रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में सोमवार सुबह यूपी के मेरठ जैसी वारदात को अंजाम दिया गया। धारदार हथियार से एक युवक का गला काटा, फिर शव को सूटकेस के अंदर डाला और सीमेंट का मोटा प्लास्टर चढ़ा दिया। मामले में पुलिस ने रिटायर्ड एएसआई के बेटे अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
मृतक युवक की पहचान किशोर पैंकरा के रूप में हुई है। अंकित वारदात का मास्टरमाइंड है। वो पेशे से वकील भी है। लाश फेंकने ले जाते वक्त पति और पत्नी CCTV कैमरे में कैद हुए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली फरार हो गए थे।
गोलबाजार इलाके में पति-पत्नी ने टीन की पेटी खरीदी फिर उसे ई-रिक्शा से ले गए थे।
बदबू आने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद सूटकेस से शव को निकाला गया।
गोलबाजार इलाके में पति-पत्नी ने इसी दुकान से पेटी खरीदी थी।
लाश को ठिकाने लगाने के दौरान CCTV में कैद हुए
मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र के रायपुरा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेज-2 का है। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी लाश को टीन की बड़ी पेटी के अंदर डालकर फेंकने ले जा रहे हैं। कार में 2 लोग सवार हैं। वहीं कार के आगे-पीछे स्कूटी सवार एक संदिग्ध युवती भी मंडरा रही थी।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने चालाकी से कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदात को अंजाम दिया। गाड़ी अल्टो है, लेकिन पुलिस को गुमराह करने के लिए नंबर प्लेट सेन्ट्रो का इस्तेमाल किया गया। सामने पूरा नम्बर प्लेट है, लेकिन पीछे से नंबर प्लेट को तोड़ा गया।
इसी पेटी में सूटकेस सहित शव को रखा गया था।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, रायपुर के रायपुरा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेज-2 के पास पेटी में रखकर युवक की सड़ी हुई लाश फेंकी गई है। दोपहर बाद से पूरे इलाके में लाश की गंध इतनी फैल रही थी कि शाम होते-होते लोग झाड़ियों में देखने पहुंच गए। वहां ट्रंक देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने जब ट्रंक खुलवाया तो लाश सूटकेस में ठूंसी हुई मिली। सूटकेस में सीमेंट का प्लास्टर था। फोरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार सीमेंट का मोटा प्लास्टर करने से लाश सड़ने पर दुर्गंध नहीं उठती। हत्यारों ने इसी वजह से कत्ल के बाद युवक की लाश को ट्रंक में ठूंसा, फिर उसमें सीमेंट का प्लास्टर किया।
इसके बाद चेन लगाकर सूटकेस बंद किया, फिर भी जब दुर्गंध उठने लगी तो पकड़े जाने के डर से सूटकेस को पेटी में रखकर इंद्रप्रस्थ के सुनसान इलाके में फेंक दिया।
रायपुरा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेज-2 से गुजरती हुई दिख रही है कार।
कार इंद्रप्रस्थ कॉलोनी से सुबह 9.50 बजे निकली
आरोपी ने प्लानिंग के तहत लाश को कार से लेकर गए। कार इंद्रप्रस्थ कॉलोनी से सुबह 9.50 बजे निकली। इसमें दो लोग सवार दिख रहे हैं। करीब ही एक ईवी सवार भी संदिग्ध है। जिस अल्टो कार में लाश ले जाई गई, वह सेंट्रो का नंबर है।
यह नंबर विजय भूषण के नाम पर दर्ज है। रजिस्ट्रेशन 20 साल पुराना है। झाड़ियों में जहां लाश भरी पेटी फेंकी गई है, वहां से करीब 100 मीटर दूर बस्ती है।
इसी पेटी में भरकर युवक की लाश को झाड़ियों में फेंककर आरोपी भाग निकले थे।
कार में लाश लोड कर ले गए थे आरोपी
पुलिस को इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का सीसीटीवी फुटेज मिला है। इसमें ट्रंक एक पुरानी अल्टो कार में रखकर लाया जा रहा है। फुटेज के अनुसार हत्यारे सुबह करीब 9.30 बजे ट्रंक फेंकने आए थे। कार की पिछली नंबर प्लेट टूटी हुई है, लेकिन सामने की नंबर प्लेट में सीजी 04 बी- 7700 लिखा है।
जांच में पता चला है कि ये नंबर प्लेट 2005 की किसी सेंट्रो कार का है। यानी हत्यारों ने कार की नंबर प्लेट बदल दी थी।
कार के आगे-पीछे एक युवती भी जा रही है, जिससे शक है कि कहीं मेरठ जैसे वारदात तो तो अंजाम नहीं दिया गया है।
