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कोरबा

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्री सप्तदेव मंदिर बना वृंदावन धाम : 33वें जन्माष्टमी महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए श्रीकृष्ण के दर्शन

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कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल एवं महापौर संजू देवी राजपूत सहित अनेक गणमान्यजनों ने किया दर्शन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने घोष वंदन किया
भव्य झांकियों, भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव ने श्रद्धालुओं को कराया वृंदावन की अनुभूति

कोरबा। श्री सप्तदेव मंदिर, कोरबा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस वर्ष अपने 33वें वर्ष में अभूतपूर्व भव्यता, श्रद्धा, आस्था एवं धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पूरा श्री सप्तदेव मंदिर परिसर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कोरबा में ही वृंदावन धाम साकार हो उठा हो।

भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं पर आधारित भव्य एवं जीवंत झांकियों, आकर्षक विद्युत सज्जा, भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, नंदोत्सव, आतिशबाजी एवं धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन सहित अनेक गणमान्यजनों ने किया दर्शन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नरेन्द्र देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा विभिन्न समितियों के सदस्य श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचे।

सभी गणमान्यजनों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंदिर परिसर में बनाई गई भव्य एवं जीवंत झांकियों का अवलोकन किया तथा पूरे आयोजन की भव्यता, धार्मिक वातावरण एवं श्रद्धालुओं के लिए की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

गणमान्य अतिथियों एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने मोदी परिवार एवं कृष्णा ग्रुप को धर्म, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर किए जा रहे कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

1994 से चली आ रही परंपरा ने लिया विराट स्वरूप

श्री सप्तदेव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की परंपरा वर्ष 1994 से प्रारंभ हुई थी। उस समय भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित छोटी-छोटी झांकियों के माध्यम से जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाता था। समय के साथ श्रद्धालुओं एवं समाज के सहयोग से यह परंपरा निरंतर विस्तारित होती गई और आज यह आयोजन कोरबा के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपना विशिष्ट स्थान बना चुका है।

आज जन्माष्टमी के अवसर पर केवल कोरबा ही नहीं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचते हैं। नगरवासियों एवं भक्तों को इस भव्य आयोजन का वर्षभर बेसब्री से इंतजार रहता है।

भव्य झांकियों ने कराया वृंदावन एवं सनातन संस्कृति का सजीव दर्शन

इस वर्ष श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रामायण एवं महाभारत के प्रसंगों तथा सनातन धर्म की विविध आध्यात्मिक एवं धार्मिक कथाओं पर आधारित अत्यंत आकर्षक एवं जीवंत झांकियां सजाई गईं।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म
  • वासुदेव जी द्वारा श्रीकृष्ण को यमुना पार ले जाने का दृश्य
  • पूतना वध
  • वकासुर वध
  • श्री राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी
  • भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप
  • गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण करते भगवान श्रीकृष्ण
  • भगवान श्रीकृष्ण के दशावतार
  • श्री खाटू श्याम जी
  • मां श्री राणी सती दादी
  • द्रोपदी चीरहरण
  • श्रीराम शिला एवं रामसेतु निर्माण करते नल-नील
  • अशोक वाटिका में माता सीता
  • अयोध्या का भव्य श्रीराम मंदिर
  • काशी का श्रीकृष्ण मंदिर
  • तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता पर आधारित जीवंत झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

इन झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ-साथ रामायण, महाभारत एवं सनातन धर्म की विविध आध्यात्मिक परंपराओं का सजीव दर्शन हुआ।

40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन

जन्माष्टमी के अवसर पर सुबह से ही श्री सप्तदेव मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता गया, मंदिर परिसर एवं आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरता गया।

पूरे दिन भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देर रात तक भक्तों का उत्साह बना रहा। अनुमानतः 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए।

‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ में महिलाओं ने दिखाया उत्साह

जन्माष्टमी उत्सव के एक दिन पूर्व मंदिर परिसर में महिलाओं के लिए ‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। महिलाओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ अपने-अपने लड्डू गोपाल को आकर्षक रूप से सजाया।

प्रतियोगिता में महिलाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही और पूरे परिसर में भक्ति एवं उत्सव का वातावरण बना रहा।

