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कोरबा

स्वामित्व योजना से मिलेगी आर्थिक सुरक्षा की गारंटी – प्रधानमंत्री मोदी 

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   जमीन सम्बंधित विवादों का होगा अंत – उपमुख्यमंत्री अरूण साव

प्रभारी मंत्री अरुण साव ने भूस्वामियों को वितरित किए स्वामित्व प्रमाणपत्र
कोरबा । स्वामित्व योजना के तहत आज कोरबा जिले के किसानों और ग्रामीणों को स्वामित्व (प्रॉपर्टी) कार्ड का वितरण प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वामित्व योजना अन्तर्गत कार्यक्रम को भी सभी ने लाइव सुना। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामित्व योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए इसे हितग्राहियों के लिए आर्थिक सुरक्षा की गारंटी बताया। उन्होंने कहा कि गाँव में आबादी भूमि में बिना कानूनी दस्तावेज के रहने वाले ग्रामीणों को उनके जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने के लिए स्वामित्व योजना प्रारंभ की गई है। इससे बैंक में ऋण भी मिल सकता है। कानूनी अधिकार होने से विवाद की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। इस सम्पत्ति से जीवन बदल सकता है। प्रधानमंत्री ने इसे ग्राम स्वराज को जमीन पर उतारने की पहल बताते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, आयुष्मान, पीएम आवास, पीएम सड़क योजना आदि से देश के ग्रामीणों के जीवन में आये बदलाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी कहते थे कि भारत की आत्मा गाँव में बसती है और हमारी सरकार उन्हीं से प्रेरित होकर गाँव के विकास और ग्रामीणों के जीवन में बदलाव के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्वामित्व योजना से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों को इसका बहुत लाभ मिलने की बात कही।
    कोरबा जिले में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री श्री मोदी को लाइव सुना गया। इस दौरान जिले के हितग्राहियों को भी स्वामित्व योजना के कार्ड उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री बहुत संवेदनशील है। उन्होंने गरीबों की चिंता की है। वे गाँव में रहने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को जानते हैं और उन समस्याओं का निराकरण करने के लिए योजना बनाते हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना से जमीन सम्बंधित विवादों का अंत होगा। जमीन को लेकर पड़ोसी, भाई-भाई और अन्य रिश्तेदारों में अक्सर विवाद होता है। इस तरह के विवादों के निराकरण में कई पीढ़ी भी गुजर जाती है। अब आबादी भूमि में रहने वाले परिवारों को एक ऐसा कानूनी दस्तावेज मिल जाएगा, जिसमें जमीन की पूरी जानकारी होगी। इसके साथ ही इस जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड, नक्शा भी रहेगा। किसी प्रकार की हेर-फेर मुश्किल होगी। ड्रोन के माध्यम से सर्वे कर रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में जमीन को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि हमारे प्रदेश में राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी किया गया है। स्वामित्व योजना से कोरबा जिले के 137 गांव के 9 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे विधिवत लोन ले पाएंगे और हितग्राहियों के लिए यह उपयोगी साबित होगी।
कार्यक्रम को विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कँवर ने भी संबोधित किया। विधायक ने इसे ग्रामीणों के लिए लाभदायक बताया। कलेक्टर अजीत वसंत ने स्वामित्व योजना से भूमि अधिग्रहण, भू अर्जन में भी लाभ मिलने और भूमि संबंधी विवाद दूर होने की बात कही। उन्होंने इसे भारत सरकार का महत्वाकांक्षी योजना बताया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ कोरबा व कटघोरा अरविंद पीएम, कुमार निशांत, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री साव सहित अन्य अतिथियों द्वारा स्वामित्व योजना के 125 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया। जिसमें दर्री तहसील के ग्राम पुरैनाखार के हितग्राही मोहित राम, चैतराम, प्रसाद सिंह, अश्वमेर सिंह, हरदीबाजार तहसील के ग्राम सरईसिंगार के लवकुमार, सीताराम, छोटेलाल, रामावतार, बरपाली तहसील के ग्राम दादर कला के लाभार्थी सनत कुमार, सुरित राम, अमोल सिंह, बीर सिंह एवं पाली तहसील के ग्राम नवापारा के हितग्राही ज्ञान सिंह, रामकुमार मरकाम, अमित कुमार व छतराम शामिल है। इस दौरान जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा वर्ग की 02 पात्र युवतियां कुमारी छोटी व कुमारी रजनी को जिला खनिज संस्थान न्यास मद अंतर्गत अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। जिले के कुल 107 ग्राम पंचायत के 137 गांवो के लगभग 8854 हितग्राही स्वामित्व योजना से लाभांवित होंगे।

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उरगा क्षेत्र में दो जगह मिले शव:2 दिन बाद हसदेव नदी से 15 साल के सूरज की लाश मिली, खेत में मिला अज्ञात शव

