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कोरबा

फ्लाई ऐश उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा संसद में गूंजा  और दुष्प्रभाव सहित

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पर्यावरण मुवायजा कितना वसूल व क्या कार्यवाही की सांसद ने पूछा
कोरबा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने संसद में कोरबा जिले में बढ़ती फ्लाई ऐश, लेगेसी ऐश और उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने 100 प्रतिशत फ्लाई ऐश उपयोग का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले विद्युत संयंत्रों से अब तक वसूले गए मुआवजा और अन्य कार्यवाही की जानकारी भी चाही।  
उन्होंने विशेष रूप से कोरबा जिले के ऐश पॉन्ड में पिछले तीन वर्षों में जमा लेगेसी ऐश की मात्रा और उसके वैज्ञानिक निपटान की समय-सीमा की जानकारी मांगने के साथ विद्युत संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण का स्थानीय पर्यावरण, जल स्रोतों, कृषि और आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर पर चिंता जताई। सरकार की ओर से नियम का उल्लंघन करने पर ऐसे संयंत्रों पर की गई कार्यवाही का ब्यौरा भी मांगा। इसके जवाब में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मामलों के केन्द्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर 2021 की अधिसूचना के अनुसार कोयला या लिग्नाइट आधारित ताप विद्युत गृहों को 100 फीसदी फ्लाई ऐश उपयोग करने आदेशित किया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड की ओर से कोरबा या प्रदेश के किसी भी ताप बिजली घरों पर पर्यावरणीय मुआवजा अधिरोपित नहीं किया गया है। मंत्री ने वजह बताई कि प्रथम तीन वर्षीय अनुपालन चक्र वित्त वर्ष 2022 से 2025 तक राख उपयोग संबंधी लक्ष्य के संबंध में कोई गैर अनुपालन होना नहीं पाया गया।
लोकसभा में सांसद ज्योत्सना महंत ने वन क्षेत्रों और जनजातीय बस्तियों में हो रही अवैध ऐश डंपिंग को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी मांगी। उनका कहना था कि फ्लाई ऐश एक बड़ी समस्या है इसलिए स्थायी समाधान जरूरी है।
विभागीय मंत्री ने सांसद को जानकारी दी कि थर्मल पॉवर प्लांट को अप्रयुक्त संचित राख अर्थात लैगेशी ऐश का उपयोग क्रमिक रूप से करने को कहा गया है। 1 अप्रैल 2022 से 10 वर्ष के भीतर इसकी उपयोगिता तय होगी। सीएसईबी के हवाले से केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि हसदेव ताप विद्युत संयंत्र स्थित ऐश पांड को छोडक़र कोरबा जिले में बेमतलब के ऐसे ऐश पांड को विद्युत कंपनी ने फिर से प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में वहां संचित लैगेशी ऐश की कुल मात्र 210.64 लाख मिट्रिक टन है। सांसद ने ऐश ट्रैक के जरिए फ्लाई ऐश के प्रबंधन और ट्रैकिंग के बारे में नतीजे की जानकारी मांगी। इस पर उन्हें बताया गया कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विकसित वेब पोर्टल पर राख उत्पादन और उपयोगिता की मासिक जानकारी अपलोड करने आदेशित किया गया है। इसके साथ ही ताप विद्युत संयंत्रों और सीपीसीबी द्वारा अधिकृत लेखा परीक्षकों से राख निपटान के लिए वार्षिक अनुपालन लेखा परीक्षा की रिपोर्ट पर भी ध्यान दिया जा रहा है। लोकसभा की कार्यवाही में सांसद ज्योत्सना महंत ने विद्युत संयंत्रों से वसूले गए पर्यावरणीय जुर्माने की उपयोगिता पर्यावरण व स्वास्थ्य क्षेत्र में तय करने की मांग भी सरकार से की। इस पर केन्द्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने स्पष्ट किया कि राख उपयोग अधिसूचना 2021 के अंतर्गत थर्मल पॉवर प्लांट व अन्य मामलों में लापरवाही बरतने वालों से एकत्रित किए गए पर्यावरण मुआवजे की राशि का उपयोग राखड़ के सुरक्षित निपटान के लिए होता है। इसके अतिरिक्त राख आधारित उत्पाद सहित राख के उपयोग पर अनुसंधान को उन्नत बनाने में भी हो सकता है। कहा गया कि छत्तीसगढ़ के थर्मल बिजली घरों पर पर्यावरणीय मुआवजा अधिरोपित नहीं किया गया है। इसलिए पर्यावरणीय मुआवजे के आबंटन का औचित्य नहीं है।

