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बिहार में राहुल बोले-वोट के लिए नाच सकते हैं मोदी:कहा- ट्रंप से डरकर ऑपरेशन सिंदूर रोका, चैलेंज है, प्रधानमंत्री कह दें ये झूठ है

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दरभंगा, मुजफ्फरपुर,एजेंसी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार में बुधवार (29 अक्टूबर) को 2 सभाएं कीं। पहली सभा मुजफ्फरपुर में, दूसरी दरभंगा में हुई। दरभंगा में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री को घेरते हुए कहा, ‘मोदी जी ट्रंप से डरते हैं। 50 बार अमेरिकी राष्ट्रपति ने बोला है। मैंने नरेंद्र मोदी को डराकर ऑपरेशन सिंदूर बंद कराया है।

ट्रंप अलग-अलग देशों में जाकर उनका अपमान कर रहा है। कहता है मैंने मोदी को झुका दिया। उनके मुंह से एक आवाज नहीं निकली। ऐसा आदमी बिहार में कभी विकास नहीं ला सकता।

ट्रंप हमारी सेना के बारे में बोल रहा है। हमारी वायुसेना के बारे में बोल रहा है। मोदी जी चुप हैं। इंदिरा गांधी ने अमेरिका को चुप करा दिया था। ट्रंप कहता है मैंने मोदी को फोन लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर रोको और फिर ऑपरेशन रुक गया। मैं मोदी जी को चैलेंज करता हूं बिहार आकर कहें कि ट्रंप झूठ बोल रहा है।’

राहुल गांधी बोले- वोट के लिए ड्रामा करते हैं मोदी

राहुल ने PM मोदी और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मोदी जी वोट के लिए कोई भी नाटक कर सकते हैं। उन्हें बस आपका वोट चाहिए। अगर आप मोदी जी को नाचने के लिए कहेंगे, तो वह नाचेंगे भी।

मोदी जी ड्रामा करते हैं, एक तरफ यमुना का गंदा पानी उसे किसी ने पी लिया तो बीमार होगा या मरेगा। उसमें कोई अंदर नहीं जा सकता है इतना गंदा पानी है। घुसते ही बीमार हो जाएंगे।

मगर मोदी जी ने ड्रामा किया, वहां छोटा सा तालाब बनाया। कहा, देखा 56 इंच की छाती है मुझे कुछ नहीं हो सकता। मैं भगवान से सीधे बात करता हूं। पीछे से पाइप लगाकर साफ पानी डाला जाता है। मीडिया दिखाती है मोदी जी ने यमुना में स्नान किया।

मुजफ्फरपुर में भी मोदी और नीतीश पर निशाना साधा

इससे पहले राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर में सभा की। अपने 25 मिनट के भाषण में उन्होंने PM मोदी और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा।

राहुल गांधी ने लोगों से पूछा कि, ‘आपका मूड कैसा है। मैं हिन्दुस्तान के जिस भी प्रदेश में जाता हूं। वहां मुझे बिहार के युवा मिलते हैं। मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूं। आपने दिल्ली बनाई। आपने बेंगलुरु की सड़कें बनाईं।

आपने गुजरात में काम किया। खून पसीना बहाया। दुबई आपकी मेहनत से बना है। आप अलग-अलग प्रदेशों की मदद कर सकते हो तो फिर बिहार में आप ये काम क्यों नहीं कर पा रहे हो।’

नीतीश कुमार बीजेपी के कंट्रोल में हैं

राहुल गांधी ने कहा कि, ‘हम लोग वोट चोरी के खिलाफ हैं। 20 दिन हम बिहार के गांवों में घूमे। आपकी ऊर्जा देखने को मिली। आप किसी से कम नहीं हो। ये प्रदेश सबसे आगे जा सकता है और इसे आगे जाना ही पड़ेगा। नीतीश जी के चेहरे का प्रयोग हो रहा है। नीतीश जी रिमोट कंट्रोल से चलते हैं।

बीजेपी उन्हें कंट्रोल कर रही है। राहुल गांधी ने कहा, नरेंद्र मोदी को छठ पूजा से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें सिर्फ आपका वोट चाहिए। आप वोट के लिए उनसे कोई भी ड्रामा करवा लो वो कर देंगे। वोट के लिए उनसे कहिए स्टेज पर आकर डांस करें वो कर देंगे।’

