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कोरबा

बिना कोचिंग भी मिलती है सफ़लता, गीतांजली ने सब इंस्पेक्टर मे चयन कर लिखी सफ़लता की नयी इबादत

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कोरबा/पाली। शिक्षा के व्यवसायी करण के इस दौर में अगर कोई ऐसी खबर निकलकर आपके सामने आए जो आपको उत्साहित और प्रेरित कर दे तो इसे आप महज संयोग ही मानेंगे और उसे जानने के उत्सुक होंगे.कहा जाता है कि कहानी समाज के सुदूर कोने से निकलकर आती है और व्यापक परिवेश में अपना प्रभाव छोड़ जाती है .हम भी आपको एक ऐसी ही शख्सियत से मिलाते हैं जो पूर्णतः ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी और आज सफलता के मुकाम पर अपना झंडा फहराने को तैयार है. नाम है गीतांजलि कँवर! इसका चयन हुआ है छत्तीसगढ़ राज्य के पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर.जो विगत 6 साल के बाद लंबे इंतजार के बाद फलीभूत हुआ है आखिरकार कड़ी मेहनत और लगन से अब इसकी हकदार बन चुकी है।
कोरबा जिले के आदिवासी विकासखंड और तहसील पाली के ग्राम पंचायत केराझरिया की आज पहचान और शान बनकर उभरी यह बच्ची आदिवासी कँवर समाज का प्रतिनिधित्व करती है. पूर्णतः ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी और सामाजिक संस्कारों में अग्रणी इस बालिका ने यूं ही अपनी सफलता का रास्ता तय नहीं किया है इसके पीछे उसकी कड़ी मेहनत, लगन, संघर्ष और गजब का आत्मविश्वास है. जो इसकी सफ़लता से झलकता भी है. संसाधनों और अभावों के बीच सामान्य कृषक परिवार की इस बेटी ने गणित विषय लेकर स्नातक किया और भौतिक में स्नातकोत्तर किया है. विगत दो वर्षों से छग पीएससी का मेंस परीक्षा दिलाकर लगातार प्रशासनिक पद हेतु प्रयास जारी रखा. इस बीच इसने महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) भी भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक साइंस विषय लेकर उत्तीर्ण कर लिया है।
इतनी सफ़लता के बीच लोगों को य़ह जानकर आश्चर्य होगा कि उसने अब तक की सारी सफलता बिना किसी कोचिंग के केवल अपने स्वयं के बलबूते और प्रयास से हासिल किया है. मास्टर डिग्री के बाद प्रतियोगी परीक्षा क्रैक करने के लिए किसी भी कोचिंग संस्थान का सहयोग नहीं लिया है. यह उन लोगों के लिए प्रेरणा का सबक हो सकता है जो यह मानकर चलते हैं कि बिना कोचिंग के सफलता प्राप्त नहीं होती. इन सब के साथ-साथ उसने स्वयं सेवक बनाकर राष्ट्रीय सेवा योजना में सी सर्टिफिकेट और प्री आरडीसी कैंप ग्वालियर में भी अपनी सहभागिता रखकर बेहतर प्रदर्शन किया है.
उनके कृषक पिता मान सिंह कँवर बताते हैं कि उनकी बेटी बचपन से ही सभी विधाओं में आगे रही है और उसने सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेलकूद आदि में सभी क्षेत्र में अपना अच्छा प्रदर्शन लगातार जारी रखा है.गृहणी मां श्रीमती हरित क्रांति की आंखें भर आती है जब यह बताती है की बेटी अपने पढ़ाई से समय निकाल कर घर का सारा काम स्वयं करती है और खेती के कार्यों में भी हाथ अपनी पढ़ाई से समय निकालकर उन्हें पूरा करने में अपना सहयोग भी प्रदान करती है. गीतांजलि की सफलता पर उनके गुरुजनों ने उन्हें भरपूर शुभकामना प्रेषित की है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है. गीतांजली ने बताया कि उनकी सफ़लता मे लगातार गुरुजनों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद मिलता रहा है. वही आत्मविश्वास उसकी सफलता का पर्याय बना है।

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कोरबा

उरगा क्षेत्र में दो जगह मिले शव:2 दिन बाद हसदेव नदी से 15 साल के सूरज की लाश मिली, खेत में मिला अज्ञात शव

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कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में शव मिलने से सनसनी फैल गई। कुदुरमाल के हसदेव नदी एनीकट में नहाते समय तेज बहाव में बहे 15 वर्षीय बालक सूरज महंत का शव दो दिन बाद बरामद हो गया।

