छत्तीसगढ़
अफीम की खेती पर विधानसभा में नारेबाजी, हंगामा:महंत बोले- छत्तीसगढ़ को अफीम का कटोरा बनाना चाहती है सरकार, गर्भगृह में पहुंचे 29 विधायक सस्पेंड
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में दुर्ग जिले के समोदा में अफीम की खेती के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने स्थगन लाकर मामले की चर्चा कराने की मांग की, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए विपक्षी विधायक आसंदी तक पहुंच गए और गर्भगृह में भी हंगामा किया। इस दौरान 29 विपक्षी विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ को अफीम का कटोरा बनाने की कोशिश कर रही है सरकार। विनायक ताम्रकर अफीम की खेती कर रहा है और सरकार उसे बचाने के लिए षड्यंत्र कर रही है, जिससे प्रदेश में सूखे नशे का प्रसार बढ़ रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि FIR लचर तरीके से बनाई गई, मुख्य आरोपी को बचाने के प्रयास किए गए और घटना होली से ठीक पहले हुई।
कांग्रेस विधायकों ने चेतावनी दी कि यह पहली बार रिकॉर्ड में आया गंभीर मामला है और पूरे प्रदेश के फॉर्महाउस की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब में कहा कि मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की, अफीम जब्त की और आरोपियों के खिलाफ वित्तीय जांच और कार्रवाई की जा रही है।

नारेबाजी करते हुए विपक्ष के विधायक सदन से वॉकआउट कर दिया।

धान खरीदी के मुद्द पर मंत्री के जवाब से अंसतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

धान खरीदी के मुद्दे पर कवासी लखमा ने भी सवाए उठाए थे।
प्रश्नकाल में विपक्ष के सवाल, पक्ष का जवाब
सवाल (लखेश्वर बघेल): बस्तर के 44 हजार से ज्यादा किसानों से धान नहीं खरीदा गया। इनमें कितने वन अधिकार पट्टाधारी हैं और कितने ऋणी व अऋणी किसान हैं?
जवाब (दयालदास बघेल): ये किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए। पंजीयन कराने वाले सभी किसान अपना शत-प्रतिशत धान नहीं बेचते। जो किसान केंद्रों में पहुंचे, उनका धान खरीदा गया।
सवाल (लखेश्वर बघेल): जो किसान कर्ज में है, वह धान बेचने क्यों नहीं जाएगा? यह सरकार की लचर व्यवस्था है। सबसे बड़ा घोटाला धान खरीदी में ही हुआ है।
सवाल (भूपेश बघेल): सरकार बताए कितने किसानों ने धान जमा किया और कितनों ने नहीं किया। साथ ही यह भी बताएं कि कितने किसानों से जबरिया समर्पण कराया गया।
जवाब (दयालदास बघेल): 44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में नहीं आए। प्रश्न में समर्पण कराने वाले किसानों की संख्या नहीं पूछी गई थी।
सवाल (भाजपा विधायक प्रमोद मिंज): दिव्यांगजनों को पद्दोन्नति में आरक्षण का क्या प्रावधान है और छत्तीसगढ़ सरकार ने इस दिशा में अब तक क्या कार्रवाई की है?
जवाब (महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े): दिव्यांगजनों के लिए पद्दोन्नति में तीन प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन अभी तक कोई पद्दोन्नति नहीं हुई।
सवाल (प्रमोद मिंज): केंद्र सरकार का नियम 4 प्रतिशत पद्दोन्नति का है और सुप्रीम कोर्ट ने भी यही निर्देश दिए हैं। विभाग कह रहा है कि आवेदन नहीं आए, यह सही नहीं है। पद्दोन्नति कब होगी, इसकी समयसीमा बताइए।
जवाब (लक्ष्मी राजवाड़े): केंद्र ने राज्यों को अधिकार दिए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी के तहत 3 प्रतिशत आरक्षण रखा है। अब तक कोई आवेदन नहीं लिया गया, एक आवेदन आया था लेकिन वापस ले लिया गया।
सवाल (भूपेश बघेल): क्या कोई अधिकारी पद्दोन्नति नहीं लेना चाहता? यह जवाब स्वीकार्य नहीं है। ऐसा लगता है कि शासन में होली के नशे का असर अभी तक दिख रहा है।

