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कोरबा

धरती ने ओढ़ी हरियाली, मन ने पाया भरोसा, सुव्यवस्थित धान विक्रय से मुस्कुराया किसान’

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’ऑनलाइन टोकन से उपार्जन केंद्र तक सहज सफर किसान जसवंत सिंह ने महसूस की राहत’

कोरबा। कोरबा, जब सूरज की किरणें योजनाओं की छांव बनकर खेतों पर उतरती हैं, जब बीज को भरोसे का सहारा और सिंचाई को समय का साथ मिलता है, तब धरती केवल फसल नहीं उगाती वह किसान के सपनों को भी संवारती है। मेहनत के हर कण को जब उचित मूल्य और सम्मान मिलता है, तब खेतों में बहा पसीना मुस्कान में बदल जाता है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में यही परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। किसान आज निश्चिंत हैं, आश्वस्त हैं और भरोसे के साथ खेती कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों, सुव्यवस्थित धान उपार्जन व्यवस्था और तकनीक आधारित सुविधाओं ने किसानों के मन से चिंता हटाकर विश्वास का दीप जलाया है। यह वही भरोसा है, जो किसानों को उत्साह के साथ उत्पादन और खुशहाली के साथ विक्रय की ओर अग्रसर कर रहा है।


प्रदेश सहित कोरबा जिले में धान उपार्जन की पारदर्शी, सुगम और तकनीक-आधारित व्यवस्था किसानों को राहत प्रदान कर रही है। घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा और उपार्जन केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाओं ने किसानों के मन को जीत लिया है।
जिले के ग्राम अरदा निवासी किसान जसवंत सिंह लगभग साढ़े तीन एकड़ भूमि में खेती करते हैं। उन्होंने शासन की “टोकन तुंहर” ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया और निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचकर सहजता एवं संतोष के साथ धान का विक्रय किया। श्री सिंह द्वारा इस वर्ष 36 क्विंटल 80 किलोग्राम धान का विक्रय छुरी उपार्जन केंद्र में किया गया। पिछले वर्ष भी उन्होंने लगभग 68 क्विंटल धान का विक्रय किया था।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सुविधाओं से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था, उपार्जन केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं, समयबद्ध प्रक्रिया और अधिकारियों का सहयोगात्मक व्यवहार इन सभी से किसान को सम्मान और संतोष मिलता है। उन्होंने कहा, “आज किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहा है। यह सब माननीय मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन और उनकी किसान हितैषी नीतियों के कारण संभव हो पाया है। सरकार ने हमारी मेहनत को सही मूल्य दिया है, इसके लिए हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।”
राज्य सरकार किसानों की आय में निरंतर वृद्धि, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास कर रही है। धान उपार्जन की यह सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान-केंद्रित व्यवस्था किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है तथा “खुशहाल किसान, समृद्ध छत्तीसगढ़” के संकल्प को मजबूती के साथ साकार कर रही है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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