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छत्तीसगढ़

बलरामपुर-रामानुजगंज : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

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मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की

प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार: मुख्यमंत्री साय

रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन

तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा, अब तक 10 हजार श्रद्धालु हुए लाभान्वित

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा
बलरामपुर – रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

बलरामपुर-रामानुजगंज ,26 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

’छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य’

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।
’शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर’

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

’सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम’

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णाेद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णाेद्धार का कार्य कराया जा रहा है।

बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढि़यों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

’मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा’

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर,  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,  गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

2023 चुनाव…सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र यादव की SLP खारिज की:31 अगस्त से हाईकोर्ट में ट्रायल, प्रेम प्रकाश पांडेय ने जीत को दी है चुनौती

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को चुनावी विवाद में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी विशेष अनुमति याचिका खारिज (Special Leave Petition) कर दी है। इसके साथ ही भिलाई नगर विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाले पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय की याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।

इस मामले में 31 अगस्त से आगे की सुनवाई शुरू होगी। दरअसल, मामला 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। चुनाव में देवेंद्र यादव ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय को हराया था। चुनाव परिणाम के बाद प्रेम प्रकाश पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर देवेंद्र यादव के चुनाव को चुनौती दी। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे में जरूरी जानकारी पूरी तरह नहीं दी गई थी।

चुनाव परिणाम के बाद प्रेम प्रकाश पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर देवेंद्र यादव के चुनाव को चुनौती दी। (फाइल फोटो)

चुनाव परिणाम के बाद प्रेम प्रकाश पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर देवेंद्र यादव के चुनाव को चुनौती दी। (फाइल फोटो)

हाईकोर्ट में मामला रोकना चाहते थे देवेंद्र

विधानसभा चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान देवेंद्र यादव की ओर से हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। इसमें मांग की गई थी कि मामले के कुछ मुद्दों को शुरुआती स्तर पर ही तय कर चुनाव याचिका को आगे बढ़ने से रोका जाए।

30 जून 2026 को हाईकोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि मामले में ऐसे सवाल हैं, जिनका फैसला केवल कागज देखकर नहीं किया जा सकता। इसके लिए दोनों पक्षों के सबूत, गवाह और दस्तावेज सामने आने जरूरी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से किया मना

इसी फैसले के खिलाफ देवेंद्र यादव सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने विशेष अनुमति याचिका दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी।

इस पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। कोर्ट में वो अपनी बात रख रहे हैं, हम अपनी बात रख रहे हैं।

विधानसभा चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान देवेंद्र यादव की ओर से हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। (फाइल फोटो)

विधानसभा चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान देवेंद्र यादव की ओर से हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। (फाइल फोटो)

पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश की याचिका में क्या है आरोप ?

प्रेम प्रकाश पांडेय की चुनाव याचिका में देवेंद्र यादव के चुनावी हलफनामे और उसमें दी गई जानकारियों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में आरोप है कि नामांकन के समय जरूरी जानकारी पूरी तरह नहीं दी गई। इसमें आपराधिक मामलों, संपत्ति और अन्य जरूरी जानकारियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

प्रेम प्रकाश पांडेय का कहना है कि इन जानकारियों का असर चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के सामने उम्मीदवार की सही तस्वीर पर पड़ सकता है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आया है। हाईकोर्ट ने भी कहा है कि आरोप सही हैं या नहीं, यह सबूत और गवाही के बाद ही तय होगा।

31 अगस्त से हाईकोर्ट में चलेगा मामला

सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब देवेंद्र यादव को हाईकोर्ट में चुनाव याचिका का सामना करना होगा। 31 अगस्त से मामले में नियमित सुनवाई शुरू होगी। इसमें दोनों पक्ष अपने दस्तावेज और सबूत पेश करेंगे। गवाहों के बयान भी हो सकते हैं।

इसके बाद कोर्ट पूरे मामले पर फैसला करेगा। यह पहली बार नहीं है जब इस चुनाव विवाद में देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। इससे पहले भी इसी चुनाव याचिका से जुड़े एक मामले में उनकी एक अन्य विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो चुकी है।

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छत्तीसगढ़

IGKV में पेपर लीक का तीसरा मामला:फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स का पेपर लगभग पांच घंटे पहले व्हाट्सएप पर वायरल, कुलपति बोले- जानकारी नहीं

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रायपुर, एजेंसी। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक का एक और मामला सामने आया है। बीएससी फर्स्ट ईयर के फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स का पेपर 19 अगस्त को सुबह 10 बजे होना था। लेकिन परीक्षा से करीब 5 से 6 घंटे पहले ही सुबह 4 से 5 बजे के बीच पेपर की PDF स्टूडेंट्स के बीच वायरल हो गई।

वायरल हुई PDF और एग्जाम में पूछे गए सवाल बिल्कुल एक जैसे थे। PDF में पेपर के तीनों पार्ट के सभी सवाल मौजूद थे। इतना ही नहीं, 6 नंबर वाले लॉन्ग आंसर क्वेश्चन भी पहले से PDF में मौजूद थे और उनके आंसर भी दिए गए थे।

