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कोरबा

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनाः आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की ओर एक सफल कदम

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छत पर सोलर पैनल लगाकर हितग्राही ऊर्जा, पर्यावरण व पैसे तीनों का एक साथ कर रहे  संरक्षण
अब हर महीने बिजली बिल में हो रही हजारों की बचतः- हितग्राही डॉ बी पी विश्वकर्मा

कोरबा। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज देश के हर घर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल साबित हो रही है, जो न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आमजन की आर्थिक बचत का जरिया भी बन रही है। पीएम सूर्यघर योजना से सरकार लोगों को सौर ऊर्जा से जुड़ने का अवसर दे रही है, जिससे उनका बिजली पर खर्च घट रहा है और पर्यावरण को भी संरक्षण मिल रहा है, साथ ही उन्हें सस्ती और सतत बिजली का स्रोत उपलब्ध हो रहा है, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रहा है।


पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से शहर के रविशंकर शुक्ल नगर में एचआईजी-15 निवासी डॉ बीपी विश्वकर्मा ने अपनी घर की छत पर 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाया है। छत पर सोलर पैनल लगाकर हितग्राही  ऊर्जा, पर्यावरण व पैसे तीनों का एक साथ संरक्षण कर रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सब्सिडी प्रदान की गई, जिससे सोलर पैनल की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आई। अब उनके घर की बिजली जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और मासिक बिजली बिलों में भी राहत मिली है।  हितग्राही डॉ विश्वकर्मा ने योजना से मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों से हटकर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की दिशा में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बड़ी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि पहले जहाँ हर महीने बिजली का खर्च उनकी जेब पर भारी पड़ता था, अब वही राशि उनकी बचत का हिस्सा बन गई है।

सोलर पैनल से ही घरेलू खपत की बिजली खुद पूरी कर रहे है, जिससे उन्हें अधिक बिजली बिल के भुगतान से राहत मिली है। साथ ही हर महीने बिजली बिल में हजारों की बचत हो रही है।  उन्होंने कहा कि अब उनके घर में बिजली की निर्बाध आपूर्ति होने अब हर महीने बिजली बिल में हो रही हजारों की बचत से बिजली कटौती की समस्या खत्म हो गई है। साथ ही सोलर पैनल से पंखा, बल्ब, टीवी, एसी और अन्य उपकरण आसानी से चल रहे हैं।
डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने हरित ऊर्जा अपनाने का निश्चय किया। ऑनलाइन आवेदन करने के कुछ दिनों के अंदर ही  विभागीय स्वीकृति मिली एवं उनके छत पर 1.90 लाख रुपए की लागत से 3 किलोवाट का सोलर पैनल लग गया। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से तत्काल 78 हजार की सब्सिडी भी प्राप्त हुई। करीब 7 माह पहले उनकी छत घर पर सोलर पैनल स्थापित हुई।


योजना का लाभ लेने से पहले घरेलू बिजली 5-6 हजार प्रतिमाह उन्हें भुगतान करना पड़ता था, अब वहीं  बिजली बिल आधे से घटकर 500 से 1000 तक सिमट गया है। हितग्राही डॉ विश्वकर्मा ने अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि अब हमारा परिवार बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो गए हैं साथ ही पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी भी निभा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा भी योजना में 30 हजार तक सब्सिडी दी जा रही है, जल्द ही वे 2 किलोवाट का अतिरिक्त सोलर पैनल अपनी छत पर लगवाएंगे और अपनी घरेलु बिजली खपत की पूर्ति करेंगे साथ ही अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर बिजली उत्पादन में योगदान देंगे। डॉ विश्वकर्मा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की इस योजना ने हमें बिजली खपत में आत्मनिर्भर बना दिया है। अब हम न केवल बिजली बचा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।

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कोरबा

17 सितम्बर विश्वकर्मा जयंती पर मे.सर्वमंगला इंटरप्राईजेस का लोकार्पण

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जिले को वृहद स्तर पर उपलब्ध होगी गुणवत्तायुक्त फ्लाई ऐश ईंट
भव्य रूप से मनाई जाएगी भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती
कोरबा। कोरबा जिले से 07 किलोमीटर दूर सर्वमंगला मंदिर-कनकी नहर मार्ग में स्थित ग्राम पंचायत कनबेरी में राखड़ की खपत बढ़ाने फ्लाई एश ब्रिक्स का निर्माण प्रारंभ किया जा रहा है। कनबेरी में फ्लाई एश ब्रिक्स निर्माण से जिले को बहुतायत स्तर पर राखड़ ईंट उपलब्ध हो सकेगी। 17 सितम्बर को भगवान विश्वकर्मा जयंती के दिन इसका लोकार्पण किया जाएगा। राखड़ ईंट का निर्माण मे. सर्वमंगला इंटरप्राईजेस नामक संस्था करेगी। सर्वमंगला इंटरप्राईजेस के डायरेक्टर ने बताया कि कोरबा जिले में बहुतायत रूप से राखड़ का उत्सर्जन होता है, इसकी खपत जरूरी है। राखड़ ईंट की मांग भी जिले में काफी है और हम इस दिशा में राखड़ ईंट का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं और 17 सितम्बर को भगवान विश्वकर्मा की भव्य जयंती मनाने के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के साथ मे. सर्वमंगला इंटरप्राईजेस का भी लोकार्पण करेंगे।
ग्राम पंचायत कनबेरी पंचायत भवन के आगे स्थित मे. सर्वमंगला इंटरप्राईजेस का लोकार्पण दोपहर 12.00 बजे से भगवान श्री विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के साथ किया जाएगा।
गुणवत्तापरक बनाई जाएगी राखड़ ईंट