सूटकेस फाड़कर बाहर आई गई लाश
बस्तीवालों का कहना है कि सुबह आते-जाते समय उन्हें हल्की दुर्गंध आ रही थी, लेकिन दोपहर बाद गंध काफी बढ़ गई। कुछ लोगों ने झाड़ियों में ट्रंक देखा। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की टीम ने ट्रंक खुलवाया तो उसमें लाश निकली। शव फूलकर सूटकेस के कुछ हिस्से को फाड़कर बाहर आ गया था।
सूटकेस के अंदर युवक का शव मिला है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
गला काटा, हाथ-पैर बांधा और मोड़कर सूटकेस में डाला
पुलिस के मुताबिक शव बुरी तरह सड़ चुका है, लेकिन शुरुआती जांच में पता चला है कि युवक का गला कटा हुआ है। गले को किसी धारदार हथियार से काटने का अनुमान है। सूटकेस में ठूंसने के लिए उसे पूरी तरह से मोड़ा गया था। उसके हाथ-पांव को शरीर में जोड़कर बांधा गया था।
पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। साथ ही रायपुर और सरहदी जिलों के लापता युवकों की सूची से शव की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद से ही इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के आस-पास दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं।
अब जानिए कहां से खरीदी गई थी पेटी ?
ट्रंक गोलबाजार के पेटीलाइन इलाके से खरीदा गया था। ट्रंक विक्रेता शब्बीर ने बताया कि ट्रंक एक युवक और युवती ने संदिग्ध हालात में सुबह-सुबह आकर खरीदा था। शब्बीर ने पुलिस को दोनों के हुलिए की जानकारी दी।
यूपी में भी हुई थी ऐसी ही हत्या
उत्तर प्रदेश के मेरठ में इसी साल मार्च महीने में एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी थी। उन्होंने शव के टुकड़े कर उसे एक ड्रम में डालने के बाद उसमें सीमेंट का घोल भर दिया। लाश अंदर जम गई।
लोगों को पता ना चले इसलिए आरोपी ने उसे अपने घर के अंदर ही छुपा दिया था। लाश को निकालने के लिए पुलिस को भी 2 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
प्रदेश में बड़ रहा क्राइम ग्राफ- विकास उपाध्याय
पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। सुनसान जगह में छोटे सूटकेस में एक आदमी को मार कर डाल दिया गया। उस पर सीमेंट डाला गया है। फिर उसे बड़ी पेटी में डालकर आउटर में छोड़ा गया है।
विकास ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी की सरकार में अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया जा रहा है। गृहमंत्री बड़े-बड़े दावे करते है, लेकिन आज एक भी व्यक्ति यहां पर सुरक्षित नहीं है। कोई अकेले कहीं नहीं जा सकता है। अभी तक युवक की शिनाख्त भी नहीं हो पाई है।
सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।
इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।
चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।
कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।
चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।
ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।
बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।
इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।
10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।
नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।
अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।
ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।
पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल
जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।
जानिए क्या है CGPSC घोटाला
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।
इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।
एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।
दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।
छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।
कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।
चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी
तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।