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SBI ऑफिस में सर्विस मैनेजर की शराब पार्टी…:रायपुर ट्रांसफर होने पर मनाया जश्न, फेयरवेल में दोस्तों संग छलकाए जाम, देर रात तक डांस

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बीजापुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ऑफिस में रविवार रात को शराब पार्टी की गई। SBI के सर्विस मैनेजर आशीष वॉलकर अपने दोस्तों के साथ जाम छलकाते नजर आए। इस दौरान एक स्थानीय युवक ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो भारतीय स्टेट बैंक मार्गदर्शी बैंक कार्यालय बीजापुर का है। वीडियो में दिख रहा है कि SBI सर्विस मैनेजर हाथ में शराब लिए हैं। उनके साथी भी शराब पी रहे हैं। इस दौरान 10-12 लोग कार्यालय में मौजूद थे, जो सभी बाहरी थे।

पहले शराब पार्टी की कुछ तस्वीरें देखिए…

शराब पार्टी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग शराब पीते नजर आ रहे हैं।

शराब पार्टी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग शराब पीते नजर आ रहे हैं।

ये तस्वीर SBI के सर्विस मैनेजर आशीष की है, जिनका रायपुर ट्रांसफर होने पर ऑफिस में शराब पार्टी हुई। वह शराब पीते दिख रहे हैं।

ये तस्वीर SBI के सर्विस मैनेजर आशीष की है, जिनका रायपुर ट्रांसफर होने पर ऑफिस में शराब पार्टी हुई। वह शराब पीते दिख रहे हैं।

बीजापुर में SBI के नए कार्यालय में सर्विस मैनेजर और उसके दोस्त शराब पीकर डांस करते हुए।

बीजापुर में SBI के नए कार्यालय में सर्विस मैनेजर और उसके दोस्त शराब पीकर डांस करते हुए।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीजापुर कार्यालय में पदस्थ सर्विस मैनेजर आशीष वॉलकर का ट्रांसफर रायपुर हो गया है, उनकी जगह कोई और आ गया है। ऐसे में रविवार को सर्विस मैनेजर ने अलग-अलग जगहों से अपने दोस्तों को बीजापुर बुलाया।

इस दौरान 10-12 दोस्त बीजापुर ओल्ड बस स्टैंड के पास SBI के नए ऑफिस पहुंचे। SBI को ये कार्यालय हाल ही में अलॉट हुआ है। हालांकि यहां शिफ्टिंग नहीं हुई है। जल्द शिफ्ट करने की तैयारी है, लेकिन उससे पहले सर्विस मैनेजर आशीष वॉलकर ने अपने दोस्तों के साथ जमकर शराब पार्टी की।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में विदाई पार्टी रखी गई। SBI मैनेजर शराब की बोतल से ग्लास में शराब डालते दिख रहे हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में विदाई पार्टी रखी गई। SBI मैनेजर शराब की बोतल से ग्लास में शराब डालते दिख रहे हैं।

शराब पार्टी के बारे में लोगों को कैसे पता चला ?

स्थानीय लोगों के मुताबिक नए SBI कार्यालय में लोगों की लगातार आवाजाही थी। साथ ही शोर शराबा हो रहा था। पार्टी में इतना शोर था कि मुख्य सड़क तक आवाजें सुनाई दे रही थीं। इससे आसपास के लोगों को परेशानी हो रही थी।

इसके बाद 2-3 स्थानीय लोग मोबाइल रिकॉर्डिंग चालू करके SBI कार्यालय में घुसे। इस दौरान लोग शराब पी रहे थे और नाच रहे थे। कार्यालय के अंदर शराब की कई बोतलें पड़ी थीं। चखना और गिलास समेत कई सामान बिखरा पड़ा था, जो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।

मैनेजर बोले- किसी को दिक्कत हुई तो हमें खेद है

वहीं इस पर बीजापुर SBI शाखा के मैनेजर अभय प्रताप सिंह ने बताया यह सिर्फ एक विदाई पार्टी थी, किसी को परेशान करना उद्देश्य नहीं था। अगर किसी को दिक्कत हुई हो तो हमें खेद है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि शराब पार्टी के लिए कोई अनुमति ली गई थी या नहीं।

आबकारी अधिकारी बोले- यह हमारे दायरे से बाहर

आबकारी उप निरीक्षक वतन चौधरी ने बताया कि, ऐसी कोई जानकारी उन्हें घटना के दिन तक नहीं मिली थी। अगर सार्वजनिक स्थल पर शराबखोरी का मामला होता तो आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती थी। स्टेट बैंक के परिसर में पार्टी की सूचना है।

उन्होंने कहा कि, स्टेट बैंक भवन बैंक प्रबंधन के तहत आता है। इस वजह से यह आबकारी विभाग के दायरे से बाहर है। रही बात शोरगुल और हुल्लड़ की तो मामला लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ा है, जो पुलिस विभाग के अधीन आएगा।

SBI के सर्विस मैनेजर आशीष वॉलकर की तस्वीर है। वह वीडियो बनाने वाले शख्स से बात करते हुए दिख रहे हैं।

SBI के सर्विस मैनेजर आशीष वॉलकर की तस्वीर है। वह वीडियो बनाने वाले शख्स से बात करते हुए दिख रहे हैं।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए- समाजसेवी

वरिष्ठ समाजसेवी राजीव गांधी ने कहा कि, बैंक जैसे सार्वजनिक संस्था के कर्मियों का यह बर्ताव गलत है। सड़क किनारे सरकारी भवन में शराब पीना और डांस करना निंदनीय है। अफसरों को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

ये तस्वीर बीजापुर स्टेट बैंक कार्यालय की है, जहां रविवार रात शराब पार्टी हुई।

ये तस्वीर बीजापुर स्टेट बैंक कार्यालय की है, जहां रविवार रात शराब पार्टी हुई।

बैंक प्रबंधन को कार्रवाई करना चाहिए- पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष

कांग्रेस के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बेनहूर रावतिया ने कहा कि, यह पूरी तरह गलत है। बैंक कर्मियों का इस तरह शराबखोरी करना शोभा नहीं देता। बैंक प्रबंधन को ध्यान रखना चाहिए कि ऐसा दोबारा न हो। जो जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों को अपने दायरे में रहकर काम करना चाहिए।

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छत्तीसगढ़

सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र:छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख नए पीएम आवास मंजूर, 2 लाख परिवारों का एकसाथ गृह प्रवेश

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सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।

इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।

चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।

चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।

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छत्तीसगढ़

CGPSC केस, भूपेश के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार:दावा- उत्कर्ष चंद्राकर के साथ वॉट्सऐप चैट मिली, ED को 6 दिन की रिमांड

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।

बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।

इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।

अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल

जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।

जानिए क्या है CGPSC घोटाला

यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया:राष्ट्रीय सचिव की रेस में कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा, तीनों का हुआ इंटरव्यू

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।

दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।

छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी

तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।

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