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कोरबा

वनमंडल कोरबा के बालको रेंज का मामला: दूधीटांगर सड़क निर्माण में करोड़ों की अनियमितता की बू!

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डीएमएफ के करोड़ों का घालमेल संभव: एक करोड़ का काम हुआ नहीं और तीन करोड़ का भुगतान

मिट्टी-गिट्टी में जमकर हुआ खेल!

कोरबा। तात्कालीन कोरबा वनमंडलाधिकारी प्रियंका पांडेय के कार्यकाल में वन परिक्षेत्र बालको के अंतर्गत दूधीटांगर में डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ से तीन करोड़ की राशि स्वीकृत करायी गई। डेढ़ साल पहले यह सड़क बनना प्रारंभ हुई, लेकिन अब तक यह सड़क पूर्ण नहीं हुई, लेकिन तीन करोड़ की राशि का भुगतान कर दिया गया। वन विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्वयं ही अपने विभाग की पोल खोल कर रख दी और कहा कि सड़क निर्माण में एक करोड़ की भी राशि खर्च नहीं हुई और तीन करोड़ का भुगतान कर दिया गया। सही रूप से जांच होती है तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

नाम विभाग का काम कर रहा भाजपा नेता

पिछले 5 साल में कांग्रेस की सरकार थी और कोरबा खनिजन्यास निधि का जमकर बंदरबाट किया गया। काम दिखावे के लिए था लेकिन डीएमएफ के करोड़ों का बंदर बाट किया गया। कांग्रेस के शासन काल में कुछ पंजा छाप भाजपायी भी इसमें उपकृत हुए। ऐसा ही एक मामला बालको वन परिक्षेत्र अंतर्गत दूधीटांगर में सामने आया है। यहां तीन करोड़ की लागत से डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण का कार्य डेढ़ साल पहले प्रारंभ किया गया था। पुष्ट सूत्रों के अनुसार दूधी टांगर दूरस्थ वनांचल क्षेत्र होने के कारण गुपचुप तरीके से वन अधिकारियों और ठेकेदार भाजपा नेता ने सांठगांठ कर जमकर डीएमएफ का जमकर दुरूपयोग किया गया और करोड़ों रूपए जेब में डाला गया। इस भाजपा नेता का वन विभाग में पहले से ही घुसपैठ है और अधिकारियों को अपने कब्जे में लेने की बड़ी ट्रीक है। यह मामला अब बड़े अखबारों में भी सुर्खियां बन रहे हैं और मामला उजागर होने के बाद वन अधिकारियों के हाथ पैर फूल रहे हैं। हालांकि यह मामला तात्कालीन डीएफओ प्रियंका पांडेय के समय के कार्यकाल का है, लेकिन सूत्रों ने जो जानकारी उपलब्ध करायी है, उसके मुताबिक बकाया राशि का पूर्ण भुगतान हाल ही में किया गया है, जबकि काम को पहले ही पूर्ण बताकर पूरी राशि आहरित कर ली गई है।

14 किमी बन रही सड़क

दूधीटांगर से फू टकापहाड़ तक वन विभाग परिक्षेत्र बालको द्वारा नेचुरल ट्रैक के नाम पर डीएमएफ के तीन करोड़ फूंक डाले। पुल पुलिया का जो निर्माण कराया गया है, वह गुणवत्ताहीन साबित हो रही है और अभी से ही दरारें पडऩे लगी है। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण का काम पूर्ण दिखा कर पूरी राशि 3 करोड़ आहरित कर ली गई है और काम को बंद कर दिया गया है। मामला सामने न आये इसलिए मिक्स्चर मशीन और सड़क किनारे गिट्टी, रेत रख दी गई है, ताकि न लगे कि काम पूर्ण हो चुका है और पूरी राशि आहरित कर ली गई है।

30 टक्का- भूपेश कक्का

विधानसभा चुनाव के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार करने जहां भी गए, वहां उनका एक नारा लोगों के कानों तक आज भी गूंज रहे हैं और शाह जहां भी जाते उनका यह नारा 30 टक्का-भूपेश कक्का जनता के सामने रखा जाता। यह कहावत कोरबा में भी शत प्रतिशत सही साबित हुआ। डीएमएफ में कार्य कराने के लिए 30 टक्का आम चर्चा की बात रही। दूधीटांगर-फूटकापहाड़ में डब्ल्यूबीएम सड़क के लिए जारी राशि 3 करोड़ में ही अधिकारियों ने 30 टक्का अर्थात 90 लाख रूपए पहले ही अपने कब्जे में ले लेने की आम चर्चा अभी तक चल रही है। एक ठेकेदार ने उक्त चर्चा को दिव्य आकाश प्रतिनिधि के पास भी की थी। बचे 210 करोड़ में भी भारी बंदरबाट की खबर आ रही है और माना जा रहा है कि नेचुरल ट्रैक- डब्ल्यूबीएम 14 किमी सड़क निर्माण में 1 करोड़ का भी काम नहीं हुआ और बचे 2.10 करोड़ रूपए आहरित कर जमकर बंदरबाट कर लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि यदि जांच सही तरीके से होती है तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है और डीएमएफ का दुरूपयोग वन विभाग में किस तरह होता है यह सामने आ सकता है।

