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शुभेंदु बोले- अवैध बांग्लादेशियों को सीधे BSF को सौंपेंगे:कोर्ट में पेशी नहीं होगी, अवैध प्रवासियों को CAA से नागरिकता का हक नहीं

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल सरकार अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को कोर्ट की बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपेगी। यह जानकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को दी। नया नियम 20 मई से लागू हो गया है।

शुभेंदु ने कहा कि इस बारे में पुलिस कमिश्नर और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नए नियम के मुताबिक, जो लोग अवैध प्रवासी पाए जाएंगे और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता पाने के हकदार नहीं होंगे।

BSF को जमीन देने के लिए कोलकाता में बुधवार को बैठक हुई।

BSF को जमीन देने के लिए कोलकाता में बुधवार को बैठक हुई।

CAA क्या है, इसकी 3 बड़ी बातें…

CAA को हिंदी में नागरिकता संशोधन कानून कहा जाता है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश अफगानिस्तान से आए गैर- मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का रास्ता साफ होता है।

1. किसे मिलेगी नागरिकता: 31 दिसंबर 2024 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इन तीन देशों के लोग ही नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

2. भारतीय नागरिकों पर क्या असर: भारतीय नागरिकों से CAA का कोई सरोकार नहीं है। संविधान के तहत भारतीयों को नागरिकता का अधिकार है। CAA या कोई कानून इसे नहीं छीन सकता।

3. आवेदन कैसे कर सकेंगे: आवेदन ऑनलाइन करना होगा। आवेदक को बताना होगा कि वे भारत कब आए। पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज न होने पर भी आवेदन कर पाएंगे। इसके तहत भारत में रहने की अवधि 5 साल से अधिक रखी गई है। बाकी विदेशियों (मुस्लिम) के लिए यह अवधि 11 साल से अधिक है।

बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू

  • CM शुभेंदु ने बुधवार को कहा था, ‘आज हमने कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी।
  • जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते, वे अवैध घुसपैठिए हैं। राज्य पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर BSF को सौंपेगी। इसके साथ ही उन्होंने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की 27 किलोमीटर जमीन BSF को सौंपी। इस पर फेंसिंग लगाने और सुरक्षा स्ट्रक्चर बनाया जाएगा।
  • कोलकाता में BSF को जमीन देने के लिए हुई बैठक में कहा- यह सिर्फ शुरुआत है। जमीन सौंपने की प्रक्रिया 2 हफ्तों में पूरी हो जाएगी। आगे जहां भी सीमा सुरक्षा के लिए जमीन की जरूरत होगी, राज्य सरकार उसे BSF को उपलब्ध कराएगी।

600 किलोमीटर सीमा अब भी बिना फेंसिंग के

अधिकारी ने कहा कि राज्य की 2200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में से करीब 1600 किलोमीटर हिस्से में फेंसिंग हो चुकी है, जबकि लगभग 600 किलोमीटर सीमा अब भी बिना फेंसिंग के है।

भारत बांग्लादेश की सीमा 4,097 किलोमीटर लंबी

भारत, बांग्लादेश के साथ 4,097 किलोमीटर लंबी बॉर्डर शेयर करता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार लगभग 3,240 किलोमीटर की सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है और लगभग 850 किलोमीटर, जिसमें 175 किलोमीटर का दुर्गम भूभाग भी शामिल है, इस पर बाड़बंदी होनी बाकी है।

CM अधिकारी ने दावा किया कि प्रस्तावित 127 किलोमीटर के खंड में से केवल लगभग 8 किलोमीटर के हिस्से को ही ममता बनर्जी की सरकार के कार्यकाल में फेंसिंग की गई थी।

पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। यह भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी स्टेट बॉर्डर है।

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नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

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नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

काठमांडू,

भारत और नेपाल के बीच यात्रा और व्यापार करने वालों के लिए अच्छी खबर है। नेपाल सरकार ने भारतीय और नेपाली नागरिकों को 9 नवंबर 2016 के बाद जारी रू.200 और रू.500 के भारतीय नोट अधिकतम रू.25,000 तक नेपाल लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने नई अधिसूचना जारी कर इस संबंध में नियम स्पष्ट किए हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 8 नवंबर 2016 से पहले जारी रू.500 और रू.1,000 के भारतीय नोट पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इन पुराने नोटों को नेपाल में लाने या ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

नेपाली नागरिकों के लिए विशेष नियम
नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक भारतीय मुद्रा केवल भारत से नेपाल ला सकेंगे। उन्हें भारतीय करेंसी नेपाल से किसी तीसरे देश में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि नए नियम से नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों और भारत के साथ व्यापार करने वाले नेपाली नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे सीमा पार नकदी लेन-देन की प्रक्रिया भी सरल होगी। नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक और विदेशी यात्री 5,000 अमेरिकी डॉलर या उसके बराबर विदेशी मुद्रा बिना कस्टम घोषणा के नेपाल ला सकते हैं। यदि इससे अधिक राशि लाई जाती है तो कस्टम अधिकारियों के समक्ष इसकी घोषणा करना अनिवार्य होगा। एजेंसी।

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दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

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दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

नई दिल्ली,

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-जून के दौरान शॉपिंग मॉल और खुदरा बाजारों में खुदरा दुकानों की पट्टा गतिविधि 78 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख वर्ग फुट हो गई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट कहती है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से फैशन दुकानों, खाद्य एवं पेय (एफएंडबी) कंपनियों और डिपार्टमेंटल स्टोर के विस्तार से हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में शॉपिंग मॉल में पट्टा गतिविधि मजबूत रही और इसमें सालाना आधार पर दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुख्य सड़कों पर पट्टे में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल पट्टा गतिविधियों में फैशन खंड की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही, जबकि एफएंडबी का 16 प्रतिशत और डिपार्टमेंटल स्टोर का 12 प्रतिशत योगदान रहा।

कंपनी के अनुसार, बेहतर लोकेशन वाले मॉल और बाजार परिसरों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से रिक्तता घटी है और किराया बढ़ा है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, आवासीय विस्तार और उपभोक्ता मांग में वृद्धि के कारण एनसीआर देश के प्रमुख संगठित खुदरा बाजारों में तेजी से उभर रहा है। एजेंसी।

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

मुंबई,

वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग, आईटी और अन्य अपेक्षाकृत स्थिर सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह बदलाव एशियाई बाजारों का निवेश परिदृश्य बदलता दिख रहा है।

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी इंटरनेशनल, BNP Paribas और M&G Investments जैसे निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के AI एवं सेमीकंडक्टर शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू किया है। विश्लेषकों का कहना है कि AI पर हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में फंड मैनेजर बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी दिखा है। निवेशकों की निकासी से दोनों बाजारों में दबाव बना हुआ है और अस्थिरता बढ़ी है।

भारत और चीन विदेशी निवेशकों का केंद्र

दूसरी ओर, भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे आईटी सहित कई प्रमुख सेक्टरों को समर्थन मिला। वहीं, चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले AI शेयरों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन और स्थिर रिटर्न वाले बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एजेंसी।

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