धान खरीदी के मुद्दे पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की।
धान खरीदी पर विपक्ष का वॉकआउट
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बजट सत्र में बस्तर के 32,200 से अधिक आदिवासी किसानों से धान खरीदी नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पंजीयन और टोकन के बावजूद किसानों का धान नहीं खरीदा गया और 206 करोड़ रुपये बकाया है।
जवाब में खाद्य मंत्री ने कहा कि जो किसान धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे, उन्हीं का धान खरीदा गया। लखमा ने सवाल उठाया कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया, उनका कर्ज कौन चुकाएगा। इस दौरान पक्ष-विपक्ष में जमकर बहस हुई। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने वॉकआउट कर दिया था। भूपेश ने कहा कि सरकार किसानों से धान खरीदी का आंकड़ा दे। किसानों से धोखधड़ी हुई है।
बता दें कि बस्तर के किसानों से धान खरीदी नहीं होने का मुद्दा पहले कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने उठाया और सरकार से जवाब मांगा था। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि 44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए।
जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए धान खरीदी में गड़बड़ी और जबरिया समर्पण का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार से समर्पण कराने वाले किसानों की संख्या स्पष्ट करने की मांग की। सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

कार्यवाही के दौरान सभापति धरमलाल कौशिक।
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : स्वीपर पद पर भर्ती हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी, 23 मार्च तक दावा-आपत्ति आमंत्रित
जांजगीर-चांपा। कार्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जांजगीर-चांपा (छ0ग0) के जिला स्थापना में रिक्त पदों के विरुद्ध आकस्मिक निधि (कलेक्टर दर) पर वेतन पाने वाले कर्मचारी स्वीपर के कुल 03 रिक्त पदों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। सूची का अवलोकन अभ्यर्थी जिला न्यायालय जांजगीर-चांपा की वेबसाइटhttps://janjgir.dcourts.gov.inपर कर सकते हैं। इसके अलावा कार्यालयीन समय में जिला न्यायालय के नोटिस बोर्ड में भी सूची देखी जा सकती है। कार्यालय द्वारा अपात्र अभ्यर्थियों से इस संबंध में दावा-आपत्ति 23 मार्च 2026 को शाम 5.30 बजे तक आमंत्रित की गई है। निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त दावा-आपत्तियों पर किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की जाएगी।
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : गांव-गांव चल रहा जल संचय जनभागीदारी अभियान
मोर गांव-मोर पानी अभियान के तहत बड़े पैमाने पर सोक पिट व रेनवॉटर हार्वेस्टिंग का हो रहा निर्माण
जिले में अब तक 18,032 सोक पिट पूर्ण, 10,974 सोक पिट निर्माणाधीन, 190 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं पूर्ण 436 प्रगतिरत
जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 1 मार्च से “मोर गांव – मोर पानी” अभियान के अंतर्गत लगातार जल संचय जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान को वृहद रूप देते हुए जिले के गांव-गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ ली गई और अपने गांवों में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाई गई।
अभियान के तहत जनभागीदारी से सोक पिट (सोखता गड्ढा) एवं रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रिचार्ज पिट, सोखता गड्ढा और वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “मोर गांव – मोर पानी अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गांव में जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। यदि हर घर में रिचार्ज पिट और सोखता गड्ढा बनाए जाएं तो वर्षा जल का संरक्षण कर भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और दीवार लेखन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत गांव-गांव में सोक पिट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिले में अब तक 18,032 सोक पिट का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा 10,974 निर्माणाधीन हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 10042 पूर्ण व 2022 प्रगतिरत, बलौदा में 2840 पूर्ण व 2075 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 2638 पूर्ण व 2665 प्रगतिरत, नवागढ़ में 567 पूर्ण व 2194 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 1945 पूर्ण व 2018 प्रगतिरत सोक पिट निर्माण कार्य जारी है। इसी प्रकार अब तक 190 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 436 संरचनाएं प्रगतिरत हैं। जिसमें जनपद पंचायत अकलतरा में 95 पूर्ण व 135 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 25 पूर्ण व 36 प्रगतिरत, नवागढ़ में 12 पूर्ण व 113 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 58 पूर्ण व 152 प्रगतिरत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : स्वच्छता के लिए आगे आई नारी शक्ति, स्वच्छता दौड़ में बड़ी संख्या में हुई शामिल, शिवरीनारायण में दिया स्वच्छता का संदेश
