Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के कुम्हार ने बनाया 24 घंटे जलने वाला दीया:इतनी डिमांड की पूरी नहीं कर पा रहे; बोले- यूट्यूब देखकर आया आइडिया

Published

on

कोंडागांव ,एजेंसी। दीपावली के दस्तक देने के साथ ही दीयों की डिमांड बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव के कुम्हार अशोक चक्रधारी (62) ने मिट्‌टी का ऐसा दीया बनाया है, जो 24 घंटे जलता है। अशोक कहते हैं कि उनकी मंशा ऐसा दीया बनाने की है, जो लगातार 9 दिनों तक जले।

अशोक कहते हैं, हम पीढ़ियों से मिट्टी की कला पर काम कर रहे हैं। यह काम मैंने पिता से सीखा। यही मेरी कला है और यही रोजगार भी है। मेरी तीनों बेटियां मेरा हाथ बंटाती हैं। अपनी कला को और निखारने के लिए नए-नए आइडिया सोचता हूं। कुछ ऐसा बनाता रहता हूं, जो लोगों के काम आ सके।

पहले जानिए कैसे काम करता है दीया

अशोक के अनुसार, दीये में एक बार 200 ग्राम तेल डालना होता है। तेल की एक-एक बूंद ही रुई की बत्ती पर गिरती है। दीये को 2 भागों में बनाया गया है। नीचे के हिस्से में बत्ती लगाई जाती है और ऊपर एक गोलाकार पात्र है, जिसमें तेल भरा जाता है।

पहले सीधे तेल डालते हैं, फिर इसे उल्टा कर देते हैं। जिससे यह दीया 24 घंटे जल सकता है। अशोक बताते हैं कि अभी वह 48 घंटे और 72 घंटे जलने वाला दीया बनाने पर काम कर रहे हैं। वह ऐसा दीया बनाना चाहते हैं जो नवरात्रि में काम आ सके।

मैजिक लैंप बनाते अशोक चक्रधारी।

मैजिक लैंप बनाते अशोक चक्रधारी।

यू-ट्यूब वीडियो देखकर आया आइडिया

अशोक बताते हैं कि, 2019 में दिवाली के पहले मैं दीया बनाने के नए डिजाइन के बारे में सोच रहा था तभी यू ट्यूब वीडियो में ऐसा दीया देखा जो देर तक जलता था। उसमें तेल भरने के लिए एक कुंड था। दीया खाली नहीं होता था और जलता रहता था।

उन्हें यह बहुत दिलचस्प लगा। इसके बाद खुद दीया बनाना शुरू किया। 5-6 बार कोशिश करने के बाद 1 हफ्ते में इसे बना दिया। अशोक कहते हैं, हर बार बेहतर डिजाइन बनाई और उसको जलाकर टेस्ट करता था। इस तरह 24 घंटे तक लगातार जलने वाला दीया बना।

वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

अशोक ने अपने बनाए दीये का वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसके बाद ये इतना लोकप्रिय हो गया कि पूरे देश से ऑर्डर मिलने लगे हैं। अशोक कहते हैं कि दिवाली पर ऑनलाइन ऑर्डर इतने ज्यादा हैं कि वह समय पर इन्हें सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं।

पहले साल 100 दीये बेचे। दूसरे साल उन्होंने इसे दुर्गा पूजा में भी बनाया। अशोक ने इस दीये का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो वायरल हो गया। अशोक चक्रधारी ने बताया कि दीया पूरी तरह हाथ से बनाना पड़ता है।

विदेशी पर्यटक भी अब अशोक चक्रधारी से मिलने और दीये खरीदने आने लगे हैं।

विदेशी पर्यटक भी अब अशोक चक्रधारी से मिलने और दीये खरीदने आने लगे हैं।

कुम्हारपारा पंचायत में 300 से ज्यादा परिवार

कोंडागांव में कुम्हारों के 300 से ज्यादा परिवार है। कुम्हारपारा पंचायत शहर से महज 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। अशोक चक्रधारी ने बताया कि उनकी अपनी कोई दुकान नहीं है। आस-पास के गांवों में रहने वाले लोग उनके घर आकर उनकी बनाई कलाकृतियां खरीदते हैं।

देशभर से हजारों दीये के ऑर्डर मिले और लोग इसे मैजिक लैंप कहने लगे। अब लोकल स्तर पर 300 रुपए और ऑनलाइन ऑर्डर पर 485 रुपए में बेच रहे हैं। देश भर से लोग अब यह दीया मंगाने लगे हैं। अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दीये बेच रहे हैं। विदेशी पर्यटक भी यहां आकर उनकी बनाई माटी कला को देखना नहीं भूलते।

अशोक चक्रधारी का डिजाइन किया यह दीया 24 घंटे जलता है।

अशोक चक्रधारी का डिजाइन किया यह दीया 24 घंटे जलता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

30 एवं 31 को दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी रायगढ़ में: डॉ. गजेंद्र तिवारी आमंत्रित

Published

on

कोरबा/पाली। विश्व हिन्दी अधिष्ठान अंतर्गत केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली का पत्र, दिनांक 17.09.2026, सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ का पत्र, दिनांक 30.09.2026 के अनुसार 21वीं सदी का हिन्दी साहित्य:विविध परिदृश्य विषयक सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ परिसर में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय आयोजन प्रात: 10.30 बजे से प्रारंभ होगा।
उक्त संगोष्ठी में वक्ता/सत्र समीक्षक के रूप में कोरबा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल पाली के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी को आमंत्रित किया गया है।
इस आशय का पत्र अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक मीनकेतन प्रधान ने डॉ. गजेन्द्र तिवारी को पे्रषित किया है और फोन कर भी उन्हें आमंत्रित किया। डॉ. तिवारी इस दो दिवसीय संगोष्ठी में अपना वक्तव्य देंगे।