राहुल गांधी की 5 बड़ी बातें

  • मोदी वोट के लिए ड्रामा करते हैं: नरेंद्र मोदी को छठ पूजा से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें सिर्फ आपका वोट चाहिए। आप वोट के लिए उनसे कोई भी ड्रामा करवा लो वो कर देंगे। वोट के लिए उनसे कहिए स्टेज पर आकर डांस करें वो कर देंगे।
  • नीतीश के स्वास्थ्य पर सवाल खड़े किए: नीतीश कुमार खुद कोई फैसला नहीं ले रहे हैं। वो रिमोट से चल रहे हैं। बीजेपी वाले उन्हें चला रहे हैं। दिल्ली से उन्हें कंट्रोल किया जा रहा है। उनके आसपास भी अपने लोग रखे जा रहे हैं।
  • पलायन, बेरोजगारी का मुद्दा उठाया: मुझे बताइए आपके फोन के पीछे क्या लिखा है। मेड इन चाइना। लेकिन मेड इन चाइना नहीं, मेड इन बिहार होना चाहिए। मोबाइल, शर्ट, पैंट, ये सब बिहार में बनने चाहिए और बिहार के युवाओं को उन कारखानों में रोजगार मिलना चाहिए। बिहार के लोग बाहर क्यों जाएं। दूसरे राज्यों के लोगों को बिहार आना चाहिए।
  • अडाणी को लेकर सरकार को घेरा: बिहार के भागलपुर में अडाणी को 1 रुपए में जमीन दे दी गई। लेकिन इसकी चर्चा तक नहीं हो रही है। केंद्र की सरकार किसानों के लिए बड़े बड़े उद्योगपतियों के लिए काम करती है। किसानों से जमीनें छिनी जा रही हैं।
  • SIR को लेकर केंद्र और EC को घेरा: हमने अभी 20 दिनों तक SIR को लेकर यात्रा निकाली। ये लोग अपनी मर्जी चला रहे हैं। महाराष्ट्र और हरियाणा में जिस तरह से वोट चोरी की गई वो यहां भी करने जा रहे हैं।

तेजस्वी ने कहा- 20 साल पुरानी सरकार बदलनी है

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, 20 साल पुरानी सरकार को बदलने का वक्त आ गया है। किसान भाई जानते हैं कि, एक ब्रांड की बीज खेत में डालने से फसल खराब हो जाती है। अब वक्त है नए ब्रांड का बीज डालने की। नीतीश कुमार 20 साल से बिहार के सीएम हैं।’

तेजस्वी यादव बेरोजगारी, महंगाई को हटाना चाहता है। बिहार सबसे गरीब राज्य है। यहां पलायन सबसे ज्यादा है। आप लोग एक मौका तेजस्वी को दीजिए, मैं बिहार बदलकर दिखाऊंगा।

तेजस्वी यादव ने कहा कि, पिछली बार भी हमलोग सकरा जीत गए थे, लेकिन काउंटिंग में धांधली की गई, लेकिन इस बार नहीं होने देंगे। पीएम मोदी गुजरात में फैक्ट्री लगाएंगे और वोट बिहार के लोगों से लेंगे। अब ये नहीं चलेगा। तेजस्वी की उम्र कच्ची है, लेकिन इरादे पक्के हैं।

मुजफ्फरपुर की 11 सीटों में 7 पर RJD, 2-2 पर कांग्रेस-VIP

मुजफ्फरपुर की 11 विधानसभा सीटों में से 7 सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल जबकि, दो-दो सीटों पर कांग्रेस और VIP के प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

वहीं, दरभंगा की 10 विधानसभा सीटों में से 4 पर राजद, 2 पर VIP, 2 पर कांग्रेस जबकि एक गौड़ाबोराम विधानसभा सीट पर VIP और राजद प्रत्याशी के बीच मुकाबला है। दोनों ही जिलों में विधानसभा चुनाव के फर्स्ट फेज के तहत 6 नवंबर को वोटिंग होगी।

