मुंबई, एजेंसी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब ग्राहकों को और झटका लग सकता है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में फ्यूल के दामों में 5 रुपए प्रति लीटर की और तेजी आ सकती है। इसकी वजह है पश्चिम एशिया में जारी तनाव से कच्चे तेल में तेजी, जिसके चलते सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को हर दिन लगभग 610 करोड़ का घाटा हो रहा है।
ICRA का अनुमान
रेटिंग एजेंसी ICRA के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और को-ग्रुप हेड, प्रशांत वशिष्ठ के अनुसार, 15 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियों को अभी भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुमान है कि पेट्रोल पर करीब 5.5 रुपए और डीजल पर 4.5 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 5 प्रति लीटर की और बढ़ोतरी से OMCs को ऑटो फ्यूल की बिक्री पर ‘ब्रेक-ईवन’ (यानी लागत और कमाई बराबर होने) की स्थिति के करीब पहुंचने में मदद मिल सकती है।
कितना हो रहा नुकसान
ICRA का अनुमान है कि यह नुकसान सिर्फ ऑटो फ्यूल तक ही सीमित नहीं है बल्कि LPG और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी तेल कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। LPG पर प्रति सिलेंडर करीब 680 रुपए और ATF पर लगभग 93 करोड़ रुपए प्रतिदिन की अंडर-रिकवरी बनी हुई है।
क्रिसिल रेटिंग्स के विश्लेषण के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और OMCs अपना घाटा कम करना जारी रखती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल बढ़ोतरी 10 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच सकती है।
मैक्रोइकॉनॉमिक असर
क्रिसिल ने कहा कि इसका व्यापक असर पूरी इकोनॉमी पर पड़ेगा क्योंकि ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ेगी, जिससे खाने-पीने की चीजों और कोर महंगाई, दोनों में बढ़ोतरी होगी।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ सकता है। नतीजतन, ट्रांसपोर्ट पर निर्भर सेक्टरों को ज्यादा कॉस्ट का सामना करना पड़ सकता है। क्रिसिल का कहना है कि डेयरी प्रोडक्ट्स, फल, दालें, मसाले, चाय, कॉफी, अंडे, मीट और मछली जैसी चीज़ों की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ने से रिटेल कीमतें भी बढ़ रही हैं।
नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक हुई, जो करीब 45 मिनट चली।
बैठक से मोदी ने पुतिन का गले लगाया और उन्हें तमिल कवि तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन में पहुंचे।
PM मोदी-पुतिन के बीच क्या बातचीत हुई है अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों में बड़ी डिफेंस डील संभव है। भारत रडार की पकड़ में न आने वाला सुखोई-57 फाइटर जेट खरीद सकता है।
रूस ने इसे बनाने और जरूरी तकनीक साझा करने की पेशकश की है। सुखोई-57 एक एडवांस स्टेल्थ फाइटर जेट है। यह दूसरे देश में घुसकर एयरस्ट्राइक करने में गेमचेंजर साबित हो सकता है।
PM मोदी-पुतिन मुलाकात की फोटोज
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल किताब की रूसी भाषा में अनुवाद की एक प्रति भेंट की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गले लगाकर स्वागत किया।
द्विपक्षीय मीटिंग के बाद प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन प्रदर्शनी में शामिल हुए। यह प्रदर्शनी भारत मंडपम में पहली बार आयोजित की जा रही है।
PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन इनरोप्रोम इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन में पहुंचे हैं। इनरोप्रोम रूस की बड़ी इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग प्रदर्शनी है।
प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इनरोप्रोम एग्जिबिशन में बुलेट ट्रेन से जुड़ा प्रोजेक्ट देखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS देशों के नेताओं, BRICS बिजनेस काउंसिल के चेयरपर्सन और BRICS वुमन्स बिजनेस अलायंस के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई।
तिरुक्कुरल क्या है, जिसे PM मोदी ने पुतिन को भेंट किया?
