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छत्तीसगढ़

सुधा ने हजारों जिंदगियां संवारी,अब सरकारी मदद की दरकार

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निस्वार्थ सेवा की मिसाल बनी सुधा,हजारों महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर

बिलासपुर, सुनील चिंचोलकर। सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम बन चुकीं सुधा शर्मा आज अपने अथक प्रयासों से कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। समाजसेवी होने के साथ-साथ वे एक कुशल वोकेशनल ट्रेनर भी हैं, जो महिलाओं और युवतियों को सिलाई, मेहंदी, केक मेकिंग, टोकरी और झाड़ू बनाना जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं।


सुधा प्रवाह महिला सशक्तिकरण फाउंडेशन की संस्थापिका सुधा शर्मा बताती हैं, “मैंने देखा कि बहुत सी महिलाएं हुनर तो रखती हैं लेकिन उचित मार्गदर्शन और मंच के अभाव में वे घर की चारदीवारी तक सीमित रह जाती हैं। यही सोचकर मैंने निःशुल्क प्रशिक्षण शिविरों की शुरुआत की।” उनके इन प्रयासों से दर्जनों महिलाएं अब स्वयं का रोजगार शुरू कर चुकी हैं और अपने परिवार को आर्थिक सहयोग दे रही हैं।


सुधा की ट्रेनिंग विशेष रूप से ग्रामीण व शहरी गरीब वर्ग की महिलाओं के लिए होती है, जिसमें न केवल उन्हें व्यावसायिक कला सिखाई जाती है, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान भी बढ़ाया जाता है। वे बताती हैं, “हम सिर्फ हुनर नहीं सिखाते, हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की ताकत देते हैं।”

सुधा शर्मा की सबसे खास बात यह है कि वे व्यक्तिगत रूप से हर प्रशिक्षणार्थी की प्रगति पर ध्यान देती हैं। उनका सपना है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और किसी पर निर्भर न रहे। वे कहती हैं, “अगर एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज मजबूत बनता है।” उनके कार्यों की सराहना कई सामाजिक संस्थाएं कर चुकी हैं और अब वे अन्य जिलों में भी अपने प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बना रही हैं। सचमुच, सुधा शर्मा जैसी महिलाएं समाज में बदलाव की मिसाल हैं।

सरकारी मदद की मोहताज़

सुधा शर्मा को इस बात का अफसोस है कि लगातार तीन वर्षोंं से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रियता निभाने के बावजूद सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली। अपने बूते पर सुधा बारह सौ महिलाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं और ये महिलाएं अब अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हैं।

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छत्तीसगढ़

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन

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जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में  निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गति और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहे निर्माण पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और मरीजों को यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी। 

 इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में इस अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित 6 मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों का ढलाई कार्य पूर्ण हो चुका है। 

अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू, पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर संचालित होगा। यह चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, इमरजेंसी वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

जशपुर: मातृत्व वन प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री साय ने जशपुर सर्किट हाउस में मातृत्व वन का किया लोकार्पण

एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ा जनभावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश: लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक पौधे रोपित

मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर सर्किट हाउस में मातृत्व वन का किया लोकार्पण

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर सर्किट हाउस परिसर में विकसित मातृत्व वन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृत्व वन न केवल हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, बल्कि यह प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का एक सशक्त प्रतीक भी है और आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता का केंद्र बनेगा।

उल्लेखनीय है कि जशपुर मंडल द्वारा विकसित मातृत्व वन में लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया, जिससे प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक संबंध को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास कर रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र के विस्तार में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेंगी।

मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीताअशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य में औषधीय उपयोग एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज और पर्यावरण के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

जशपुर : बेटियों के सम्मान का संकल्प: 240 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने दिया सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद

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हमारी सरकार हर बेटी के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए संकल्पित है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए, जहां 240 नवविवाहित जोड़ों का विवाह विधिवत सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय विवाह मंडप में पहुंचकर नवदंपतियों के बीच गए और उन्हें शुभाशीष प्रदान करते हुए उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम का वातावरण पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और सामाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत रहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान कर उनके माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के साथ ही समाज में एकता और समरसता को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को राहत मिली है और बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंता काफी हद तक दूर हुई है। सामूहिक कन्या विवाह समारोह में विभिन्न समाजों के 240 जोड़ों ने एक साथ विवाह कर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 35 हजार रुपए की राशि चेक के माध्यम से सीधे हितग्राही को दी जाती है, जबकि लगभग 7 हजार रुपए की वैवाहिक सामग्री एवं 8 हजार रुपए आयोजन व्यय के रूप में खर्च किए जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवदंपतियों को 35 हजार रुपए की राशि के चेक वितरित किए और उनके खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से विवाह सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में नवदंपतियों को विवाह प्रमाण पत्र एवं उपहार सामग्री भी प्रदान की गई। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और योजना की सराहना की। यह आयोजन न केवल एक सामाजिक कार्यक्रम रहा, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी सोच और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बना।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जूदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशिकुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

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