आज का बचपन एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बच्चों में तेजी से बढ़ता मोटापा अब केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि हमारी बदलती जीवनशैली का स्पष्ट संकेत बन चुका है। घंटों मोबाइल और टीवी स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय, खेल के मैदानों से बढ़ती दूरी और जंक फूड की सहज उपलब्धता इन तीनों ने मिलकर बच्चों की स्वाभाविक सक्रियता को सीमित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड विकार जैसी बीमारियाँ कम उम्र में ही सामने आने लगी हैं। साथ ही, आत्मविश्वास में कमी, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियाँ भी तेजी से उभर रही हैं। छत्तीसगढ़ में बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। पोषण, स्वास्थ्य और जन-जागरूकता से जुड़े अभियानों को गाँव-गाँव तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे हर परिवार तक सही जानकारी और सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु पोषण को केंद्र में रखते हुए अनेक पहलें संचालित की जा रही हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि बच्चों का समग्र विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि परिवार और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही संभव है। स्थानीय खाद्य परंपराओं को पुनर्जीवित करना, माताओं को पोषण के प्रति जागरूक करना और बच्चों के लिए संतुलित आहार सुनिश्चित करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
पारंपरिक आहार: समाधान की मजबूत नींव राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2026 इस बात को पुनः रेखांकित करता है कि स्वस्थ जीवन का रास्ता हमारी अपनी रसोई से होकर गुजरता है। रागी, बाजरा, ज्वार, कोदो-कुटकी जैसे मिलेट्स पोषण का समृद्ध स्रोत हैं। ये न केवल बच्चों के वजन को संतुलित रखने में सहायक हैं, बल्कि पाचन को बेहतर बनाते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। रागी की इडली, बाजरे का उपमा और कोदो की खिचड़ी जैसे व्यंजन स्वाद और स्वास्थ्य का संतुलित संगम प्रस्तुत करते हैं।
पोषण से आगे: समग्र विकास की जिम्मेदारी
बच्चों का स्वास्थ्य केवल भोजन तक सीमित नहीं है। यह एक साझा जिम्मेदारी है, जिसमें परिवार, विद्यालय और समाज सभी की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। जब माता-पिता बच्चों की थाली में विविधता और संतुलन सुनिश्चित करते हैं, शिक्षक पढ़ाई के साथ खेल को भी समान महत्व देते हैं और समाज बच्चों को उनके वजन से नहीं बल्कि उनकी ऊर्जा और जिज्ञासा से आंकता है तभी स्वस्थ और आत्मविश्वासी पीढ़ी का निर्माण संभव होता है।
पहले 1,000 दिन: भविष्य की नींव वैज्ञानिक दृष्टि से गर्भधारण से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यही वह अवधि है, जब बच्चे के मस्तिष्क का सबसे तेज विकास होता है। जन्म के समय जहाँ मस्तिष्क का विकास लगभग 30 प्रतिशत होता है, वहीं पाँच वर्ष की आयु तक यह 90 प्रतिशत तक पहुँच जाता है। इस दौरान माँ का पोषण, परिवार का स्नेह और सकारात्मक वातावरण बच्चे के मानसिक और भावनात्मक विकास की मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं।
“7 स्टार भोजन थाली”: संतुलित पोषण का सरल मॉडल “7 स्टार भोजन थाली” एक ऐसी अवधारणा है, जो संतुलित और विविध आहार के महत्व को रेखांकित करती है। इसमें विभिन्न पोषक तत्वों अतिरिक्त कैलोरी प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, तरल पदार्थ और विटामिन की पर्याप्त मात्रा का समावेश कर माँ और बच्चे दोनों के लिए आवश्यक पोषण सुनिश्चित किया जाता है। यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण का आधार है। कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याएँ न केवल माँ को प्रभावित करती हैं, बल्कि बच्चे के जन्म के समय वजन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मस्तिष्क विकास पर भी गहरा असर डालती हैं।
आदतों में बदलाव से बनेगा बेहतर कल पोषण पखवाड़ा हमें यह संदेश देता है कि स्वास्थ्य कोई सीमित समय का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर विकसित होने वाली संस्कृति है। यह संस्कृति हर घर की रसोई, हर स्कूल के टिफिन और हर मोहल्ले के खेल मैदान में विकसित होती है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी प्राथमिकताओं को बदलें मोबाइल से मैदान की ओर, जंक फूड से पारंपरिक आहार की ओर और लापरवाही से जागरूकता की ओर। क्योंकि स्वस्थ बचपन ही सशक्त छत्तीसगढ़ और समृद्ध भारत की सबसे मजबूत नींव है।
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक संचालक जनसंपर्क तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद कोरबा को सदस्य बनाया गया है। अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न जनभागीदारी एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’, ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘जल जन सेवा संकल्प’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शासकीय अमले एवं उपलब्ध संसाधनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान आयोजित होने वाली प्रत्येक गतिविधि का फोटो एवं वीडियो अभिलेखीकरण करते हुए जिलेवार प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रचार-प्रसार एवं सोशल मीडिया गतिविधियों में शासन द्वारा निर्धारित हैशटैग, फ्रेम एवं लोगो का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी आयोजनों में वित्तीय मितव्ययिता बरतते हुए उपलब्ध शासकीय संसाधनों एवं अधोसंरचना का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय तथा निर्धारित कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग करेगी। अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए जनभागीदारी के माध्यम से सेवा एवं विकास गतिविधियों को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाना है।
