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दंतेवाड़ा में 71 नक्सलियों का सरेंडर…30 पर 64 लाख इनाम:इसमें DVCM-ACM रैंक के 21 महिला और 50 पुरुष नक्सली, कई वारदातों में रहे शामिल

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दंतेवाड़ा,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर कुल 71 माओवादियों ने सरेंडर किया है। इनमें 21 महिला और 50 पुरुष नक्सली शामिल हैं। 30 नक्सलियों पर 64 लाख रुपए का इनाम घोषित है। सरेंडर करने वालों में DVCM और ACM रैंक के नक्सली हैं। कई नक्सली ऐसे हैं जो कई बड़ी मुठभेड़ों में भी शामिल रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर आत्मसमर्पित नक्सली को 50 हजार रुपए की तत्काल सहायता, स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण, कृषि भूमि आवंटन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, इन अभियानों का मकसद नक्सलियों को हिंसा छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा और आत्मनिर्भर जीवन की ओर लाना है।

दंतेवाड़ा पुलिस के सामने एक साथ 71 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

दंतेवाड़ा पुलिस के सामने एक साथ 71 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

बड़े इनामी नक्सली भी शामिल

  • बामन मड़काम (इनाम ₹8 लाख) – प्लाटून 02 का डिप्टी कमांडर, 2011 से 2024 तक दमपाया, मटलाचेरू, दुगईगुड़ा, अम्बेली, वेलगाड़रम और गुण्डम के जंगलों में हुई कई बड़ी पुलिस-नक्सली मुठभेड़ों में शामिल।
  • शमिला उर्फ सोमली कवासी (इनाम ₹5 लाख) – 2023 में भैरमगढ़ ओरछापारा में मोबाइल टावर में आगजनी और 2024 में बोड़गा पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल।
  • गंगी उर्फ रोहनी बारसे (इनाम ₹5 लाख) – 2024 में भामरागढ़ एरिया कमेटी अंतर्गत ग्राम परादी की मुठभेड़ में शामिल।
  • देवे उर्फ कविता माड़वी (इनाम ₹5 लाख) – 2024 में दक्षिण बस्तर डिवीजन के ग्राम जिरम की मुठभेड़ में शामिल।
  • जोगा मड़काम (इनाम ₹2 लाख) – 2018 में ग्राम मार्जूम और 2021 में गोगुंडा डुंगीनपारा जंगल की मुठभेड़ों में शामिल।
  • बाकी नक्सली अपने-अपने इलाके में नक्सली बंद सप्ताह के दौरान सड़क काटने, पेड़ गिराने, बैनर-पोस्टर लगाने और पर्चे बांटने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे थे।

क्या है लोन वर्राटू

लोन वर्राटू का मतलब होता है घर वापस आइए। इस अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस अपने जिलों के ऐसे युवाओं को पुनर्वास करने और समाज की मुख्य धारा में लौटने का संदेश देती है, जो नक्सलियों के साथ हो गए हैं।

पुलिस की इस योजना के तहत गांवों में उस इलाके के नक्सलियों की सूची लगाई जाती है। उनसे घर वापस लौटने की अपील की जाती है। उन्हें पुनर्वास योजना के तहत कृषि उपकरण, वाहन और आजीविका के दूसरे साधन दिए जाते हैं, जिससे वे नक्सल विचारधारा को छोड़कर जीवन यापन कर सकें।

71 सरेंडर नक्सलियों के नाम, उम्र और इनामी

शंकर उर्फ भारत ओयाम (25) – डोडीतुमनार RPC जनताना सरकार गुरूजी, गंगालूर।

बामन मड़काम (30) – प्लाटून 02 PPCM/डिप्टी कमांडर, निवासी पंगुड़, मोदकपल्ली (₹8 लाख इनामी)

मनकी उर्फ समीला मण्डावी (20) – कम्पनी 01 सदस्य, ताड़नार, ओरछा (₹8 लाख)

शमिला उर्फ सोमली कवासी (25) – ACM/इन्द्रावती एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमांडर, रेखावाया, ओरछा (₹5 लाख)

