छत्तीसगढ़
रायपुर : जापान और दक्षिण कोरिया के सफल विदेश दौरे से वापस लौटे मुख्यमंत्री
एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत, कर्मा-पंथी नृत्यों से सराबोर रहा एयरपोर्ट परिसर
रायपुर। अपनी आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वापस रायपुर लौटे हैं। साय के वापस लौटने पर आज एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा। लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट के निकास द्वार से मीडिया गैलेरी तक लगभग 100 मीटर की दूरी तय करने में साय को लगभग 15 मिनट लगे। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा से भी साय का स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित किया और इस भव्य स्वागत के लिए सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देशों में बड़ा भारतीय समुदाय बसा हुआ है और हमारे छत्तीसगढ़ के लोग भी वहां पर व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं। उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और यह लगा ही नहीं कि हम परदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी, हमारे कारोबारी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और भारत भूमि का नाम हर तरफ रोशन कर रहे हैं।
इस दौरे से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और विकास के रास्ते खुलेंगे – मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा सफल रही है। इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ है कि भारत में जापान 6 लाख करोड़ रूपए का निवेश करेगा और 10 साल का आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। भारत और जापार के बीच हुए समझौतों से प्रदेश में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने से रोजगार के बडे़े अवसर छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेंगे।
जापान और कोरिया से एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति –
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया दोनों ही देशों से छत्तीसगढ़ में निवेश के संबंध में चर्चा की गई और एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। इसके साथ ही कई औद्योगिक संस्थानों से छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया के व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने को लेकर और निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ही देशों के व्यापार संगठनों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया और इसके अनुदान प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया गया। एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश के लिए बढ़िया अधोसंरचना की उपलब्धता से भी दोनों देशों के व्यापार संगठनों को अवगत कराया गया है। उन्हें बताया गया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में तेजी से निवेश हो रहा है और इसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है।
ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में जापानी भाषा में दी गई छत्तीसगढ़ में औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी –
मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में हमारे राज्य ने अपना पवेलियन बनाया था। इस पवेलियन में हर दिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। साय ने बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक स्थिति के बारे में, निवेश की संभावनाओं के बारे में तथा संस्कृति के बारे में लोगों ने विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे हमें अपनी बातों को जापानी निवेशकों तक समझाने में पूरी तरह से सफलता मिली।
पहली बार दक्षिण कोरिया पहुंचा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल –
मुख्यमंत्री साय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल गया। कोरिया में भी छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी बातें कोरियन भाषा में कही। इससे निवेशकों से कनेक्ट करने में मदद मिली। साय ने बताया कि दक्षिण कोरिया में आईसीसीके के साथएमओयू हुआ। आईसीसीके छत्तीसगढ़ के नॉलेज पार्टनर बनेंगे। इससे राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों के लिए स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक ही नहीं सीमित रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए जगह बनाएंगे साथ ही छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर आएंगे।

छत्तीसगढ़
रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी लापता, खोजबीन पर मिली बाइक:8 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, बेटे से संपत्ति विवाद, परिवार ने दी आंदोलन की चेतावनी
मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत पिछले 8 दिनों से लापता हैं। पुलिस को अब तक रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी का कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार वाले किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित हैं और अब सामाजिक स्तर पर उग्र आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। यह मामला लोरमी थाना क्षेत्र का है।

झाफल निवासी 62 वर्षीय दामोदर सिंह राजपूत 21 मार्च की सुबह अचानक लापता हो गए थे। वे शिक्षा विभाग में वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पद से कुछ महीने पहले ही रिटायर हुए थे और अपनी पत्नी के साथ मुंगेली में रहते थे।
नवरात्रि में दुर्गा पूजा के दौरान, दामोदर सिंह 21 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे अपने गांव झाफल जाने के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे। उन्होंने सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर अपने बड़े भाई बलबीर सिंह से बात की और जल्द ही गांव पहुंचने की जानकारी दी थी।
मनोहरपुर के पास लावारिस मिली बाइक
हालांकि, जब देर शाम तक दामोदर घर नहीं पहुंचे, तो परिवार वालों ने उनके फोन पर कॉल किया, लेकिन उनका मोबाइल बंद बताने लगा। देर रात तक उनका कहीं कोई पता नहीं चला। अगले दिन उनकी खोजबीन करने पर उनकी बाइक मनोहरपुर के पास लावारिस हालत में पड़ी मिली।

मोटरसाइकिल में एक बैग भी लटका हुआ था, जिसे दामोदर सिंह अपने साथ लेकर घर से निकले थे। पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त कर थाने ले आई।
बेटे से संपत्ति को लेकर चल रहा था विवाद
परिवार वालों ने मामले की रिपोर्ट लालपुर थाना में दर्ज कराई है। दामोदर के भाइयों के अनुसार, लापता दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय सिंह से संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर पहले भी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
21 मार्च से लापता हुए दामोदर का 8 दिन गुजर जाने के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की साइबर टीम दामोदर के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। परिवार वाले अब इस मामले पर उग्र आंदोलन करने की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच करने का भरोसा दिला रही है।
छत्तीसगढ़
बिजली-कंपनी का कर्मचारी बनकर ठगे 1.64 लाख:एम्स के नर्सिंग-ऑफिसर को कॉल कर APK फाइड डाउनलोड कराया, ब्लिंकिट-एप्पल कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर किए पैसे
रायपुर,एजेंसी। राजधानी रायपुर के आमानाका थाना इलाके में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। एम्स रायपुर में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर को बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर जालसाज ने ठग लिया। ठगों ने केवाईसी और वेरिफिकेशन के नाम पर APK फाइल भेजकर 1.64 लाख रुपए पार कर दिए।
पुलिस के अनुसार, हीरापुर स्थित हर्षित विहार में रहने वाले हरकेश सिंह यादव (36) सरोना में अपना नया मकान बनवा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने चंगोराभाठा बिजली ऑफिस में नए कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। 25 मार्च को उनके घर पर मीटर लगा। अगले दिन 26 मार्च को उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया।