नन्हे-मुन्ने बच्चों ने धारण किया श्रीकृष्ण एवं राधा का रूप

जन्माष्टमी के दिन बच्चों के लिए विशेष ‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’ आयोजित की गई। दोपहर 3 बजे प्रारंभ हुई इस प्रतियोगिता में नगर के अनेक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता को तीन वर्गों में विभाजित किया गया—

0 से 2 वर्ष — ‘शिशु कृष्ण बनो’
3 से 5 वर्ष — ‘बालकृष्ण बनो’
5 से 10 वर्ष — ‘राधा-कृष्ण बनो’

नन्हे-मुन्ने बच्चे श्रीकृष्ण, राधा एवं बाल गोपाल के मनमोहक स्वरूप में सजकर पहुंचे तो पूरा वातावरण आनंद एवं वात्सल्य से भर उठा। प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने घोष वंदन करके भक्ति के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा का सुंदर माहौल बनाया, विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस पर भी विशेष आयोजन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के साथ ही विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर भी मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सामाजिक भावनाओं के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व हिंदू परिषद से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

शुभम गोयल के भजनों से देर रात तक भक्तिरस में डूबा मंदिर परिसर

सायंकाल होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। रात्रि 9 बजे से 1 बजे तक प्रसिद्ध भजन गायक शुभम गोयल द्वारा मधुर भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी गई।

भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में सराबोर रहे। पूरा मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’, ‘जय श्रीकृष्ण’ एवं भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा।

भव्य आतिशबाजी से गूंजा आकाश, जयकारों से झूम उठा मंदिर

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी में रात्रि 11 बजे भव्य आतिशबाजी की गई। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आकाश जगमगा उठा और मंदिर परिसर में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की खुशी मनाई।

रात्रि 12 बजे शंखनाद एवं बैंड-बाजे के साथ हुआ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

रात्रि 12 बजते ही वह पावन क्षण आया, जिसका श्रद्धालुओं को पूरे दिन इंतजार था। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, मंदिर परिसर शंखनाद, घंटियों, बैंड-बाजे, जयकारों एवं बधाइयों से गूंज उठा।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही पूरे मंदिर परिसर में उल्लास की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाई दी और नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया।

प्रशासन एवं विभिन्न संस्थाओं का मिला सराहनीय सहयोग

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए विशेष सहयोग प्रदान किया गया। महिला पुलिस बल, पुरुष पुलिस बल एवं यातायात पुलिस के जवानों ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नगर पालिक निगम, कोरबा द्वारा स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सराहनीय सहयोग दिया गया। वहीं बिजली विभाग द्वारा भी निर्बाध विद्युत व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।

धर्म, संस्कृति एवं सामाजिक चेतना का संगम बना श्री सप्तदेव मंदिर

इस वर्ष का जन्माष्टमी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सनातन संस्कृति, धार्मिक शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, बाल संस्कार एवं सामाजिक समरसता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

भव्य झांकियों से जहां भगवान श्रीकृष्ण एवं सनातन संस्कृति की गौरवगाथा का दर्शन हुआ, वहीं बच्चों की प्रतियोगिताओं ने नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया।

मोदी परिवार एवं कृष्णा ग्रुप की धार्मिक-सामाजिक प्रतिबद्धता की हुई सराहना

जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा श्रद्धालुओं ने मोदी परिवार एवं कृष्णा ग्रुप द्वारा वर्षों से धर्म एवं संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि श्री सप्तदेव मंदिर में आयोजित होने वाला जन्माष्टमी महोत्सव आज केवल एक परिवार या संस्था का आयोजन नहीं, बल्कि कोरबा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। जिस श्रद्धा, समर्पण एवं व्यवस्थित ढंग से इस आयोजन को निरंतर भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है, वह अनुकरणीय है।

श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ट्रस्ट ने व्यक्त किया आभार

श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ट्रस्ट ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस एवं यातायात विभाग, नगर पालिक निगम, बिजली विभाग तथा विभिन्न समितियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

ट्रस्ट ने विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, श्री योग वेदांत सेवा समिति, पतंजलि योग पीठ समिति, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल महिला संगठन, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा कोरबा, हिंदू नारायणी सेना कोरबा एवं श्री सप्तदेव मंदिर महिला मंडल सहित सभी सहयोगी संस्थाओं एवं समितियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

