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छत्तीसगढ़

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेडियापाड़ा में जनजातीय गौरव दिवस पर अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना की

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ का कर रहे है कायाकल्प- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी निष्ठा से कार्यरत — मुख्यमंत्री

रायपुर। गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व भारत के विकास की नई पहचान बन रहा है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में व्यापक विकास हो रहे हैं और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक दिशा में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा और विकास के प्रत्येक आयाम में जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व रायपुर में उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, परंपरा, कला और बलिदान का भव्य प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित होगा।

प्रधानमंत्री के उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय, उनकी संस्कृति तथा राज्य में चल रहे जनजातीय उत्थान के प्रयासों की जिस प्रकार सराहना की गई, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सम्मान समूचे छत्तीसगढ़वासियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से राज्य में जनजातीय सशक्तिकरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे देश के गौरव हैं। देश का जनजातीय समाज उनके स्नेह और उदारता के लिए कृतज्ञ है। छत्तीसगढ़ के लिए उनका कहा हुआ प्रत्येक शब्द अमृत के समान है। उनके इस स्नेह को प्रसाद मानते हुए हम और अधिक उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अर्चना में स्वयं को समर्पित करते हैं।

अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा को तीव्र गति देते हुए राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि में अपना पूर्ण योगदान देगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से यह विकास यात्रा और अधिक गतिशील, प्रभावी और व्यापक बनेगी।

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छत्तीसगढ़

प्रतापपुर : कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

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कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

    प्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज धोन्धा प्रतापपुर में बहुप्रतीक्षित कृषि महाविद्यालय का विधिवत भूमि पूजन संपन्न किया। उनके द्वारा आज 889.53 लाख राशि से निर्मित होने वाले कृषि महाविद्यालय भवन प्रतापपुर (धोन्धा) व 602.10 लाख  से निर्मित होने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन प्रतापपुर (धोन्धा) का भूमि पूजन किया गया। 
                    इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैंकरा, जिला पंचायत सदस्य लवकेश पैंकरा, क्षेत्र के किसान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
                    भूमि पूजन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह दिन धोंधा प्रतापपुर और संपूर्ण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर कृषि महाविद्यालय की स्थापना से किसान बंधुओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च कृषि शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।
                    मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती के तरीके और कृषि विज्ञान की उच्चस्तरीय शिक्षा अब उनके अपने गृह जिले में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जाएगा।
                     इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना उनके क्षेत्र के लिए एक स्वप्न के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के लिए प्रयास आज सफल हुआ है जिसमें कृषि मंत्री राम विचार नेताम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों एवं किसान बंधुओं से कहा कि अब उनके बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। विधायक श्रीमती पोर्ते ने यह भी कहा कि यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव भी रखेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
                     इस कृषि महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को कृषि विज्ञान, उद्यानिकी, पशुपालन और ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। अब दूरदराज के ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की बैठक सम्पन्न

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रायपुर। छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विधि एवं विधायी तथा शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक की विशेष उपस्थित में सम्पन्न हुई। बैठक में महाधिवक्ता विवेक शर्मा, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी विभाग सुषमा सावंत, अधिवक्ता शैलेन्द्र दुबे, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील ओटवानी, छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति के अन्य सदस्य सहित भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, वित्त तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अधिवक्ताओं के हितों एवं कल्याण के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा, पेंशन, नए अधिवक्ताओं के मानदेय, चिकित्सा बीमा, अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु मृत्युदावा राशि का प्रावधान सहित छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

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रायपुर : सेवा और समर्पण भाव के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश के बाहर भी मिलता है सम्मान – डेका

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राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर दिया बल

राज्यपाल रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स एक विश्वसनीय संस्थान रहा है। जब हम सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों की बात करते हैं एम्स का नाम सबसे ऊपर होता है। यह गर्व का विषय है कि भारत के सभी राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। एम्स रायपुर में इलाज हेतु आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस लिहाज से इस संस्थान को और बड़ी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं राज्य शासन को यह सलाह दूंगा कि नवा रायपुर में एम्स की स्थापना के लिए भूमि आबंटित करें, ताकि बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल सकें।

               राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर बल दिया, ताकि हृदय रोगियों को अपने ही प्रदेश में बेहतर इलाज मिल सकें और उन्हें प्रदेश के बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अथवा एम्स में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसीलिटी की स्थापना की जा सकती है।

              श्री डेका ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की बढ़ोतरी के कारण प्रदेश में मृत्यु दर में आशानुकूल कमी आई है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है ताकि हम वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना सकें। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने होंगे, चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो, इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो या अंतरिक्ष विज्ञान। श्री डेका ने डॉक्टरों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आप सभी ऐसे नोबेल प्रोफेशन में हैं जो सीधे लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ है। आज भी समाज का एक बड़ा तबका डॉक्टरों को भगवान मानता है। देश के बाहर भी भारतीय डॉक्टरों का नाम सम्मान से लिया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारे सुप्रशिक्षित और समर्पित डॉक्टर हैं। हमारे भारतीय डॉॅक्टर हमेशा मरीजों के बेहतर इलाज को प्राथमिकता देते है जो उनकी सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने अपनी माता जी का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब मेरी माता जी बीमार रहा करती थीं जब का मेरा अनुभव है कि डॉक्टरों को देखते ही उनकी आधी परेशानी खत्म हो जाती थी। यह डॉक्टरों पर आम लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।

             श्री डेका ने इस अवसर पर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित करता रहें और निरंतर मरीजों की सेवा में तत्परता से जुटा रहे ऐसी मेरी कामना है। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे।

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