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देश

सोनिया बोलीं- नहीं चाहती थी कि राजीव PM बनें:मेरी किताब आएगी तो तमाशा होगा

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नई दिल्ली, एजेंसी। सोनिया गांधी ने कहा- जब राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया जा रहा था, तब मैं इस फैसले के खिलाफ थीं। कभी नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनें।

मेरी किताब आने पर कुछ ‘तमाशा’ जरूर होगा। दशकों से लोग मेरी कहानी बता रहे, अब मेरी बारी है अपनी कहानी बताने की।

सोनिया गांधी पर लिखी गई किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को रिलीज होगी। उन्होंने मंगलवार को X पर इसका नया वीडियो पोस्ट किया।

यह X पर पिछले हफ्ते जुड़ने के बाद सोनिया गांधी की दूसरी पोस्ट है। वीडियो में वह किताब के पन्ने पलटते हुए अपनी कहानी खुद बताने की बात कहती हैं।

सोनिया ने 5 दिन में सोशल मीडिया पर तीसरा वीडियो पोस्ट किया। 22 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर और 24 अक्टूबर को एक्स पर डेब्यू किया था।

सोनिया ने कहा- बहुत सी बातें मनगढ़ंत थीं

सोनिया ने कहा, बहुत सी बातें या तो मनगढ़ंत थीं या फिर उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। इसलिए मुझे लगा कि अब मुझे खुद अपनी कहानी लिखनी चाहिए और तथ्यों और घटनाओं को ठीक वैसे ही बताना चाहिए, जैसे वे असलियत में घटी थीं।

राजीव से रेस्टोरेंट में मिलीं सोनिया, वहीं प्यार हुआ

शनिवार को X पर सोनिया ने पहले पोस्ट में लिखा- कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात ने दोस्ती का रास्ता खोला।

सोनिया ने कहा-

यहीं से प्यार की शुरुआत हुई, हमने साथ मिलकर यादों की एक दुनिया बनाई।

सोनिया ने किताब खोलकर बताया- इसमें प्रियंका की कई तस्वीरें हैं।

सोनिया ने किताब खोलकर बताया- इसमें प्रियंका की कई तस्वीरें हैं।

सोनिया की जिंदगी के किस्से

पहली मुलाकात में ही राजीव पसंद आ गए

सोनिया ने बताया कि राजीव गांधी से पहली बार मिलने पर उन्हें तुरंत लगा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके साथ वह रहना चाहेंगी। बाद में उन्हें पता चला कि राजीव भी ऐसा ही महसूस करते थे। दोनों की दोस्ती पार्टियों, घूमने और छात्रों की बैठकों में साथ समय बिताने से आगे बढ़ी।

उन्होंने कहा

वह बहुत सौम्य दिखने वाले व्यक्ति थे। बेशक, वह बहुत अच्छे दिखते थे। लेकिन उनका सौम्य स्वभाव साफ नजर आता था।

इंदिरा से पहली मुलाकात और नए परिवार में ढलना

राजीव से शादी के बाद सोनिया ने नेहरू-गांधी परिवार में अपनी जगह बनाई। आत्मकथा में अपनी सास और तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात और भारत में परिवार के साथ जीवन बिताने के अनुभवों का जिक्र है।

उन्होंने लिखा कि यहां की भाषा, खानपान और संस्कृति से तालमेल बैठाना भी जीवन का हिस्सा था। किताब में हिंदी सीखने, साड़ी पहनने और भारतीय जीवनशैली अपनाने के बारे में भी लिखा है।

इंदिरा और राजीव की हत्या के बाद बदली जिंदगी

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। सात साल बाद, 1991 में राजीव की भी हत्या कर दी गई। सोनिया ने बताया कि अपनों को खोने के दर्द ने उन्हें सार्वजनिक जीवन और राजनीति की ओर धकेला। इससे पहले वह अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक नजरों से दूर रखना चाहती थीं।

राजीव की हत्या के बाद भी राजनीति से दूर रहीं

1991 में राजीव की हत्या के बाद भी सोनिया राजनीति से दूर रहीं। पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। 1996 तक कांग्रेस कमजोर होने लगी और पार्टी में कई गुट बन गए।

