बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादक बने डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा, पीएम सूर्यघर योजना से बदली ऊर्जा की तस्वीर सूरज की रोशनी से रोशन हुआ घर, पीएम सूर्यघर योजना से बिजली बिल हुआ शून्य- डॉ कृष्ण कुमार
कोरबा 17 सितम्बर 2026। सूर्य की रोशनी को स्वच्छ ऊर्जा में बदलकर घर की जरूरतें पूरी करने की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना परिवारों को नई ऊर्जा व्यवस्था अपनाने का अवसर दे रही है। योजना के माध्यम से रूफटॉप सोलर लगाने पर मिलने वाली केंद्र एवं राज्य सरकार की सब्सिडी से परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो रहा है। इससे बिजली खर्च में कमी के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। कोरबा विकासखंड के ग्राम बेलाकछार निवासी सेवानिवृत्त प्रधानपाठक डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा ने भी परंपरागत ऊर्जा पर निर्भरता कम करते हुए अपने घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कराया है। सूर्य के प्रकाश से प्राप्त हरित ऊर्जा से घर की बिजली जरूरतें पूरी करने के साथ डॉ. चंद्रा परिवार ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी निभा रहा है। अपने घर में स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर उसका उपयोग कर पाने को लेकर पूरा परिवार गर्व और संतोष महसूस कर रहा है। डॉ. चंद्रा ने अपने मकान की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया है। लगभग 1.90 लाख रुपये की लागत से लगे इस संयंत्र के लिए उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और स्वीकृति मिलने पर सोलर प्लांट स्थापित कराया। डॉ चंद्रा ने कहा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल साबित हो रही है, जो न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आमजन की आर्थिक बचत का जरिया भी बन रही है। सोलर प्लांट लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल करीब 5 से 6 हजार रुपये तक आता था। बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान होने की चिंता भी बनी रहती थी। अब सौर ऊर्जा से घर की बिजली की जरूरतें पूरी होने के कारण उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। पंखा, बल्ब, टीवी, एसी सहित घरेलू उपकरणों का उपयोग सोलर से उत्पादित बिजली से किया जा रहा है। डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा अपने अनुभव बताते हुए कहते हैं, “पहले हर महीने 5 से 6 हजार रुपये तक बिजली बिल देना पड़ता था। वोल्टेज ऊपर-नीचे होने से इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब होने की चिंता भी रहती थी। अब सोलर प्लांट लगने के बाद बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। सूर्य के प्रकाश से मिलने वाली स्वच्छ ऊर्जा से घर की जरूरतें पूरी हो रही हैं। अपने घर में बिजली का उत्पादन कर पा रहे हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है।” वे बताते हैं कि सौर ऊर्जा मिलने के बाद परिवार बिजली के उपयोग को लेकर पहले से अधिक सजग हुआ है। जरूरत के अनुसार बिजली का इस्तेमाल करते हुए ऊर्जा की बचत पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सोलर प्लांट से जरूरत से अधिक बिजली बनने पर उसे ग्रिड में प्रवाहित कर बिजली उत्पादन में योगदान देने की व्यवस्था भी है। डॉ. चंद्रा का परिवार अब केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि बिजली उत्पादन में भी भागीदारी कर रहा है। डॉ. चंद्रा कहते हैं, “पीएम सूर्यघर योजना से हमें बिजली खर्च में बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का अवसर मिला है। सूर्य की रोशनी से मिलने वाली हरित ऊर्जा स्वच्छ और प्रदूषण रहित है। केंद्र एवं राज्य सरकार से मिली सब्सिडी के कारण सोलर प्लांट लगाना हमारे लिए आसान हुआ। अब हमारा परिवार बिजली के मामले में अधिक आत्मनिर्भर महसूस करता है और अपने घर में बिजली का उत्पादन कर पाने पर गर्व भी है। इस योजना का लाभ उपलब्ध कराने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