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कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में शव मिलने से सनसनी फैल गई। कुदुरमाल के हसदेव नदी एनीकट में नहाते समय तेज बहाव में बहे 15 वर्षीय बालक सूरज महंत का शव दो दिन बाद बरामद हो गया।

वहीं पचपेड़ी गांव के खेत में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव अब भी पहेली बना हुआ है। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

एनीकट में नहाते समय बहा था 15 साल का सूरज

पहली घटना कुदुरमाल गांव की है। गुरुवार सुबह 15 वर्षीय सूरज महंत हसदेव नदी के एनीकट में नहा रहा था। इसी दौरान अचानक पानी का स्तर और बहाव बढ़ गया और वह तेज धारा में बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर परिजनों और उरगा पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नवीन पटेल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर सेना के गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। लगातार बारिश और बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव तेज था, जिससे रेस्क्यू में मुश्किलें आईं।

दो दिन बाद कटबीतला के पास मिला शव

लगातार दो दिन तक तलाश अभियान चलाने के बाद शनिवार को सूरज का शव कटबीतला गांव के पास हसदेव नदी में मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

खेत में मिला अज्ञात शव, हत्या की आशंका

दूसरी घटना पचपेड़ी गांव की है। यहां PDS सोसाइटी भवन के पास एक खेत में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, शव के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान हैं। इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

शव से दुर्गंध आने के कारण उसके करीब 3 से 4 दिन पुराना होने का अनुमान है। तीन दिन बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस

उरगा पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान के लिए WhatsApp ग्रुप और कोटवारों के जरिए आसपास के गांवों में सूचना भेजी गई है। पुलिस फिलहाल हत्या के साथ-साथ हादसे की संभावना को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है।

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कोरबा

‘सशक्त ऐप’ की मदद से फिर मिली बड़ी सफलता: चोरी की मोटर साइकिल बरामद

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कोरबा 05 सितंबर 2026। दर्री पुलिस टीम ने लावारिस अवस्था में मिली एक मोटर साइकिल की सशक्त ऐप के माध्यम से तुरंत जांच कर चोरी का मामला उजागर किया है।
सशक्त ऐप से ऐसे सुलझी गुत्थी
डिजिटल चेकिंग व पहचान: 05.09.2026 को चेकिंग के दौरान लावारिस मिली हीरो सी.डी. 110 ड्रीम (CG-12-AV-1387) का डाटा सशक्त ऐप में दर्ज किया गया।

तकनीकी मिलान: ऐप में चेचिस नंबर (ME4JC677EJ8169808) एवं इंजन नंबर (JC67E84175032) सर्च करते ही वाहन का पूरा पिछला पुलिस रिकॉर्ड सामने आ गया।

वास्तविक मालिक का पता: वाहन गुलाम मुस्तफा (26 वर्ष), निवासी- 15 ब्लॉक, कोरबा का होना पाया गया।

पूर्व में दर्ज FIR: यह बाइक 14.08.2026 को चोरी हुई थी, जिसकी रिपोर्ट 21.08.2026 को चौकी CSEB (थाना सिविल लाइन रामपुर) में अपराध क्र. 741/2026 के तहत दर्ज थी।

सशक्त ऐप की खासियत: यह ऐप पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही इंजन, चेचिस या रजिस्ट्रेशन नंबर से वाहन का रिकॉर्ड जांचने की सुविधा देता है, जिससे अपराधियों की धरपकड़ और चोरी की गाड़ियों की बरामदगी आसान हुई है

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कोरबा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत पशुधन विकास विभाग के संकेतकों की पूर्ति हेतु एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

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कलेक्टर कुणाल दुदावत ने लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के दिए निर्देश

कोरबा, 05 सितंबर, 2026। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत पशुधन विकास विभाग के निर्धारित संकेतकों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी विकासखंडों में मैदानी स्तर पर कार्यरत पशु चिकित्सकों, पैरावेट्स, पीएआईडब्ल्यू एवं पशु सखियों सहित कुल 145 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विभागीय अधिकारियों एवं मैदानी अमले को योजना के अंतर्गत निर्धारित सभी संकेतकों की पूर्ति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड एवं हरा चारा विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लिए प्रभावी मैदानी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. एस.एन. मिश्रा ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत विभागीय कार्यक्रमों एवं निर्धारित संकेतकों की पूर्ति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मयंक गोस्वामी ने कृत्रिम गर्भाधान विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सीमेन के उचित रखरखाव, कृत्रिम गर्भाधान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा अधिकतम गर्भधारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी बिंदुओं को उदाहरण सहित समझाया।
इसी क्रम में डॉ. एच.के. सोनी ने मदकाल की पहचान, समाकालन एवं संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के संकेतकों की पूर्ति के लिए पशु रोग नियंत्रण, टीकाकरण तथा विभागीय गतिविधियों के प्रभावी संचालन से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई।

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