1997 में कांग्रेस को एकजुट करने के लिए सोनिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। 62 दिन बाद 1998 में वे कांग्रेस अध्यक्ष बन गईं। सोनिया 2017 तक अध्यक्ष रहीं, जो पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल है।

पीएम बनने का मौका मिला, लेकिन मनमोहन सिंह को चुना

2004 में कांग्रेस ने 14 सहयोगी दलों के साथ UPA बनाया। चुनाव के बाद लेफ्ट समेत कई दलों के समर्थन से UPA को 335 सांसदों का समर्थन मिला। सहयोगियों ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने 18 मई 2004 को पद ठुकरा दिया। इसके बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने।

हालांकि, NDA ने सोनिया के विदेशी नागरिक का मुद्दा उठाकर उनके पीएम बनने का विरोध किया। इसके कारण सोनिया ने पीएम पद ठुकरा दिया और मनमोहन सिंह को पीएम बनाने का प्रस्ताव रखा। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनें। हालांकि, कहा जाता है कि पर्दे के पीछे रहकर सरकार की बागडोर सोनिया के हाथों में ही थी।

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खेल

विमेंस प्रीमियर लीग ऑक्शन में अब तक 10 खिलाड़ी बिकीं:ऑस्ट्रेलिया की मोलिन्यू को 1.1 करोड़ में यूपी ने खरीदा, किरण दिल्ली के लिए खेलेंगी

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कोच्चि, एजेंसी। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के पांचवें सीजन के ऑक्शन में अब तक 10 प्लेयर्स को खरीदा जा चुका है। इसमें 7 भारतीय और 3 विदेशी हैं।

ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यूक्स को यूपी वॉरियर्स ने सबसे ज्यादा 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा। भारतीय ऑलराउंडर स्नेह राणा 30 लाख रुपए में यूपी की टीम में शामिल हुईं। किरण नवगिरे को दिल्ली कैपिटल्स ने 75 लाख और जी कमलिनी को गुजरात जायंट्स ने 40 लाख रुपए में खरीदा।

श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू अनसोल्ड रहीं। कोच्चि में हो रहे ऑक्शन में 146 खिलाड़ियों पर बोली लग रही है, जिनमें से 27 खिलाड़ियों को खरीदा जा सकता है।

मुंबई इंडियंस ने भारती रावल को रू.10 लाख में खरीदा

ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने भारती रावल को 10 लाख रुपए की बेस प्राइस पर खरीदा। वह दिन में टीम की तीसरी अनकैप्ड खिलाड़ी हैं। उनसे पहले मुंबई ने दिशा कासट और लतिका इनामदार को अपने साथ जोड़ा था। भारती को खरीदने के बाद मुंबई इंडियंस के पास अब 3 खिलाड़ियों के स्लॉट भरने के लिए 60 लाख रुपए बाकी हैं।

अनकैप्ड तेज गेंदबाजों के सेट में 5 खिलाड़ी अनसोल्ड

अनकैप्ड तेज गेंदबाजों के सेट में अब तक पांच खिलाड़ियों को कोई खरीदार नहीं मिला। इनमें अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता यशश्री एस और शबनम शकील भी शामिल हैं। दोनों पहले UP वॉरियर्ज और गुजरात जायंट्स का हिस्सा रह चुकी हैं।

श्रद्धा पोखरकर, जो पहले RCB के लिए खेल चुकी हैं, उन्हें भी कोई खरीदार नहीं मिला। एड्डला सृजना और रीमा एक्का भी अनसोल्ड रहीं।

मुंबई इंडियंस ने लतिका इनामदार को खरीदा

मुंबई इंडियंस ने विकेटकीपर लतिका इनामदार को उनकी बेस प्राइस रू.10 लाख में खरीद लिया। वह दिन की टीम की दूसरी अनकैप्ड खिलाड़ी हैं। इससे पहले MI ने दिशा कासट को खरीदा था।

