की खेती का पर्दाफाश जारी है। अब रायगढ़ के तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में अफीम की खेती पकड़ी गई है।

जिस तरीके से प्रदेश में सूखे नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, यह घातक है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी बताती है कि इस खेल का असली “सरगना” कौन है।

संबंधित विभाग को जानकारी न होना चिंताजनक

युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष ग्रामीण उस्मान बेग ने कहा कि, इतने बड़े पैमाने पर नशीली फसल का उत्पादन होना और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी न होना बेहद चिंताजनक है।

यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षण की संभावना को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि निगरानी तंत्र सक्रिय रहता तो इतनी बड़ी अवैध खेती संभव नहीं थी। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करना आवश्यक है।

कांग्रेस का जनप्रतिनिधि मंडल अफीम की खेत में पहुंचकर मामले में जांच की।

कांग्रेस का जनप्रतिनिधि मंडल अफीम की खेत में पहुंचकर मामले में जांच की।

कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

घटना की जानकारी होने के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आमाघाट के उस खेत में पहुंचा, जहां अफीम की खेती हो रही थी। कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने इसी मुद्दे को लेकर आक्रोश है। सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस कमेटी रायगढ़ के अध्यक्ष ग्रामीण नगेन्द्र नेगी ने कहा- यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। उनके अनुसार, सरकार वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर होती, तो इस प्रकार की घटनाएं बार-बार सामने नहीं आतीं।

कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक दोषियों का पता चल सके। आमाघाट में खेत में करीब डेढ़ एकड़ में फसल लहलहा रही थी।

15 दिन में चौथा मामला

बता दें कि प्रदेश में पिछले 15 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग में अफीम की खेती पकड़ाई थी। 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी में और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की खेती मिली थी।

पहला मामला- दुर्ग में BJP नेता कर रहा था अफीम की खेती

दुर्ग जिले के समोदा में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) पिछले 5 साल से अफीम की अवैध खेती कर रहा था। ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उसने फसल लगवाई थी। 7 मार्च को यह अवैध खेती पकड़ी गई और उसके खेत से 7.88 करोड़ रुपए के अफीम के पौधे जब्त किए गए थे। भाजपा नेता समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

दूसरा मामला – बलरामपुर के कुसमी में पकड़ाई अफीम

10 मार्च को बलरामपुर जिले के कुसमी में त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध अफीम की 3.67 एकड़ में खेती पकड़ी गई थी। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त किया था। जबकि सरगना और भाजपा नेता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।

तीसरा मामला – बलरामपुर के कोरंधा में मिली अफीम की खेती

जिले में पहला मामला सामने आने के ठीक 2 दिन बाद 12 मार्च फिर एक अफीम का खेत पकड़ाया। जहां कोरंधा में 3 किसानों के करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम लगी हुई थी। ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने अफीम उखड़वा दिया था।

तुर्रापानी खजूरी पंचायत का हिस्सा है, लेकिन यह पहाड़ी क्षेत्र में बसा इलाका है। यह इलाका झारखंड सीमा से लगा हुआ है। यहां आम तौर पर लोगों का आना-जाना कम रहता है। यहां छिपकर अफीम की खेती की जा रही थी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : वनौषधि परंपरा के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : वन मंत्री केदार कश्यप

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वनौषधि परंपरा के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : वन मंत्री केदार कश्यप
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप

रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाइंट, रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा , विधायक किरण सिंह देव, विधायक अनुज शर्मा और विधायक इंद्रकुमार साहू अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

         वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 44.21 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। यहां के वनों में विभिन्न प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से उपचार के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और आमजन तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन अंजय शुक्ला द्वारा उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके अनुभव से औषधि पादप बोर्ड को मजबूती मिलेगी और यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

          समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड द्वारा वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्री शुक्ला के मार्गदर्शन में बोर्ड और बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को विधायक किरण सिंह देव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि श्री शुक्ला के अनुभव का लाभ औषधि पादप बोर्ड को मिलेगा और बोर्ड नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कि राज्य सरकार वन औषधीय के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए पादप बोर्ड का गठन किया है। जो लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने श्री शुक्ला को बधाई देते हुए कहा पादप बोर्ड को उनके अनुभव का निश्चित ही लाभ मिलेगा और बोर्ड बेहतर नवाचार करेगा।