गुपचुप तरीके से किया गया काम

14 किमी सड़क निर्माण में स्थानीय मजदूरों को नियोजित नहीं किया गया और मशीन से ही पूरा काम कर दिया गया। बताया जा रहा है कि फर्जी मस्टर रोल भी तैयार किया गया ताकि जांच होने पर मजदूरी भूगतान भी दिखाया जा सके। किसी को काम की भनक न लगे, इसलिए गुपचुप तरीके से मशीनों से काम पूर्ण कर लिया गया और 3 करोड़ की राशि आहरित कर ली गई।

रेत रायल्टी में भी चोरी का अंदेशा

वन विभाग जहां भी काम करता है, आसपास की रेती से काम पूर्ण कर लेता है, जिसके कारण खनिज विभाग को रायल्टी नहीं मिलती और शासन को राजस्व की हानि होती है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार भाजपा नेता ने भी इस करामात को अंजाम दिया और पुल पुलिया निर्माण के लिए अवैध रेत उत्खनन कर कार्य को गुणवत्ताहीन पूर्ण किया।

सरकार आने के बाद भाजपा नेता का हौसला बुलंद, फोन तक नहीं उठाता

मामले की जानकारी लेने भाजपा नेता और ठेकेदार को फोन लगाया गया, लेकिन शासन आने के बाद इस भाजपा नेता का हौसला आसमान पर है और कई बार फोन लगाने के बाद भी नहीं उठाया। कई बार फोन लगाने के बाद भाजपा नेता ने फोन आउट ऑफ कवरेज कर दिया।

क्या भाजपा नेता भ्रष्ट नहीं हैं!

कांग्रेस के शासनकाल में भ्रष्ट्राचार चरम पर था और जनता ने भ्रष्टाचार के कारण ही कांग्रेस को 5 साल में ही पदच्युत कर दिया। कांग्रेस के शासनकाल में भाजपा नेता भी काफी उपकृत हुए और ताजा उदाहरण में दूधीटांगर-फू टकापहाड़ डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण में जो अनियमितता बरती जा रही है और अधूरे काम को पूर्ण दिखाकर 3 करोड़ की राशि का जो बंदरबाट हुआ है उसमें शातिर दिमाग ठेकेदार भाजपा नेता का ही दिख रहा है।

तीन लेयर काम होना था, लेकिन…

दूधीटांगर-फूटकापहाड़ के बीच 14 किमी के सड़क निर्माण में तीन लेयर में काम होना था लेकिन जब मीडिया ने यहां का निरीक्षण किया तो एक लेयर बनाकर कार्य को इतिश्री कर ली गई।

जंगल से ही मिट्टी, मुरूम की खुदाई और दिखाया परिवहन

वन विभाग में मिट्टी-मुरूम का खेल खेला जाता है और इसी में ही करोड़ों रूपए का बंदरबाट कर लिया जाता है। दूधीटांगर-फूटकापहाड़ के बीच बन रही 14 किमी डब्ल्यूबीएम सड़क में भी मिट्टी मुरूम का खेल खेला गया और पुष्ट सूत्रों ने बताया है कि मिट्टी मुरूम के लिए परिवहन दिखाया गया है और लाखों का खेल इसी में खेला गया। रेंजर ने नहीं उठाया फोन

उक्त कार्य तात्कालीन रेंजर संजय लकड़ा के कार्यकाल में प्रारंभ हुआ था लेकिन पूर्ण भूगतान बालको रेंज में पदस्थ जयंत सरकार के कार्यकाल में ही हुआ है। प्रतिक्रिया जानने जयंत सरकार को फोन लगाया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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कोरबा

कोरबा में रंगमंच के पुनर्जागरण का शंखनादः 21 मार्च को होगा सुप्रसिद्ध नाटक “मैं अनिकेत हूँ” का भव्य मंचन

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रोटरी क्लब कोरबा & महाराष्ट्र मंडल कोरबा

“मैं अनिकेत हूँ”

कोरबा। औद्‌योगिक नगरी कोरबा, जो कभी रंगमंच की गतिविधियों का गढ़ माना जाता था, एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है। रोटरी क्लब कोरबा और महाराष्ट्र मंडल कोरबा के संयुक्त तत्वाधान में आगामी 21 मार्च 2026 (शनिवार) को प्रदेश का प्रसिद्ध हिंदी नाटक “मैं अनिकेत हूँ का मंचन राजीव गांधी ऑडिटोरियम (इंदिरा गांधी स्टेडियम) में शाम 7:00 बजे किया जाएगा।

