छत्तीसगढ़
5000 अमेरिकी डायमंड से बना राम मंदिर नेकलेस
2 किलो चांदी भी लगी, सूरत के हीरा व्यापारी राम मंदिर को गिफ्ट करेंगे
सूरत (एजेंसी)। सूरत के हीरा व्यापारी कौशिक काकाडिय़ा ने राम मंदिर की थीम पर एक नेकलेस बनाया है। इस नेकलेस में 5000 से ज्यादा अमेरिकी हीरे और 2 किलो चांदी लगाई गई है। इसे अयोध्या के राम मंदिर के लिए गिफ्ट किया जाएगा। रसेश ज्वेल्स के निदेशक काकाडिय़ा ने सोमवार (18 दिसंबर) को कहा- हमने अयोध्या के नए राम मंदिर से प्रेरित होकर ये नेकलेस बनाया है। इसे बिजनेस के उद्देश्य से नहीं बनाया गया है। हम इसे राम मंदिर को गिफ्ट करना चाहते हैं। रामायण के मुख्य किरदार को इस नेकलेस की स्ट्रिंग में तराशा गया है। अयोध्या में श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होनी है। इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेता-अभिनेता और उद्योगपति पहुंचेंगे। आम लोगों 23 जनवरी से भगवान राम के दर्शन कर सकेंगे। 24 जनवरी से 48 दिनों तक विशेष मंडल पूजा होगी।
एक किलो सोने से बनी चरण पादुकाएं

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को भगवान श्रीराम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनकी चरण पादुकाएं भी रखी जाएंगी। ये चरण पादुकाएं एक किलो सोने और सात किलो चांदी से बनाई गई हैं।फिलहाल ये पादुकाएं देशभर में घुमाई जा रही हैं। इन्हें हैदराबाद के श्रीचल्ला श्रीनिवास शास्त्री ने बनाया है। इसी सिलसिले में रविवार 17 दिसंबर को इन्हें रामेश्वर धाम से अहमदाबाद लाया गया। यहां से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग धाम, द्वारकाधीश नगरी और इसके बाद बद्रीनाथ ले जाई जाएंगी। श्रीचल्ला श्रीनिवास इन पादुकाओं को हाथ में लेकर अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर की 41 दिन की परिक्रमा भी कर चुके हैं।
4 हजार संत, 2 हजार व्हीआईपी आमंत्रित किए गए
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि 22 जनवरी को अभिषेक समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। आमंत्रित लोगों की जानकारी देते हुए राय ने कहा कि आडवाणी और जोशी स्वास्थ्य और उम्र संबंधी कारणों से अभिषेक समारोह में शामिल नहीं हो सकते हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा से मिलने और उन्हें समारोह का आमंत्रण देने के लिए तीन सदस्यों वाली टीम बनाई गई है। समारोह के लिए लगभग 4000 संतों और 2200 अन्य मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। साथ ही छह दर्शनों (प्राचीन विद्यालयों) के शंकराचार्य और लगभग 150 साधु-संत भी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेंगे।
छत्तीसगढ़
दंतेवाड़ा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में कार्यों के निरीक्षण का तीसरा दिन
जावंगा कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा



दंतेवाड़ा। बस्तर संभाग में कार्यों के निरीक्षण और उनकी प्रगति की समीक्षा के लिए निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज तीसरे दिन दंतेवाड़ा जिले में कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा। उन्होंने गीदम के पास जावंगा शासकीय महाविद्यालय के नए भवन के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। 4 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से इस सर्वसुविधायुक्त कॉलेज भवन का निर्माण किया जा रहा है।




उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाकर भवन का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भवन में जितनी जल्दी हो सके, कॉलेज प्रारंभ होना चाहिए। इससे दंतेवाड़ा के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता का सर्वसुविधायुक्त कालेज मिलेगा।




श्री साव ने ग्राम टेकनार में जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने दो घरों में जाकर नल से जल की आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्राम पंचायत और जनभागीदारी के माध्यम से नल जल योजना के संचालन-संधारण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया।
श्री साव ने दंतेवाड़ा नगर पालिका में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन देखा। उन्होंने मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) पहुंचकर स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा और उनके काम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और उसके सेग्रीगेशन के बारे में भी पूछा। श्री साव ने स्वच्छता दीदियों से मिलकर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। विधायक चैतराम अटामी, कलेक्टर देवेश ध्रुव और दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता भी इस दौरान मौजूद थीं।
कोरबा
विश्व साइकिल दिवस पर स्वस्थ जीवन व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती साइकिल रैली संपन्न
बच्चों से लेकर अधिकारियों ने उत्साह से लिया हिस्सा
कोरबा। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग, कोरबा द्वारा ‘‘रविवार साइकिल के नाम’’ अभियान के अंतर्गत साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ एसईसीएल वालीबॉल मैदान से हुआ, जो मुड़ापार बाजार चौक, डीएवी विद्यालय मार्ग, हेलिपैड, घंटाघर तथा हनुमान मंदिर (सुभाष ब्लॉक कॉलोनी) होते हुए जी.एम. परिसर के मार्ग से पुनः एसईसीएल वॉलीबॉल मैदान पहुंचकर संपन्न हुई।

साइकिल रैली में पुलिस विभाग से रक्षित निरीक्षक अनंत राम पैकरा, नगर पालिक निगम सचिव रामेश्वर सिंह, वॉलीबॉल संघ से सुशील गर्ग, स्काउट-गाइड प्रभारी सुश्री उत्तरा कैवर्त एवं श्री दिगंबर सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, स्काउट-गाइड सदस्य, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिक निगम, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

रैली में स्कूली बच्चों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित लगभग 250 लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को साइकिल उपयोग के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनसामान्य को प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में वॉलीबॉल संघ, व्यायाम शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं का विशेष योगदान रहा।
कोरबा
अनुभव और आधुनिक तकनीक का संगम – कृषक मान सिंह कंवर ने सराही नई तकनीकें, बेहतर सुविधाओं से सशक्त हो रहे किसान
समय पर खाद-बीज और उर्वरकों की उपलब्धता से खेती हुई आसान, नैनो उर्वरकों को बताया लाभकारी
कोरबा। कोरबा जिले के ग्राम नवापारा निवासी अनुभवी कृषक मान सिंह कंवर वर्षों से कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि में खेती करने वाले श्री कंवर के लिए कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक और सामाजिक मजबूती का आधार भी रही है। लंबे अनुभव के आधार पर वे बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं।

उन्होंने कहा कि पहले किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधनों, खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब शासन की किसान हितैषी योजनाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण स्थिति काफी बदल चुकी है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती की तैयारी सुगमता से हो रही है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों को खाद, बीज एवं उर्वरक सरल प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
श्री कंवर ने कहा कि वर्तमान में खेती की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उनके बच्चों द्वारा संभाली जा रही है, लेकिन बढ़ती उम्र के बावजूद उनका खेती के प्रति उत्साह और लगाव आज भी बना हुआ है। वे नियमित रूप से खेती-किसानी से जुड़े विषयों पर जानकारी लेते हैं और नई तकनीकों को अपनाने के लिए परिवार को प्रेरित करते हैं।
उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि समय के साथ बदलती तकनीकों को स्वीकार करना आवश्यक है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ती है और खेती अधिक लाभकारी बनती है। नैनो उर्वरकों के संबंध में उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं। इनके उपयोग से कम लागत में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं, फसलों की वृद्धि में सहायता मिलती है तथा पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इनका उपयोग अधिक सुविधाजनक और प्रभावी है। साथ ही नैनो उर्वरक मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी सहायक हैं।
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