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छत्तीसगढ़

स्कूली बच्चों ने बीच सड़क ऑटो को लगाया धक्का…:कांकेर में ड्राइवर पर कार्रवाई की मांग, DEO बोले- बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें पालक

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कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल जाते वक्त ऑटो के बंद होने पर ड्राइवर ने बीच सड़क बच्चों से धक्का लगवाया। इस घटना का वीडियो वहां मौजूद राहगीर ने बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना कांकेर के घड़ी चौक की बताई जा रही है।

वायरल वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे बीच सड़क पर एक खराब ऑटो को धक्का लगाते नजर आ रहे हैं।

स्कूली बच्चे खराब ऑटो को धक्का लगा रहे हैं।

स्कूली बच्चे खराब ऑटो को धक्का लगा रहे हैं।

बच्चों से ऑटो को धक्का लगाने की घटना कांकेर के घड़ी चौक की है।

बच्चों से ऑटो को धक्का लगाने की घटना कांकेर के घड़ी चौक की है।

लोगों ने इस घटना पर ड्राइवर पर कार्रवाई की मांग की है।

लोगों ने इस घटना पर ड्राइवर पर कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 अक्टूबर की है। ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे, जिस कारण वह बीच सड़क पर खराब हो गया। इसके बाद ड्राइवर ने खुद उतरने की बजाय ऑटो में बैठे बच्चों से ही धक्का लगवाया। यह देखकर राहगीरों ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं बरती, तो कभी भी ऐसी घटनाएं बड़े हादसे में बदल सकती है। लोगों ने ऑटो चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जिला पंचायत सदस्य ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए

जिला पंचायत सदस्य ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए

बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला पंचायत सदस्य ने उठाए सवाल

इस पूरे मामले पर जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर रिक्शे को धक्का लगवाना कितना उचित है, जहां हर कुछ सेकंड में तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। उन्होंने प्रशासन की चुप्पी को निंदनीय बताया।

जिला शिक्षा अधिकारी ने पालकों को बताया जिम्मेदार

जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने कहा कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए रिक्शा लगवाने की अनुमति विभाग की ओर से नहीं दी गई है। यह पालकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें।

उन्होंने बताया कि स्कूल प्राचार्यों के जरिए पालकों को समझाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन जब उनसे परिवहन या यातायात विभाग से बात करने को कहा गया, तो वे इस पर जवाब देने से बचते नजर आए।

फरवरी 2023 में सड़क हादसे में सात मासूमों की गई थी जान

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब फरवरी 2023 में कांकेर के कोरर थाना क्षेत्र में एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई थी। उस हादसे में एक ऑटो-रिक्शा और ट्रक की टक्कर में सात स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी, जब वे स्कूल से घर लौट रहे थे।

उस घटना के विरोध में व्यापारियों ने दुकानें बंद कर बच्चों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद शिक्षा, परिवहन और यातायात विभाग ने स्कूली बच्चों को रिक्शे में बिठाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया था। वर्तमान वीडियो इस प्रतिबंध के उल्लंघन और बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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