नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफलों का इस्तेमाल किया गया। भाजपा ने मांग की है कि राहुल गांधी ”झूठी बातें और गलत जानकारी” फैलाने के लिए माफी मांगें। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी के बयान को ”न केवल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, बल्कि एक पाप” करार दिया।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि खबरों से पता चलता है कि बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफलों का इस्तेमाल किया गया और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने छात्रों पर कथित हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोकसभा सदस्य संबित पात्रा ने कहा कि यह ”बहुत शर्म की बात” है कि विपक्ष के नेता ने ”इतना गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” दिखाया है। पात्रा ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, ”उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा एके-47 के इस्तेमाल की बात कही, लेकिन यह अत्यंत निंदनीय है कि भारत में विपक्ष के नेता के पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ऐसी गलत बातें फैलाई जा रही हैं।”
गांधी से माफी की मांग करते हुए पात्रा ने कहा, ”वह झूठी बातें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। एके-47 — मैं राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए इस शब्द पर जोर दे रहा हूं। क्या इस देश में पुलिस कभी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के लिए एके-47 का इस्तेमाल करती है? क्या ऐसा कभी हुआ है?” उन्होंने कहा, ”राहुल गांधी कैसे कह सकते हैं कि एके-47 का इस्तेमाल किया गया है? यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है, और हमारा दृढ़ विश्वास है कि राहुल गांधी को ऐसी झूठी बातें और गलत जानकारी फैलाने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।”
केंद्रीय मंत्रियों जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा उनका विरोध प्रदर्शन वापस लिए जाने का जिक्र करते हुए, पात्रा ने आरोप लगाया कि गांधी अब देश में घबराहट और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”आप सभी ने देखा कि कैसे कॉजपा ने खुद विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत हुई, जिसके बाद घोषणा की गई कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया है।” पात्रा ने कहा, ”इस तरह का प्रचार करके और गलत जानकारी फैलाकर, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पूरे देश में घबराहट, अव्यवस्था और अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। यह बेहद आपत्तिजनक है।”
पात्रा ने लोगों से अपील की कि वे गांधी के बयान को गंभीरता से न लें और इसके बजाय ”सच सामने लाएं ताकि देश में अराजकता न फैले”। उन्होंने कहा, ”मैं राहुल गांधी से यह भी कहूंगा कि उन्हें जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष की तरह व्यवहार करना चाहिए और ऐसे गुमराह करने वाले दावे फैलाने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।” पात्रा ने आरोप लगाया, ”स्वाभाविक रूप से, राहुल गांधी का मकसद (मुद्दों को) सुलझाना नहीं है। हंगामा खड़ा करने की कोशिश करना, बनावटी गुस्सा पैदा करने की कोशिश करना, विरोध प्रदर्शन खड़ा करने की कोशिश करना और सबसे बढ़कर अराजकता फैलाने की कोशिश करना ही राहुल गांधी और विपक्ष के नेता का एकमात्र मकसद है।”
ग्लासगो, एजेंसी। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पांचवां मेडल जीत लिया है। ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 kg वेटलिफ्टिंग इवेंट में कुल 199 किलोग्राम (88 kg स्नैच + 111 kg क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत का यह चौथा और कुल मिलाकर पांचवां मेडल हो गया।
नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर गेम्स और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता।
23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 kg उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले 103, फिर 107 और आखिरी प्रयास में 111 kg उठाया। कुल 199 kg के साथ उन्होंने सिल्वर पक्का किया। हालांकि, डिडीह ने 113 kg उठाकर 206 kg के कुल वजन के साथ गोल्ड अपने नाम कर लिया।
भारत अब मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया 17 गोल्ड सहित 39 मेडल के साथ पहले स्थान पर है।
चानू ने गोल्ड जीता
इससे पहले रविवार को मीराबाई चानू ने महिला 48 kg वर्ग में 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाकर भारत को गेम्स का पहला गोल्ड दिलाया था। वहीं ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) सिल्वर जीत चुके हैं। झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।
ज्ञानेश्वरी के पिता बॉडीबिल्डर, आर्थिक तंगी में छोड़ना पड़ा खेल
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग की शुरुआत कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपना खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के साथ ट्रेनिंग करते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और नेशनल टीम में जगह बनाई। 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
सचिन और अंकुश बॉक्सिंग क्वार्टर फाइनल में
भारतीय बॉक्सर सचिन सिवाच ने मेंस 60 kg के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अब उनका सामना बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। वहीं अंकुश ने 80 kg में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया।
सचिन ने इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 के अंतर से हराया।
श्रीशंकर और साजन प्रकाश भी फाइनल में
एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। लोकेश सत्यानाथन ने भी 7.77 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। स्विमिंग में साजन प्रकाश ने मेंस 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में प्रवेश किया, जबकि तेजस शिर्से 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में पहुंच गए।
श्रीशंकर ने पहली ही कूद में 8.01 मीटर दूरी तय की।
प्रतिष्ठा सातवें स्थान पर रहीं, गुरिंदरवीर बाहर
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स के महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता 12.883 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं और मेडल से चूक गईं। वहीं, भारत के सबसे तेज रनर गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकालने के बावजूद सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके।
हाई जंप में तेजस्विन पर नजर
एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद मेंस हाई जंप फाइनल में होगी। तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम रात 11:40 बजे मेडल के लिए उतरेंगे। वहीं, तेजस शिर्से दोपहर 3:55 बजे 110 मीटर हर्डल्स हीट्स दौड़ेंगे। क्वालिफाई करने पर वह रात 2:15 बजे फाइनल में भी खेलेंगे।
वेटलिफ्टिंग में बिंद्यारानी और अजया से भी उम्मीद
आज रात 8:00 बजे महिला 58 किग्रा वर्ग के फाइनल में बिंद्यारानी देवी उतरेंगी। वहीं रात 12:30 बजे पुरुष 79 किग्रा वर्ग के फाइनल में वी. अजया बाबू अपना दम दिखाएंगे। दोनों खिलाड़ी सीधे मेडल इवेंट में उतरेंगे।
नई दिल्ली, एजेंसी। हेल्थकेयर सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म मेडिकाबाज़ार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने पहली तिमाही में 592 करोड़ रु का टॉपलाइन हासिल किया है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के अंत तक उसका टॉपलाइन करीब 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
कंपनी के अनुसार, 3,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 45 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही मेडिकाबाज़ार ने EBITDA में 15 गुना वृद्धि का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि यह प्रदर्शन लाभदायक विकास, परिचालन दक्षता और तकनीक आधारित बिजनेस मॉडल का परिणाम है।
इस मौके पर मेडिकाबाज़ार के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ दिनेश लोढ़ा ने कहा कि, पहली तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की रणनीति और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। कंपनी तेज विकास और टिकाऊ लाभप्रदता के बीच संतुलन बनाते हुए ग्राहकों, साझेदारों और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करने पर ध्यान दे रही है।
कंपनी को पहली तिमाही में वृद्धि डिजिटल कारोबार, मेडिकल डिवाइसेज, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर एक्सपोर्ट्स, प्रमुख ग्राहकों और तकनीक आधारित प्रोक्योरमेंट समाधानों में बढ़ोतरी से मिली है। कंपनी का डिजिटल कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और वह हेल्थकेयर संस्थानों के लिए वन-स्टॉप प्रोक्योरमेंट पार्टनर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
मेडिकाबाज़ार भारतीय हेल्थकेयर निर्माताओं के लिए 360 डिग्री ग्रोथ इकोसिस्टम विकसित करने पर भी काम कर रहा है। कंपनी आने वाले महीनों में 100 से अधिक रणनीतिक OEM साझेदारियां करने की योजना बना रही है। इनमें कुछ साझेदारियां विशेष वाणिज्यिक समझौतों के तहत होंगी।
देशभर में कंपनी के पास 400 से अधिक सेल्स प्रोफेशनल्स का नेटवर्क है, जो अस्पतालों, हेल्थकेयर संस्थानों और चैनल पार्टनर्स तक पहुंच उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, कंपनी डिजिटल कॉमर्स, सरकारी हेल्थकेयर कारोबार, मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के लिए भी अलग-अलग क्षमताएं विकसित कर रही है। कंपनी का कहना है कि तकनीक, सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्राहक अनुभव और वैश्विक विस्तार में निवेश के साथ वह वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि की गति को बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
नई दिल्ली, एजेंसी। इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कंपनी एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने सोमवार को अपने 290 करोड़ रुपए के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए 400-425 रुपए प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया। कंपनी ने बताया कि मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर सूचीबद्ध होने के बाद उसका बाजार मूल्यांकन करीब 1,160 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
कंपनी का सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह नए शेयरों की बिक्री पर आधारित होगा और इसमें बिक्री पेशकश (ओएफएस) का कोई हिस्सा नहीं होगा। यह आईपीओ 30 जुलाई को अभिदान के लिए खुलेगा और तीन अगस्त को बंद होगा। नए शेयरों से जुटाई गई राशि का उपयोग दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने, नए बिजली इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए अनुसंधान, डिजाइन और विकास गतिविधियों में निवेश तथा सामान्य कंपनी कामकाज के लिए किया जाएगा।
एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स एक प्रौद्योगिकी आधारित कंपनी है, जो रेलवे के रेल डिब्बों और इंजन में इस्तेमाल होने वाले विद्युत एवं पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की डिजाइनिंग, विकास, असेंबलिंग और विनिर्माण का काम करती है। आईपीओ में 75 प्रतिशत हिस्सा पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी), 15 प्रतिशत गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) और 10 प्रतिशत खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है। कंपनी के शेयरों को छह अगस्त को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।