गंगी उर्फ रोहनी बारसे (25) – भामरागढ़ एरिया कमेटी ACM, कंगालतोंग, किस्टाराम (₹5 लाख)

संतोष मण्डावी (30) – ACM/कुतुल एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमांडर, पल्लेवाया तुतपारा, भैरमगढ़ (₹5 लाख)

देवे उर्फ कविता माड़वी (25) – ACM/बायपर एरिया मेडिकल टीम कमांडर, तमोड़ी, गंगालूर (₹5 लाख)

रानू उर्फ गडरू वेको (35) – माड़ डिवीजन टेलर टीम कमांडर, ताकीलोड़, भैरमगढ़ (₹3 लाख)

हिड़मे कारम (24) – प्लाटून 02 सदस्य, बेलमनेन्ड्रा, आवापल्ली (₹2 लाख)

विष्णु उर्फ गुड्डी ओयाम (38) – इन्द्रावती एरिया कमेटी CNM कमांडर, रेखावाया, ओरछा (₹2 लाख)

जोगा मड़काम (30) – प्लाटून 24 सदस्य, मुनगा, कटेकल्याण (₹2 लाख)

हाथी राम उर्फ राजेश वेको (35) – मिलिशिया कमांडर, कोहकाबेड़ा, बारसूर (₹2 लाख)

सुक्को बाई अट्टामी (51) – पल्लेवाया RPC KAMS अध्यक्ष, भैरमगढ़ (₹2 लाख)

धसनी कश्यप (55) – तोड़मा RPC KAMS अध्यक्ष, पदनार/कुवे

परमेष कोरसा (20) – इन्द्रावती एरिया मेडिकल टीम सदस्य, ताकिलोड़, भैरमगढ़ (₹1 लाख)

वेल्ला सोड़ी (24) – पामेड़ एरिया पार्टी सदस्य, गुण्डम/चुटवाया, तर्रेम (₹1 लाख)

कुमारी पारो उर्फ कमला पोयाम (18) – पूर्वी बस्तर डिवीजन सप्लाई टीम, तोड़मा स्कूलपारा, बारसूर (₹1 लाख)

रामसू उर्फ मनीराम लेकाम (22) – SZCM गार्ड, मोहनार, ओरछा (₹1 लाख)

सोमड़ी उर्फ मनीषा वेको (23) – कम्पनी 01 सदस्य, बोन्डोस, ओरछा (₹1 लाख)

सन्नी माड़वी (27) – दरभा डिवीजन टेलर टीम, गुमियापाल, किरन्दुल (₹1 लाख)

मोटू राम तामो (26) – इन्द्रावती एरिया पार्टी सदस्य/गार्ड, ताकीलोड़, भैरमगढ़ (₹1 लाख)

अजय अलामी (40) – जनताना सरकार अध्यक्ष, परलनार, ओरछा (₹1 लाख)

सन्नू ओयाम (35) – डोडीतुमनार RPC जनताना सरकार अध्यक्ष, गंगालूर (₹1 लाख)

मुन्ना राम वेको (25) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

उर्मिला तामो (25) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

सुनिता मण्डावी (25) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

संतोष पोयाम (21) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

चैतराम पोयाम (27) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

चैतराम अट्टामी (25) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

कुमारू वेको (21) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

भीमसोन तामो (30) – पल्लेवाया RPC CNM सदस्य, भैरमगढ़ (₹50 हजार)

