छत्तीसगढ़
रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित
समाज के अंतिम व्यक्ति तक के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध : श्रीमती राजवाड़े
महतारी वंदन योजना से राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित
समाज कल्याण का बजट पिछले 5 वर्षों की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक
प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूरा करने बेटियों के भविष्य के लिए रानी दुर्गावती योजना होगी शुरू
नशा मुक्ति के लिए सामाजिक सहयोग से चलेगा अभियान, वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल के लिए “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर की होगी स्थापना
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रूपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं है। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है और उनके जीवन में स्वावलंबन लाने का काम किया है।
श्रीमती राजवाड़े ने सदन में कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए ’किशोरी बालिका योजना’ के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ’शुचिता योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी के गारंटी को पूरा करने राज्य सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ’रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हेें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
समाज कल्याण विभाग
सदन को जानकारी देते हुए श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में लगभग 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को पेंशन का लाभ डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वृद्धाश्रमों के संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। इन्हीं बातों को ध्येय में रखकर हमारी सरकार सेवा, संवेदना और संकल्प के साथ समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
कोरबा
राज्य सरकार की बेहतर व्यवस्था से किसानों को समय पर मिल रहे कृषि आदान सामग्री
खाद-बीज की सहज उपलब्धता से बढ़ा किसानों का भरोसा, शीला टोप्पो ने जताई खुशी
कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसका लाभ जिले के किसानों को सहजता से मिल रहा है, जिससे उनमें उत्साह और संतोष का वातावरण है।
कोरबा जिले के देलवाड़ीह की कृषक श्रीमती शीला टोप्पो भी उन किसानों में शामिल हैं जिन्हें समय पर कृषि आदान सामग्री उपलब्ध होने से खेती की तैयारियों में बड़ी सुविधा मिली है। लगभग तीन एकड़ भूमि में धान की खेती करने वाली श्रीमती टोप्पो इन दिनों खरीफ फसल की तैयारियों में जुटी हुई हैं। उनकी कृषि भूमि भालुसटका क्षेत्र में स्थित है और वे स्वयं खेती का पूरा कार्य संभालती हैं।
खेती की तैयारियों के तहत वे जामबहार सोनपुरी सहकारी समिति पहुंचीं, जहां से उन्होंने यूरिया, सुपर फॉस्फेट एवं बीज प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आसानी से सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो गई।
श्रीमती टोप्पो ने कहा कि समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो जाना किसानों के लिए बहुत बड़ी सहायता है। इससे खेती की तैयारियां सुचारू रूप से हो पाती हैं और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोरबा
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में लोक कलाकार, साहित्यकार, विशिष्टजन होंगे सम्मिलित
नोडल अधिकारी हुए नियुक्त
कोरबा। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अटूट आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर दिनांक 22 जून से 26 जून 2026 तक सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा रायपुर से सोमनाथ गुजरात तक आयोजित की जा रही हैं।
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में कोरबा जिले से 20 विशिष्टजन, राष्ट्रीय-राज्य सम्मान से सम्मानित कलाकार, लोक कलाकार, साहित्यकार 22 जून को सुबह 7 बजे विशेष ट्रेन से सोमनाथ गुजरात के लिए रवाना होंगे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा गुजरात जाने हेतु कार्य संपादन के लिए पूर्णन्दु तिवारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत पाली को नोडल अधिकारी एवं सतीश प्रकाश सिंह प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा, विकासखण्ड – पोड़ीउपरोड़ा को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया हैं।
इस सम्बन्ध में सहायक नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि कोरबा जिले से 20 विशिष्टजन, राज्य-राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार, लोक कलाकार, साहित्यकार का दल जिले के धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातत्विक शिवालय के पावन भूमि के माटी कलश एवं पावन नदी के जल कलश के साथ पांच दिवसीय सांस्कृतिक यात्रा के लिए 21 जून को रायपुर रवाना होंगे। जहां से 22 जून की सुबह विशेष ट्रेन से सोमनाथ गुजरात के लिए रवाना होंगे। कोरबा जिले का दल 22 से 26 जून तक सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा पूर्ण कर 27 जून को कोरबा वापस आएंगे।
कोरबा
दिव्यांग बच्चों के शत-प्रतिशत यूडीआईडी कार्ड निर्माण के निर्देश
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को योजनाओं का लाभ दिलाने जिला प्रशासन की पहल
कोरबा। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के प्री-प्राइमरी, एलिमेंट्री एवं सेकेंडरी विद्यालयों में नामांकित दिव्यांग बच्चों के यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) कार्ड का शत-प्रतिशत निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के सभी पात्र दिव्यांग बच्चों की जानकारी संकलित कर उनका यूडीआईडी कार्ड समयबद्ध रूप से बनाया जाएगा। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण एवं समग्र शिक्षा विभाग को आवश्यक समन्वय स्थापित कर कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया है।
यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगजनों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्य पहचान है, जिसके माध्यम से उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं, सेवाओं एवं अधिकारों का लाभ प्राप्त होता है। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांग बच्चा यूडीआईडी कार्ड से वंचित न रहे।
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