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कोरबा

सूरज से राहत, बिजली में बरकत, अब गर्मी से नहीं, गर्मी में होती है कमाई

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पहले बिजली बचाते थे डर से, अब बिजली चलाते हैं गर्व से

कोरबा। जहाँ कभी बिजली की खपत और बिल की चिंता होती थी, अब वहीं मुफ्त बिजली आत्मनिर्भरता की पहचान बन चुकी है। भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई यह महत्वाकांक्षी योजना आज न केवल देश की ऊर्जा आवश्यकता को हरित विकल्पों से जोड़ रही है, बल्कि आम जनजीवन को आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रही है। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत कसनिया ग्राम में निवासरत संजय अग्रवाल इसका जीवंत उदाहरण हैं।

पेशे से व्यवसायी संजय अग्रवाल के व्यवसाय में फ्रिज, पंखे, कूलर, कंप्यूटर जैसे कई विद्युत उपकरण चलते रहते थे, जिससे बिजली की खपत काफी अधिक होती थी। हर माह बिजली बिल का भुगतान करना वे एक स्थायी समाधान की तलाश में थे। जब उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना समय गंवाए आवेदन किया। योजना के तहत उन्होंने 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल अपने मकान की छत पर स्थापित कराया। इस सोलर संयंत्र ने उनकी अधिकतम बिजली आवश्यकताओं को पूरा करना शुरू कर दिया। अब श्री अग्रवाल का बिजली बिल शून्य के करीब आ चुका है। इतना ही नहीं, जब उनके द्वारा उत्पन्न सौर ऊर्जा की खपत से अधिक यूनिट बनते हैं, तो वे ग्रिड में वापस भेज दिए जाते हैं, जिससे उन्हें सब्सिडी के रूप में अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता है।
श्री अग्रवाल बताते हैं कि योजना से जुड़ने की प्रक्रिया बेहद सहज और पारदर्शी रही। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया, जिसके बाद स्थानीय विद्युत विभाग की सहायता से सोलर पैनल का निरीक्षण और स्थापना समय पर पूरी की गई। उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। सौर ऊर्जा से न केवल उनके घर की जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि अब वे बिजली जाने की चिंता से भी मुक्त हो चुके हैं। श्री अग्रवाल कहते हैं, “अब बिजली कभी नहीं जाती, जितनी तेज धूप होती है, उतनी ही ऊर्जा घर में स्टोर हो जाती है। यह योजना सिर्फ रोशनी नहीं लाती, बल्कि सोच में भी बड़ा बदलाव लाती है।“ उनका मानना है कि यह योजना सिर्फ एक घरेलू सुविधा नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस पहल है। सौर ऊर्जा के उपयोग से वो हर कार्बन उत्सर्जन की बचत कर रहे हैं। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण देने की जिम्मेदारी भी।
यह स्पष्ट करती है कि सरकारी योजनाएं का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन से आम नागरिकों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाती हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने न केवल उनके बिजली खर्च को समाप्त किया, बल्कि उन्हें स्वावलंबन और पर्यावरण चेतना का प्रतीक बना दिया है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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