Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ: पहले दिन 19464 क्विंटल धान का उपार्जन

Published

on

धान उपार्जन 2025-26: किसानों के उत्साह और पारदर्शी व्यवस्था के साथ खरीदी शुरू

किसानों की सुविधा सर्वोपरि : मुख्यमंत्री साय

किसानों की सुविधा सर्वोपरि : मुख्यमंत्री श्री साय
किसानों की सुविधा सर्वोपरि : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का शुभारंभ किया गया। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आए किसानों का स्वागत तिलक एवं पुष्प भेंट कर आत्मीयता से किया गया। खरीदी केन्द्रों का माहौल आज उत्सव और गहमा–गहमी से भरा दिखाई दिया। मौके पर उपस्थित किसानों के चेहरे पर उत्साह, संतोष और शासन के प्रति आभार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कांटा- बांट एवं धान की पूजा-अर्चना कर तौल प्रक्रिया का विधिवत आरंभ किया गया।

प्रदेश में आज कुल 195 उपार्जन केन्द्रों में 19464 क्विंटल धान का उपार्जन किसानों से किया गया। शासन द्वारा राज्य के 2,739 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली गई हैं। उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों द्वारा आंशिक रूप से अवैध हड़ताल पर जाने से उपार्जन प्रभावित होने की संभावना उत्पन्न हुई थी, जिसे शासन के निर्देश पर विपणन संघ द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था कर सुचारू रूप से धान उपार्जन सुनिश्चित किया गया। कई जिलों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी धान उपार्जन की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए खरीदी कार्य को निरंतर बनाए रखा।

शासन द्वारा धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) के तहत अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित रहे।

इस वर्ष धान उपार्जन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान–उन्मुख बनाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में ऑनलाइन टोकन एवं तुंहर टोकन प्रणाली को व्यापक रूप से लागू किया गया है। आज प्रदेश में जारी हुए कुल 2,029 टोकन में से 1,912 किसानों द्वारा तुंहर टोकन के माध्यम से आवेदन किया गया। इसके अतिरिक्त, किसान समिति स्तर पर भी टोकन हेतु आवेदन कर सकते हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 02 टोकन, तथा दीर्घ किसानों को अधिकतम 03 टोकन की सुविधा प्रदान की गई है।

किसानों के विश्राम हेतु छाया, पीने के पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सभी उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध कराई गई है। जिला अधिकारियों को किसानों की सुविधा और खरीदी संचालन से संबंधित आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में केंद्र प्रभारी के अतिरिक्त नोडल अधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है, जिनके नाम और फोन नंबर केन्द्रों में प्रदर्शित कर दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति में किसान नोडल अधिकारी से तुरंत संपर्क कर सकते हैं, और समस्याओं का समाधान तत्काल किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन 1800 233 3663 के माध्यम से भी शिकायतें एवं जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

इस वर्ष धान खरीदी पूर्णतः आधार-आधारित है, जिसके अंतर्गत किसानों को बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से धान विक्रय करने की सुविधा दी गई है। प्रक्रिया को अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग द्वारा राज्य स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए गए हैं, जो सतत् औचक निरीक्षण करते हुए उपार्जन में संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण रखेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

सभी उपार्जन केन्द्रों में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है तथा पीने के पानी, प्रसाधन, प्राथमिक उपचार पेटी आदि की व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। धान की तौल इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से की जा रही है, ताकि किसानों को उनके हर एक दाने का उचित मूल्य मिल सके।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों एवं धान उपार्जन से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन कार्य को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी रूप से संचालित किया जाए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

Published

on

कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

Continue Reading

कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

Published

on

मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

Continue Reading

कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

Published

on

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677