नर्सिंग ऑफिसर ने नया मीटर कनेक्शन का आवेदन दिया और ठगों का कॉल उसके पास अगले दिन ही पहुंच गया।
नए मीटर का वेरिफिकेशन कराने दिया झांसा
कॉलर ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि, आपके नए मीटर का वेरिफिकेशन बाकी है। जालसाज ने हरकेश को झांसे में लेकर व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे इंस्टॉल कर अपनी डिटेल भरने को कहा।

ठग ने हरकेश को उसके मीटर का असली BP नंबर भी बताया। जिससे हरकेश को उस पर भरोसा हो गया। फॉर्म भरने के बाद ठग ने 13 रुपए की फीस जमा करने को कहा। जैसे ही हरकेश ने अपने HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरकर सबमिट की, उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ मैसेज आने लगे।

आमानाका पुलिस ने मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
ब्लिंकिट-एप्पल कंपनी को किया भुगतान
आमानाका पुलिस के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। ठगों ने पीड़ित के अकाउंट से पहले ट्रांजेक्शन ब्लिंकिट और दूसरा ट्रांजेक्शन एप्पल कंपनी के खाते में किया है। पीड़ित की शिकायत के बाद मामले में जांच शुरू कर दी गई है।

छत्तीसगढ़
तरबूज के नीचे बोरियों में छिपाया 1.12 करोड़ का गांजा:पिकअप में ओडिशा से यूपी ले जा रहे तस्कर, महासमुंद में चेकिंग में पकड़े गए
महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने पिकअप वाहन से 2 क्विंटल 25 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत 1 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए है। गांजे को 6 आरोपी ओडिशा के संबलपुर जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ले जा रहे थे।
महासमुंद पुलिस के मुताबिक पिकअप वाहन में तरबूज भरे हुए थे। तरबूज के नीचे गांजे की बोरियां थीं। इसके साथ ही इस गाड़ी को सुरक्षित निकालने के लिए आगे-आगे एक कार भी चल रही थी। इस कार में 4 लोग बैठे थे, जो रास्ते पर नजर रख रहे थे कि कहीं पुलिस दिखे तो पीछे वाले पिकअप को अलर्ट कर दें।

एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने चेकिंग के दौरान पिकअप वाहन और कार दोनों को जब्त कर लिया है। उसमें सवार 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें चार आरोपी उत्तर प्रदेश और 2 मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। यह सिंघोड़ा थाना क्षेत्र का मामला है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़ की सीमा पर NH-53 स्थित रेहटीखोल के पास पिकअप से गांजा जब्त।

पिकअप को सुरक्षित निकालने के लिए आगे चल रही एक कार को पुलिस ने जब्त कर उसमें सवार 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े 6 आरोपियों में चार उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि दो मध्य प्रदेश निवासी हैं।
दरअसल, सिंघोड़ा थाना प्रभारी संतोष सिंह को शुक्रवार को सोर्स से जानकारी मिली थी कि एक पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में गांजा लोड है, जो ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर है। वाहन में 2 लोग सवार हैं। सोर्स ने पिकअप नंबर (OD15V4676) भी बताया।
इसके साथ ही गांजा लोड पिकअप वाहन के आगे चल रही कार (UP96Q3658) के बारे में भी जानकारी मिली, जो प्रोटेक्शन के लिए आगे-आगे चल रही थी। सूचना मिलते ही सिंघोड़ा पुलिस एक्टिव हो गई।
सिंघोड़ा पुलिस अपनी टीम के साथ ओडिशा-छत्तीसगढ़ की सीमा पर एनएच-53 स्थित रेहटीखोल के पास पहुंची। पुलिस ने रेहटीखोल के पास नाकाबंदी कर गाड़ियों की जांच शुरू की।
इसी दौरान एक हुंडई कार और उसके पीछे आ रहे पिकअप वाहन को पुलिस ने चेक पोस्ट पर रोका। पिकअप वाहन में तरबूज लोड था। पिकअप वाहन का नंबर OD15V 4676 था, जबकि यूपी नंबर की कार (UP96Q3658) में चार लोग सवार थे।
पुलिस ने शक होने पर पिकअप वाहन और कार में सवार लोगों से पूछताछ की।
शक में पुलिस ने ली तलाशी
इस दौरान चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पिकअप वाहन के ड्राइवर से लोड सामान के बारे में पूछा। पिकअप में सवार लोगों ने बताया कि वाहन में सिर्फ तरबूज भरा हुआ है।
तलाशी में पिकअप से 2 क्विंटल 25 किलो गांजा बरामद
इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी शुरू की, तभी वाहन में तरबूज के नीचे प्लास्टिक की बोरियों में छुपाया गया गांजा बरामद हुआ। पुलिस को तलाशी में 9 बोरियों में 2 क्विंटल 25 किलो गांजा मिला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कार और पिकअप में सवार 6 आरोपियों को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा को ओडिशा के संबलपुर से उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ले जा रहे थे।

एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान कुल 1 करोड़ 25 लाख 20 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसमें 2 क्विंटल 25 किलो गांजा, एक पिकअप वाहन, एक हुंडई कार और 6 मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है, उनमें सतीश गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, सूरज गुप्ता, योगेश कुशवाहा उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि हरिबाबू वर्मा, रामबाबू वर्मा मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
लगातार जारी है अभियान
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने, सोर्स और डेस्टिनेशन प्वाइंट पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है।
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