सांस्कृतिक पुनरुत्थान और युवाओं को प्रोत्साहन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों जैसे दुर्ग-भिलाई, रायपुर और बिलासपुर में रंगमंच की गतिविधियां निरंतर फल-फूल रही हैं। इंदिरा कला संगीत विश्ववि‌द्यालय खैरागढ़ से युवा इस विधा में डिग्रियां प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन कोरबा में पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में एक रिक्तता महसूस की जा रही थी। पूर्व में विद्युत मंडल, बालको और कॉलरी कॉलोनियों में नाटकों का शानदार माहौल रहता था। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इसी माहौल को वापस लाना और युवाओं को रंगमंच में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।

अद्वितीय अनुभव और कुशल निर्देशन – महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुप्रसिद्ध दिग्दर्शक शशि वरवंडकर ने किया है। आयोजकों का विश्वास है कि यह मंचन कोरबा के सांस्कृतिक इतिहास में एक मील का पत्थर’ साबित होगा। इसकी भव्यता और कलाकारों का जीवंत अभिनय दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगा। यह मात्र एक नाटक नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव होगा जिसे आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा।

कला के माध्यम से सेवा- शिक्षा के लिए समर्पित आय इस आयोजन का सबसे प्रेरक और गरिमामयी पहलू इसका सामाजिक उद्देश्य है। रोटरी क्लब और महाराष्ट्र मंडल ने निर्णय लिया है कि इस चैरिटी शो से प्राप्त होने वाली संपूर्ण धनराशि मेधावी एवं निर्धन छात्रों के अध्ययन और उच्च शिक्षा पर खर्च की जाएगी। नगर के दानदाताओं और कला प्रेमियों का इसे भरपूर सहयोग मिल रहा है।

आयोजन समिति की सक्रियता – इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक सशक्त टीम जुटी हुई है। इसमें रोटरी क्लब से रोटे. पारस जैन (प्रोजेक्ट चेयरमैन), रोटे. नितिन चतुर्वेदी (अध्यक्ष), रोटे. संतोष जैन (सचिव) और महाराष्ट्र मंडल की ओर से सुधीर रेगे, हेमंत माहलीकर, प्रवीण जाखड़ी, आलोक दिवाटे, राजेंद्र पागे एवं श्रीमती स्नेहल ओत्तलवार पूरी निष्ठा से प्रयासरत हैं।

कोरबावासियों से अपील- आयोजन समिति ने समस्त कोरबावासियों, कला प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि वे शनिवार, 21 मार्च को शाम 7:00 बजे राजीव गांधी ऑडिटोरियम पहुँचकर इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनें। याद रखें, यह शाम दोबारा नहीं आएगी और इस अ‌द्वितीय अनुभव से वंचित रहना एक मलाल की तरह रहेगा।

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कोरबा

19 अप्रैल को एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल के स्थापना दिवस समारोह हेतु श्रीमती साय से पीएमजेएफ लायन अग्रवाल की मुलाकात

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कोरबा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 19 अप्रैल 2026 दिन रविवार को कोरबा जिला के धार्मिक ग्राम माॅ मड़वारानी में संचालित सीबीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालय नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जायेगा। जिसमें फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीमती मंदाकिनी मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगी।

विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डाॅ.राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्यक्रम में उन महिलाओ´, गणमान्य नागरिको´, समाजसेवियो´ का सम्मान किया जायेगा जिनके सराहनीय एवं उल्लेखनीय कार्यो से समाज को प्रेरणा एवं गौरव प्राप्त हुआ है। श्री अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय के 10वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के लिए हमारे क्षेत्र छ.ग. राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय (राष्ट्रीय अध्यक्ष-आदिवासी कंवर समाज, समाजसेविका एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री) से सहमति लेने के लिए उनके निवास स्थान पर पहुॅचे। जहाॅ उन्हो´ने श्रीमती कौशिल्या देवी साय से कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुये अपने क्षेत्र के महिलाओ´ एवं गणमान्य नागरिको´ के उल्लेखनीय कार्यो की जानकारी दी। जिस पर श्रीमती कौशिल्या देवी साय ने श्री अग्रवाल एवं उनकी टीम को इस प्रकार के सम्मान समारोह आयोजन के लिए बधाई देते हुये कहा कि ग्रामीण अंचल में रह रहे बच्चो को अंग्रेजी माध्यम में उन्नत शिक्षा प्रदान करना बहुत बड़ा संकल्प है। आज देश निर्माण एवं विकास में शिक्षा का विशेष महत्व है। उन्होंने श्री अग्रवाल को कहा कि अन्य सामाजिक बैठको´ एवं आयोजनो´ की रूपरेखा देखते हुये वे इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति के संबंध में जल्द ही अवगत करायेंगी।