वहीं पचपेड़ी गांव के खेत में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव अब भी पहेली बना हुआ है। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

एनीकट में नहाते समय बहा था 15 साल का सूरज

पहली घटना कुदुरमाल गांव की है। गुरुवार सुबह 15 वर्षीय सूरज महंत हसदेव नदी के एनीकट में नहा रहा था। इसी दौरान अचानक पानी का स्तर और बहाव बढ़ गया और वह तेज धारा में बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर परिजनों और उरगा पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नवीन पटेल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर सेना के गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। लगातार बारिश और बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव तेज था, जिससे रेस्क्यू में मुश्किलें आईं।

दो दिन बाद कटबीतला के पास मिला शव

लगातार दो दिन तक तलाश अभियान चलाने के बाद शनिवार को सूरज का शव कटबीतला गांव के पास हसदेव नदी में मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

खेत में मिला अज्ञात शव, हत्या की आशंका

दूसरी घटना पचपेड़ी गांव की है। यहां PDS सोसाइटी भवन के पास एक खेत में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, शव के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान हैं। इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

शव से दुर्गंध आने के कारण उसके करीब 3 से 4 दिन पुराना होने का अनुमान है। तीन दिन बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस

उरगा पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान के लिए WhatsApp ग्रुप और कोटवारों के जरिए आसपास के गांवों में सूचना भेजी गई है। पुलिस फिलहाल हत्या के साथ-साथ हादसे की संभावना को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है।

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कोरबा

‘सशक्त ऐप’ की मदद से फिर मिली बड़ी सफलता: चोरी की मोटर साइकिल बरामद

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कोरबा 05 सितंबर 2026। दर्री पुलिस टीम ने लावारिस अवस्था में मिली एक मोटर साइकिल की सशक्त ऐप के माध्यम से तुरंत जांच कर चोरी का मामला उजागर किया है।
सशक्त ऐप से ऐसे सुलझी गुत्थी
डिजिटल चेकिंग व पहचान: 05.09.2026 को चेकिंग के दौरान लावारिस मिली हीरो सी.डी. 110 ड्रीम (CG-12-AV-1387) का डाटा सशक्त ऐप में दर्ज किया गया।

तकनीकी मिलान: ऐप में चेचिस नंबर (ME4JC677EJ8169808) एवं इंजन नंबर (JC67E84175032) सर्च करते ही वाहन का पूरा पिछला पुलिस रिकॉर्ड सामने आ गया।

वास्तविक मालिक का पता: वाहन गुलाम मुस्तफा (26 वर्ष), निवासी- 15 ब्लॉक, कोरबा का होना पाया गया।

पूर्व में दर्ज FIR: यह बाइक 14.08.2026 को चोरी हुई थी, जिसकी रिपोर्ट 21.08.2026 को चौकी CSEB (थाना सिविल लाइन रामपुर) में अपराध क्र. 741/2026 के तहत दर्ज थी।

सशक्त ऐप की खासियत: यह ऐप पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही इंजन, चेचिस या रजिस्ट्रेशन नंबर से वाहन का रिकॉर्ड जांचने की सुविधा देता है, जिससे अपराधियों की धरपकड़ और चोरी की गाड़ियों की बरामदगी आसान हुई है

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कोरबा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत पशुधन विकास विभाग के संकेतकों की पूर्ति हेतु एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

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कलेक्टर कुणाल दुदावत ने लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के दिए निर्देश

कोरबा, 05 सितंबर, 2026। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत पशुधन विकास विभाग के निर्धारित संकेतकों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी विकासखंडों में मैदानी स्तर पर कार्यरत पशु चिकित्सकों, पैरावेट्स, पीएआईडब्ल्यू एवं पशु सखियों सहित कुल 145 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विभागीय अधिकारियों एवं मैदानी अमले को योजना के अंतर्गत निर्धारित सभी संकेतकों की पूर्ति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड एवं हरा चारा विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लिए प्रभावी मैदानी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. एस.एन. मिश्रा ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत विभागीय कार्यक्रमों एवं निर्धारित संकेतकों की पूर्ति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मयंक गोस्वामी ने कृत्रिम गर्भाधान विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सीमेन के उचित रखरखाव, कृत्रिम गर्भाधान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा अधिकतम गर्भधारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी बिंदुओं को उदाहरण सहित समझाया।
इसी क्रम में डॉ. एच.के. सोनी ने मदकाल की पहचान, समाकालन एवं संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के संकेतकों की पूर्ति के लिए पशु रोग नियंत्रण, टीकाकरण तथा विभागीय गतिविधियों के प्रभावी संचालन से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई।

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