कोरबा। शहर के पंचवटी में आज महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं कैबिनेट मंत्री व कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन तथा नगर निगम कमिश्नर आशुतोष पांडे के नेतृत्व में नगर पालिक निगम कोरबा में चहुंमुखी विकास कार्यों की झड़ी लगी हुई है। नई सरकार के 16 माह के सफल कार्यकाल के दौरान शहर की मूलभूत सुविधाओं जैसे—सड़क, नाली, पानी और बिजली के क्षेत्रों में व्यापक प्रगति हुई है। इस विकास यात्रा की मुख्य उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं का विवरण निम्नानुसार है:
विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड इस अवधि में कुल 76 विकास कार्य सफलताग्रुप पूर्ण कर लिए गए हैं। प्रगतिरत कार्य: वर्तमान में 149 कार्य धरातल पर तेजी से चल रहे हैं। आगामी कार्य: कुल 209 विकास कार्य बेहद शीघ्र प्रारंभ होने जा रहे हैं।
सड़क डामरीकरण: कोसाबाड़ी से घंटाघर और घंटाघर से CSEB चौक होते हुए सुनालिया पावर हाउस रोड तक रू.22 करोड़ की लागत से डामरीकरण का टेंडर हो चुका है, जिसका कार्य बरसात के ठीक बाद शुरू होगा।
स्वच्छता में देश में 8वां स्थान और कचरा प्रबंधन कीर्तिमान: कोरबा ने देश की स्वच्छता रैंकिंग में 8वां स्थान हासिल कर एक बड़ा गौरव अर्जित किया है।
कचरा डंपिंग पॉइंट का खात्मा: शहर के पुराने कचरा डंपिंग पॉइंट्स को समाप्त कर वहां सुंदर ‘स्मॉल गार्डन्स’ विकसित किए गए हैं।
संसाधनों का अपग्रेडेशन: डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए बेड़े में 80 इलेक्ट्रॉनिक रिक्शा और 2 अत्याधुनिक मोबाइल टॉयलेट शामिल किए गए हैं। साथ ही 55,000 मकानों में डस्टबिन वितरण प्रस्तावित है।
बायो-गैस प्रोजेक्ट: गीले कचरे से बायो-गैस बनाने के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल और गेल इंडिया (GAIL India) के बीच MoU संपन्न हो चुका है।
SLRM सेंटर्स: शहर के सभी 16 SLRM सेंटर्स का लगभग रू.8 करोड़ की लागत से उन्नयन कार्य जारी है।
जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुधार (रू.165 करोड़ का एसटीपी)
हसदेव नदी का संरक्षण: शहर के 11 बड़े नालों के गंदे पानी को हसदेव नदी में मिलने से रोकने के लिए रू.165 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण प्रगति पर है। इसे अगस्त 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
स्थाई आय का स्रोत: एसटीपी से उपचारित जल को एनटीपीसी (NTPC) को रू.7.50 प्रति किलोलीटर की दर से बेचा जाएगा, जिससे निगम को स्थाई आय होगी।
नया जल उपचार संयंत्र: जिला खनिज न्यास (DMFT) मद से रू.32 करोड़ की लागत से 20 MLD क्षमता के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे करीब 58,000 की आबादी को पर्याप्त पेयजल मिलेगा।
वॉटर हार्वेस्टिंग: भू-जल स्तर को सुधारने के लिए 10 प्रमुख स्थानों पर रिचार्ज बल वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जा रहे हैं।
परिवहन और आधुनिक सुविधाएं (40 ई-बसें) पीएम ई-बस सेवा: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत कोरबा शहर को 40 ई-बसों की मंजूरी मिली है, जिससे नागरिकों को जल्द ही सस्ता और सुगम परिवहन मिलेगा।
फास्ट ई-चार्जिंग स्टेशंस: NCAP मद से घंटाघर (स्मृति उद्यान के पास) और सुनालिया चौक के आगे मल्टीलेवल पार्किंग में अत्याधुनिक ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन मात्र 30 मिनट में फुल चार्ज हो सकेंगे।
ट्रैफिक सिग्नल वेटिंग शेड: प्रमुख चौराहों पर वाहन चालकों की सुविधा के लिए वेटिंग शेड बनाए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत CSEB चौक से हो चुकी है।
खेल और संस्कृति को बढ़ावा राइफल शूटिंग एकेडमी: कोरबा में पहली बार कोरबा राइफल शूटिंग एकेडमी की स्थापना कर 10 मीटर इनडोर तथा 25 व 50 मीटर आउटडोर शूटिंग रेंज उपलब्ध कराई गई है।
खेल अधोसंरचना: इंदिरा स्टेडियम (टीपी नगर) में रू.16 करोड़ और पीजी कॉलेज में रू.14 करोड़ सहित कुल रू.32 करोड़ व अन्य मदों के खेल विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
भव्य रामलीला: शहर में ऐतिहासिक भव्य रामलीला का आयोजन किया गया, जिसमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए थे। इस वर्ष भी इसका भव्य आयोजन किया जाएगा।
आवास और शहरी व्यवस्थापन पीएम आवास योजना (शहरी 2.0): कोरबा को फेज-2 के तहत 3022 आवासों का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले निगम ने रिकॉर्ड 4027 आवासों की स्वीकृति कराई है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।