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विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर पर

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नई दिल्ली,एजेंसी। देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। घरेलू मांग में मजबूत सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर की वृद्धि में कमी देखी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गया। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ”फरवरी महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में पहले से ज्यादा तेजी देखने को मिली। मजबूत घरेलू ऑर्डर की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे महीने भी तेज गति से बढ़ा।” 

सर्वेक्षण में कहा गया, “समिति के सदस्यों के अनुसार, काम करने की दक्षता में सुधार, बाजार में मजबूत मांग, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और तकनीक में निवेश की वजह से उत्पादन में कुल मिलाकर अच्छी बढ़त दर्ज की गई।” एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कुछ कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर रहे। हालांकि, जिन कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ी, उन्होंने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से ऑर्डर मिलने की बात कही। भंडारी ने कहा, “नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने 2025 के मध्य में शुरू हुई धीमी गति को जारी रखा, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक सीमित हो गया।” 

कुल नए ऑर्डर में लगातार तेज बढ़ोतरी होने के कारण भारत के विनिर्माताओं ने उत्पादन बढ़ाने और भंडारण करने के लिए अतिरिक्त कच्चे माल की खरीद की। काम का दबाव बढ़ने पर कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद तेज की, अपना भंडार बढ़ाया और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की। आने वाले एक वर्ष के लिए उत्पादन को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया है, जबकि एक प्रतिशत से भी कम कंपनियों को गिरावट की आशंका है।  

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Gold Bangle Cost: 18 कैरेट vs 14 कैरेट: 2 तोले के सोने के कड़े बनवाने में कितना आएगा खर्चा

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मुंबई, एजेंसी। अगर आप अपनी कलाई की शोभा बढ़ाने के लिए सोने के कड़े (Bangles) बनवाने की सोच रहे हैं, तो केवल डिजाइन देखना काफी नहीं है, बल्कि सोने के ‘गणित’ को समझना भी बेहद जरूरी है। भारतीय बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच 14 कैरेट और 18 कैरेट के विकल्पों ने ग्राहकों को उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहाँ शुद्धता का मोह है, वहीं दूसरी तरफ मजबूती और बजट की बात है। अगर आप दो तोले यानी लगभग 20 ग्राम वजन के कड़े बनवाने का मन बना चुके हैं, तो खरीदारी से पहले यह जान लें कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है और कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सटीक साबित होगा।

18 कैरेट सोने का लग्जरी और प्रीमियम अनुभव
18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शुद्धता और चमक से समझौता नहीं करना चाहते। इसमें 75% शुद्ध सोना होता है, जो इसे एक प्रीमियम लुक और बेहतरीन रीसेल वैल्यू देता है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसाब से देखें तो 18 कैरेट सोने की कीमत ₹12,981 प्रति ग्राम के करीब है। इस आधार पर यदि आप दो तोले के कड़े बनवाते हैं, तो मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी को मिलाकर इसकी कुल लागत ₹3,50,000 से ₹3,70,000 के बीच बैठने वाली है। हालांकि यह 14 कैरेट के मुकाबले थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक पीली चमक और लंबे समय तक बनी रहने वाली वैल्यू इसे निवेश के लिहाज से भी खास बनाती है।

14 कैरेट सोना: मजबूती और बजट का बेजोड़ संगम
जो लोग रोजाना पहनने के लिए मजबूत गहने चाहते हैं, उनके लिए 14 कैरेट सोना एक स्मार्ट चॉइस है। इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 58.3% होती है, जिसकी वजह से यह काफी कठोर और टिकाऊ होता है। रोजमर्रा के काम के दौरान इसमें खरोंच आने या इसके मुड़ने का डर बहुत कम रहता है। कीमत के मोर्चे पर भी यह काफी राहत भरा है क्योंकि फिलहाल इसका रेट ₹9,843 प्रति ग्राम चल रहा है। दो तोले के कड़ों के लिए आपको लगभग ₹2,60,000 से ₹2,80,000 तक खर्च करने होंगे। कम कीमत में शानदार ज्वेलरी का शौक पूरा करने वालों के लिए यह एक किफायती और व्यावहारिक रास्ता है।