तिरुक्कुरल तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना है। इसे तमिल वेद कहा जाता है। इसमें करीब 1,330 दोहे हैं। इन दोहों में अच्छे जीवन, नैतिकता, शासन, अर्थव्यवस्था, प्रेम और इंसानी मूल्यों के बारे में बताया गया है।
तिरुक्कुरल को तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक माना जाता है। इसका कई भाषाओं में अनुवाद भी हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी का इसे विदेशी नेताओं को भेंट करना भारत की प्राचीन तमिल संस्कृति और उसकी ज्ञान परंपरा को दुनिया तक पहुंचाने का संदेश माना जा सकता है।
Su-57 फाइटर जेट, S-400 और एडवांस ब्रह्मोस-NG डील संभव
मोदी-पुतिन की बातचीत में S-400 की बाकी खेप और एडवांस ब्रह्मोस-NG जैसे रक्षा सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा संभव है। इसके अलावा, 2030 तक दोनों देशों का कारोबार 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर बात हो सकती है।
रूस के साथ उद्योग, रेलवे, स्टील और टनलिंग में सहयोग बढ़ाने, भारतीय कंपनियों को रूसी बाजार में ज्यादा मौके देने और परमाणु ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, कुशल कामगारों व उर्वरक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा संभव है।
BRICS बिजनेस फोरम में 2,000 से ज्यादा कारोबारी जुटे
BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज यहां सदस्य देशों और पार्टनर देशों के 2,000 से ज्यादा कारोबारी नेता और प्रतिनिधि जुटे हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा BRICS बिजनेस फोरम है।
उन्होंने कहा कि फोरम में गैर-टैरिफ बाधाओं, ग्लोबल वैल्यू चेन पर इनके असर, कृषि और एग्री-टेक्नोलॉजी, सर्विस ट्रेड, महिलाओं के नेतृत्व वाले कारोबार और डिजिटल इकोनॉमी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
गोयल ने बताया कि BRICS बिजनेस काउंसिल ने अपनी सालाना रिपोर्ट पूरी कर ली है। इसमें 44 से ज्यादा सिफारिशें दी गई हैं।
पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया
राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे स्वीकार कर लिया।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि शिखर सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सहमति से राजनयिक बातचीत के जरिए तय की जाएगी।
मोदी-पुतिन ब्रिक्स की बिजनेस फोरम में शामिल होंगे
मोदी-पुतिन ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में शामिल होंगे। आज के कार्यक्रम में खास तौर पर BRICS के भीतर व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा होनी है। इसके अलावा निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अलग-अलग देशों के बीच कारोबार बढ़ाने के मुद्दे भी एजेंडे में हैं। पुतिन फोरम के प्लेनरी सेशन को संबोधित भी करेंगे।
मोदी-पुतिन रूसी टेक्नोलॉजी और AI की प्रदर्शनी देखने पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम में चल रही इनरोप्रोम प्रदर्शनी देखने पहुंचे। यह भारत और रूस की पहली संयुक्त औद्योगिक प्रदर्शनी है।
तीन दिन की इस प्रदर्शनी में रूस की कई बड़ी कंपनियां टेक्नोलॉजी, AI, एविएशन, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, माइनिंग और बैंकिंग से जुड़ी तकनीक और प्रोडक्ट दिखा रही हैं।
इस प्रदर्शनी का मकसद भारत और रूस के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ाना और दोनों देशों के बीच नए संयुक्त प्रोजेक्ट शुरू करना है।
PM मोदी उज्बेकिस्तान में भी तिरुक्कुरल का जिक्र चुके हैं
मोदी ने इससे पहले अगस्त में अपने उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान भी तमिल साहित्य की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का जिक्र किया था। उन्होंने सुझाव दिया था कि इसका उज्बेक भाषा में अनुवाद किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा था कि तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद होने से वहां के लोगों को भारतीय दर्शन और विचारों को समझने में मदद मिलेगी।
BRICS समिट में शामिल होने भारत पहुंचे मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी BRICS समिट 2026 में शामिल होने भारत पहुंचे। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल के प्रसिद्ध ग्रंथ तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवाद भेंट किया। तिरुक्कुरल तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की रचना है। इसमें कुल 1,330 दोहे हैं, जिनमें नैतिक जीवन, शासन, अर्थव्यवस्था, प्रेम और मानवीय मूल्यों से जुड़े विचार दिए गए हैं।
तिरुक्कुरल को तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में माना जाता है। इसका कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। 2026 में इसका रूसी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ है।
लंदन/नई दिल्ली, एजेंसी। लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं।
माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनकी रू.14,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति से बैंकों को वसूली हुई है। यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया था।
विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से करीब रू.9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है।
बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और CBI-ED की जांच के बीच 2 मार्च 2016 यानी 10 साल 6 महीने पहले पहले वे माल्या भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। बाद में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया था।
माल्या का दावा- ED ने बैंकों को 14 हजार करोड़ लौटाए
माल्या ने बुधवार देर रात भी X पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है।
विजय ने एक पोस्ट में यह भी कहा, “मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं। मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने मुझे भारत लौटने से रोक रखा है।”
माल्या ने ED की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल बताए गए हलफनामे का एक हिस्सा साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनसे 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली का जिक्र है।
उन्होंने लिखा, “बॉम्बे हाईकोर्ट में ED की ओर से दाखिल हलफनामा। पैराग्राफ 7 में तय कर्ज है और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल किए गए 14,131.60 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं।”
माल्या ने कहा, “पांच साल बाद भी मुझे ऐसा व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया। मुझे गलत तरीके से भगोड़ा बताया गया है।” उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक टेबल भी शेयर की।
उन्होंने लिखा, “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब पर भरोसा करते हैं, वे यह तालिका देखें। क्या मीडिया की ओर से मुझे इस तरह निशाना बनाया जाना और किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहना सही है? यह पूछना शुरू क्यों नहीं किया जाता कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा।”
मार्च 2016 में देश छोड़कर गए थे, 2019 में भगोड़ा घोषित
माल्या मार्च 2016 में यूके चले गए थे। इसके बाद साल 2019 में अधिकारियों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था।
इस कानून के तहत प्राधिकारियों को संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार यूके से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।
क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) कानून उन आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं।
इस कानून के तहत अदालतों को मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले ही आरोपी की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच यानी जब्त करने और उन्हें नीलाम/बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतिम मोहलत
इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता।
कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है।
खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।
हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।
चिलिमे टनल में 105 मीटर तक पहुंची नेपाली-भारतीय सेना की टीम
रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में नेपाली और भारतीय सेना की टीम मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। टीम अब तक सर्विस टनल के अंदर करीब 105 मीटर तक पहुंच गई है।
प्रोजेक्ट तक जाने वाली सड़क से मलबा हटाने का काम भी चल रहा है। प्रभावित इलाके के दोनों तरफ आने-जाने के लिए रोप लाइन लगा दी गई है।
बाढ़ आने के दिन ही नेपाली सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने पहले इलाके का जायजा लिया और फिर टनल के मुहाने से मिट्टी और मलबा हटाकर अंदर गई। यहां से दो लोगों के शव बरामद किए गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर मौजूद एक्सकेवेटर के साथ बॉबकैट एक्सकेवेटर भी लगातार मलबा हटाने और खुदाई में लगाया गया है।
नेपाल में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल बाढ़ में AI से शवों की पहचान की कोशिश
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए FaceTagr AI तकनीक की मदद ली जा रही है। यह तस्वीरों और वीडियो में चेहरों का मिलान कर लापता लोगों से संभावित मैच तलाशती है।
FaceTagr हजारों रिकॉर्ड में से 5-10 संभावित मैच सामने लाता है। परिवार इन मैचों को देख सकते हैं, जबकि अंतिम पहचान नेपाल पुलिस या संबंधित सरकारी एजेंसियां करती हैं।
FaceTagr से जुड़े समीर पंथी के मुताबिक, अब तक करीब 500 लापता लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सिस्टम ने करीब 90 शवों की पहचान में मदद की है। हालांकि, यह नेपाल पुलिस के कुल आधिकारिक पहचान आंकड़े से अलग है।
रेस्क्यू और फोरेंसिक मदद के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे
भारत ने राहत सामग्री के साथ 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।
विशेष रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग में अभियान चला रही है, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो लैब में DNA जांच में मदद कर रहे हैं।
भारत ने इसके लिए DNA किट, रिऐजेंट और प्रोफाइलिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।