विद्यालय के 10वे´ स्थापना दिवस समारोह में विद्यालय के बच्चो´ द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ साथ सम्मान समारोह भी आयोजित किया जायेगा। इस पर पीएमजेएफ लायन डाॅ. राजकुमार अग्रवाल ने समस्त ग्रामवासियो´ एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिको´ को आमंत्रित किया है। श्री अग्रवाल के साथ लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल के आगामी अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल और गोवर्धन सिंह कँवर (पूर्व भाजपा मंत्री अनुसूचित जनजाति मौर्चा) थे।

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कोरबा

अब संपूर्ण न्यूरो केयर एक ही छत के नीचे, NKH में शुरू हुई एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी

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कोरबा। जिले के प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल न्यू कोरबा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में अस्पताल के न्यूरो केयर विभाग को और मजबूत करते हुए अब न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्री और न्यूरो फिजियोथैरेपी की संपूर्ण सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।
अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी द्वारा अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव (दूरबीन) तकनीक से स्पाइन सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। इस तकनीक के माध्यम से बिना बड़े चीरे के रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जा रहा है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और सर्जरी के बाद कुछ ही दिनों में मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया जाता है। अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा भी उपलब्ध है, जहां देर रात गंभीर मरीज आने पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तत्काल उपचार शुरू कर देती है।
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि न्यूरो संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अब कोरबा के मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं है। एनकेएच में ही उच्चस्तरीय उपचार मिलने से मरीजों और उनके परिजनों के समय, खर्च और परेशानी तीनों में कमी आ रही है।

कोरबा में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी

न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इस आधुनिक तकनीक में दूरबीन की सहायता से रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द, कम समय में रिकवरी और जल्दी सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिलता है।

आयुष्मान सहित सभी बीमा सुविधाएं उपलब्ध

अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के अलावा सभी प्रमुख निजी हेल्थ कार्ड और बीमा योजनाएं भी स्वीकार की जाती हैं, जिससे मरीजों को आर्थिक राहत मिलती है।

न्यूरो-साइकेट्रिक रोगों का उपचार प्रांरभ

अहमदाबाद की अनुभवी मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी वर्मा द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का आधुनिक और प्रभावी इलाज संभव हो रहा है। जिलों के मरीजों के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो रही है।

न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी में अंतर

अक्सर दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियों में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी को एक ही समझ लिया जाता है, जबकि ये चारों अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताएँ हैं और प्रत्येक की भूमिका अलग होती है।
न्यूरोलॉजी दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों का बिना ऑपरेशन इलाज करने वाली चिकित्सा शाखा है। न्यूरोलॉजिस्ट रोग की पहचान कर दवाओं के माध्यम से उपचार करते हैं। सरल शब्दों में, नसों की बीमारी का दवा से इलाज न्यूरोलॉजी में किया जाता है। न्यूरोसर्जरी उन रोगों का इलाज करती है, जिनमें सर्जरी की आवश्यकता होती है। न्यूरोसर्जन दिमाग और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी करते हैं। ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, ब्रेन ब्लीड, स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस, स्ट्रोक में खून का थक्का निकालना, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, हाइड्रोसेफेलस और एन्यूरिज्म जैसी जटिल समस्याओं का सर्जिकल उपचार इसी विभाग में किया जाता है। न्यूरो-साइकेट्रिक उस क्षेत्र में काम करते हैं जहाँ ऐसी मानसिक बीमारियां जिनका कारण मस्तिष्क की शारीरिक खराबी (brain disease) हो, जैसे व्यवहार में अचानक बदलाव, डिमेंशिया के साथ व्यवहारिक लक्षण, मिर्गी के साथ मनोविकृति (psychosis), या स्ट्रोक के बाद अवसाद (depression) को ठीक करता है। फिजियोथैरेपी बीमारी या सर्जरी के बाद मरीज को दोबारा सामान्य जीवन में लौटाने में मदद करती है। फिजियोथैरेपिस्ट व्यायाम और विशेष थेरेपी के माध्यम से ताकत, संतुलन और चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाते हैं। न्यूरोसर्जरी के बाद तथा मांसपेशियों की कमजोरी के मामलों में फिजियोथैरेपी बेहद जरूरी होती है। सरल भाषा में कहें तो न्यूरोलॉजिस्ट दवा से इलाज करते हैं, न्यूरोसर्जन सर्जरी करते हैं, न्यूरो-साइकेट्रिक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करती है और फिजियोथैरेपिस्ट मरीज को फिर से सामान्य चलने-फिरने लायक बनाते हैं।

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