छत्तीसगढ़
रायपुर : खेल प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराएगी हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति की बैठक, उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया में 156 खिलाड़ी पात्र
अधिसूचना के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी सूची
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्त करने की होगी व्यवस्था, प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निखारने में निभाएंगे अहम भूमिका
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित समिति के सदस्यों ने वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम स्वरूप प्रदान किया। इनमें 20 अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं।

बैठक में अनुमोदित 156 खिलाड़ियों की सूची को सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इसे अधिसूचित करने के बाद खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में लेने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ होगी। राज्य के खिलाड़ी लंबे समय से इस सूची की प्रतीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में आज हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद खिलाड़ियों का यह इंतजार जल्द समाप्त हो जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी, समयबद्ध और प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चयनित उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पात्रता के अनुरूप उन्हें शासकीय सेवा में नियुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों का अनुभव और उपलब्धियां प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, इसलिए उनकी सेवाओं का उपयोग खेल प्रशिक्षण, प्रतिभा संवर्धन और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करना है, जहां गांव से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं की समय रहते पहचान हो, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से खेल गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा खेल प्रतिभाओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल अधोसंरचना के विस्तार, आधुनिक सुविधाओं के विकास तथा नई खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसे उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करना है जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आज चयनित खिलाड़ी भविष्य में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 182 उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए पूर्व में विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण और निर्धारित मानकों के आधार पर 156 खिलाड़ियों को पात्र पाया गया।
बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम उपस्थित थीं।
कोरबा
पाली नगर पंचायत के सार्वजनिक शौचालय की बदहाल व्यवस्था, टूटे दरवाजों और गंदगी से यात्री परेशान
कोरबा/पाली। नगर पंचायत पाली के बस स्टैंड परिसर में संचालित सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय पिछले लगभग 20 दिनों से बदहाल स्थिति में है। शौचालय के रखरखाव में लापरवाही के कारण पुरुष एवं महिला दोनों शौचालयों की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो गई हैं। पुरुष शौचालय का दरवाजा और पानी का नल टूटा हुआ है, वहीं महिला शौचालय का दरवाजा भी हिल रहा है महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

बस स्टैंड क्षेत्र नगर का प्रमुख आवागमन केंद्र होने के कारण यहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री, स्थानीय नागरिक तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग शौचालय का उपयोग करते हैं। लेकिन शौचालय की जर्जर स्थिति और नियमित साफ-सफाई के अभाव में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टूटे हुए दरवाजों के कारण उपयोगकर्ताओं की निजता प्रभावित हो रही है, जिससे विशेष रूप से महिला यात्रियों में असुरक्षा और असहजता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से शौचालय की सफाई भी नियमित रूप से नहीं हो रही है। फर्श पर गंदगी जमा है, दुर्गंध के कारण वहां कुछ देर खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है। पुरुष शौचालय में नल खराब होने से पानी की समस्या बनी हुई है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो रही है। यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधा केंद्र की ऐसी बदहाल स्थिति नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता को लेकर शासन और प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। यदि समय रहते टूटे हुए दरवाजों और नल की मरम्मत नहीं कराई गई तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ सकती है।


कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 9 कर्मियों के सेवानिवृत्त पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 30.06.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त हुए 9 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।
मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में निदेशक तकनीकी (संचालन) एन फ्रैंकलिन जयकुमार के मुख्य आतिथ्य, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, विभीन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में भानु सिंह महाप्रबंधक (सिविल), शैवाल सक्सेना मुख्य-प्रबंधक (उत्खनन), मनीष कुमार जूलियट प्रबंधक (मा सं) लोक सूचना विभाग, संजय कुमार चौधरी उप-प्रबंधक (सर्वे) भू-राजस्व विभाग, सुधीर कुमार सिंह वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक (राजभाषा) जनसंपर्क विभाग, विजय कुमार झा कार्यालय अधीक्षक प्रशासन विभाग, प्रमोद कुमार राही वरीय सुरक्षा निरीक्षक सुरक्षा विभाग, नारायण प्रसाद शर्मा असिस्टेंट सुपरवाईजर परिवहन विभाग, नरेश कुमार ढीमर सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी।
इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी के योगदान, कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्जवल भविष्य की ईश्वर से कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहां के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं ।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।
कोरबा
जनपद पंचायत करतला और पाली में विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम पर दिया गया प्रशिक्षण
ग्राम सचिवों एवं रोजगार सहायकों को विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीवाई) मॉड्यूल की दी गई विस्तृत जानकारी
सहभागी योजना निर्माण, संसाधन मानचित्रण एवं जीआईएस आधारित विकास योजनाओं पर दिया गया प्रशिक्षण
कोरबा। विकसित भारत के संकल्पों को ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा पंचायतों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से मंगलवार को जनपद पंचायत करतला एवं पाली में सीईओ जनपद पंचायत की उपस्थिति में ग्राम सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों तथा तकनीकी सहायकों के लिए विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम विषय पर जनपद स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में कार्यक्रम अधिकारी द्वारा विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीवाई) मॉड्यूल पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस मॉड्यूल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में वैज्ञानिक, सहभागी, साक्ष्य-आधारित एवं संतृप्ति आधारित विकास योजनाएं तैयार करने की क्षमता विकसित करना है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का निर्माण कर उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग एवं विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को योजना निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया, सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (पीआरए), संसाधन मानचित्रण, विकासोन्मुख अभिसरण रणनीतियों तथा जीआईएस जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों की आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी अंतरालों की पहचान, स्थिति विश्लेषण, परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने, वार्षिक एवं दीर्घकालिक विकास योजनाएं तैयार करने तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण में विकसित ग्राम पंचायत योजना के प्रमुख सिद्धांतों को विस्तार से बताया गया कि सहभागी योजना निर्माण की प्रक्रिया में ग्राम सभा, वार्ड सभा, स्वयं सहायता समूहों तथा अन्य स्थानीय हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर पारदर्शी, समावेशी एवं समुदाय आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाता है। साथ ही विकासोन्मुखी अभिसरण की अवधारणा पर विशेष जोर देते हुए योजनाओं के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के उपायों की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित पंचायतों के रूप में स्थापित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र, समावेशी एवं सतत विकास को गति प्रदान करना है।
कार्यक्रम में तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक सहित जनपद पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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