18 सितंबर को चित्रकला प्रतियोगिता, 19 सितंबर को चित्र प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता का होगा आयोजन कोरबा। संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोरबा द्वारा जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों सहित केंद्रीय विद्यालय, संयुक्त एकलव्य विद्यालय एवं प्रयास विद्यालयों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति, सामाजिक सरोकार एवं सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को विद्यालय स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता तथा 19 सितंबर 2026 को चित्र प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रतियोगिता की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित की गई है। दो पाली में संचालित विद्यालयों में प्रथम पाली के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता प्रातः 9 बजे से तथा द्वितीय पाली के विद्यार्थियों के लिए दोपहर 1 बजे से आयोजित की जाएगी। चित्रकला प्रतियोगिता के लिए प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों हेतु ए-3 आकार तथा माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यार्थियों हेतु ए-2 आकार की शीट निर्धारित की गई है। विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार पेंसिल, जलरंग अथवा स्केच पेन का उपयोग कर सकेंगे। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रयुक्त प्रत्येक शीट पर विद्यार्थी का नाम, विद्यालय, विकासखंड एवं जिले का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। 19 सितंबर को चित्र प्रदर्शनी में सामुदायिक सहभागिता 19 सितंबर को विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा तैयार चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय विधायकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ ही विद्यालयीन गतिविधियों में समुदाय की सहभागिता बढ़ाना है। विकासखंड स्तर पर यहां होंगे आयोजन विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं के पश्चात विकासखंड स्तर पर प्रतियोगिताएं प्रातः 11 बजे से निर्धारित केंद्रों में आयोजित की जाएंगी। करतला विकासखंड में सेजस करतला, कोरबा विकासखंड में सेजस पंप हाउस कोरबा, कटघोरा विकासखंड में सेजस कटघोरा, पाली विकासखंड में सेजस अंग्रेजी पाली तथा पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड में सेजस पोड़ीउपरोड़ा को आयोजन केंद्र बनाया गया है। विकासखंड स्तर के आयोजन के लिए करतला में दुबराज सिंह राठिया प्रभारी एवं जोहन चौहान नोडल अधिकारी, कोरबा में श्रीमती प्रभा सिंह प्रभारी एवं अनिल रात्रे नोडल अधिकारी, कटघोरा में एम.एस. कंवर प्रभारी एवं प्रहलाद साहू नोडल अधिकारी, पाली में आर. लहरे प्रभारी एवं रामगोपाल जायसवाल नोडल अधिकारी तथा पोड़ीउपरोड़ा में रविन्द्र सिंह प्रभारी एवं सुनील खैरवार नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। 20 सितंबर तक प्रस्तुत करना होगा प्रतिवेदन आयोजन के उपरांत समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयकों द्वारा प्रतियोगिता में सम्मिलित एवं विजयी छात्र-छात्राओं की जानकारी निर्धारित ए-4 आकार के कागज में हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही आयोजन से संबंधित 20 से 25 सेकंड के वीडियो/रील का संकुलवार पीडीएफ भी तैयार कर 20 सितंबर 2026 तक संबंधित खंड स्रोत समन्वयक को उपलब्ध कराना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जिले के सभी विद्यालयों से अभियान के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों का सुचारू एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
करतला में आयोजित शिविर में 113 दिव्यांगजनों की हुई जांच, 17 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किया प्रोत्साहित कोरबा, 17 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ के साथ ही कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले के दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने के उद्देश्य से जनपद पंचायतवार विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविरों की शुरुआत आज जनपद पंचायत करतला से हुई। शिविर में क्षेत्र के 113 दिव्यांगजन उपस्थित हुए। शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं मूल्यांकन कर उन्हें उनकी आवश्यकता एवं पात्रता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
