बहनों के स्नेह से सजी ‘विष्णु भैया’ की कलाई, सुरक्षा-सम्मान का लिया संकल्प
बहनों के ‘विष्णु भैया’ बने मुख्यमंत्री साय, राखी के साथ मिला स्नेह और विश्वास
नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में राष्ट्ररक्षा के संकल्प और भाई-बहन के स्नेह का हुआ भावपूर्ण संगम
शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी, भावुक हुए मुख्यमंत्री साय
शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार : उनके सम्मान और हर सुख-दुःख में साथ खड़ी है सरकार – मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय
सुरक्षा बलों के लगभग 800 जवानों को स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला समूहों की दीदियों ने बांधी राखी
रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में मिलेंगे 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का किया शुभारंभ
रायपुर 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में आज भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर जब स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे तो पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से भर उठा।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद श्री वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। हमारे वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का यह रिश्ता सदैव अटूट रहेगा।
नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए युग का मार्ग प्रशस्त किया है। इस परिवर्तन में बस्तर की जनता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प बस्तर को देश के श्रेष्ठ और विकसित आदिवासी अंचलों में शामिल करना है।
जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय और अद्भुत दृश्य पहली बार देखा है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले जवानों को जब इतनी बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी तो रक्षाबंधन का पर्व अपने व्यापक अर्थ में साकार होता दिखाई दिया। हमारे जवान केवल सीमाओं और समाज के सुरक्षा प्रहरी नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों के भाई भी हैं।
इस अवसर पर सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जवानों का सम्मान किया।
बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है। बहनों का यही विश्वास और अपनापन जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण आज शासन की नीतियों के केंद्र में है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और प्रदेश की 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास का नेतृत्व भी कर रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख बहनों के बैंक खातों में करीब 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहार पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भी रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा देश के वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों का दायित्व नहीं है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करे तथा राष्ट्रविरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग रहे। जवानों के प्रति सम्मान की भावना समाज और नई पीढ़ी में और मजबूत हो, ‘स्नेह की डोर’ जैसे आयोजन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने साहस के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने कहा कि एक समय नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने बेटे, भाई और जीवनसाथी खोए, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब किसी बहन को यह नहीं कहना पड़ेगा कि उसका भाई ड्यूटी पर गया था और लौटकर नहीं आया। उन्होंने समाज से वैचारिक रूप से भी सजग रहने और देश की एकता-अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स—‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ का शुभारंभ किया।
‘हरित पोषणम्’ के माध्यम से आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ महिलाओं और समुदाय को पोषण अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना है।
‘प्रोजेक्ट निरामय’ के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर आवश्यकतानुसार निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के माध्यम से रायपुर में प्रत्येक माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है।
‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
ट्रांसपोर्टर इंद्रजीत की HTC पर GST रेड, 6 घंटे जांच:भिलाई-बलौदाबाजार तक दस्तावेज खंगाले, कंपनी के पास 1500 से ज्यादा ट्रक, BSP में 60-70 गाड़ियां चलती हैं
दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। करीब 1,500 ट्रकों का संचालन करने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू की फैक्ट्री और ऑफिस पर सोमवार को स्टेट GST की टीम ने छापेमार कार्रवाई की। टीम ने भिलाई स्थित हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के ऑफिस और गोदाम के साथ बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में भी दस्तावेज खंगाले।
GST अधिकारियों ने कंपनी के कारोबारी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की करीब 6 घंटे तक जांच की। टीम देर रात तक अलग-अलग ठिकानों पर मौजूद रही और इसके बाद अधिकारी लौट गए। हालांकि, विभाग की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किस मामले या गड़बड़ी की सूचना के आधार पर की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के बाद ही कार्रवाई की वजह स्पष्ट होगी।
इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू के भिलाई हथखोज स्थित हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी में सोमवार को स्टेट जीएसटी की टीम पहुंची थी।
BSP में HTC की 60 से 70 गाड़ियां चलती हैं
HTC के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से भी जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक कंपनी की करीब 60 से 70 गाड़ियां BSP में परिवहन के काम में लगी हैं। ये वाहन प्लांट के अंदर लोडिंग के लिए जाते हैं।
ऐसे में GST टीम की जांच में कंपनी के परिवहन कारोबार से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। कंपनी का कारोबार कई स्थानों पर संचालित होता है। इसी वजह से GST टीम ने भिलाई के साथ बलौदाबाजार स्थित यार्ड में भी दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की।
कंपनी के मालिक और डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू की फाइल फोटो।
कौन हैं इंद्रजीत सिंह ?
इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू भिलाई के प्रमुख ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में शामिल हैं। वे हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के डायरेक्टर हैं और करीब 1,500 ट्रकों के संचालन से जुड़े हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबार के अलावा वे अलग-अलग सामाजिक और खेल संगठनों से भी जुड़े हुए हैं।
वे एसबीएस हॉस्पिटल भिलाई के डायरेक्टर, भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के अध्यक्ष, सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष और न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा उनके राजनीति में आने की भी चर्चा है। आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की भी अटकलें हैं।
विभाग की रिपोर्ट का इंतजार
स्टेट GST की कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। टीम ने किन दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की, क्या कोई रिकॉर्ड जब्त किया गया और क्या टैक्स से जुड़ी कोई गड़बड़ी सामने आई है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल विभाग ने आधिकारिक तौर पर किसी टैक्स चोरी या अनियमितता की पुष्टि नहीं की है।
बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े अहम मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल शादीशुदा होने के आधार पर बेटी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को निरस्त करते हुए दो शादीशुदा बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने बैंक को दोनों अपीलकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के अनुसार 90 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक स्थिति को नियुक्ति में अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता।
हाईकोर्ट ने 2 शादीशुदा बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है।
विवाहित बेटियों ने मांगी अनुकंपा नौकरी
मामला छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 2 कर्मचारियों मदन कुमार पांडा और शैलेन्द्र कुमार जॉन्सन से जुड़ा है। दोनों की नौकरी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी शादीशुदा बेटियों अंकिता मिश्रा और शीना डेविड ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन बैंक ने आवेदन खारिज कर दिया।
इसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने 7 मई 2026 को उनकी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके खिलाफ रिट अपील दायर की गई।
हाईकोर्ट ने माना समानता का उल्लंघन
डिवीजन बेंच ने कहा कि बैंक ने सिर्फ बेटियों के विवाहित होने को आधार बनाकर उन्हें नौकरी से बाहर किया, जबकि इसी योजना के तहत विवाहित बेटों को नियुक्ति का लाभ दिया गया। यह समानता के अधिकार के खिलाफ है।
‘शादी होने से बेटी की आर्थिक निर्भरता खत्म नहीं होती’
कोर्ट ने यह भी माना कि शादी होने मात्र से किसी बेटी की अपने माता-पिता पर आर्थिक या सामाजिक निर्भरता खत्म नहीं मानी जा सकती। निर्भरता का वास्तविक आकलन किया जाना जरूरी है। कोर्ट ने बैंक के रिजेक्शन आदेशों के साथ सिंगल बेंच का फैसला रद्द कर दिया।
90 दिन में नियुक्ति के आदेश दिए
बैंक को निर्देश दिया गया है कि दोनों अपीलकर्ताओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता और लागू योजना के अनुसार, वैवाहिक स्थिति को अयोग्यता का आधार बनाए बिना, आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 90 दिन के भीतर उपयुक्त पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। दोनों रिट अपीलें मंजूर कर ली गई हैं।
कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में नदी के तेज बहाव के बीच टापू पर फंसे 3 दोस्तों को 15 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों पिकनिक मनाने पहुंचे थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वे बीच में फंस गए। रातभर टापू पर रहने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे तीनों का रेस्क्यू किया।
धमतरी जिले के हरदी गांव में वाटरशेड परियोजना के तहत बन रहा एक चेकडैम बारिश के कारण टूट गया। लगभग 42 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस चेकडैम का एक हिस्सा ढह गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
पिछले 24 घंटे में बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कुछ जगह भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इधर, कोरबा में सोमवार दोपहर से हुई तेज बारिश के कारण दादर नाला, मानिकपुर, डिपरा पारा बाईपास और पोड़ीबहार नाला उफान पर आ गए। दादर नाला किनारे कई घरों में पानी घुस गया।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिन प्रदेश में मानसून एक्टिव रहेगा। आज कई इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद बारिश की एक्टिविटी में कमी आने की संभावना है।
धमतरी में बन रहा चेकडैम बारिश के कारण बह गया।
पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टापू में फंसे तीनों दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कोरबा के देवपहरी जलप्रपात में तीनों युवक टापू पर फंसे थे।
कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश से घरों में पानी घुस गया।
केलो डैम से छोड़ा गया पानी, निचले इलाकों में अलर्ट
रायगढ़ के केलो डैम में लगातार ज्यादा पानी आ रहा है। इसे देखते हुए जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे केलो नदी का जलस्तर करीब 3 फीट तक बढ़ने की संभावना है।
जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी, जलभराव वाले क्षेत्रों और संभावित बाढ़ प्रभावित जगहों पर जाने से बचने को कहा गया है। प्रशासन जलस्तर पर नजर रख रहा है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
केलो नदी का बढ़ेगा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट।
रायपुर में 120 मिमी बारिश
रायपुर सिटी में पिछले 24 घंटे में 4.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। रायपुर में 2 इंच बारिश भी दर्ज की गई है। रायपुर में आज (25 अगस्त) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रह सकता है।
बस्तर के छोटेडोंगर में 180 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे में बारिश का सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिला। छोटेडोंगर में 180 मिमी (7.1 इंच), अंतागढ़ और बास्तानार में 160-160 मिमी (6.3-6.3 इंच), बड़े बचेली में 130 मिमी (5.1 इंच), उसूर में 110 मिमी (4.3 इंच), जगरगुंडा में 110 मिमी (4.3 इंच) और दरभा में 100 मिमी (3.9 इंच) बारिश हुई।
जगदलपुर में भी 50 मिमी (2 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बीजापुर में 100 मिमी (3.9 इंच) और सुकमा में 90 मिमी (3.5 इंच) बारिश हुई।
प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बारिश अब-तक सामान्य से 4% कम है। हालांकि इसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है। अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ।
छत्तीसगढ़ में बारिश का पूरा हिसाब: 4 जिले एक्सेस, 4 में कमी
छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान अब तक 832.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 866.4 मिमी है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश 4% कम है, लेकिन इसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।
जिलेवार आंकड़ों में बारिश का अंतर काफी ज्यादा है। बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, महासमुंद, मुंगेली, नारायणपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बेमेतरा, जशपुर, कांकेर और सूरजपुर में बारिश सामान्य से काफी कम है।
सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में, 1220 मिमी रिकॉर्ड
प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में 48.0 इंच दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 36.7 इंच है। यानी सामान्य से 31% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बाद बलरामपुर में 43.0 इंच, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 41.9 इंच, बीजापुर में 41.8 इंच और महासमुंद में 38.4 इंच बारिश दर्ज हुई है।
बेमेतरा में सबसे कम बारिश
बारिश की कमी के मामले में बेमेतरा सबसे आगे है। यहां अब तक 18.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 31.1 इंच है। यानी बारिश 40% कम है। इसके बाद सूरजपुर में 20.8 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 41% कम है। जशपुर में 26.7 इंच यानी 33% और कांकेर में 25.4 इंच यानी 37% कम बारिश हुई है।
इन जिलों में भी बारिश कम
प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। कबीरधाम में 16%, कोंडागांव में 16%, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 17%, कोरिया में 19%, कोरबा में 10%, रायगढ़ में 4% और सक्ती में 2% कमी है।
हालांकि इन जिलों में बारिश को मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।
रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश
रायपुर में अब तक 34.3 इंच बारिश हुई है। सामान्य बारिश 29.8 इंच है। यानी रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। वहीं गरियाबंद में 36.0 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 16% ज्यादा है। धमतरी में 31.6 इंच यानी 2% ज्यादा बारिश हुई है।
आंकड़ों में कम, लेकिन कैटगरी में बारिश सामन्य
बारिश के आंकड़ों में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं होता कि कितने मिलीमीटर पानी गिरा। किसी जिले में बारिश सामान्य है या कम-ज्यादा, यह उसके लंबे समय के औसत यानी सामान्य आंकड़े से तुलना करके तय किया जाता है।
आमतौर पर सामान्य से 19% तक का अंतर सामान्य, 20% से 59% ज्यादा बारिश एक्सेस और 20% या उससे ज्यादा कमी डेफिशिएंट मानी जाती है।
इसलिए किसी जिले में 31.5 इंच बारिश होने के बावजूद वह सामान्य से कम हो सकती है, जबकि दूसरे जिले में यही बारिश सामान्य से ज्यादा हो सकती है। इसका कारण दोनों जिलों की सामान्य बारिश अलग-अलग होना है।