लघु व्यापारियों का व्यवस्थापन: घंटाघर चौक के छोटे और फुटपाथ के व्यापारियों को बुधवारी बाजार के सामने ‘आनंद बाजार’ में पक्की दुकानें देकर स्थाई रूप से व्यवस्थित किया गया है। कोसाबाड़ी में वेंडिंग जोन का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा अन्य जोनों में प्रस्तावित है।
त्वरित जनशिकायत निवारण: पेयजल, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं के निवारण हेतु निगम द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत शिकायतों का 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जा रहा है। इसके लिए “महापौर की पाती” जैसी अभिनव योजनाएं भी संचालित हैं।
महापौर के डेढ़ साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश
नगर पालिका निगम कोरबा के डेढ़ वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर महापौर संजू देवी राजपूत ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी 67 वार्डों में सड़क, नाली, पानी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर लगातार काम किया गया। इस दौरान 537 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए। 434 नए विकास कार्यों को स्वीकृति मिली, जिनमें 76 पूरे हो चुके हैं, 149 निर्माणाधीन हैं और 209 कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे।
महापौर ने कहा कि कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना रही। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत किया गया, बड़े होटल और शादीघरों के कचरा प्रबंधन के लिए सख्ती बरती गई तथा सफाई व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए गए। 16 एसएलआरएम केंद्रों का आठ करोड़ रुपये की लागत से उन्नयन किया जा रहा है। वर्तमान में 10 किलोमीटर सड़कों की सफाई रोड स्वीपिंग मशीन से हो रही है और 12 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप कोरबा ने देश के स्वच्छ शहरों में आठवां स्थान हासिल किया। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, रंग-रोगन और प्रतीक चिन्हों की स्थापना भी कराई गई।
व्यापारिक और यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर उन्होंने कहा कि बुधवारी बाजार, कोसाबाड़ी डेली मार्केट और घंटाघर क्षेत्र की वर्षों पुरानी अव्यवस्था को दूर किया गया। चौपाटी को व्यवस्थित फूड जोन के रूप में विकसित किया गया, जिससे सड़क किनारे लगने वाले ठेलों का बेहतर प्रबंधन हुआ और जाम की समस्या कम हुई। फुट ओवरब्रिज का उपयोग बढ़ा है तथा छोटे व्यापारियों के लिए दुकानें बनाकर आवंटित की गई हैं। कोसाबाड़ी में सब्जी विक्रेताओं के लिए भी व्यवस्थित व्यवस्था बनाई गई है। मल्टीलेवल पार्किंग परिसर के पास फ्रूट जोन विकसित कर फल विक्रेताओं को भी एक स्थान पर व्यवस्थित करने की योजना है।
महापौर ने बताया कि शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। 211 करोड़ रुपये की लागत से 20 एमएलडी क्षमता का टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा, जबकि 33 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है, जिससे गंदे पानी को हसदेव नदी में जाने से रोका जा सकेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दादर खुर्द में तैयार आवासों का 22 जुलाई को आवंटन होगा। लंबे समय से बंद पड़े मल्टीलेवल पार्किंग भवन को भी उपयोग में लाया जाएगा, जहां पार्किंग के साथ 40 से अधिक दुकानों का आवंटन किया जाएगा।
महापौर ने कहा कि शहर में 5000 नई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य चल रहा है तथा प्रमुख चौकों पर हाईमास्ट लाइट स्थापित की जाएंगी। सुनालिया ओवरब्रिज से अग्रसेन चौक तक सड़क एवं पुल निर्माण, सर्वमंगला पुल से दर्री बांध तक फोरलेन सड़क तथा आईटीआई चौक से बालको चेकपोस्ट तक गौरव पथ निर्माण जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। ट्रैफिक सिग्नल वाले प्रमुख स्थलों पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए वेटिंग शेड बनाए जाएंगे, जिसकी शुरुआत सीएसईबी चौक से हो चुकी है।
महापौर ने बताया कि “महापौर की पाती” और “कनेक्ट टू कमिश्नर” जैसी पहल से नागरिकों की शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला खनिज न्यास मद से हॉकी स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, बॉक्स क्रिकेट मैदान और सिंथेटिक रनिंग ट्रैक के निर्माण की योजना है। शहर के गीले कचरे से बायोगैस बनाने की परियोजना, “मिशन वरुण” के माध्यम से जलकर वसूली, राइफल शूटिंग रेंज एवं अकादमी की स्थापना, मुख्य मार्गों पर ग्रीन कॉरिडोर का विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में लक्ष्य से अधिक 4027 आवासों की स्वीकृति तथा 80 ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कार्य भी किए गए हैं। स्वच्छता शपथ अभियान के तहत 20 मिनट में 15,500 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर लेकर कोरबा ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान दर्ज कराया।