शिविर में 68 अस्थिबाधित, 18 मानसिक दिव्यांगता वाले, 8 मूक-बधिर, 11 श्रवणबाधित, 1 सिकल सेल तथा 7 दृष्टिबाधित दिव्यांगजन शामिल हुए। इस दौरान 17 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 14 को श्रवण यंत्र, 8 को व्हीलचेयर, 4 को बैसाखी, 3 को अंधत्व छड़ी तथा 10 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की गई। सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों में उत्साह देखने को मिला।
शिविर में जनपद पंचायत करतला की अध्यक्ष श्रीमती अशोकाबाई कंवर, सरपंच श्रीमती फूलबाई, जनपद सदस्यगण, कलेक्टर कुणाल दुदावत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, प्रशिक्षु आईएएस एवं सहायक कलेक्टर विशाल जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने तथा मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने से उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिलेगी और वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र के लिए जिला मुख्यालय में आना न पड़े, इसलिए दिव्यांजनों की सुविधा के लिए शिविर का आयोजन ब्लाक स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए जिला चिकित्सालय में एलिम्को के सहयोग से एक अलग सेंटर स्थापना की बात कही। कलेक्टर सद्भावना भवन करतला के जीर्णोद्धार हेतु 10 लाख की राषि स्वीकृत किया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में दिव्यांगजनों का घर-घर सर्वे कर उनकी पहचान सुनिश्चित करें। सर्वे के दौरान दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं एवं पात्रता का आकलन कर उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र दिव्यांगजन शासकीय सहायता से वंचित न रहे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में इस प्रकार के विशेष शिविरों के आयोजन से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण, पंजीयन, प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रिया तथा आवश्यक सहायक उपकरण प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। इससे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले दिव्यांगजनों को विशेष लाभ पहुंच रहा है। उल्लेखनीय है कि जिले के सभी पांचों जनपद पंचायत क्षेत्रों में दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। करतला के बाद 21 सितंबर को पाली, 23 सितंबर को कटघोरा, 24 सितंबर को पोड़ी-उपरोड़ा तथा 25 सितंबर 2026 को कोरबा जनपद पंचायत क्षेत्र में शिविर आयोजित किया जाएगा। षिविर में लाभान्वित हितग्राहियों ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगजनों को योजना का लाभ मिलने से उनकी अनेक परेशानियां दूर हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया। इन शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवश्यक सेवाएं एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
कोरबा। लोक शिक्षण संचालनालय अटल नगर नवा रायपुर के आदेश पर संभाग स्तरीय स्कूल शिक्षा विभागीय क्रीड़ा स्पर्धा का आयोजन सरकंडा, बिलासपुर में हुआ। यह स्पर्धा घनश्याम गर्ग के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसमें ऊर्जा नगरी कोरबा के खिलाड़ियों ने प्रदर्शन किया।
14 वर्ष बालक वर्ग फुटबॉल स्पर्धा में कोरबा ने बिलासपुर को 5-3 और जांजगीर को 4-0 से हराया। इसके बाद फाइनल मुकाबले में सारंगढ़ को 4-2 से शिकस्त देकर कोरबा विजेता बना। वहीं बालिका वर्ग फुटबॉल में कोरबा की टीम ने जांजगीर को 3-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय खेल के लिए किया गया है।
प्रतियोगिता को सफल बनाने में मुख्य प्रबंध सह सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी जेके गवेल, कोच गोपाल दास महंत, अमित तिर्की, गोविंद केवट, सनत कालेलकर, देवेंद्र महतो और अजित शर्मा सहित अन्य व्यायाम शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा। खिलाड़ियों की इस सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी टीपी उपाध्याय, जिला खेल अधिकारी दीनू पटेल, सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी जेके गवेल, पूर्व क्रीड़ा अधिकारी केआर टंडन, रामकृपाल साहू, सहायक खेल अधिकारी कृष्णा गढ़वाल और विकासखंड क्रीड़ा प्रभारियों ने उन्हें बधाई देते हुए राज्य स्तर के लिए प्रोत्साहित किया।