छत्तीसगढ़
रायपुर : 21 फरवरी जन्मदिन पर विशेष: छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जन्मदिवस पर विशेष
रायपुर। छत्तीसगढ़ की खूबसूरत वादियों में स्थित जशपुर जिला के ग्राम बगिया में 21 फरवरी को जन्म लेने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सज्जनता और सहृदयता की एक मिसाल है। दो वर्ष के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में छत्तीसगढ़ राज्य में विकास का एक नया आयाम गढ़ने वाले तथा प्रदेश के नागरिकों के दिलों में राज करने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपनी लोकप्रियता के शिखर पर विद्यमान है। विष्णुदेव साय जनता के बीच के एक ऐसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं जिनकी सदाशयता और दूरगामी योजनाओं से प्रदेश में विकास और प्रगति का राह आसान हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी पृष्ठभूमि से आते हैं।
केबिनेट बैठक में राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान पुत्र हैं वे किसानों की पीड़ा को भलीभांति जानते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी। किसान हितैशी सरकार के इस निर्णय से बाजार भी गुलजार होंगे, जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिखाई देगा, ट्रैक्टर आदि की बिक्री में वृद्धि होगी।
प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति से राज्य में अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दो साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की जनता के बीच जाकर जनता का न केवल विश्वास जीता है बल्कि उनके हित को ध्यान में रखकर उन्होंने ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है जिससे छत्तीसगढ़ का समग्र विकास सम्भव हो पाया है। यह केवल और केवल विष्णुदेव साय जैसे एक संवेदनशील, कर्मठ तथा ऊर्जावान मुख्यमंत्री ही सम्भव कर सकते हैं।
विष्णु देव की सुशासन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने मातृशक्ति का सम्मान करते हुए 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश के 42 हजार 878 महिला स्व- सहायता समूहों को आसान ऋण से अब तक 129.46 करोड़ रूपए का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रूपए की सहायता राशि दी गई है। राज्य की 19 लाख से अधिक महिलाओं को पूरक पोषण आहार सुनिश्चित की गई है। महिला सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 की स्थापना की गई है। महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायत स्तर पर 52.20 करोड़ की लागत से 179 महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु 200 करोड़ की लागत से नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा आवास और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रख कर अब तक 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति किए गए हैं। स्वच्छ पेयजल सबका अधिकार है। प्रदेश के 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं से प्रदेश के 3208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य के शत्-प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।
डबल इंजन की सरकार में रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के साथ रेल नेटवर्क मैप से बस्तर जुड़ रहा है। जगदलपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-विशाखापट्नम नई सड़क परियोजनाओं से विकास की नई राहें खुल रही है। प्रदेश के 32 नगरीय निकायों में नॉलेज बेस्ड सोसाइटी हेतु लाइट हाउस निर्माण की पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने प्रदेश के हर वर्ग की बुनियादी सुविधाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीएम आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, नियद नेल्ला नार, अखरा निर्माण योजना जैसी योजनाओं का शुभारम्भ किया है और जनता के बीच अपनी एक अलग छवि निर्मित की है।
मुख्यमंत्री श्री साय जनता के बीच और हर समुदाय के बीच एक ऐसा पुल बनाना जानते हैं जिससे सभी एक दूसरे से जुड़ सके और सभी प्रदेश के हित में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह भी कर सके। उन्होंने अपने जीवन का बहुमूल्य समय पद्रेश की जनता को समर्पित कर यह सिद्ध कर दिया है कि उनका जीवन केवल उनका नहीं है अपितु प्रदेश की जनता की निः स्वार्थ सेवा के लिए समर्पित है। वे सही मायने में एक ऐसे जननेता हैं जिनके लिए जनता ही सब कुछ हैं। ऐसे सेवाभावी और लोकप्रिय जनसेवक बहुत कम होते हैं जिनके लिए जनता का विकास और जनता का साथ ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अब तक का कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व ईमानदार, समर्पित और जनता की आकांक्षाओं से जुड़ा हो तो विकास की राह कठिन नहीं होगी।
• छगन लाल लोन्हारे
(उप संचालक जनसंपर्क)
छत्तीसगढ़
रायपुर : जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना
छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक
रायपुर। भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census) का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।
डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।
इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी
प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी (Self-Enumeration ID) प्रगणक को बतानी होगी।
जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
निगरानी
जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।
जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

छत्तीसगढ़
शराब के लिए पैसे मांगने और गाली-गलौज करने वाला गिरफ्तार: बलौदा पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र में शराब के लिए पैसे मांगने और गाली-गलौज करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला 10 अप्रैल को लव कुमार तिवारी द्वारा बलौदा थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। तिवारी ने बताया कि 9 अप्रैल की सुबह लगभग 11 बजे वह शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्वे (ब) में मौजूद थे।

गर्भवती महिलाओं की तस्वीरें खींच रहा था आरोपी
इसी दौरान ग्राम जर्वे (ब) निवासी कृष्ण मोहन पाण्डेय उर्फ अंकु पाण्डेय (30) अपने कुत्ते के साथ अस्पताल पहुंचा और वजन कराने लगा। आरोप है कि वह अस्पताल में मौजूद गर्भवती महिलाओं की तस्वीरें भी खींच रहा था। जब उसे ऐसा करने से रोका गया, तो वह भड़क गया।
पाण्डेय ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर उसने लव कुमार तिवारी को मां-बहन की अशोभनीय गालियां दीं और दुर्व्यवहार किया। शिकायत के आधार पर बलौदा थाना में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 119(1) और 296 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी कृष्ण मोहन पाण्डेय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

छत्तीसगढ़
‘SIR से न सीएम योगी खुश, न अखिलेश’:ज्योतिबा फुले की जयंती मनाने लखनऊ पहुंचे भूपेश बघेल, बोले- उन्होंने महिला शिक्षा पर काम किया
लखनऊ/रायपुर,एजेंसी। लखनऊ में कांग्रेस आज (11 अप्रैल को) ज्योतिबा फुले की जयंती मना रही है। यहां छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे। उन्होंने SIR पर कहा कि इस प्रक्रिया से न सीएम योगी खुश हैं और न ही विपक्ष के नेता अखिलेश यादव। जब सरकार में बैठे लोग ही SIR से संतुष्ट नहीं हैं तो इसमें हम अपना क्या ही बताएं।

ज्योतिबा फुले के लिए कहा कि उन्होंने महिलाओं के लिए स्कूल खोले। महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। बता दें कि लखनऊ में ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती कांग्रेस वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस के रूप में मना रही है।


इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में कांग्रेस के नेताओं का जुटान हुआ है।

ऑडिटोरियम में कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी बैठे हुए हैं।

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