22 जुलाई को 150 लोगों का गृह प्रवेश प्रेसवार्ता के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने बताया कि नगर पालिक निगम कोरबा में शासन ने पीएम आवास बनाने का जितना टारगेट दिया था, उससे कहीं अधिक हमने आवास स्वीकृत कराया ताकि अधिक से अधिक लोगों को खुद की अपनी पक्की छत मिल सके। शासन ने हमें 3022 आवास बनाने का लक्ष्य दिया था और हमने 4027 आवास गृहों की स्वीकृति कराई। उन्होंने बताया 22 जुलाई को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरूण साव कोरबा आ रहे हैं और उनके मुख्य आतिथ्य में दादरखुर्द में कार्यक्रम आयोजित कर 150 पीएम आवास हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जाएगा। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए तैयारी की जा रही है। बुधवारी बाजार में बनेगा मल्टी कामर्शियल काम्पलेक्स पत्रकार वार्ता के दौरान आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि बुधवारी बाजार को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा और नीचे बुधवारी बाजार में संचालित होगा और ऊपर में मल्टीलेबल कामर्शियल काम्पलेक्स बनाने का कार्य प्रस्तावित है। एमआईसी और सामान्य सभा में प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन सर्वसम्मति नहीं बन पाई, लेकिन यह कार्य महत्वपूर्ण है और सर्वसम्मति बने, इसके लिए प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि सीएसईबी चौक में वाई शेप ओवरब्रिज के लिए कलेक्टर साहब गंभीर हंै और इसकी प्रक्रिया तेज कर दी गई है और पीडब्ल्यूडी को 05 करोड़ जारी भी कर दिया गया है, शीघ्र ही टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि कोरबा में यातायात व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए कलेक्टर साहब गंभीर हैं और ट्रांसपोर्ट नगर चौक में भी यातायात की व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए प्रयास नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वय से आगे कार्यवाही की जाएगी। ट्रांसपोर्ट नगर को शहर से बाहर ले जाने के लिए कलेक्टर साहब भी संवेदनशील हैं और आगे आने वाले दिनों में बड़ी गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी, शहर की सड़कें सिर्फ शहरवासियों के लिए होंगी। शहर की सड़कों के किनारे बेजाकब्जा कर बनाई गई गुमटियां, फल दुकानें, ठेले को क्रमश: व्यवस्थित की जा रही हैं और किसी गरीब की रोजी-रोटी छीनने से पहले उन्हें व्यवस्थित किया जा रहा है। कोसाबाड़ी में वेंडिंग जोन बन गया है, आगे इस तरह की योजना तैयार कर गरीबों को उसमें व्यवस्थित किया जाएगा।
कोरबा। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेगा पिकनिक स्पॉट के रिसॉर्ट में सुबह उस वक्त पर्यटनों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जब विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा छिपकर बैठा मिला। किंग कोबरा की जानकारी मिलते ही रेस्ट हाउस के मैनेजर इस्तीखार खान ने तत्काल वन विभाग एवं नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दिया, जिसके बाद सारथी ने अपने अजगर बहार के स्थानीय टीम के सदस्य कमलेश, देवेंद्र, राम, गौतम, दिल ,नरेश, देव मरावी को तत्काल सतरेगा के लिए रवाना कर साथ ही इसकी जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय दिया एवं उनके निर्देशानुसार उपवनमण्डलाधिकारी रामसिंह राठिया उत्तर के मार्गदर्शन एवं बालकों रेंजर जयंत सरकार के नेतृत्व में जितेंद्र सारथी एवं सिद्धांत जैन कोरबा से रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंच कर सर्वप्रथम विद्युत विभाग को सूचना देकर बिजली को बंद करवाया गया, फिर पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, किंग कोबरा सर्किट बोर्ड के पीछे बेहद संकरी जगह में छिपा हुआ था, जिसके कारण उसे बाहर निकालना टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद टीम ने करीब 8 फीट लंबे किंग कोबरा को सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान किंग कोबरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ लग गई, इतने फुर्तीले और लंबे सांप को देख कर लोग जिज्ञासा वश फोन से वीडियो बनाने से नहीं चुके, साथ ही मौजूद लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, सफल रेस्क्यू के बाद पंचनामा के पश्चात किंग कोबरा को उसके उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
