छत्तीसगढ़
रायपुर : राज्य स्तरीय रोजगार मेला 9 से 10 अक्टूबर को रायपुर में
ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के रोजगार एवं प्रशिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा राज्य स्तरीय रोजगार मेला रायपुर में आगामी 9 और 10 अक्टूबर 2025 को आयोजन किया जाएगा। इस मेले में शामिल होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को विभाग की वेबसाइटhttps://erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। विभागीय मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने युवाओं से अपील की है कि वे समय रहते ऑनलाइन पंजीयन अवश्य कराएँ और इस राज्य स्तरीय रोजगार मेले का लाभ उठाएँ।
रोजगार उपलब्ध कराने वाली कंपनियाँ
राज्य स्तरीय रोजगार मेले में जिंदल स्टील रायपुर, एयरटेल पेमेंट बैंक, ऑटो सेंटर बिलासपुर, राजस्थान कपड़ा मिल, सतलज कपड़ा इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। इसी प्रकार रिलायंस निप्पोन, रुद्र इंटरप्राइज, शांता टेक्नो, सन ब्राइट, ट्रेडमेन गारमेंट्स, कॉसमॉस मैनपावर, जीनियस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, हाईक एजुकेशन, आइकॉन सोलर, न्यू लाइफ, पीएचडीए ग्लोबल सॉल्यूशन सहित अनेक प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध है।
पद और वेतनमान
रोजगार मेला में अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता पाँचवीं पास से लेकर आईटीआई, स्नातक एवं उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध रहेंगे। चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 8 हजार से 40 हजार रुपये तक का वेतनमान प्रदान किया जाएगा। उपलब्ध पदों में वितरक बॉय, बैंक सहायक, फार्मासिस्ट, मशीन ऑपरेटर, बिक्री सलाहकार, ड्राइवर के पद शामिल हैं। इसी प्रकार ट्रेनी ऑपरेटर, सहायक, सिलाई ऑपरेटर, इंजीनियर, एक्स-रे एवं लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, टेलीकॉलर, कलेक्शन ऑफिसर, इलेक्ट्रीशियन, टर्नर, फ़िटर, वेल्डर, सुरक्षा गार्ड, बीमा सलाहकार, सुपरवाइजर, हाउसकीपिंग स्टाफ, कंप्यूटर ऑपरेटर, कृषि अधिकारी, फील्ड ऑफिसर, डॉक्टर और ग्राहक सेवा कर्मचारी शामिल हैं।
रोजगार उपलब्ध कराने वाले राज्य और शहर
इस मेले के माध्यम से रोजगार के अवसर न केवल छत्तीसगढ़ के सभी जिलों एवं प्रमुख शहरों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, कोरबा और रायगढ़ में बल्कि अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में भी उपलब्ध होंगे। इस आयोजन में प्रमुख शहरों में बैंगलुरु, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, नोएडा और औरंगाबाद को भी शामिल किया गया हैं।
छत्तीसगढ़
रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी लापता, खोजबीन पर मिली बाइक:8 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, बेटे से संपत्ति विवाद, परिवार ने दी आंदोलन की चेतावनी
मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत पिछले 8 दिनों से लापता हैं। पुलिस को अब तक रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी का कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार वाले किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित हैं और अब सामाजिक स्तर पर उग्र आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। यह मामला लोरमी थाना क्षेत्र का है।

झाफल निवासी 62 वर्षीय दामोदर सिंह राजपूत 21 मार्च की सुबह अचानक लापता हो गए थे। वे शिक्षा विभाग में वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पद से कुछ महीने पहले ही रिटायर हुए थे और अपनी पत्नी के साथ मुंगेली में रहते थे।
नवरात्रि में दुर्गा पूजा के दौरान, दामोदर सिंह 21 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे अपने गांव झाफल जाने के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे। उन्होंने सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर अपने बड़े भाई बलबीर सिंह से बात की और जल्द ही गांव पहुंचने की जानकारी दी थी।
मनोहरपुर के पास लावारिस मिली बाइक
हालांकि, जब देर शाम तक दामोदर घर नहीं पहुंचे, तो परिवार वालों ने उनके फोन पर कॉल किया, लेकिन उनका मोबाइल बंद बताने लगा। देर रात तक उनका कहीं कोई पता नहीं चला। अगले दिन उनकी खोजबीन करने पर उनकी बाइक मनोहरपुर के पास लावारिस हालत में पड़ी मिली।

मोटरसाइकिल में एक बैग भी लटका हुआ था, जिसे दामोदर सिंह अपने साथ लेकर घर से निकले थे। पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त कर थाने ले आई।
बेटे से संपत्ति को लेकर चल रहा था विवाद
परिवार वालों ने मामले की रिपोर्ट लालपुर थाना में दर्ज कराई है। दामोदर के भाइयों के अनुसार, लापता दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय सिंह से संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर पहले भी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
21 मार्च से लापता हुए दामोदर का 8 दिन गुजर जाने के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की साइबर टीम दामोदर के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। परिवार वाले अब इस मामले पर उग्र आंदोलन करने की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच करने का भरोसा दिला रही है।
छत्तीसगढ़
बिजली-कंपनी का कर्मचारी बनकर ठगे 1.64 लाख:एम्स के नर्सिंग-ऑफिसर को कॉल कर APK फाइड डाउनलोड कराया, ब्लिंकिट-एप्पल कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर किए पैसे
रायपुर,एजेंसी। राजधानी रायपुर के आमानाका थाना इलाके में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। एम्स रायपुर में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर को बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर जालसाज ने ठग लिया। ठगों ने केवाईसी और वेरिफिकेशन के नाम पर APK फाइल भेजकर 1.64 लाख रुपए पार कर दिए।
पुलिस के अनुसार, हीरापुर स्थित हर्षित विहार में रहने वाले हरकेश सिंह यादव (36) सरोना में अपना नया मकान बनवा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने चंगोराभाठा बिजली ऑफिस में नए कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। 25 मार्च को उनके घर पर मीटर लगा। अगले दिन 26 मार्च को उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया।

