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छत्तीसगढ़

रायपुर : महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

बस्तर की धरती से मातृशक्ति को बड़ा संबल : महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से  रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की श्रीमती नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू तथा सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल से संवाद किया। 

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं।

धमतरी की श्रीमती नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है।

इसी तरह सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर “अनीता सिलाई सेंटर” स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने  कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं। 

कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी ।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया। 

इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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जांजगीर-चांपा : स्वीपर पद पर भर्ती हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी, 23 मार्च तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

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जांजगीर-चांपा। कार्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जांजगीर-चांपा (छ0ग0) के जिला स्थापना में रिक्त पदों के विरुद्ध आकस्मिक निधि (कलेक्टर दर) पर वेतन पाने वाले कर्मचारी स्वीपर के कुल 03 रिक्त पदों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। सूची का अवलोकन अभ्यर्थी जिला न्यायालय जांजगीर-चांपा की वेबसाइटhttps://janjgir.dcourts.gov.in⁠⁠पर कर सकते हैं। इसके अलावा कार्यालयीन समय में जिला न्यायालय के नोटिस बोर्ड में भी सूची देखी जा सकती है। कार्यालय द्वारा अपात्र अभ्यर्थियों से इस संबंध में दावा-आपत्ति 23 मार्च 2026 को शाम 5.30 बजे तक आमंत्रित की गई है। निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त दावा-आपत्तियों पर किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की जाएगी।

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जांजगीर-चांपा : गांव-गांव चल रहा जल संचय जनभागीदारी अभियान

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मोर गांव-मोर पानी अभियान के तहत बड़े पैमाने पर सोक पिट व रेनवॉटर हार्वेस्टिंग का हो रहा निर्माण

जिले में अब तक 18,032 सोक पिट पूर्ण, 10,974 सोक पिट निर्माणाधीन, 190 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं पूर्ण 436  प्रगतिरत

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 1 मार्च से “मोर गांव – मोर पानी” अभियान के अंतर्गत लगातार जल संचय जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान को वृहद रूप देते हुए जिले के गांव-गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ ली गई और अपने गांवों में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाई गई।

      अभियान के तहत जनभागीदारी से सोक पिट (सोखता गड्ढा) एवं रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रिचार्ज पिट, सोखता गड्ढा और वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “मोर गांव – मोर पानी अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गांव में जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। यदि हर घर में रिचार्ज पिट और सोखता गड्ढा बनाए जाएं तो वर्षा जल का संरक्षण कर भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और दीवार लेखन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

     अभियान के तहत गांव-गांव में सोक पिट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिले में अब तक 18,032 सोक पिट का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा 10,974 निर्माणाधीन हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 10042 पूर्ण व 2022 प्रगतिरत, बलौदा में 2840 पूर्ण व 2075 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 2638 पूर्ण व 2665 प्रगतिरत, नवागढ़ में 567 पूर्ण व 2194 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 1945 पूर्ण व 2018 प्रगतिरत सोक पिट निर्माण कार्य जारी है। इसी प्रकार अब तक 190 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 436 संरचनाएं प्रगतिरत हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 95 पूर्ण व 135 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 25 पूर्ण व 36 प्रगतिरत, नवागढ़ में 12 पूर्ण व 113 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 58 पूर्ण व 152 प्रगतिरत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

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जांजगीर-चांपा : स्वच्छता के लिए आगे आई नारी शक्ति, स्वच्छता दौड़ में बड़ी संख्या में हुई शामिल, शिवरीनारायण में दिया स्वच्छता का संदेश

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स्वच्छता दीदियों का करें सम्मान, घर-घर कचरा लेने आएं तो दें धन्यवाद – कलेक्टर

शिवरीनारायण में स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों, समस्या के लिए अब सीधे करें संपर्क, 9340236903 हेल्पलाइन नंबर जारी

प्लास्टिक मुक्त शहर एवं स्वच्छता का लिया संकल्प, स्वच्छता से जुड़ी महिलाओं का किया सम्मान

कचरा पृथक्करण को लेकर लोगों को किया जागरूक, स्टॉल के माध्यम से दी जानकारी

जांजगीर-चांपा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज शिवरीनारायण में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित नारी शक्ति स्वच्छता दौड़ में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्व सहायता समूह की महिलाएं, छात्राएं, महिला स्वच्छता कर्मी एवं स्वच्छता सखियों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नगर पंचायत परिसर से हुई। स्वच्छता दौड़ नटराज चौक, बॉम्बे मार्केट और थाना चौक होते हुए मध्यनगरी चौक तक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे, नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारियों, महिलाओं, सहित नागरिकों ने मार्ग में पड़े कचरे का संग्रह किया और स्वच्छता का संदेश दिया। महिलाओं ने मार्ग में चिन्हित स्थानों पर सफाई कर कचरा एकत्रित किया तथा दुकानदारों और नागरिकों से प्लास्टिक बैग का उपयोग न करने और डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की।

       कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता से जुड़े कार्यों में सक्रिय महिला स्वच्छता कर्मियों, स्वच्छता सखियों तथा प्लास्टिक मुक्त पहल अपनाने वाले दुकानदारों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर श्री महोबे ने शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए डेमो स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को घर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के बारे में जानकारी भी दी गई। साथ ही शिवरीनारायण में नागरिकों की सुविधा के लिए स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर 9340236903 जारी किया गया है। अब नागरिक कचरा उठाव, गंदगी, नाली जाम या अन्य स्वच्छता संबंधी समस्याओं की जानकारी इस नंबर पर देकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

     कलेक्टर ने कहा कि नारी शक्ति अपनी मेहनत के बल पर सम्मान प्राप्त करती है। आज समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण जैसे पवित्र और धार्मिक महत्व वाले नगर को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श स्थान दिलाना हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। स्वच्छता से बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती। हम सभी को मिलकर स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह हम अपने घर को साफ-सुथरा रखते हैं, उसी तरह अपने शहर को भी स्वच्छ बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रत्येक घर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। नगर पालिका द्वारा इस कचरे का नियमित रूप से संग्रहण कर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा।

       कलेक्टर ने कहा कि सड़कों, गलियों और घाटों पर कचरा न फैलाया जाए। उन्होंने सफाई कर्मियों को “स्वच्छता सैनिक” की संज्ञा देते हुए कहा कि समाज में उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए। जब वे घर-घर कचरा लेने आएं तो नागरिक उनका सम्मान करें और उन्हें धन्यवाद दें। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता हम सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। यदि हम सब मिलकर प्रयास करें तो शिवरीनारायण को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। इस इस दौरान पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताकर्मी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थे।

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