        कार्यक्रम में  अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष अल्प संख्यक आयोग अमरजीत सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, लोकेश कावड़िया, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण नंदकुमार साहू , जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती स्वाती वर्मा, सतनामी समाज के धर्मगुरू गुरू बालदास, रमेश सिंह ठाकुर, अशोक पाण्डे, श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव सुरेन्द्र पाटनी, अमित साहू, आलोक साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। 

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कवर्धा : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा

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ठेकेदारों को निर्माण कार्य 1 वर्ष में पूरा करने दिए निर्देश

जिला स्तरीय समिति निर्माण कार्यों की करेगी निगरानी

हर सोमवार को देनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

कवर्धा। रायपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण से जुड़े विभागों और ठेकेदारों की मैराथन समीक्षा बैठक ली।उन्होंने प्रोजेक्ट में मुख्य मंदिर परिसर का उन्नयन, सरोवर का सौंदर्यीकरण, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा, पार्किंग में अब तक हुए कार्यों की प्रगति की गहनता से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा पर पूर्णता इन दो पैमानों पर सभी कामों की मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की गई है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से कहा कि 15-15 दिन में किए जाने वाले कार्यों की टाइमलाइन दें। निगरानी समिति को हर सोमवार कार्यस्थल का मुआयना कर प्रगति की समीक्षा के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे सभी प्रोजेक्ट इंचार्ज और इंजीनियर्स को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए कहा। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही।

      उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्य मंदिर परिसर में पेड़ों के इर्द गिर्द यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने के लिए चबूतरे बनवाये जाएं। मंदिर परिसर में जो भी प्रवेश द्वार और खंभे बनने का रहे हैं उनमें ‘फनी नागवंशी’ स्थापत्य की झलक दिखे, ऐसी संरचनाएं बनाई जाएं, लकड़ी के दरवाजों में इसी के अनुसार की नक्काशी की जाए। मुख्य प्रवेश द्वार सहित सभी द्वार भव्य रूप से बनाए जाएं। 
        उन्होंने कहा कि सरोवर स्थल में पिचिंग और लाइनिंग का काम तकनीकी उत्कृष्टता के साथ किया जाए। उन्होंने सरोवर तट पर सीढ़ियां तथा उसके ऊपर शेड का निर्माण व्यवस्थित रूप से करने के लिए कहा ताकि श्रद्धालु वहां आराम से बैठ सकें। सरोवर के किनारे लगने वाले स्ट्रीट लाइट के पोल भी आकर्षक रूप से तैयार करवाए जाएं जो पूरे मार्ग को भव्यता प्रदान करे।

    उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मंदिर परिसर में बनने वाले विश्राम स्थल में दरवाजे खिड़की इस प्रकार से लगाए जाएं जो पूरे भवन को भव्यता के साथ पर्याप्त हवा और रोशनी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगने वाली कलाकृतियों में स्थानीयता और लोक संस्कृति की छाप दिखनी चहिए। उन्होंने पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ मजबूत फ्लोरिंग तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पार्किंग में करीब बनने वाले दुकानों को इस प्रकार से बनाया जाए जिससे पार्किंग स्थल पर वाहनों का प्रवेश और निकासी व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो। उन्होंने पूरे कॉरिडोर में पेयजल, शौचालय जैसे जनसुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए। 

        मड़वा महल में प्रवेश द्वार, बाउंड्री वाल, कलाकृतियों की स्थापना, पर्यटकों की बैठक व्यवस्था का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार छेरकी महल, रामचुवा में होने वाले निर्माण और उन्नयन कार्यों की प्रगति के बारे में संबंधित ठेकेदार से जानकारी ली गई। सरोदा डैम में कैफेटेरिया, डैम तक सीढ़ियों और व्यू प्वाइंट का निर्माण, सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को लेकर कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, एमडी पर्यटन विवेक आचार्य, कलेक्टर गोपाल वर्मा, नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशीराम धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार मेरावी, राम किंकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बोड़ला नन्द श्रीवास, लोकचंद साहू,  आदित्य श्रीवास्तव, दुर्गेश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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अंबिकापुर: मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

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3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय

बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु बजट में 10 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान

सरगुजा ओलंपिक में बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना सुखद, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें युवा : श्रीमती गीता फोगाट

सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी

खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने शासन की अनूठी पहल से जुड़ रहे है लोग

 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ
 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

अंबिकापुर। नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी। श्री साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। 

 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है। 

 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 
कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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