आयतु मण्डावी (25) – DAKMS सदस्य, कुवेम, बारसूर

मड़काम गुड्डी (19) – मिलिशिया सदस्य, ककाड़ी कामापारा, अरनपुर

कुमारी रामवती कोवासी (17) – मिलिशिया सदस्य, तोड़मा, बारसूर

सुधरू वेको (40) – जनताना सरकार उपाध्यक्ष, कोहकाबेड़ा, बारसूर

बामन पदामी (23) – मिलिशिया सदस्य, कोहकाबेड़ा, बारसूर

बुधराम कश्यप (52) – जनताना सरकार सदस्य, कोहकाबेड़ा, बारसूर

श्यामबती मण्डावी (30) – मिलिशिया सदस्य, बुरदूम, बारसूर

बुधरी पदाम (27) – मिलिशिया सदस्य, कोहकाबेड़ा, बारसूर

मोंगड़ी कश्यप (50) – KAMS सदस्य, कोहकाबेड़ा, बारसूर

जोगा कुंजाम (32) – मिलिशिया प्लाटून सेक्शन कमांडर, नेलाकाकेर, उसूर

धनी कश्यप (46) – DAKMS उपाध्यक्ष, कुर्सिंगबहार स्कूलपारा, बारसूर

मुन्ना अकाली (36) – DAKMS सदस्य, कुर्सिंगबहार, बारसूर

मासे अट्टामी (38) – पल्लेवाया RPC KAMS सदस्य, भैरमगढ़

मनी कुंजाम (26) – नेतुरवायापारा DAKMS सदस्य, भैरमगढ़

सोनारू अट्टामी (26) – पल्लेवाया RPC जनताना सरकार/डॉक्टर शाखा अध्यक्ष, भैरमगढ़

शंकर वेको (38) – पल्लेवाया RPC आर्थिक शाखा अध्यक्ष, भैरमगढ़

भीमसेन बारसा (36) – पल्लेवाया RPC कृषि शाखा अध्यक्ष, भैरमगढ़

मासे वेको (50) – पल्लेवाया RPC KAMS सदस्य, भैरमगढ़

सोमारू सोड़ी (35) – ग्राम करकावाड़ा GRD सदस्य, भैरमगढ़

रामलाल कुंजाम उर्फ डेंगल (35) – ग्राम एकेली GRD डिप्टी कमांडर, भैरमगढ़

फगनू राम वेको (21) – पल्लेवाया RPC मिलिशिया सदस्य, भैरमगढ़

मोटू राम वेको (17) – पल्लेवाया RPC मिलिशिया सदस्य, भैरमगढ़

लखू माड़वी (26) – पल्लेवाया RPC DAKMS सदस्य, भैरमगढ़

बामन मण्डावी (25) – पल्लेवाया RPC पंच कमेटी सदस्य, भैरमगढ़

मंगल वेको (38) – पल्लेवाया RPC DAKMS सदस्य, भैरमगढ़

सोनारू बारसा (38) – पल्लेवाया RPC जंगल कमेटी सदस्य, भैरमगढ़

संतोष उज्जी (25) – पल्लेवाया RPC मिलिशिया सदस्य, भैरमगढ़

मनी पोयाम (30) – पल्लेवाया RPC जंगल कमेटी सदस्य, भैरमगढ़

लक्ष्मण अट्टामी (35) – पल्लेवाया RPC DAKMS सदस्य, भैरमगढ़

पाण्डू मड़काम (38) – मातालूरपारा GRD कमांडर, भैरमगढ़

नाड़ी उर्फ सोमारू कश्यप (48) – तोड़मा RPC DAKMS सदस्य, बारसूर

रतु मण्डावी (48) – तोड़मा RPC जनताना सरकार सदस्य, बारसूर

रमलू राम मण्डावी (36) – तोड़मा RPC जनताना सरकार सदस्य, बारसूर

सुखराम मड़काम (30) – मिलिशिया सदस्य, बेलनार पोनाड़वायापारा, बांगापाल

रैयो तामो (21) – मूलवासी बचाओ मंच सदस्य, बेलनार कसावेड़ापारा, बांगापाल

बबीता अटामी (16) – मूलवासी बचाओ मंच सदस्य, बांगोली, बांगापाल

बेलती डोडी (40) – मिलिशिया सदस्य, बेलनार पोनाड़वायापारा, बांगापाल

मैतू कश्यप (27) – मिलिशिया सदस्य, बेलनार पोनाड़वायापारा, बांगापाल

दुमो राम मण्डावी (45) – बेलनार RPC जनताना सरकार सदस्य, बेलनार कसाबेड़ापारा, बांगापाल