अनकैप्ड ऑलराउंडर्स पर नहीं लगी बोली

अनकैप्ड ऑलराउंडर्स के सेट में किसी भी खिलाड़ी को खरीदार नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया की चार्ली नॉट भी अनसोल्ड रहीं। उन्हें WPL 2026 में UP वॉरियर्ज ने तारा नॉरिस की जगह रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर साइन किया था।

इस सेट में प्रगति सिंह, टेस फ्लिंटॉफ, आनंदिता किशोर, पूनम खेमनार और सुजाता डे को भी कोई खरीदार नहीं मिला। पूनम खेमनार RCB, UP वॉरियर्ज और मुंबई इंडियंस का हिस्सा रह चुकी हैं।

5 टीमों के पास 19 स्लॉट बाकी

पांचों फ्रेंचाइजी को अभी कुल 19 स्लॉट भरने हैं। UP वॉरियर्ज के पास सबसे ज्यादा ₹1.75 करोड़ का पर्स बचा है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स के पास सबसे कम ₹35 लाख हैं।

टीमबचा पर्सखाली स्लॉट
यूपी वॉरियर्सरू.1.75 करोड़4
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरुरू.1.15 करोड़5
मुंबई इंडियंसरू.80 लाख5
गुजरात जायंट्सरू.55 लाख1
दिल्ली कैपिटल्सरू.35 लाख4
कुलरू.4.60 करोड़19

श्वेता सहरावत अनसोल्ड रहीं

भारत की पूर्व अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता श्वेता सहरावत को कोई खरीदार नहीं मिला। उनकी बेस प्राइस रू.10 लाख थी, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी ने बोली नहीं लगाई।

अनकैप्ड बल्लेबाजों के सेट में अब तक एक खिलाड़ी बिकी है, जबकि 5 खिलाड़ियों को कोई खरीदार नहीं मिला। इसके बाद नीलामी में अनकैप्ड ऑलराउंडर्स का सेट आएगा।

दिशा कासट को मुंबई ने खरीदा

मुंबई इंडियंस ने बल्लेबाज दिशा कासट को 10 लाख रुपए की बेस प्राइस पर खरीदा। वे दिन की पहली अनकैप्ड खिलाड़ी हैं, जिन्हें किसी टीम ने खरीदा है।

दिशा को खरीदने के साथ ही मुंबई इंडियंस का अनसोल्ड खिलाड़ियों का सिलसिला भी खत्म हुआ। इस खरीद के बाद मुंबई के पास 5 खिलाड़ियों के स्लॉट भरने के लिए 80 लाख रुपए बाकी हैं।

तितास साधु अनसोल्ड रहीं

2023 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं बंगाल की स्विंग बॉलर तितास साधु को WPL ऑक्शन में किसी टीम ने नहीं खरीदा। वह पहले दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात जायंट्स का हिस्सा रह चुकी हैं।

तितास साधु दिल्ली के लिए खेल चुकीं हैं।

तितास साधु दिल्ली के लिए खेल चुकीं हैं।

तेज गेंदबाजों के सेट में साइमा ठाकोर अनसोल्ड

ऑक्शन में तेज गेंदबाजों के सेट की शुरुआत साइमा ठाकोर के नाम से हुई, लेकिन उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला। 30 लाख रुपए की बेस प्राइस के बावजूद किसी भी फ्रेंचाइजी ने बोली नहीं लगाई।

तानिया भाटिया अनसोल्ड रहीं

दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रह चुकीं विकेटकीपर-बल्लेबाज तानिया भाटिया को इस बार किसी टीम ने नहीं खरीदा। तानिया की विकेटकीपिंग अच्छी मानी जाती है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी को लेकर टीमों के मन में भरोसे की कमी दिखती है।

यूपी वॉरियर्स ने सुषमा वर्मा को रू.30 लाख में खरीदा

ऑक्शन में यूपी वॉरियर्स ने विकेटकीपर सुषमा वर्मा को 30 लाख रुपए की बेस प्राइस पर खरीदा। उनके लिए किसी दूसरी फ्रेंचाइजी ने बोली नहीं लगाई। सुषमा यूपी वॉरियर्स की ऑक्शन में चौथी खरीद हैं।

यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा रू.2.5 करोड़ बाकी

  • ऑक्शन में पहले सेट के बाद यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा 2.5 करोड़ रुपए बाकी हैं। टीम को अभी 5 खिलाड़ियों के स्लॉट भरने हैं, जिनमें एक विदेशी खिलाड़ी का स्लॉट शामिल है।
  • रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अब तक कोई खिलाड़ी नहीं खरीदा है। उसके पास 5 स्लॉट के लिए 1.15 करोड़ रुपए हैं, जिनमें 2 विदेशी खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं।
  • मुंबई इंडियंस ने भी अब तक कोई खरीदारी नहीं की है। टीम के पास 6 भारतीय खिलाड़ियों के स्लॉट भरने के लिए 90 लाख रुपए बाकी हैं।
  • गुजरात जायंट्स के पास आखिरी स्लॉट के लिए 55 लाख रुपए हैं, जिसे भारतीय खिलाड़ी से भरना होगा। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स के पास 4 खिलाड़ियों के लिए 35 लाख रुपए बाकी हैं, जिनमें एक विदेशी खिलाड़ी का स्लॉट है। पांचों टीमों को मिलाकर अभी 21 खिलाड़ियों के स्लॉट भरने हैं।

यूपी वॉरियर्स ने ग्रेस हैरिस को रू.30 लाख में खरीदा

यूपी वॉरियर्स ने ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्रेस हैरिस को 30 लाख रुपए की बेस प्राइस पर खरीदा। वह ऑक्शन में टीम की तीसरी खरीद हैं।

यूपी वॉरियर्स ने स्नेह राणा को रू.30 लाख में खरीदा

यूपी वॉरियर्स ने भारतीय ऑलराउंडर स्नेह राणा को 30 लाख रुपए की बेस प्राइस पर खरीदा। अनुभवी ऑलराउंडर स्नेह राणा को खरीदने के बाद UP वॉरियर्ज के पास अब 6 खिलाड़ियों के लिए 2.35 करोड़ रुपए बाकी हैं। इनमें 2 विदेशी खिलाड़ियों के स्लॉट भी शामिल हैं।

चमारी अटापट्टू अनसोल्ड, रू.30 लाख थी बेस प्राइस

श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को कोई खरीदार नहीं मिला। 30 लाख रुपए की बेस प्राइस के बावजूद किसी भी फ्रेंचाइजी ने उनके लिए बोली नहीं लगाई। वह अब तक अनसोल्ड रहने वाले बड़े नामों में शामिल हैं।

सोफी मोलिन्यूक्स के लिए UP वॉरियर्ज और RCB में टक्कर

ऑक्शन में UP ने ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर सोफी मोलिन्यूक्स को 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा। उनकी बेस प्राइस 50 लाख रुपए थी। उन्हें खरीदने के लिए UP वॉरियर्ज और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। RCB ने 2024 में खिताब जीतने वाली टीम में शामिल मोलिन्यूक्स के लिए लगातार बोली लगाई।

गुजरात जायंट्स ने जी कमलिनी को रू.40 लाख में खरीदा

गुजरात जायंट्स ने विकेटकीपर-बल्लेबाज जी कमलिनी को 40 लाख रुपए में खरीदा। उनकी बेस प्राइस भी 40 लाख रुपए थी। कमलिनी के लिए किसी दूसरी फ्रेंचाइजी ने बोली नहीं लगाई। वह एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।

दिल्ली कैपिटल्स ने किरण नवगिरे को रू.75 लाख में खरीदा

किरण नवगिरे पहली बिकने वाली खिलाड़ी बनीं। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 75 लाख रुपए में खरीदा, जबकि उनकी बेस प्राइस 40 लाख रुपए थी। बोली की शुरुआत मुंबई इंडियंस ने की और कीमत 70 लाख रुपए तक पहुंचाई। हालांकि, दिल्ली कैपिटल्स के 75 लाख रुपए की बोली लगाने के बाद मुंबई ने पीछे हटने का फैसला किया। किरण को खरीदने के बाद दिल्ली कैपिटल्स के पास अब चार खिलाड़ियों के लिए 35 लाख रुपए बाकी हैं।