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कोरबा

मंदिर में तोड़फोड़, मूर्तियों और कपड़ों में आग लगाई:पुलिस ने किया गिरफ्तार, बैकुंठपुर का रहने वाला है आरोपी, पूछताछ जारी

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कोरबा। कोरबा जिले में एक युवक ने मंदिर परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। आरोपी ने शिव मंदिर में आग लगाई, हनुमान मंदिर का ताला तोड़कर वहां भी आगजनी की, और शिवलिंग को उखाड़कर तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला कटघोरा थाना अंतर्गत जटगा चौकी क्षेत्र का है।

घटना के अनुसार, युवक ने पहले शिव मंदिर में आग लगाई। इसके बाद उसने तालाब किनारे स्थित हनुमान मंदिर का ताला तोड़ा और वहां भी आगजनी की। इतना ही नहीं, तालाब के पास स्थापित शिवलिंग को उखाड़कर पानी में फेंक दिया गया।

पहले भी मंदिर परिसर में की गई थी तोड़फोड़

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ महीने पहले भी इसी मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा ऐसी ही घटना को अंजाम दिया गया था। इस ताजा घटना से क्षेत्र में चिंता का माहौल है।

आरोपी घटनास्थल से गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा एसडीओपी विजय राजपूत और थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान बैकुंठपुर निवासी रोहित खैरवार के रूप में हुई है, जो जटगा में अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था।

आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई

एसडीओपी कटघोरा विजय राजपूत ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक युवक ने मंदिर में भगवान के कपड़े और मूर्तियों को जला दिया है, और शिवलिंग को तोड़कर नदी में फेंक दिया है। मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी बैकुंठपुर का रहने वाला है और जटगा में अपने रिश्तेदार के यहां आया था। पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी शराब के नशे में था या उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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कोरबा

500 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा पति:शादी-समारोह में विवाद, पत्नी से बोला-साथ चलो, मना किया, गुस्से में की हरकत, 3 घंटे बाद नीचे उतरा

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कोरबा/पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले में रिश्तेदार के घर शादी में गई पत्नी को वापस लाने की जिद में पति 500 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। दरअसल, युवक अपनी पत्नी के साथ परिवारिक शादी कार्यक्रम में गया हुआ था। वहां पारिवारिक विवाद से परेशान था।

उसने यह बात अपनी पत्नी से कही और वहां से साथ चलने के लिए कहा, लेकिन पत्नी ने उसकी बात नही सुनी। इस बात से नाराज होकर गांव के पास स्थित हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। फिलहाल पुलिस उसे अस्पताल ले गई। वहां चेकअप के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर पुलिस ने उसे घर छोड़ दिया है। मामला पेंड्रा थाना क्षेत्र के कोड़गार चौकी के अंतर्गत आने वाले जिल्दा गांव का है।

यह घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार 24 साल का युवक केवल सिंह एक पारिवारिक शादी में गया हुआ था। वहां उसका परिवार को लेकर झगड़ा हो गया, जिससे वह काफी परेशान हो गया।

उसने अपनी पत्नी से भी बात की, और वहां से साथ चलने के लिए कहा। लेकिन उसकी बात नहीं सुनी। इससे वह गुस्सा हो गया और तनाव में आ गया। इसके बाद वह गांव के पास स्थित हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया।