कोरबा जिले के लेमरू, बालको , पसरखेत , करतला, कुदमुरा एवं आसपास के वन क्षेत्रों से पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा लगातार सामने आ रहे हैं, छोटे किंग कोबरा का बार-बार मिलना इस क्षेत्र में इनके प्राकृतिक प्रजनन और अनुकूल आवास की उपलब्धता का सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, साथ ही यह बात भी सिद्ध करता हैं कि एक ही सांप बार बार रेस्क्यु नहीं हो रहे बल्कि सभी किंग कोबरा दूसरे से भिन्न हैं। हालांकि, क्षेत्र में इनकी वास्तविक संख्या और आबादी की स्थिति निर्धारित करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब स्थानीय लोगों में भी किंग कोबरा और अन्य वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ रही है। आज किसी क्षेत्र में किंग कोबरा दिखाई देने पर लोग उसे मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देते हैं। सूचना का समय पर मिलना और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू होकर पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाना वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।
वन विभाग एवं नोवा नेचर ने आम लोगों से अपील की है कि किंग कोबरा या किसी भी सांप के दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखें और स्वयं पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, तत्काल प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत और सड़क सुरक्षा के लिए गति अवरोधक व संकेतक लगाने के निर्देश
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में बुधवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन उपस्थित रहे। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान वर्षा ऋतु के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऐसी सड़कों की शीघ्र मरम्मत एवं सुधार कराने की आवश्यकता बताई। इस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़कों की मरम्मत एवं सुधार कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में सड़क सुरक्षा के विषय पर भी चर्चा करते हुए दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए आवश्यक स्थानों पर गति अवरोधक एवं सड़क संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले के पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने आवश्यकता वाले क्षेत्रों में बांगो डेम से पेयजल उपलब्ध कराने की बात रखी। इस संबंध में संबंधित विभागों को क्षेत्र की आवश्यकता, तकनीकी संभावनाओं एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं, उपलब्धियों, कार्यों की प्रगति तथा हितग्राहियों को दिए जा रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित आवश्यकताओं एवं ग्रामीणों की समस्याओं को बैठक में रखा गया, जिस पर अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती सुष्मिता अनंत कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव, श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी एवं विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक संचालक जनसंपर्क तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद कोरबा को सदस्य बनाया गया है। अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न जनभागीदारी एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’, ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘जल जन सेवा संकल्प’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शासकीय अमले एवं उपलब्ध संसाधनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान आयोजित होने वाली प्रत्येक गतिविधि का फोटो एवं वीडियो अभिलेखीकरण करते हुए जिलेवार प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रचार-प्रसार एवं सोशल मीडिया गतिविधियों में शासन द्वारा निर्धारित हैशटैग, फ्रेम एवं लोगो का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी आयोजनों में वित्तीय मितव्ययिता बरतते हुए उपलब्ध शासकीय संसाधनों एवं अधोसंरचना का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय तथा निर्धारित कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग करेगी। अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए जनभागीदारी के माध्यम से सेवा एवं विकास गतिविधियों को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाना है।