नर्सिंग ऑफिसर ने नया मीटर कनेक्शन का आवेदन दिया और ठगों का कॉल उसके पास अगले दिन ही पहुंच गया।
नए मीटर का वेरिफिकेशन कराने दिया झांसा
कॉलर ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि, आपके नए मीटर का वेरिफिकेशन बाकी है। जालसाज ने हरकेश को झांसे में लेकर व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे इंस्टॉल कर अपनी डिटेल भरने को कहा।

ठग ने हरकेश को उसके मीटर का असली BP नंबर भी बताया। जिससे हरकेश को उस पर भरोसा हो गया। फॉर्म भरने के बाद ठग ने 13 रुपए की फीस जमा करने को कहा। जैसे ही हरकेश ने अपने HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरकर सबमिट की, उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ मैसेज आने लगे।

आमानाका पुलिस ने मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
ब्लिंकिट-एप्पल कंपनी को किया भुगतान
आमानाका पुलिस के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। ठगों ने पीड़ित के अकाउंट से पहले ट्रांजेक्शन ब्लिंकिट और दूसरा ट्रांजेक्शन एप्पल कंपनी के खाते में किया है। पीड़ित की शिकायत के बाद मामले में जांच शुरू कर दी गई है।

छत्तीसगढ़
तरबूज के नीचे बोरियों में छिपाया 1.12 करोड़ का गांजा:पिकअप में ओडिशा से यूपी ले जा रहे तस्कर, महासमुंद में चेकिंग में पकड़े गए
महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने पिकअप वाहन से 2 क्विंटल 25 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत 1 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए है। गांजे को 6 आरोपी ओडिशा के संबलपुर जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ले जा रहे थे।
महासमुंद पुलिस के मुताबिक पिकअप वाहन में तरबूज भरे हुए थे। तरबूज के नीचे गांजे की बोरियां थीं। इसके साथ ही इस गाड़ी को सुरक्षित निकालने के लिए आगे-आगे एक कार भी चल रही थी। इस कार में 4 लोग बैठे थे, जो रास्ते पर नजर रख रहे थे कि कहीं पुलिस दिखे तो पीछे वाले पिकअप को अलर्ट कर दें।

एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने चेकिंग के दौरान पिकअप वाहन और कार दोनों को जब्त कर लिया है। उसमें सवार 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें चार आरोपी उत्तर प्रदेश और 2 मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। यह सिंघोड़ा थाना क्षेत्र का मामला है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़ की सीमा पर NH-53 स्थित रेहटीखोल के पास पिकअप से गांजा जब्त।

पिकअप को सुरक्षित निकालने के लिए आगे चल रही एक कार को पुलिस ने जब्त कर उसमें सवार 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े 6 आरोपियों में चार उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि दो मध्य प्रदेश निवासी हैं।
दरअसल, सिंघोड़ा थाना प्रभारी संतोष सिंह को शुक्रवार को सोर्स से जानकारी मिली थी कि एक पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में गांजा लोड है, जो ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर है। वाहन में 2 लोग सवार हैं। सोर्स ने पिकअप नंबर (OD15V4676) भी बताया।
इसके साथ ही गांजा लोड पिकअप वाहन के आगे चल रही कार (UP96Q3658) के बारे में भी जानकारी मिली, जो प्रोटेक्शन के लिए आगे-आगे चल रही थी। सूचना मिलते ही सिंघोड़ा पुलिस एक्टिव हो गई।
सिंघोड़ा पुलिस अपनी टीम के साथ ओडिशा-छत्तीसगढ़ की सीमा पर एनएच-53 स्थित रेहटीखोल के पास पहुंची। पुलिस ने रेहटीखोल के पास नाकाबंदी कर गाड़ियों की जांच शुरू की।
इसी दौरान एक हुंडई कार और उसके पीछे आ रहे पिकअप वाहन को पुलिस ने चेक पोस्ट पर रोका। पिकअप वाहन में तरबूज लोड था। पिकअप वाहन का नंबर OD15V 4676 था, जबकि यूपी नंबर की कार (UP96Q3658) में चार लोग सवार थे।
पुलिस ने शक होने पर पिकअप वाहन और कार में सवार लोगों से पूछताछ की।
शक में पुलिस ने ली तलाशी
इस दौरान चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पिकअप वाहन के ड्राइवर से लोड सामान के बारे में पूछा। पिकअप में सवार लोगों ने बताया कि वाहन में सिर्फ तरबूज भरा हुआ है।
तलाशी में पिकअप से 2 क्विंटल 25 किलो गांजा बरामद
इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी शुरू की, तभी वाहन में तरबूज के नीचे प्लास्टिक की बोरियों में छुपाया गया गांजा बरामद हुआ। पुलिस को तलाशी में 9 बोरियों में 2 क्विंटल 25 किलो गांजा मिला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कार और पिकअप में सवार 6 आरोपियों को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा को ओडिशा के संबलपुर से उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ले जा रहे थे।

एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान कुल 1 करोड़ 25 लाख 20 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसमें 2 क्विंटल 25 किलो गांजा, एक पिकअप वाहन, एक हुंडई कार और 6 मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है, उनमें सतीश गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, सूरज गुप्ता, योगेश कुशवाहा उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि हरिबाबू वर्मा, रामबाबू वर्मा मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
लगातार जारी है अभियान
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने, सोर्स और डेस्टिनेशन प्वाइंट पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है।
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