युवक को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पसान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास शुरू किया।

ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुटी

इस दौरान वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। पुलिस और लोगों ने उसे काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह लंबे समय तक टावर पर ही बैठा रहा। करीब तीन घंटे देर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

काफी समझाइश के बाद आखिरकार दोपहर लगभग 1 बजे युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

पत्नी के इनकार से नाराज युवक ने टावर पर चढ़ा

पुलिस की पूछताछ में युवक ने बताया कि वो अपनी पत्नी समिला बाई के साथ पारिवारिक शादी समारोह में गया था। वहां पारिवारिक विवाद के बाद वो काफी नाराज था।

इस पर उसने पत्नी से साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इससे टेंशन में वो वहां से चला गया और पास की झाेपड़ी में दो दिन तक रहा। जब दो दिन उसकी पत्नी पूछताछ करने नहीं आई तो गुस्से में आकर टावर पर चढ़ गया।

तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने सुरक्षित उतारा

पसान थाना प्रभारी चंद्रपाल खंडे ने बताया कि जैसे ही टावर पर चढ़ने की सूचना मिली, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। युवक करीब 500 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा हुआ था।

पुलिस ने उसे जोर-जोर से आवाज देकर नीचे आने के लिए समझाया और भरोसा दिलाया कि उसकी जो भी मांग या शिकायत है, उस पर कार्रवाई की जाएगी। काफी समझाने के बाद वह धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा।

तेज धूप और गर्मी के कारण उसकी हालत बिगड़ने लगी, क्योंकि उसके सिर पर बाल भी नहीं थे। नीचे उतरने में उसे करीब 3 घंटे लग गए।

जैसे ही वह नीचे आया, पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले गई। वहां उसकी जांच और पूछताछ की जा रही है। आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि उसकी शादी कुछ साल पहले ही हुई थी। उनका एक बच्चा था, लेकिन किसी कारणवश उसकी मौत हो गई। फिलहाल पति-पत्नी ही साथ रहते हैं।

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कोरबा

चिता की चिंगारी से घर जला, तीन ने जान बचाई:कोरबा के पचरा गांव में लाखों का सामान राख

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कोरबा। कोरबा के पौड़ी उपरोड़ा विकासखंड के पचरा गांव में सोमवार दोपहर एक घर चिता की चिंगारी से जलकर राख हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट से उड़ी चिंगारी तेज हवा के साथ उमेश सिंह के कच्चे मकान तक पहुंच गई। इस हादसे में घर में रखा सारा सामान जल गया।

जानकारी के अनुसार, पचरा गांव के शिवनंदन सिंह (75) का निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार स्थानीय मुक्तिधाम में किया जा रहा था। मुक्तिधाम उमेश सिंह के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। तेज हवा के कारण चिता से उड़ी चिंगारी उमेश सिंह के कच्चे मकान तक पहुंच गई, जिससे आग लग गई।

चिता जहाँ से आग हवा के साथ उड़ कर गर में जा लगी

चिता जहाँ से आग हवा के साथ उड़ कर गर में जा लगी

3 लोगों ने भाग कर बचाई अपनी जान

आग इतनी तेजी से फैली कि घर के भीतर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, दस्तावेज और नकदी समेत पूरा सामान जलकर राख हो गया। हादसे के समय उमेश सिंह और उनके दो बच्चे घर में मौजूद थे, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि अग्नि दुर्घटनाओं में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। पीड़ित परिवार इसके लिए आवेदन कर सकता है।

आग से घर और वहां रखा सारा सामन जल कर ख़ाक हो गया

आग से घर और वहां रखा सारा सामन जल कर ख़ाक हो गया

प्रशाशन करे पीड़ितों की मदद:ग्रामीण

इस हादसे के कारण उमेश सिंह का परिवार बेघर हो गया है और उनका रोजमर्रा का सारा सामान जल गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता प्रदान करने की मांग की है।

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