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देश

तूफान अर्नब से आंध्रप्रदेश में तबाही, 3 की मौत:57 हजार लोग शिफ्ट, 50 ट्रेनें-21 फ्लाइट रद्द, MP-UP में भी बारिश का अलर्ट

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विशाखापट्टनम/भुवनेश्वर/हैदराबाद/चेन्नई, एजेंसी। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ मंगलवार देर रात 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। यहां 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश में 3 मौतें हुई हैं।

राज्य के 31 घरों को नुकसान पहुंचा। 57 हजार लोगों को शिफ्ट किया गया है। तूफान के कारण 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर 21 फ्लाइट्स रद्द की गईं।

ओडिशा में भारी बारिश के चलते 16 जिलों में स्कूल बंद हैं। यहां 30 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 4,000 साइक्लोन शेल्टर बनाए गए हैं।

विशाखापट्टनम में रात 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक, यानी करीब 18 घंटे में 200mm से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। यह जुलाई में होने वाली औसत बारिश के डेढ़ गुना से ज्यादा है। यहां जुलाई में औसतन 133mm बारिश होती है।

MP-UP और बिहार समेत 9 राज्यों में अलर्ट

आंध्र प्रदेश और ओडिशा: भारी से बेहद भारी बारिश, तेज हवाएं और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा।

तेलंगाना और छत्तीसगढ़: 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश, कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश की आशंका।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र: पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में बारिश का अनुमान। कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

झारखंड और बिहार: 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश; बिहार में 29-30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 29-30 अक्टूबर को भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है।

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में भारी बारिश, सड़कों पर पानी भरा

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में भारी बारिश हो रही है। कई इलाकों में पानी भर गया है। जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। कलेक्टर ने अधिकारियों से लोगों और पशुओं को सुरक्षित जगह पहुंचाने का निर्देश दिया।

एयरफोर्स ने 23 टन राहत सामग्री विजयवाड़ा भेजी, NDRF टीम भी पहुंची

इंडियन एयरफोर्स ने चक्रवात अर्नब से प्रभावित विजयवाड़ा में 23 टन राहत सामग्री पहुंचाई। इसके लिए 2 C-130J विमानों का इस्तेमाल किया गया।

इसके अलावा NDRF की टीम भी भेजी गई है। वायुसेना ने कहा कि वह लोगों की जान बचाने और राष्ट्रीय आपदा राहत कार्यों में मदद के लिए हमेशा तैयार है।

पुरी के बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रहीं

आंध्र प्रदेश: CM नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों की जानकारी ली

आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी सेंटर से चक्रवात प्रभावित जिलों की स्थिति की जानकारी ली।

विशाखापट्टनम में पेड़-बिजली के पोल गिरे

ओडिशा के बालेश्वर में तेज बारिश

ओडिशा में 5 नवंबर तक 22 ट्रेनें रद्द

चक्रवात अर्नब के चलते 5 नवंबर तक 22 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें रद्द या स्थगित कर दी गई हैं। विशाखापत्तनम-किरंदुल और राउरकेला-जगदलपुर समेत कई ट्रेनों पर असर पड़ा है।

वहीं, हिराखंड एक्सप्रेस का संचालन भी अस्थायी रूप से बदला गया है। रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले NTES या भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर अपडेट देखने की सलाह दी है।

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देश

अनंत की स्पीच पर भावुक हुए मुकेश अंबानी:जियो शेयर लिस्टिंग के इवेंट में परिवार के साथ मौजूद थे, देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी

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नई दिल्ली, एजेंसी। जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर रू.1,358 पर लिस्ट हुआ है, जो इसके रू.1,119 के इश्यू प्राइस से 21% ज्यादा है। लिस्टिंग के मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भावुक हो गए, जब उनके बेटे अनंत ने जियो की कामयाबी की कहानी बताई।

हालांकि, आज का कारोबार खत्म होने पर कंपनी का शेयर 1,419 रुपए पर बंद हुआ। यानी इश्यू प्राइस से करीब 27% की बढ़त रही। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप 13.05 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