सुखराम ताती (30) – डोडीतुमनार RPC मिलिशिया सदस्य, गंगालूर

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छत्तीसगढ़

मंत्री गजेंद्र बोले- देशहित में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें:रमन सिंह ने कहा- फैसला जरूरी था, भूपेश बोले- Gen-Z नरसिंह अवतार, मोदी सरकार हिरण्यकश्यप

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रायपुर, एजेंसी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है।

इसके अलावा भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।

यादव ने आगे कहा कि बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा वापस लेना चाहिए।

इधर, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने ‘विजय रैली’ निकाली। रैली के दौरान स्टूडेंट्स ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ’एनटीए (NTA) रद्द करो’ के नारे लगाए। वहीं, छात्रों का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लड़ाई अभी भी बाकी है।

भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।
भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।

भूपेल बोले- छात्र नरसिंह के अवतार में आए

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम ने सोनम वांगचुक को चीन का ऐजेंट बता दिया था और मंत्री उनको जूस पिला रहे थे। इनकी स्थिति यह है कि जब जरूरत पड़े तो ये किसी को भी अपना बाप बना ले। छात्रों के आगे किसी एजेंसी की नहीं चली। छात्र नरसिंह के अवतार में आए हैं।

रमन सिंह बोले- आंदोलन शांत करने जरूरी था फैसला

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस विषय को लेकर पूरी दुनिया भर में हल्ला मचाया जा रहा था, उसकी इतिश्री हो गई। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने कहा है कि इस मामले में सख्त से सख्त कानून बनाया जाएगा। 10 करोड़ और 10 साल की सजा जैसे कठोर कानून आने वाले समय में बनाएंगे जाएंगे ताकि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो।

गजेंद्र यादव बोले- देशहित में इस्तीफा वापस लें प्रधान

डॉ रमन सिंह के बयान के कुछ ही समय बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इससे बिल्कुल अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। जब एक बार जांच के लिए कमेटी गठित हो गई है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया है, तो उसके बाद मुझे ऐसा लगता है कि धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि देशहित में इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।

12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा

2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।

मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट

जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।

कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।

NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।

ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।

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शराब कारोबारी के घर ED-IT की रेड:बलौदाबाजार में राघवेंद्र-रूपेश सराफ के ठिकानों पर छापा, 2 दिन से जारी है कार्रवाई

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बलौदाबाजार, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की संयुक्त टीम ने कारोबारी राजकुमार सराफ के बेटों के घर पर दबिश दी है। राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ शराब और जमीन कारोबारी है, उनकी पीतल की फैक्ट्री भी है। कार्रवाई के दौरान अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।

दरअसल, ईडी अधिकारियों ने 24 जुलाई की रात ही बलौदाबाजार पहुंचकर कारोबारी के घर की निगरानी शुरू कर दी थी। अगले दिन रविवार सुबह टीम ने घर में एंट्री कर तलाशी ली। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ED की रेड के बाद आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की है।

बैंक-संपत्ति समेत कई दस्तावेज खंगाल रही टीम

छापेमारी के दौरान अधिकारी घर के हर कमरे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। कई दस्तावेज खंगाले गए, जिनमें डायरी, बैंक खातों के विवरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। परिवार के सदस्यों और कारोबार से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

शहर के बड़े कारोबारी थे राजकुमार सराफ

राजकुमार सराफ शहर के जाने-माने कारोबारी थे। उनके कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। राजकुमार के निधन के बाद उनके बेटे राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ कारोबार चला रहे हैं।

अधिकारियों को बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते यह कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को ED की टीम को कुछ अहम दस्तावेज मिले थे, जिनके आधार पर IT विभाग ने फिर अतिरिक्त कार्रवाई शुरू की है।

पुलिस जवान तैनात

इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है। कारोबारी के घर के बाहर अधिकारियों के साथ पुलिस जवान भी तैनात है। आसपास के लोग दूर से ही घटनाक्रम को देख रहे थे। फिलहाल, जांच जारी है और टीम पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।

कोई अधिकारिक बयान नहीं आया

हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक छापे के कारणों और जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच के दौरान क्या कुछ मिला, इसे लेकर सफाई नहीं दी गई है।

