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छत्तीसगढ़

रायपुर : राज्य के 27 जिलों में 206 शासकीय शालाओं के नवीन भवन निर्माण हेतु 24.23 करोड़ की स्वीकृति

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भवन विहीन शालाओं को मिलेगा पक्का छत, शिक्षा अधोसंरचना सुदृढ़ करने राज्य सरकार का बड़ा निर्णय

रायपुर। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट अंतर्गत शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के 27 जिलों में संचालित 206 शासकीय शालाओं के नवीन भवन निर्माण हेतु 24 करोड़ 23 लाख 56 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से भवन विहीन शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं स्थायी विद्यालय भवन की सुविधा प्राप्त होगी।

43 शासकीय प्राथमिक शालाओं के लिए भवन निर्माण

स्वीकृति के अंतर्गत राज्य की 43 शासकीय प्राथमिक शालाओं में नवीन भवन निर्माण हेतु प्रति शाला भवन 11.48 लाख रुपये की दर से कुल 493.64 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला की तीन प्राथमिक शाला, खैरागढ़-छुईखदान- गण्डई जिला की एक, बलौदाबाजार जिला की एक, बेमेतरा जिला की दो, कांकेर जिला की दो, कोण्डागांव जिला की दो तथा कोरिया जिला की एक प्राथमिक शाला के लिए नया भवन बनाए जाएंगे।

इसी प्रकार जांजगीर-चांपा जिला की एक प्राथमिक शाला, कवर्धा जिला की एक, महासमुंद जिला की दो, बिलासपुर जिला की एक, रायपुर जिला की दो, राजनांदगांव जिला की चार, सरगुजा जिला की पांच, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की चार, सूरजपुर जिला की एक, जशपुर जिला की दो, गरियाबंद जिला की दो, मुंगेली जिला की एक तथा धमतरी जिला की पांच प्राथमिक शालाओं के लिए नया भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

163 शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए भवन निर्माण

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की 163 शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं के नवीन भवन निर्माण हेतु प्रति शाला 11.84 लाख रुपये की दर से कुल 1929.92 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला की चार, बस्तर जिला की तीन, बेमेतरा जिला की छह, बलरामपुर जिला की छह शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नवीन भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार कांकेर जिला की नौ, धमतरी जिला की चार, कोण्डागांव जिला की दो , कोरिया जिला की नौ, कवर्धा जिला की सात, रायपुर जिला की बारह, रायगढ़ जिला की चार, राजनांदगांव जिला की छह, सरगुजा जिला की दस, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की दस, सूरजपुर जिला की तेरह, दुर्ग जिला की एक, नारायणपुर जिला की सात, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला की तीन शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नवीन भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है। जांजगीर-चांपा जिला की दो, महासमुंद जिला की आठ, बलौदाबाजार जिला की आठ, मुंगेली जिला की सात, जशपुर जिला की चार, सक्ती जिला की तीन, बालोद जिला की दो, गरियाबंद जिला की आठ तथा खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला की दो पूर्व शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नवीन भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है।

ग्राम पंचायतों के माध्यम से होगा निर्माण

राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि स्वीकृत की गई सभी शाला भवनों का निर्माण संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत राशि दो अथवा तीन किश्तों में विमुक्त की जाएगी, जिससे पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। उक्त स्वीकृति संबंधित बजट मांग संख्याओं के अंतर्गत व्यय की जाएगी तथा यह आदेश वित्त विभाग की नस्ती दिनांक 28 जनवरी 2026 द्वारा प्रदत्त सहमति के आधार पर जारी किया गया है।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि 27 जिलों की 206 शासकीय शालाओं के लिए भवन निर्माण की यह स्वीकृति ग्रामीण, आदिवासी एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाएगी और विद्यार्थियों को सुरक्षित व सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगी।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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