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छत्तीसगढ़

रायपुर : देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झांकी: फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने दिखाई जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक

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रायपुर। गणतंत्र दिवस से पूर्व कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी विशिष्ट और आकर्षक प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। झांकी में जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत की झलक को प्रदर्शित किया गया है।

इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित है, जिसमें राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक तकनीक के समन्वय को प्रभावशाली एवं सृजनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : राज्य के 40 विभागों द्वारा iGOT आधारित विभागीय क्षमता निर्माण योजना तैयार

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मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक क्षमता निर्माण एवं ई-गवर्नेंस को मिल रही नई गति

मुख्य सचिव एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की पहल पर iGOT प्लेटफॉर्म पर प्रभावी क्रियान्वयन

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत प्रशासनिक दक्षता एवं डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सतत एवं दूरदर्शी पहल की जा रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव विकास शील के मार्गदर्शन तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत की पहल पर आज मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर स्थित सभागार में  iGOT (Integrated Government Online Training) प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभागीय क्षमता निर्माण योजना (Departmental Capacity Building Plan – CBP) तैयार करने हेतु वर्चुअल हैंड होल्डिंग कार्यशाला आयोजित की गई।

क्षमता निर्माण आयोग के विशेषज्ञों द्वारा दिया गया विस्तृत मार्गदर्शन

कार्यशाला में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी अदा की। इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित क्षमता निर्माण आयोग के विशेषज्ञों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को विभागीय क्षमता निर्माण योजना तैयार करने की व्यवस्थित प्रक्रिया, प्रशिक्षण आवश्यकताओं के वैज्ञानिक मूल्यांकन तथा कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए संरचित एवं परिणामोन्मुखी प्रशिक्षण रूपरेखा तैयार करने संबंधी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

प्रशासनिक दक्षता तथा जनसेवा की गुणवत्ता में होगा सुधार

मुख्य सचिव विकास शील के मार्गदर्शन में प्रदेश में प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को आधुनिक, दक्ष एवं परिणामोन्मुखी बनाने हेतु  iGOT प्लेटफॉर्म को शासन की प्राथमिक पहलों में शामिल किया गया है। मिशन कर्मयोगी के माध्यम से ज्ञान आधारित, कुशल एवं उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कौशल उन्नयन, प्रशासनिक दक्षता तथा जनसेवा की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

सुव्यवस्थित एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण ढांचा होगा विकसित

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत के नेतृत्व में विभागीय क्षमता निर्माण योजना को प्रत्येक विभाग की कार्यप्रणाली, दायित्वों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिक व्यवहारिक, लक्ष्य आधारित एवं जनउपयोगी बन सके। इस प्रक्रिया में विभागों के ऑर्गेनोग्राम, कार्य आवंटन विवरण, वार्षिक प्रतिवेदन तथा संबंधित नियमों एवं अधिनियमों के आधार पर सुव्यवस्थित एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण ढांचा विकसित किया जा रहा है।

प्रशासनिक क्षमता संवर्धन में होगा सहायक

उल्लेखनीय है कि राज्य के 40 विभागों के  iGOT नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों की विभागीय क्षमता निर्माण योजना तैयार की गई है। इन योजनाओं के आधार पर संबंधित विभागों के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भूमिका (Role) आधारित  iGOT प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्धारित किए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को उसके कार्य दायित्वों के अनुरूप उपयुक्त प्रशिक्षण प्राप्त हो सके। छत्तीसगढ़ में  iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता संवर्धन को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। 

1200 अधिकारियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

इसी क्रम में प्रदेश में लगभग 1200 अधिकारियों को दस बैचों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें अधिकारियों को प्लेटफॉर्म पर पंजीयन, प्रशिक्षण मॉड्यूल पूर्ण करने, प्रमाण पत्र प्राप्त करने तथा उपलब्धियों के डिजिटल अभिलेखीकरण की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव विकास शील एवं सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अविनाश चंपावत के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में विगत अवधि में  iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 1200 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर प्रशासनिक क्षमता संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। यह पहल प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता, नवाचार, ज्ञान-साझेदारी तथा सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की संस्कृति को प्रोत्साहित कर रही है।

“डिजिटल, दक्ष एवं जनोन्मुखी प्रशासन” होगा निर्माण

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता, कार्यकुशलता एवं क्षमता में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है, जिससे शासन की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं परिणामोन्मुखी बन सके। छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने तथा “डिजिटल, दक्ष एवं जनोन्मुखी प्रशासन” की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सशक्त कदम सिद्ध होगी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री ने किया ‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ अभियान के पोस्टर का विमोचन

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विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर जल-स्रोत संरक्षण का संदेश

रायपुर। विश्व आर्द्रभूमि दिवस  के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है।
      मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।”

प्रज्ञा निर्वाणी चला रहीं व्यापक जन-जागरण अभियान

           ‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं  महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा, 
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

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मंत्रिपरिषद की बैठक

रायपुर। 1.    मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 

2.    मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 

3.    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 

4.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।

5.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

6.    मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके। 

7.    मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है। 

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

8.    मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। 

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। 

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। 

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

9.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। 

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।

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