बताया जा रहा है कि छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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पूजा-पाठ से कैंसर ठीक करने का दावा,13 लाख ठगे:टीवी-विज्ञापन से फंसा परिवार, सोना गिरवी रखा, कर्ज लिया, पैसे मांगने पर CBI का डर दिखाया

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बालोद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद में महिला और उसका परिवार टीवी पर दिखाए गए ज्योतिष के विज्ञापन के झांसे में आ गया। आरोप है कि ठगों ने पूजा-पाठ से चौथे स्टेज का कैंसर ठीक करने का दावा किया और महिला से अलग-अलग खातों में 13 लाख 13 हजार 673 रुपए जमा करा लिए।

जब पति की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और पत्नी ने पैसे वापस मांगे। ऐसे में आरोपियों ने पुलिस, सीबीआई और हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी। महिला ने पति के इलाज की उम्मीद में अपना सोना गिरवी रखा और परिचितों से कर्ज लेकर यह रकम जुटाई।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ठगी का यह सिलसिला 28 नवंबर 2024 से 30 मई 2026 तक चलता रहा। मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री का है।

पीड़ित महिला का नाम प्रेमलता चंद्राकर (55) है। उनका परिवार खेती-किसानी करता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति ऋषि चंद्राकर चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। धार्मिक चैनल पर पं. वेद प्रकाश तिवारी की लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।

आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से उनके पति पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। इसके बाद अलग-अलग पूजा और अनुष्ठानों के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाने लगे। आरोपी राहुल तिवारी ने सबसे पहले बारकोड के जरिए 30 हजार रुपए जमा कराए।

इसके बाद 28 नवंबर 2024 को फोन-पे के माध्यम से 18 हजार रुपए और भेजने के लिए कहा गया। पति के स्वस्थ होने की उम्मीद में प्रेमलता चंद्राकर ने अलग-अलग बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार रकम भेजी।

बेटी और परिचितों के खातों से भी भेजी रकम

प्रेमलता चंद्राकर ने बताया कि बेटी रूही चंद्राकर से 2.30 लाख रुपए, परिचित अमन देवांगन के जरिए 7 लाख 40 हजार 673 रुपए, नेहुल निर्मल से 25 हजार रुपए, तुषार साहू से 40 हजार रुपए, जयंत देशमुख से 73 हजार रुपए और छत्रपाल साहू से 2.05 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों और मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपए भेजे गए।

पैसे लौटाने का झांसा देकर फिर किया संपर्क

आरोप है कि बाद में पं. वेद प्रकाश तिवारी के नाम से फिर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि संस्था के कुछ लोगों ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है। उसने भरोसा दिलाया कि महिला की पूरी रकम 2 महीने के भीतर वापस करा दी जाएगी।

पुलिस और CBI का डर दिखाकर फिर मांगे रुपए

प्रेमलता चंद्राकर का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में उसका और वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है।

आरोपियों ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उत्तर प्रदेश पुलिस उसके घर पहुंचेगी, सीबीआई जांच होगी और उसे हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। डर दिखाकर उससे फिर ऑनलाइन पैसे मांगे गए।

पति की बीमारी का उठाया फायदा

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पति चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। उन्हें बचाने की उम्मीद में उसने सोना गिरवी रखा और कई लोगों से कर्ज लेकर पैसे जुटाए। आरोप है कि ठगों ने उनकी मजबूरी और भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाया। इस दौरान उन्होंने महिला का फोटो, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी व्हाट्सऐप पर मंगवा लिया।

कई मोबाइल नंबरों पर किए गए ट्रांजेक्शन

एफआईआर में महिला ने नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों और यूपीआई आईडी पर किए गए कई ट्रांजेक्शन की जानकारी पुलिस को दी है। सबसे ज्यादा रकम अमन देवांगन के बैंक खातों के जरिए भेजी गई। इसके अलावा बेटी और अन्य परिचितों के माध्यम से भी कई बार पैसे ट्रांसफर किए गए।

ASP बोलीं- केस दर्ज, जांच जारी

एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि महिला की शिकायत पर रनचिरई थाने में वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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