लखनऊ,एजेंसी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने दलित वोटर्स को रिझाने के लिए जहां डॉक्टर आंबेडकर और कांशीराम की सराहना की, वहीं भारत-अमेरिका डील, पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
राहुल ने कहा, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम एपस्टीन फाइल में है। उनकी बेटी की कंपनी में जॉर्ज सोरोस की फंडिंग है। नरेंद्र मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं। नरेंद्र मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे, वे अमेरिका का काम कर रहे हैं। जब मैं यह बात संसद में बोलने जा रहा था तो नरेंद्र मोदी जी भाग कर निकल गए।
नरेंद्र मोदी ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर दिया है। क्योंकि अब अमेरिका तय कर रहा है कि हम तेल कहां से लेंगे? एनर्जी सेक्टर के हालात अभी और खराब होंगे।
नेहरू जिंदा होते तो कांशीराम यूपी के CM होते
राहुल ने कहा, कांशीरामजी समाज में बराबरी की बात करते थे। कांग्रेस अपना काम पूरी तरह से नहीं कर सकी। यही कारण है कि कांशीरामजी सफल हुए। अगर कांग्रेस ठीक तरह से काम करती तो कांशीरामजी कभी सफल न होते।
उन्होंने कहा,
अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते। लेकिन आज भाजपा ने समाज को 15 और 85 बांट दिया गया है। फायदा सिर्फ 15% वालों को मिल रहा है। 50% को अलग-अलग कर दिया गया।
राहुल ने यह भी कहा,
नरेंद्र मोदी संविधान की विचाराधारा नहीं मानते: संविधान में जितने भी दलित महापुरुष हुए, उनकी आवाज इसमें है। सावरकरजी, नाथूराम गोडसे की आवाज इस संविधान में नहीं है। नरेंद्र मोदीजी कुछ भी कह लें, इस संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं।
सारा माल अमेरिका का आएगा: मोदी ने कहा कि 9 लाख करोड़ का माल अमेरिका से खरीदेंगे। मैं पूछना चाहता हूं, हमारे बिजनेस क्या करेंगे। कपास, सोया, फल, बादाम, अखरोट अब अमेरिका के किसान यहां बेचेंगे। अमेरिका में बड़े- बड़े खेत हैं। सारा माल उनका आ जाएगा, सब खत्म कर देंगे।
यूपी में कांग्रेस को मर मिटने वाले 100 लोग चाहिए: अब हमारे पास बड़ा मौका है। हिंदुस्तान की राजनीति बदलें। कांग्रेस को सिर्फ यूपी में 100 लोग ऐसे मिल जाएं जो कह दें कि मर जाएंगे, पीछे नहीं हटेंगे। हमारे लक्ष्य को नहीं छोड़ेंगे। काम हो जाएगा हमारा।
कार्यकर्ताओं को नसीहत- राहुल गांधी जिंदाबाद करने से फायदा नहीं है
राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दी। दरअसल, राहुल जब बोलने के लिए उठे तो कार्यकर्ता राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। तब उन्होंने ने कहा, राहुल गांधी जिंदाबाद करने से कोई फायदा नहीं है। इससे कुछ होता नहीं है। होता कैसे है? जो मन बना लेता है कि ये जो हो रहा है, उसे मैं एक्सेप्ट नहीं करने वाला हूं।
लखनऊ एयरपोर्ट से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान आने के लिए राहुल गांधी सफेद रंग की कार में बैठे।
एयरपोर्ट पर अजय राय और पार्टी के सभी बड़े लीडर राहुल गांधी को रिसीव करने पहुंचे थे।
कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव पास किया है। तय हुआ है कि राहुल गांधी के माध्यम से संसद में यह मांग उठाई जाएगी।
यह पहली बार था, जब राहुल गांधी कांशीराम जयंती से 2 दिन पहले कोई बड़ा इवेंट लखनऊ में करने आए थे। कार्यक्रम में करीब 4 हजार लोग शामिल हुए। दलित वोटर्स की सियासत में कांग्रेस का यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
यूपी में कांग्रेस-सपा का गठबंधन
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन था, तब यूपी में NDA की सीटों की संख्या 36 पर सिमट गई थी। महागठबंधन 43 सीटों पर जीतने में कामयाब रहा। महागठबंधन इसी सफलता को 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहता है।
सपा भी कांशीराम जयंती को PDA दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर चुकी है। 15 मार्च को यूपी के 75 जिलों में पार्टी के जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे।
यूपी में कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां
कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां हैं। दलित राजनीति में बसपा का प्रभाव अब भी बरकरार है, खासकर जाटव समुदाय में उसका भावनात्मक जुड़ाव मजबूत है। दूसरी ओर, भाजपा ने भी पिछले 10 बरसों में दलित वर्गों के बीच संगठन मजबूत किया है और सरकारी योजनाओं के जरिये समर्थन बढ़ाया है, इसलिए कांग्रेस के लिए इस वोट बैंक में बड़ी जगह बनाना आसान नहीं है।
बसपा-भाजपा के दबाव में, इसका दूसरी पार्टियों को फायदा
वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं- मौजूदा समय में बसपा सबसे कमजोर हालत में है। लोकसभा में उसका कोई भी सदस्य नहीं। यूपी के विधानसभा में मात्र एक विधायक है। राज्यसभा में भी दिसंबर के बाद उसके जीरो होने का आसार हैं।
सपा-कांग्रेस दोनों ही पार्टियों को लगता है कि कमजोर बसपा का वो विकल्प बन सकती हैं। दोनों पार्टियां बसपा को भले ही कमजोर कहने से बचती हैं, लेकिन मायावती पर भाजपा के दबाव में काम करने के आरोप लगाकर इसी कमजोरी को उजागर करने की कोशिश करती हैं।
क्या बसपा वाकई कमजोर है?
हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं- ऐसा नहीं है। मायावती भले ही खुद बहुत ज्यादा नहीं निकलती हों, लेकिन उनका संगठन जमीनी स्तर पर सक्रिय है। पार्टी के कोऑर्डिनेटर खामोशी से संगठन का काम कर रहे हैं। 9 अक्टूबर, 2025 को लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर उमड़ी लाखों की भीड़ इसकी बानगी भी है। बसपा का कोर वोटर फिर तेजी से जुड़ रहा।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।