मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए किया जा रहा विशेष शिविरों का आयोजन
रायपुर।
छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों में पंडो जनजाति का नाम प्रमुखता से आता है। यह जनजाति राज्य के दूर-दराज इलाकों में निवास करती है, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव और शासन की योजनाओं तक पहुंच की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। इस समस्या का समाधान करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
सूरजपुर जिले में पंडो जनजाति को मूलभूत सुविधाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन संपूर्णता अभियान के तहत प्रत्येक बुधवार को किया जा रहा है, जो कि उनकी विकास यात्रा में एक निर्णायक पहल साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदैव समाज के सबसे पिछड़े और हाशिए पर खड़े समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उनकी यह मान्यता है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सुविधा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी भौगोलिक स्थिति में क्यों न हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सोच को मूर्त रूप प्रदान करते हुए पंडो जनजाति जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है, ताकि इन समुदायों का समुचित विकास हो सके और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके। इसी क्रम में पंडो जनजाति के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सूरजपुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में विशेष शिविरों का आयोजन इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि पंडो जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का संपूर्ण लाभ पहुंचाया जा सके।
पण्डो जाति के लिए विशेष शिविरों का आयोजन इनके विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। विशेष शिविरों के द्वारा इस जनजाति के प्रत्येक परिवार को शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों का आयोजन 18 दिसंबर 2024 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में किया जाएगा। इसके तहत हर परिवार का सर्वेक्षण कर पंडो परिवार की जानकारी एकत्रित कर उनकी आवश्यकता और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इन पंडो परिवारों को मूलभूत सुविधाओं और योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने के लिए शिविरों का रोस्टर और कार्ययोजना बनाई गई है। रोस्टर के अनुसार प्रत्येक गांव में शिविर का आयोजन किया जा रहा हैै। इसमें तिथियों का निर्धारण कर जनजाति के लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए, कलेक्टर एस जयवर्धन ने विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा अद्यतन जानकारी परियोजना प्रशासक व एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सूरजपुर को उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ग के विकास के लिए जिला प्रशासन, जनपद पंचायत, और आदिवासी विकास परियोजना के अधिकारी समन्वय में कार्य कर रहे हैं। हर विभाग के अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विकास की यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
इस पहल से इस आदिवासी वर्ग के जीवन स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है। शिविरों के आयोजन से पंडो जनजाति को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता की योजनाओं का लाभ विशेष शिविरों के माध्यम से उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों में जिन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, उनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत पंडो जनजाति के परिवारों को पक्के मकान, स्वास्थ्य बीमा, मुफ्त गैस कनेक्शन, शौचालय निर्माण और सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
शासन एवं प्रशासन के इस प्रयास की सराहना पंडो जनजाति और स्थानीय समुदाय के लोगों द्वारा निरंतर की जा रही है। पहले जहां इन जनजातियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी और योजनाओं से वंचित रहने की शिकायत थी, वहीं अब इन शिविरों के माध्यम से उन्हें उनका हक मिल रहा है। कई पंडो परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए हैं कि कैसे इन योजनाओं के कारण उनके जीवन में बदलाव आया है।
इस योजना के संबंध में स्थानीय पंडो निवासी रामेश्वर पंडो ने बताया कि पहले हमें शासन की योजनाओं के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती थी, और न ही हमें पूरी तरह से उनका लाभ मिल पाता था। लेकिन अब विशेष शिविरों के माध्यम से हमें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हमारे परिवार को आवास योजना का लाभ मिला है, और हमें स्वास्थ्य बीमा भी मिला है। इससे हमारे जीवन में काफी सुधार हुआ है।
उल्लेखनीय है कि इस संपूर्णता अभियान अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों सूरजपुर, रामानुजनगर, प्रेमनगर, भैयाथान, ओडगी और प्रतापपुर के ग्रामों में निवासरत विषेष पिछड़ी जनजाति पंडो को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने एवं संतृप्तिकरण प्राप्त करने की दिशा में निरंतर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परिवार के मुखिया आधारित योजनाओं को देखा जाए तो विभिन्न ग्राम पंचायतों में 124 शिविर का अयोंजन कर 82 घरों में विद्युतीकरण, 184 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, 72 शौचालय, 118 का मनरेगा जॉब कार्ड, 209 को उज्जवला गैस कनेक्षन, 389 को किसान क्रेडिट कार्ड, 250 को पीएम किसान सम्मान निधि एवं 73 घरों में हर घर नल से जल की सुविधा प्रदान की गई।
इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं को देखा जाए तो 191 हितग्राहियों का जाति प्रमाण पत्र, 322 का आधार कार्ड, 393 का राशन कार्ड, 99 को वोटर कार्ड, 116 को पेंशन, 243 स्व सहायता समूह गठन, 16 हितग्राहियों को वनधन केंद्र आजीविका, 44 का कौशल विकास, 583 हितग्राहियों का श्रम विभाग में पंजीकरण, 347 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, 113 को प्रधानमंत्री पोषण योजना, 278 को सुकन्या समुद्धि योजना से लाभन्वित किया गया। 291 हितग्राहियेां का आंगनबाड़ी में पंजीयन, 496 का आयुष्मान कार्ड निर्माण, 107 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ, 1558 का सिकल सेल एनीमिया जांच, 140 हितग्राहियों का टीकाकरण, 949 हितग्राहियों का टीवी उन्मूलन जांच, 1166 लेागों का कुष्ठ रोग जांच, 33 को प्रधानमंत्री जनधन योजना से, 91 को जीवन ज्योति बीमा योजना एवं 158 हितग्राहियों को सुरक्षा बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है।
जांजगीर। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को लेकर नगरीय निकायों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
अब अभियान में फील्ड अधिकारियों को एसयूपी (फील्ड इंस्पेक्शन मोबाइल एप) के माध्यम से निरीक्षण करना होगा। इसे जिले के 11 नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। टीम द्वारा शहर में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। पोर्टल पर विक्रेताओं, उपयोगकर्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से एसयूपी एप के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। संबंधित स्थानीय निकाय को उनका निराकरण करना होगा।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।
इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया।
ढाल दास ने कहा कि जनता भी जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। अगर कांग्रेस मुझे मौका देती है तो मैं मुंगेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगा। पार्टी जहां से मुझे चुनाव लड़ने के लिए चयनित करेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने से पहले मैंने अपने भाई और पिताजी से बातचीत की थी और उन्हें इस बारे में बताया था। दोनों ने अपनी सहमति दे दी। वहीं उनके भाई मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तोड़ने की नीति से काम करती है।
रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।
सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है परिवार
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के एक सदस्य के भाजपा सरकार में मंत्री होने और दूसरे के कांग्रेस में शामिल होने को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
गुरु बालदास के 4 बेटे, ढाल दास सबसे बड़े
सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब का परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है। गुरु बालदास के चार बेटे हैं- ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास। उनकी एक बेटी भी है। इनमें ढाल दास सबसे बड़े बेटे हैं।
गुरु परिवार का सतनामी समाज में धार्मिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में परिवार की सक्रिय भूमिका रहती है।
मंत्री के भाई का कांग्रेस में जाना क्यों अहम?
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को सिर्फ एक राजनीतिक ज्वाइनिंग के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। वे मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई हैं और गुरु बालदास के परिवार से आते हैं। ऐसे में उनके कांग्रेस में जाने से एक ही परिवार के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों में होने का समीकरण सामने आया है।
ढाल दास ने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाली सीट माना जाता है। यहां भाजपा के पुन्नूलाल मोहले लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।
2023 के चुनाव में पुन्नूलाल मोहले को 85,429 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी को 73,648 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 11,781 वोट रहा था। ऐसे में अगर भविष्य में कांग्रेस ढाल दास को मुंगेली से अपना प्रत्याशी बनाती है, तो चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं।
कांग्रेस तोड़ने के नीयत से काम करती है- मंत्री खुशवंत
मंत्री खुशवंत साहेब ने भाई के कांग्रेस प्रवेश को लेकर कहा कि वह मेरे भाई हैं। सुख-दुख हो या किसी तरह का तीज-त्योहार, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ मिलते हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत ही समाज और परिवार को तोड़ने की रही है।
उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक समाज को दूसरे समाज से और एक परिवार को दूसरे परिवार से लड़ाने की कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, वह कभी सफल नहीं होगी।