ट्रस्ट ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा, श्रद्धालुओं की आस्था, समाज एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग तथा प्रशासन के समन्वय से ही यह भव्य आयोजन सफल हो सका।

श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, सनातन संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं की यह ज्योत निरंतर प्रज्वलित रहे और आने वाली पीढ़ियां भी अपनी गौरवशाली संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़ी रहें—यही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।

जय श्रीकृष्ण।

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उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह 8 सितंबर को

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कोरबा, 07 सितंबर 2026। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला साक्षरता विभाग, कोरबा द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह का आयोजन 8 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2 बजे कलेक्टर सभा कक्ष, कोरबा में किया जाएगा।
समारोह का आयोजन “साक्षर बनें, सशक्त बनें” एवं “उल्लास से उज्ज्वल भविष्य की ओर” की थीम पर किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने तथा उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के प्रति जागरूक करना है।
समारोह में मुख्य अतिथिलखन लाल देवांगन, माननीय मंत्री, वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम, छत्तीसगढ़ शासन होंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, सांसद लोकसभा क्षेत्र कोरबा, प्रेमचंद पटेल विधायक कटघोरा, फूलसिंह राठिया विधायक रामपुर, तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम विधायक पाली-तानाखार, श्रीमती संजू देवी राजपूत महापौर नगर पालिक निगम कोरबा, डॉ. पवन सिंह अध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, नूतन सिंह ठाकुर सभापति नगर पालिक निगम कोरबा तथा श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा उपस्थित रहेंगी।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले में साक्षरता के साथ-साथ नागरिकों को दैनिक जीवन में उपयोगी ज्ञान, कौशल एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला साक्षरता विभाग ने जिलेवासियों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहभागी बनकर साक्षरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है।

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आप स्वीकृत काम पूरा करिए, मैं गाँव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा-कलेक्टर कुणाल दुदावत

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खनन प्रभावित ग्रामों में कलेक्टर ने सरपंचों और ग्रामीणों से किया वन-टू-वन संवाद, विकास कार्यों की ली जानकारी

सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा में लगी चौपालः शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता

कोरबा, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्राम पंचायतों सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायत भवनों में सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर सीधे संवाद किया तथा गाँव की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
कलेक्टर ने सरपंचों और पंचों से कहा कि गाँव के समग्र विकास के लिए सभी मिलकर एक समग्र कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि गाँव में जिन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। महत्वपूर्ण कार्यों को जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को केवल समय-सीमा में पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण होना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा, आप स्वीकृत काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करिए, मैं गाँव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा।
आप काम पूरा करते जाइए और नए कार्यों के प्रस्ताव लेकर आइए, ताकि गाँव के विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रहे।
स्वीकृत कार्यों के साथ भुगतान की समस्या भी होगी दूर
कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्राम पंचायतों को भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्यों से संबंधित भुगतान में यदि जनपद पंचायत अथवा किसी अन्य एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही संबंधित कार्यों का भुगतान भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। गाँवों में पेयजल, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के सुधार पर जोर

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों की मरम्मत की मांग रखी। कलेक्टर ने आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने तथा अनुपयोगी भवनों के स्थान पर नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत करने की बात कही। विभिन्न स्थानों पर सीसी सड़क निर्माण की मांग पर भी उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों द्वारा शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए मंगल भवन की मांग रखे जाने पर कलेक्टर ने कहा कि अलग-अलग वार्डों में छोटे-छोटे भवन बनाने की अपेक्षा गाँव के प्रमुख स्थान पर सभी की सहमति से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाया जाना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने ग्रामीणों की सहमति के आधार पर इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर विचार करने की बात कही।
पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप

ग्रामीणों की मांग पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप स्थापित करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मंच एवं अहाता निर्माण, सोलर लाइट, सड़क पर ब्रेकर, गोठान विकास, तालाब में पचरी निर्माण, पुल निर्माण, खराब बोर की मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने जैसी मांगों पर भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

चौपाल में पट्टा निरस्तीकरण, राशन दुकान में अंगूठा लगवाने के बाद चावल नहीं मिलने, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, पूर्ण आवास का मजदूरी भुगतान नहीं होने तथा अवैध शराब विक्रय पर रोक लगाने जैसी समस्याएं भी ग्रामीणों ने रखीं। कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों द्वारा नए स्कूल खोलने तथा अरिहन नदी पर पुल निर्माण की मांग भी रखी गई। कलेक्टर ने दोनों मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
जल जीवन मिशन में घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही भुगतान

