रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ राज्य के 11 पुलिस अफसर और जवानों को वीरता पुरस्कार दिया गया है। इनमें से एक है इंस्पेक्टर संजय पोटाम। संजय वर्तमान में दंतेवाड़ा में पोस्टेड हैं। संजय पहले नक्सली लोगों के खेमे में काम करते थे। लेकिन नक्सलियों के अत्याचार से परेशान होकर उन्होंने सरेंडर कर दिया।
पुलिस प्रशासन में पहले गोपनीय सैनिक के तौर पर काम शुरू किया। उन्होंने लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान में पुलिस का साथ दिया। जिसके बाद पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर भर्ती हुए।
संजय पोटाम को 7 सालों में 5 बार प्रमोशन मिला। उन्होंने कॉन्स्टेबल से हेड कॉन्स्टेबल फिर ASI, SI से इंस्पेक्टर तक का सफर तय किया।
संजय पोटाम से दैनिक भास्कर ने एक्सक्लूसिव बातचीत की।
नक्सलियों की रणनीति उन्हीं के खिलाफ की इस्तेमाल
संजय पोटाम से दैनिक भास्कर ने एक्सक्लूसिव बातचीत की। जिसमें बताया कि उन्होंने नक्सलियों के बीच रहकर उनकी रणनीति समझी। नक्सलियों के हमले करने के तरीके और भागने के रास्तों को जाना।
जब पुलिस के साथ नक्सल खिलाफ ऑपरेशन में गए। तो ये रणनीतियां काम आईं। फिर नक्सलियों की कमियों को जानते हुए वहीं पर हमला किया गया। जिससे की कम नुकसान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली।
संजय पोटाम ने कहा- नक्सलियों के बीच रहकर उनकी रणनीति समझी
3 नक्सलियों को उतारे थे मौत के घाट
संजय ने बताया कि यह वीरता पुरस्कार दंतेवाड़ा और बीजापुर के सीमावर्ती इलाकों के जंगल में नक्सलियों के खिलाफ एक सफल ऑपरेशन के लिए मिला है। पुलिस को नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी। पुलिस की टीमों को रवाना किया गया। एक टीम का नेतृत्व मैं खुद कर रहा था।
तलाशी के दौरान नक्सलियों ने अचानक हमला कर दिया। जिसके बाद नक्सलियों के साथ आमने सामने की मुठभेड़ हुई। जिसमें दोनों तरफ से जमकर गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ के बाद तीन नक्सलियों का शव बरामद हुआ।
छत्तीसगढ़ से इस बार कुल 12 जिलों के अधिकारियों को अलग-अलग कैटेगरी में सम्मानित किए गये।
वीरता पुरस्कार पाने वाले अन्य जवानों के किस्से जानिए
2 महिला नक्सलियों को किया था ढेर
इंस्पेक्टर चैतराम गुरुपंच ने बताया कि 14 मार्च 2003 की घटना है। DRG को सूचना मिली कि दंतेवाड़ा के कटे कल्याण इलाके में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे तो नक्सली एंबुश लगाकर बैठे थे। दोनों तरफ से फायरिंग चालू हो गई। जो कुछ घंटे तक चली।
फायरिंग बंद हुई तो सर्चिंग ऑपरेशन में दो महिला नक्सलियों की लाश बरामद की गई। चैतराम ने बताया कि जब एंबुश से घिर जाते हैं तो हमें काउंटर एंबुश करना पड़ता है। जिसमें सामने के जवान जमीन पकड़ लेते हैं वहीं पीछे के लेफ्ट और राइट साइड से दुश्मनों को घेरने की कोशिश करते हैं।
हेड कॉन्स्टेबल दिनेश भास्कर।
IED ब्लास्ट में एक जवान का पैर उखड़ गया
हेड कॉन्स्टेबल दिनेश भास्कर ने बताया कि दंतेवाड़ा में एक एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई। जिसमें दो महिला नक्सली ढेर हुई थी। इसी वजह से उन्हें वीरता पुरस्कार मिल रहा है। इसी तरह वो एक ऑपरेशन से लौट रहे थे।
इस दौरान आईडी ब्लास्ट में उनके साथ चल रहे एक आरक्षक का दोनों पैर उखड़ गया। दिनेश का कहना है कि यह बहुत मुश्किल वक्त होता है, लेकिन इसी के लिए हमारी ट्रेनिंग और तैयारी होती है।
रायपुर के इंस्पेक्टर की वीरता कहानी
छत्तीसगढ़ के निरीक्षक भुनेश्वर कुमार साहू को वीरता पदक से सम्मानित किया गया। साहू को यह सम्मान उनके अदम्य साहस, नक्सल प्रभावित इलाकों में सफल ऑपरेशन और टीम को सुरक्षित कमांड करने के लिए दिया गया।
साहू ने बताया कि 17 जून 2021 को, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज और एसएसपी जगदलपुर के आदेश पर निरीक्षक साहू के नेतृत्व में सर्चिंग पार्टी चंदामेटा जंगल, ग्राम प्यारभाठ (थाना दरभा) के लिए रवाना हुई थी। बरसते पानी और दुर्गम पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए टीम 18 जून की सुबह नक्सलियों के गढ़ में पहुंची।
यहां नक्सलियों की टुकड़ी ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बीच खुद और टीम को संभालते हुए नक्सलियों से हमने आत्मसमर्पण करने को कहा। मगर लगातार हो रही फायरिंग के बीच, उन्होंने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए जवाबी कार्रवाई की।
बता दें कि निरीक्षक साहू अब तक 25 से अधिक सफल नक्सल अभियानों का नेतृत्व कर चुके हैं। बस्तर रेंज में उनके इस योगदान को देखते हुए उन्हें 15 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक प्रदान किया गया।
इन्हें मिला अवॉर्ड
छत्तीसगढ़ से इस बार कुल 12 जिलों के अधिकारियों को अलग-अलग कैटेगरी में सम्मानित किए गये। इनमें सबसे ज्यादा 8 अधिकारी दंतेवाड़ा के हैं।
परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल
कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।
जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।
गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट
दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।