मे. सर्वमंगला इंटरप्राईजेस के डायरेक्टर ने बताया कि हम गुणवत्तापरक राखड़ ईंट का निर्माण करेंगे और मांग के अनुसार कोरबा जिला सहित अन्य जिलों को राखड़ ईंट की आपूर्ति करेंगे। राखड़ ईंट के निर्माण से जहां पावर प्लांटों से उत्सर्जित राखड़ की खपत होगी, वहीं जिले को मांग के अनुसार राखड़ ईंट की आपूर्ति भी हो सकेगी।
कमलेश यादव और नमन पाण्डेय के आतिथ्य में होगा विश्वकर्मा पूजन एवं लोकार्पण
मे. सर्वमंगला इंटरप्राईजेस के डायरेक्टर ने बताया कि भगवान श्री विश्वकर्मा की जयंती भव्यता के साथ परिसर में मनाई जाएगी और मे. सर्वमंगला इंटरप्राईजेस का लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार कमलेश यादव एवं अतिविशिष्ट अतिथि माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित रहेंगे।

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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान:पीएम-किसान सम्मान निधि से बदली छत्रपाल सिंह की जिंदगी

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समय पर मिली आर्थिक सहायता से खेती हुई आसान, परिवार की जिम्मेदारियां भी हुईं सहज
कोरबा 15 सितंबर 2026। विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम मादन निवासी किसान छत्रपाल सिंह, पिता नेवरात सिंह कंवर के लिए खेती सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद है। पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के साथ वे सीमित संसाधनों में खेती करते रहे हैं। कृषि कार्य में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी जैसी जरूरतों पर समय से राशि जुटाना उनके लिए लंबे समय तक बड़ी चुनौती रहा।
किसान के लिए खेती ऐसा कार्य है, जिसमें खर्च पहले करना पड़ता है और आमदनी फसल तैयार होने के बाद मिलती है। कई बार पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण छत्रपाल सिंह उन्नत बीज या आवश्यक कृषि दवाइयां समय पर नहीं खरीद पाते थे। धान कटाई के समय मजदूरों के भुगतान की चिंता भी बनी रहती थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कई बार उधार लेकर खेती का काम पूरा करना पड़ता था।

वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आने लगा। योजना के तहत मिलने वाली प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलने लगी। छत्रपाल सिंह बताते हैं कि राशि भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन खेती के समय जरूरत के मुताबिक सीधे खाते में मिलने वाली यह सहायता उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुई।
वे बताते हैं कि पीएम-किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि का उपयोग वे खेती की जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। खरीफ मौसम में उन्नत बीज खरीदने, फसल में कीट एवं रोग लगने पर समय पर दवाइयां लेने तथा धान कटाई के दौरान मजदूरों का भुगतान करने में इस राशि से उन्हें काफी मदद मिलती है। इससे खेती के जरूरी काम समय पर पूरे हो पाते हैं और उत्पादन एवं फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
कृषि कार्य में मिली इस आर्थिक राहत का असर परिवार की अन्य जरूरतों पर भी दिखाई देता है। अब वे बच्चों की पढ़ाई के लिए समय पर कॉपी-किताबें, कपड़े और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करा पा रहे हैं। आर्थिक दबाव कम होने से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी पहले की तुलना में आसान हुआ है।
छत्रपाल सिंह कहते हैं कि “पहले खेती के समय पैसों की बहुत समस्या होती थी। बीज, दवाई और मजदूरी के लिए कई बार उधार लेना पड़ता था। पीएम-किसान की राशि समय पर खाते में आने से अब खेती के जरूरी खर्चों में काफी मदद मिलती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती करना पहले से आसान हुआ है।”
वे आगे कहते हैं कि सरकार द्वारा सहायता राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से उन्हें यह भरोसा मिला है कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पीएम-किसान सम्मान निधि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेती को मजबूती देने और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम बनी है।
 समय पर मिलने वाली छोटी-सी आर्थिक सहायता भी किसान के लिए बड़ी राहत बन सकती है। पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को कृषि कार्य में आवश्यक पूंजी उपलब्ध हो रही है, जिससे वे अपनी खेती को बेहतर तरीके से संचालित करने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी अधिक सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।

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कोरबा

पहले बॉयफ्रेंड ने दूसरे पर कैंची से किया हमला:गर्लफ्रेंड के बात नहीं करने से नाराज था आरोपी, कोरबा पुलिस ने किया अरेस्ट

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में लव अफेयर को लेकर एक युवक ने नाबालिग पर कैंची से हमला कर दिया। हमले में किशोर के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पथर्रीपारा का है। जानकारी के अनुसार, पथर्रीपारा का रहने वाला सागर यादव (18) का एक नाबालिग लड़की के साथ अफेयर चल रहा था। कुछ समय बाद लड़की ने सागर से दूरी बना ली और उसी मोहल्ले के दूसरे नाबालिग के करीब आ गई। इसी बात से सागर नाराज था।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

विवाद के बाद चेहरे पर कैंची से किए कई वार

सोमवार रात दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर सागर यादव ने अपने पास रखी कैंची से नाबालिग के चेहरे पर कई वार किए। हमले में किशोर घायल होकर जमीन पर गिर गया। आसपास के लोगों ने चीख-पुकार सुनकर घायल किशोर को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

आरोपी ने पूछताछ में जुर्म कबूला

सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल किशोर का बयान दर्ज किया। इसके बाद आरोपी सागर यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस ने सागर यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या क प्रयास का मामला दर्ज किया है।

सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या क प्रयास का मामला दर्ज किया है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं आपराधिक मामले

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर यादव आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। नाबालिग रहते हुए उसे एक अन्य मामले में बाल सुधार गृह में रखा गया था। बालिग होने के बाद उसने फिर से यह घटना की है।

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