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत गाँवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित ठेकेदारों को तीन माह की समय-सीमा में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति शुरू होने और उसका सत्यापन होने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने ग्राम पंचायतों को सुझाव दिया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर न्यूनतम शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे बिजली बिल, पंप खराब होने अथवा अन्य आकस्मिक आवश्यकताओं के समय राशि की समस्या न हो।
सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत के साथ अतिरिक्त आय का अवसर
कलेक्टर ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो ग्रामीण अपने घर में सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, वे ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं। ऐसे परिवार जिनके घर में पक्की छत नहीं है अथवा खपरैल वाले घर हैं, वे भी 8 से 15 ग्रामीणों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोलर ऊर्जा के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ ही अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है।
“12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई भी जरूरी”-बच्चों की उच्च शिक्षा पर कलेक्टर का जोर
कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से कहा कि आज के समय में केवल 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और आगे कॉलेज की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग दिया जा रहा है। कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को यदि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए नीट अथवा जेईई की तैयारी करनी है, तो उनके लिए आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद यदि कोई विद्यार्थी देश के किसी भी मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज अथवा अन्य पाठ्यक्रम में किसी बड़े सरकारी शिक्षण संस्थान में प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसकी फीस का वहन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के संबंध में सीपेट और बालिकाओं के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेषन द्वारा 30 हजार रूपए के छात्रवृत्ति के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी।
महिलाओं को प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक जोड़ने की पहल
कलेक्टर ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इच्छुक महिलाएं प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं।
उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की मांग पर दोना-पत्तल बनाने की मशीन, सिलाई कार्य, साबुन निर्माण, स्कूल ड्रेस सिलाई, बर्तन बैंक तथा ढलाई से संबंधित सेंटरिंग कार्य के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने सहित अन्य प्रकार से सहयोग करने की बात कही।
उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और परिवार के साथ-साथ गाँव की आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं द्वारा बैठक के लिए भवन की मांग किए जाने पर कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल गाँव के किसी पुराने भवन की मरम्मत कर बैठक के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार नए भवन के निर्माण के लिए भी प्रयास किया जाएगा।
गोठान के स्थान पर गौधाम योजना से जुड़ने की सलाह
गाँव में गोठान विकसित करने की मांग पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को गौधाम योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौ सेवा आयोग द्वारा इस दिशा में सहयोग प्रदान किया जाता है। सामाजिक संगठन अथवा ग्राम पंचायत इस प्रकार की गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं।
धान विक्रय के लिए किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील
कलेक्टर श्री दुदावत ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रही गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों का नया शासकीय अथवा वन पट्टा बना है, रकबे में संशोधन हुआ है, जो पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए पंजीयन से वंचित रह गए थे अथवा किसी कारण से पंजीयन नहीं करा पाए थे और इस वर्ष धान बेचना चाहते हैं, वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि धान विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की, ताकि सर्वे के पठन के दौरान यदि किसी प्रकार की आपत्ति हो तो किसान अपनी बात रख सकें और समय रहते आवश्यक सुधार कराया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि खनन प्रभावित गाँवों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, बिजली और आजीविका के अवसरों को मजबूत करते हुए गाँवों को आत्मनिर्भर और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना जिला प्रशासन का लक्ष्य है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूर्ण कराने में सहयोग करने की अपील की।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ, बीईओ, तहसीलदार, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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नारी शक्ति मछुवा सहकारी समिति बुका मड़ई के मतदाता सूची प्रकाषित

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दावा- आपत्ति 12 सितंबर तक आमंत्रित

कोरबा 07 सितंबर 2026। नारी शक्ति मछुवा सहकारी समिति मर्यादित बुका मड़ई पंजीयन क्रमांक 346 के सदस्यों की मतदाता सूची का प्रकाशन 07 सितंबर 2026 को कर दिया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 12 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी जी.डी. पाण्डेय ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय बुका मड़ई में प्रबंधक/सदस्य श्रीमती बसंती बाई के पास  12 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 14 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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