सुबह वायरल हुआ पेपर, सुबह 10 बजे एग्जाम

19 अगस्त की सुबह जेनेटिक्स का पेपर स्टूडेंट्स के बीच पहुंच गया। वायरल PDF में पार्ट-ए, पार्ट-बी और पार्ट-सी के सवाल मौजूद थे।

पार्ट-ए में लिंकज, सेल साइकिल, ट्रांसक्रिप्शन, मल्टीपल एलील्स, डबल हैप्लायड और प्लियोट्रापी से जुड़े सवाल थे।

पार्ट-बी में यूकैरियोटिक क्रोमोसोम, एपिस्टेसिस, जीन इंटरैक्शन, मेंडल के लॉज, म्यूटेशन, क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव ट्रेट्स और जेनेटिक कोड से जुड़े सवाल पूछे गए।

असल पेपर

असल पेपर

वायरल पेपर।

वायरल पेपर।

वायरल पेपर।

वायरल पेपर।

वायरल चैट।

वायरल चैट।

6 नंबर के सवाल भी PDF में पहले से थे

मामले का सबसे गंभीर हिस्सा पार्ट-सी है। इसमें 6 नंबर के लॉन्ग क्वेश्चन पूछे गए थे। वायरल PDF में ये सवाल पहले से मौजूद थे और इनके डिटेल्ड आंसर भी दिए गए थे।

इनमें मीयोसिस-1, स्ट्रक्चरल और न्यूमेरिकल क्रोमोसोमल एबरेशन, क्रोमोसोमल थ्योरी ऑफ इनहेरिटेंस, साइटोप्लाज्मिक इनहेरिटेंस, सेक्स लिमिटेड और सेक्स इन्फ्लुएंस्ड ट्रेट्स, हैप्लायड-डिप्लायड, क्रॉसिंग ओवर-ट्रांसलोकेशन और DNA स्ट्रक्चर से जुड़े सवाल शामिल थे।

पहले कीट विज्ञान, फिर प्लांट पैथोलॉजी का पेपर लीक

IGKV में पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का पेपर परीक्षा से करीब 2 घंटे पहले वायरल हुआ था। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने परीक्षा कैंसिल कर दी थी। पुलिस जांच में एक प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद प्लांट पैथोलॉजी का पेपर लीक होने का मामला भी सामने आया। जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों ने ही यह पेपर भी लीक किया था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि दोनों पेपर छात्रों तक पैसे लेकर पहुंचाए गए थे। अब इन दोनों परीक्षाओं को सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराया जाएगा।

कुलपति बोले- अभी एक ही पेपर लीक की सूचना मिली थी

आईजीकेवी के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि उन्हें अभी तक सिर्फ एक पेपर लीक होने की जानकारी मिली थी। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी। पुलिस जांच में दो पेपर लीक होने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों परीक्षाएं कैंसिल कर दोबारा कराने के निर्देश दिए गए।

कुलपति ने कहा कि अगर जेनेटिक्स के पेपर में भी लीक की जानकारी सामने आती है तो इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

स्मृति ईरानी-सुनील बंसल बन सकते हैं छत्तीसगढ़ BJP प्रभारी:गजेंद्र पटेल-हरीश द्विवेदी के नामों पर भी चर्चा, संगठन की बैठक में होगा अंतिम फैसला

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रायपुर, एजेंसी। भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के बाद अब छत्तीसगढ़ संगठन में भी बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 17 अगस्त को अपनी नई टीम घोषित की है। इसके बाद राज्यों के प्रभारियों में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संगठन और राजनीतिक गलियारों में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी के नाम शामिल हैं।

स्मृति ईरानी का नाम भी चर्चा में

सबसे चर्चित नामों में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी शामिल भी शामिल है। नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।

संगठनात्मक राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को देखते हुए उन्हें किसी महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना पर चर्चा है। हालांकि, छत्तीसगढ़ का प्रभार उन्हें दिए जाने को लेकर पार्टी की ओर से कोई संकेत नहीं मिला है।

सुनील बंसल की भी दावेदारी मजबूत

राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल का नाम भी संभावित चेहरों में लिया जा रहा है। बंसल लंबे समय से भाजपा के संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति से जुड़े रहे हैं। उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और चुनावी प्रबंधन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें फिर राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। ऐसे में किसी बड़े राज्य की जिम्मेदारी मिलने की संभावना से उनका नाम जोड़ा जा रहा है।

गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी भी रेस में

राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी के नाम भी चर्चा में हैं। दोनों को नई राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। पार्टी राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने के लिए अनुभवी नेताओं को प्रभार देने की रणनीति अपना सकती है।

नए प्रभारी के सामने होगी बड़ी जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और संगठन के लिहाज से प्रदेश प्रभारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। नए प्रभारी को सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, कार्यकर्ताओं से संवाद और आगामी राजनीतिक रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी संभालनी होगी।

हालांकि, अभी तक स्मृति ईरानी, सुनील बंसल, गजेंद्र पटेल या हरीश द्विवेदी में से किसी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन नामों को फिलहाल संभावित चेहरों के तौर पर ही देखा जा रहा है। भाजपा नेतृत्व की ओर से अंतिम फैसला होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

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