मेकिंग चार्ज और अन्य खर्चों का बारीकी से हिसाब
सोने के गहनों की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव पर तय नहीं होती, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज और टैक्स का बड़ा हाथ होता है। ज्वेलर्स आमतौर पर डिजाइन की जटिलता के आधार पर सोने की मूल कीमत का 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। अगर आंकड़ों में बात करें तो 18 कैरेट के लिए यह ₹600 से ₹900 प्रति ग्राम और 14 कैरेट के लिए ₹500 से ₹800 प्रति ग्राम तक जा सकता है। दो तोले के कड़ों पर केवल मेकिंग चार्ज ही ₹14,000 से ₹21,000 तक जुड़ सकता है। इसके अलावा, पूरे बिल पर सरकार को 3% जीएसटी देना अनिवार्य है। साथ ही कुछ ज्वेलर्स मैन्युफैक्चरिंग के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 1% से 3% तक वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले इन सभी छिपे हुए खर्चों पर ज्वेलर से खुलकर बात करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

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Gold Market में अचानक सन्नाटा, रुक गई सोने-चांदी की सप्लाई? अटके शिपमेंट

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक गोल्ड मार्केट में 2 मार्च 2026 की सुबह अचानक हलचल मच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका/इजराइल टकराव की खबरों ने सप्लाई चेन को झटका दिया। कुछ ही घंटों में दुबई से लेकर एशियाई रिटेल बाजारों तक सोने और चांदी की आवाजाही प्रभावित होने लगी, जिससे बुलियन बाजार में बेचैनी बढ़ गई। एयरस्पेस प्रतिबंध और अटकी फिजिकल शिपमेंट के कारण ट्रेडर्स और आयातक अनिश्चितता में हैं, जबकि कीमतों में तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

गोल्ड शिपमेंट अटकी

दुनिया के प्रमुख गोल्ड ट्रेडिंग हब्स में गिने जाने वाले Dubai में कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण फिजिकल गोल्ड शिपमेंट अटक गई। रोजाना हजारों किलो सोने की आवाजाही देखने वाला यह शहर अचानक सुस्त पड़ गया। भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर अहम है, क्योंकि देश में आयात होने वाले सोने का लगभग 50-60% हिस्सा दुबई रूट से आता है। लंबा व्यवधान बाजार में सप्लाई टाइट कर सकता है।

इस बीच ध्यान Strait of Hormuz पर टिक गया, जो वैश्विक व्यापार का अहम समुद्री मार्ग है। बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग मूवमेंट धीमा पड़ा और कुछ कार्गो जहाजों को रोकना पड़ा। तेल के साथ-साथ सोने जैसी कीमती धातुओं की लॉजिस्टिक्स भी दबाव में आ गईं। सप्लाई चेन के बाधित होने की आशंका से बाजार में बेचैनी बढ़ी।

खाड़ी क्षेत्र के देशों—United Arab Emirates, Saudi Arabia, Kuwait और Bahrain—में सुरक्षा अलर्ट के चलते एयरस्पेस बंद होने की खबरों ने हालात और जटिल कर दिए। गोल्ड और रफ डायमंड्स के कई कार्गो अटक गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रेड चैनल अस्थायी रूप से ठहर गए।

कई गोल्ड शॉप्स में रोकी बिक्री

भारत में इसका असर तेजी से दिखा। पुणे समेत कई सर्राफा बाजारों में बुलियन डीलर्स ने सीमित बिक्री शुरू कर दी या अस्थायी रूप से सौदे रोक दिए। स्टॉक घटने लगा और नई खेप कब पहुंचेगी, इस पर स्पष्टता नहीं थी। खरीदार बढ़ती कीमतों से चौंक गए, जबकि व्यापारी सप्लाई की अनिश्चितता से चिंतित दिखे। इसी तरह Buriram (थाईलैंड) में भी कई गोल्ड शॉप्स ने एहतियातन बिक्री रोक दी और डिस्प्ले खाली कर दिए।

कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब सीधे वैश्विक गोल्ड सप्लाई नेटवर्क पर दिखने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों और उपलब्धता—दोनों पर दबाव बना रह सकता है।

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