स्वच्छता दीदियों का करें सम्मान, घर-घर कचरा लेने आएं तो दें धन्यवाद – कलेक्टर
शिवरीनारायण में स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों, समस्या के लिए अब सीधे करें संपर्क, 9340236903 हेल्पलाइन नंबर जारी
प्लास्टिक मुक्त शहर एवं स्वच्छता का लिया संकल्प, स्वच्छता से जुड़ी महिलाओं का किया सम्मान
कचरा पृथक्करण को लेकर लोगों को किया जागरूक, स्टॉल के माध्यम से दी जानकारी
जांजगीर-चांपा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज शिवरीनारायण में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित नारी शक्ति स्वच्छता दौड़ में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्व सहायता समूह की महिलाएं, छात्राएं, महिला स्वच्छता कर्मी एवं स्वच्छता सखियों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नगर पंचायत परिसर से हुई। स्वच्छता दौड़ नटराज चौक, बॉम्बे मार्केट और थाना चौक होते हुए मध्यनगरी चौक तक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे, नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारियों, महिलाओं, सहित नागरिकों ने मार्ग में पड़े कचरे का संग्रह किया और स्वच्छता का संदेश दिया। महिलाओं ने मार्ग में चिन्हित स्थानों पर सफाई कर कचरा एकत्रित किया तथा दुकानदारों और नागरिकों से प्लास्टिक बैग का उपयोग न करने और डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता से जुड़े कार्यों में सक्रिय महिला स्वच्छता कर्मियों, स्वच्छता सखियों तथा प्लास्टिक मुक्त पहल अपनाने वाले दुकानदारों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर श्री महोबे ने शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए डेमो स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को घर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के बारे में जानकारी भी दी गई। साथ ही शिवरीनारायण में नागरिकों की सुविधा के लिए स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर 9340236903 जारी किया गया है। अब नागरिक कचरा उठाव, गंदगी, नाली जाम या अन्य स्वच्छता संबंधी समस्याओं की जानकारी इस नंबर पर देकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि नारी शक्ति अपनी मेहनत के बल पर सम्मान प्राप्त करती है। आज समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण जैसे पवित्र और धार्मिक महत्व वाले नगर को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श स्थान दिलाना हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। स्वच्छता से बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती। हम सभी को मिलकर स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह हम अपने घर को साफ-सुथरा रखते हैं, उसी तरह अपने शहर को भी स्वच्छ बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रत्येक घर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। नगर पालिका द्वारा इस कचरे का नियमित रूप से संग्रहण कर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सड़कों, गलियों और घाटों पर कचरा न फैलाया जाए। उन्होंने सफाई कर्मियों को “स्वच्छता सैनिक” की संज्ञा देते हुए कहा कि समाज में उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए। जब वे घर-घर कचरा लेने आएं तो नागरिक उनका सम्मान करें और उन्हें धन्यवाद दें। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता हम सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। यदि हम सब मिलकर प्रयास करें तो शिवरीनारायण को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। इस इस दौरान पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताकर्मी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थे।
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized5 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
