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छत्तीसगढ़

रायपुर : नगरीय निकायों के कार्यों की मैराथन समीक्षा का दूसरा दिन, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा

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शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश

नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने कहा

साव ने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने के दिए निर्देश, कहा काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय कर की जाएगी कड़ी कार्रवाई

शहरों को स्वच्छ व सुंदर बनाने तथा नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश

31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने कहा

शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश

रायपुर। प्रदेशभर के नगरीय निकायों की समीक्षा का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आज दिनभर चली बैठक में सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को बेतरतीब निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने को कहा। श्री साव ने कहा कि  काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
 
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने को कहा। उन्होंने राज्य के उभरते शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ ही नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांचों संभागों के विभागीय क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को हर तिमाही में प्रत्येक नगर पालिका और नगर पंचायत का व्यक्तिगत निरीक्षण कर संचालक को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को आगामी 31 मई तक नगर पंचायतों की नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संग्रहण बढ़ाने संपत्ति कर, जल कर, यूजर चार्ज जैसे करों की वसूली गंभीरता और कड़ाई से करने को कहा। उन्होंने एनर्जी ऑडिट के माध्यम से गैर-जरूरी विद्युत कनेक्शनों की पहचान कर इसके विच्छेदन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकाय के सभी कार्मिकों को हर माह समय पर वेतन और बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।
 
श्री साव ने जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने के लिए निर्देशित करते हुए शत-प्रतिशत भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण कराने को कहा। उन्होंने 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। श्री साव ने सभी सीएमओ को मुख्यालय में ही निवास करते हुए प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने भ्रमण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अपने साथ रखने को कहा। उन्होंने सीएमओ द्वारा प्रातः भ्रमण में की जा रही कोताही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए रोजाना अनिवार्यतः कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए।  

श्री साव ने शहरों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए बच्चों के लिए खेल के मैदानों और उद्यानों के लिए जगहों का चिन्हांकन करने को कहा। उन्होंने कुनकुरी और अंबागढ़-चौकी में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों का निर्माण इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर दूरदर्शिता से काम करते हुए अगले दस वर्षों के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता में रखते हुए इसके लिए 15वें वित्त आयोग की राशि से पुख्ता व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वर्षा ऋतु के पहले सभी नाला, नालियों, ड्रेनेज और तालाबों की सफाई करने को कहा। उन्होंने पाइपलाइन्स के लीकेज ठीक करते हुए सभी घरों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण एक साल के भीतर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि शहर के जरूरतमंदों के लिए पीएम आवास स्वीकृत करना और बनवाना सीएमओ की जिम्मेदारी है। इस पर सक्रियता और गंभीरता से काम करते हुए आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने को कहा। उन्होंने आवास की स्वीकृति के बाद लाभार्थियों को बुलाकर मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान सहित योजना से संबंधित सभी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने को कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में प्रदेशभर में आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शहरवासियों को लाभान्वित करने की तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और नगर पंचायतों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिनभर चले मैराथन बैठक में नगर पंचायतों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

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समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात

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चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास,  फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।

प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम है नंदनवन जंगल सफारी

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320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र

  •  धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
  •  अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर

नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर
    नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।
    इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर
    नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
    विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
शाकाहारी सफारी
    30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
भालू सफारी
    20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।
बाघ सफारी
    20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।
सिंह सफारी
    20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।
जू जोन
    50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण
    नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।
देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक
    वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।
रायपुर से आसान पहुंच
    नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र
नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।

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