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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

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साधारण परिवारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान, ट्राइबल यूथ हॉस्टल बन रहा प्रतिभाओं का सशक्त मंच

राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा: मुख्यमंत्री

युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान – मुख्यमंत्री साय’

मुख्य परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही सबसे बड़ी पूंजी

दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वाेच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

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कोरबा

महिला नगर सैनिकों की शिकायत पर आयोग सख्त

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महिला आयोग ने नगर सेना कमांडेंट कोरबा को दो माह में जांच रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, कोरबा में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई में प्रदेश स्तर पर कुल 404 प्रकरणों तथा कोरबा जिले के 12 प्रकरणों पर विचार किया गया।

जनसुनवाई के दौरान लगभग 300 नगर सैनिकों द्वारा हस्ताक्षरित एक महत्वपूर्ण शिकायत पर आयोग ने गंभीरता से सुनवाई की। शिकायत में नगर सेना कोरबा के तत्कालीन कमांडेंट पर महिला नगर सैनिकों के साथ अनावश्यक सख्ती बरतने और सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए गए थे। मामले में अब तक आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) की जांच नहीं होने पर आयोग ने नगर सेना कमांडेंट, कोरबा को निर्देशित किया कि वे दो माह के भीतर सभी संबंधित नगर सैनिकों और संबंधित अधिकारी के बयान दर्ज कर आईसीसी के माध्यम से जांच कर रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करें।
सुनवाई के दौरान आयोग ने वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, पुलिस कार्रवाई तथा पारिवारिक मामलों से जुड़े अन्य प्रकरणों में भी दोनों पक्षों को सुनते हुए आवश्यक निर्देश, समझाइश एवं अनुशंसाएं जारी कीं। कुछ मामलों में पक्षकारों को न्यायालयीन उपाय अपनाने की सलाह दी गई, जबकि कुछ प्रकरणों में महिला थाना, सखी सेंटर तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एक प्रकरण में पति द्वारा पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण की उपेक्षा किए जाने पर आयोग ने अनावेदक पति को प्रतिमाह 5,000 रुपये भरण-पोषण राशि देने के निर्देश दिए। वहीं एक अन्य प्रकरण में आवेदिका के नाम से खरीदे गए मकान को लेकर उत्पन्न विवाद में आयोग ने संबंधित पक्ष को एक माह के भीतर मकान खाली करने की समझाइश दी।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।

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कोरबा

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं प्रवेश हेतु काउंसलिंग कार्यक्रम जारी

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कोरबा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) की कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए चयनित विद्यार्थियों की काउंसलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन का कार्यक्रम जारी किया गया है। कलेक्टर (आदिवासी विकास) कार्यालय कोरबा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा समिति नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑनलाइन माध्यम से संपादित की जाएगी।

जारी सूचना के अनुसार, प्रवेश परीक्षा के परिणाम एवं मेरिट सूची के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को काउंसलिंग हेतु आमंत्रित किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के तहत विकासखंड स्तर की काउंसलिंग 30 जून एवं 1 जुलाई को आयोजित होगी। इसके बाद जिला स्तरीय काउंसलिंग 2 जुलाई तथा राज्य स्तरीय काउंसलिंग 3 जुलाई 2026 को संपन्न कराई जाएगी। वहीं विशेष पिछड़ी जनजाति समूह तथा प्रवेश दिशा-निर्देशों में उल्लेखित आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 4 जुलाई 2026 को काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। काउंसलिंग की सभी कार्यवाहियां जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में संपन्न होंगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 6 जुलाई 2026 को आरक्षित दिवस (रिजर्व डे) निर्धारित किया गया है। यह अवसर उन अभ्यर्थियों को प्रदान किया जाएगा, जो 30 जून से 4 जुलाई 2026 के मध्य किसी अपरिहार्य कारणवश काउंसलिंग में शामिल नहीं हो पाए हों।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत राज्य स्तर से पात्र विद्यार्थियों का ऑनलाइन विद्यालय आवंटन किया जाएगा। विद्यालय आवंटन के पश्चात संबंधित विद्यार्थियों को निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन प्रवेश आवेदन भरना अनिवार्य होगा। प्राप्त आवेदनों एवं उपलब्ध रिक्त सीटों के आधार पर आगे की प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
प्रवेश परीक्षा परिणाम, मेरिट सूची एवं काउंसलिंग संबंधी विस्तृत जानकारी जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने सभी पात्र अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों से निर्धारित तिथियों पर आवश्यक दस्तावेजों सहित काउंसलिंग में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया का लाभ उठाने की अपील की है।

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कोरबा

सभी पीएचसी में एंटी रेबीज वैक्सीन व एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करें – कलेक्टर कुणाल दुदावत

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बरसात में डेंगू-मलेरिया नियंत्रण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति पर कलेक्टर ने की सघन समीक्षा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का 7 दिन में निराकरण करें

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीबी एवं कुष्ठ अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम सलाहकार एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने  निर्देशित किया कि “सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान” के तहत आयोजित शिविरों में शेष पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड एवं आभा आईडी शत-प्रतिशत बनाए जाएं तथा उन्हें सभी राष्ट्रीय स्वास्थय योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने पीएम जनमन योजना अंतर्गत पीवीटीजी ग्रामों में आयुष्मान भारत कार्ड एवं जननी सुरक्षा योजना की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थय अधिकारियों (सीएचओ) की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएचओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाए तथा कम उपलब्धि वाले अधिकारियों की विशेष समीक्षा की जाए।

बरसात में डेंगू-मलेरिया नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश

बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा मितानिन दवा पेटियों में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डॉग बाइट के उपचार हेतु एंटी रेबीज वैक्सीन तथा सर्पदंश के उपचार हेतु एंटी-स्नेक वेनम सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

टीबी, कुष्ठ एवं सिकल सेल कार्यक्रमों की समीक्षा

टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी संभावित टीबी मरीजों की नॉट टेस्ट एवं एक्स-रे जांच सुनिश्चित कर समय पर उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एलसीडीसी अभियान में चिन्हांकित संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग कर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सिकल सेल कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने चिन्हित मरीजों की इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच कराते हुए आवश्यक उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता

मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन किया जाए तथा उन्हें पीएमएसएमए दिवस (9 एवं 24 तारीख) पर कम से कम एक बार विशेषज्ञ जांच के लिए भेजा जाए। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की पहचान, ट्रैकिंग एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में एचआरपी महिलाओं की अद्यतन सूची उपलब्ध रहनी चाहिए।

बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण  व पोषण पर  रखें विशेष ध्यान

कलेक्टर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थय कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमों को आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं आदिवासी छात्रावासों में नियमित भ्रमण कर बच्चों की  स्वास्थ्य   जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चिन्हांकित मोतियाबिंद मरीजों की समय पर सर्जरी, बच्चों को आवश्यकतानुसार चश्मा वितरण तथा यू-विन पोर्टल में शत-प्रतिशत टीकाकरण प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा करते हुए 100 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी बनाए रखने तथा कुपोषित बच्चों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

एनसीडी, मानसिक स्वास्थ्य एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश

बैठक में गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के अंतर्गत स्क्रीनिंग, उपचार एवं नियमित फॉलोअप पर विशेष जोर दिया गया। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का 7 दिनों के भीतर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता तथा सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार तथा आमजन को समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु समन्वित प्रयास सुनिश्चित करें।

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