यह रिलायंस के बाद मार्केट कैप के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। रिलायंस का मार्केट कैप 16 लाख करोड़ रुपए है। एयरटेल का मार्केट कैप 12 लाख करोड़ रुपए है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में बजती घंटी के साथ शेयर मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स की शुरुआत। इस मौके पर पूरा अंबानी परिवार मंच पर मौजूद रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में बजती घंटी के साथ शेयर मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स की शुरुआत। इस मौके पर पूरा अंबानी परिवार मंच पर मौजूद रहा।

दुनिया की 6वीं और एशिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भी बनी

जियो प्लेटफॉर्म्स मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की 7वीं और एशिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भी बन गई है। एशियाई बाजार में अब केवल चीन की ‘चाइना मोबाइल’ ही जियो से आगे है। वहीं ग्लोबल लेवल पर देखा जाए तो चाइना मोबाइल 20.82 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप के साथ पहले नंबर पर है।

अनंत बोले- जियो को देश की जनता ने बनाया

जियो की लिस्टिंग के मौके पर अनंत अंबानी ने रिलायंस की विरासत और लोगों के प्यार को याद करते हुए कहा, “जियो को पूरे देश का आशीर्वाद मिला है। मां ने कहा ‘जियो मेरे लाल’, दादी ने कहा ‘जुग जुग जियो’ और दोस्तों ने कहा ‘जियो यार’।” उन्होंने कहा कि जियो को भारत की जनता ने बनाया है और देश के लोगों के सपनों को पूरा करना ही उनका असली सपना है।

अनंत अंबानी की स्पीच के दौरान उनके पिता मुकेश अंबानी भावुक हो गए।

अनंत अंबानी की स्पीच के दौरान उनके पिता मुकेश अंबानी भावुक हो गए।

लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर बेचें या होल्ड करें?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपने सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगाया है, तो लिस्टिंग के दिन मुनाफा वसूलना सही स्ट्रैटेजी होगी। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स को शेयर को पोर्टफोलियो में होल्ड करने की सलाह है। एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि कंपनी का शेयर कुछ समय में रू.1,500 से रू.1,800 तक जा सकता है।

लिस्टिंग के बाद नए शेयर खरीदें या नहीं?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, लिस्टिंग वाले दिन शुरुआत में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए तुरंत एंट्री न लें। अगर लिस्टिंग के बाद शेयर में थोड़ी गिरावट आती है, तो धीरे-धीरे शेयर में खरीदारी करना ही बेहतर होगा। शेयर की कीमत, वैल्यूएशन और कंपनी के प्रदर्शन का आकलन करके ही निवेश का फैसला लें।

IPO को किस कैटेगरी में कितना सब्सक्रिप्शन मिला था?

NSE के मुताबिक, तीन दिन (21 से 23 अक्टूबर) में यह IPO कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

  • QIB (संस्थागत निवेशक): 70.55 गुना
  • NII (गैर-संस्थागत निवेशक): 14.00 गुना
  • रिटेल निवेशक: 2.72 गुना
  • कुल सब्सक्रिप्शन: 22.19 गुना

100 अरब डॉलर के खास क्लब में जियो की एंट्री

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के समय 100 अरब डॉलर से ज्यादा के मार्केट कैप वाली दुनिया की सिर्फ चौथी ऐसी कंपनी बन गई है, जिसे उसके फाउंडर खुद चला रहे हैं। इस मामले में जियो अब मेटा, अलीबाबा और इलॉन मस्क की स्पेसएक्स के क्लब में शामिल हो गई है।

टाटा समूह को पीछे छोड़ रिलायंस बना देश का सबसे बड़ा बिजनेस ग्रुप

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के साथ ही रिलायंस ग्रुप भारत का सबसे बड़ा बिजनेस घराना बन गया है। रिलायंस ग्रुप की सभी लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर रू.28.9 लाख करोड़ पहुंच गया है।इसने रू.25.6 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाले टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ दिया है।

रिलायंस और टाटा ग्रुप के बीच करीब रू.3.23 लाख करोड़ का अंतर आ गया है। इस रेस में अडाणी ग्रुप रू.16.6 लाख करोड़ के साथ तीसरे नंबर पर है।

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