कोरबा 10 सितंबर 2026। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशन में 8 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर में इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब के अंतर्गत रीजनल कॉन्फ्रेस ऑन ईएलसी एंड ईसीआईनेट का आयोजन किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार आयोजित उक्त कार्यक्रम के पूर्व तैयारी हेतु दिनांक 10.09.2026 को कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के उच्च अधिकारियों द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई। उक्त वीडियो कांफ्रेंस में श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सतीश प्रकाश सिंह सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी एवं विधानसभा स्तरीय ईएलसी नोडल अधिकारी सहायक प्राध्यापकगण,स्वीप नोडल अधिकारी, सामान्य निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित हुए। उक्ताशय की जानकारी देते हुए सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि राज्य स्तरीय वीडियो कांफ्रेंस में 8 अक्टूबर 2026 के रीजनल कॉन्फ्रेस की समुचित तैयारी तथा समस्त जिलों के स्कूलों, कॉलेजों एवं यूनिवर्सिटी में गठित इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब के गठन एवं ईसीआई नेट पर ऑनबोर्डिंग की स्थिति की समीक्षा की गई। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि राजधानी रायपुर में आयोजित किए जा रहे रीजनल कॉन्फ्रेस ऑन ईएलसी के कार्यक्रम में कोरबा जिले से प्रत्येक विधानसभा से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चिन्हांकित शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों, हाई स्कूल हायर सेकेंडरी, उच्च शिक्षण संस्थानों से चयनित किए जाने वाले युवा छात्र-छात्राये, ईएलसी के प्रभारी नोडल अधिकारी, विधान सभा इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब म्स्ब् के प्रभारी नोडल अधिकारी कोऑर्डिनेटर आदि सम्मिलित होंगे। उन्होंने बताया कि इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब म्स्ब् के गठन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रियाओं तथा भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका व कार्यप्रणाली से परिचित कराना हैं। इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब के गठन का उद्देश्य हर युवा भारतीय नागरिक को भारत की चुनावी प्रणाली प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भागीदार बनाना हैं।
गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सुविधा से नहीं किया गया वंचित
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। कोरबा विकासखण्ड के ग्राम राजाडाही निवासी गर्भवती महिला श्रीमती माधुरी तिर्की को जांच के दौरान पेट में दर्द की शिकायत थी। सूचना प्राप्त होने पर मितानिन द्वारा महिला को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की कार्यवाही की गई। महिला को दिनांक 07 सितम्बर 2026 को लगभग प्रातः 9.30 बजे उप स्वास्थ्य केन्द्र बासिन ले जाया गया, जहां पदस्थ एएनएम श्रीमती पॉलिना तिर्की द्वारा आवश्यक जांच की गई तथा चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। जांच के समय तत्काल प्रसव की स्थिति अथवा आपातकालीन प्रसव पीड़ा के स्पष्ट लक्षण नहीं पाए गए। जांच की सभी रिपोर्ट सामान्य पाई गईं। आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा मिलने के बाद महिला को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार निगरानी में रखा गया है। वर्तमान में श्रीमती माधुरी तिर्की स्वस्थ हैं। श्रीमती तिर्की की प्रसव की अनुमानित तिथि 23 सितम्बर 2026 निर्धारित है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर उपचार तथा प्रसव पूर्व आवश्यक परामर्श एवं निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मैदानी स्वास्थ्य अमले के माध्यम से लगातार सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सुविधा से वंचित नहीं किया गया। महिला के घर से मुख्य मार्ग तक की कुछ ही मीटर का रास्ता अत्यंत खराब एवं दलदली होने के कारण उक्त दूरी महिला को खाट के सहारे तय कराई गई। यह परिस्थिति स्थानीय मार्ग की भौगोलिक स्थिति के कारण उत्पन्न हुई, न कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं कराने के कारण। गर्भवती महिला को अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर मितानिन द्वारा तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की कार्यवाही की गई तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र में आवश्यक जांच, उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में राजाडाही के मार्ग के मरम्मत एवं सीसी रोड निर्माण स्थल हेतु पंचायत विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा है। यथाशीघ्र राशि आबंटन की कार्यवाही पूर्ण कर निर्माण प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही राजाडाही बस्ती को पक्के मार्ग से जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग को भी निरीक्षण करके आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चत करने के निर्देश दिए गए हैं।