Continue Reading

कोरबा

प्रतिभा: शिवाली शर्मा ने की बॉटनी में पीएचडी, गुरू घासीदास विश्व विद्यालय से अवार्ड

Published

on

नीट, सेट को भी किया क्वालीफाई, 10वीं में 93.33 एवं 12वीं में 93.4 प्रतिशत के साथ परीक्षा पास
ग्रेजुएशन बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) में 81.93 एवं पीजी एमएससी बॉटनी में 88.08 के साथ किया अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
बिलासपुर। कड़ी मेहनत और लगन के साथ जो भी विद्यार्थी आगे बढ़ता है, उसे लक्ष्य जरूर हासिल होता है, भले ही थोड़ा समय लगे। ऐसे ही कड़ी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने वाली होनहार छात्रा शिवाली शर्मा ने कर दिखाया और प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली ने अपनी मेहनत एवं लगन के बल पर सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ के साथ-साथ सीजी सेेट और माइक्रोबॉयोलॉजी में पीएचडी कर जिले को गौरव प्रदान किया।

प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली शर्मा ने अपना लक्ष्य तय कर आगे बढ़ रही हैं। शासकीय सेवक आर के शर्मा एवं हाऊस वाईफ श्रीमती इंदिरा शर्मा की होनहार पुत्री शिवाली शर्मा ने 2013 में हाई स्कूल सर्टिफिकेट में 93.33 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी सर्टिफिकेट 2015 में 93.4 प्रतिशत अंक हासिल किया। 12वीं में बायोलॉजी विषय लेकर हायर सेकेण्डरी पास की। बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) 2018 में 81.93 अंक अर्जित किया, वहीं एमएससी बॉटनी 2020 में 88.08 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी सफलता का लोहा मनवाया, उन्होंने एमएससी गुरूघासीदास विश्वविद्यालय (सेन्ट्रल युनिवर्सिटी) बिलासपुर से पास किया।
2020 में सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ क्वालिफाईट किया। 2025 में सीजी एसईटी क्वालिफाईट किया वहीं उन्होंने पीएचडी-डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, रिसर्च फिल्ड-माईक्रोबॉयोलॉजी में किया।

Research Topic- Study of Qurum Sensing Regulated Siderophore Production From Soil Rhizosphere Bactria Isolated From Rice Filed of Chhattisgarh.
PHD Suparvisor- Dr. Vibhaynath Tripathi, Assistant Professor-Guru Ghasidas University Bilaspur

पूरा परिवार उच्च शिक्षित
शिवाली शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा नवजागृति उच्चतर माध्यमिक शाला तखतपुर से प्रारंभ की और प्रारंभ से ही लगन और कड़ी मेहनत तथा माता-पिता की प्रेरणा को उज्ज्वल भविष्य के लिए हथियार बनाया। आज वो पीएचडी की उपाधि से शिक्षा और उन्नत कृषि क्षेत्र में काम करने को अपने कैरियर का लक्ष्य बनाया है।
शिवाली शर्मा के पिता लोकनिर्माण विभाग में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं और एक कर्त्तव्यनिष्ठ लोक सेवक हैं। बड़े भाई डॉ. शशांक शर्मा भी फिजिक्स में पीएचडी हैं और उनकी भाभी अल्का शर्मा एमएससी (केमिस्ट्री) बीएएड हैं।
शिवाली शर्मा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति संजीदा हैं और माता-पिता पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते रहें।
बच्चों को आगे बढ़ने प्रोत्साहित करें अभिभावक-डॉ. गजेन्द्र तिवारी

प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं पाली स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने शिवाली शर्मा की सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का बेहतर कैरियर सिर्फ शिक्षा के माध्यम से बन सकता है और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर अभिभावक को प्रेरित करना चाहिए। शिवाली शर्मा युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जिन्होंने लगातार कई उपलब्धियां हासिल कर यह बता दिया कि अभिभावकों की प्रेरणा, गुरूजनों का मार्गदर्शन एवं लक्ष्य हासिल करने की ललक और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।
मेरे पापा मेरे प्रेरणाश्रोत-शिवाली

अपनी उपलब्धि पर शिवाली शर्मा ने कहा कि पापा हमेशा कहा करते हैं कि बेटियां ज्यादा प्रतिभावान होती हैं और तुम असंभव को भी संभव करने की ताकत रखती हो। अपना लक्ष्य तय करो और उसे जुनून बना लो, कड़ी मेहनत करो और अनुशासन के साथ सभी काम समय पर करो। पापा की हर बात को मैंने गांठ बांध ली और कड़ी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य पाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और भाई के प्रोत्साहन के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ती गई और सफलता मिलती गई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रयास कभी न छोड़ें, मंजिल जरूर मिलेगी।
हर काम को संभव कर दिखाती है शिवाली- आर के शर्मा

शिवाली शर्मा की सफलता पर पिता भावुक हुए और कहा कि बेटियां घर की शान और मान दोनों होती हैं, वे असंभव को संभव करने की माद्दा रखती हैं। बेटियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, फिर वे अपने स्वर्णिम भविष्य का रास्ता खुद तय कर लेती हैं। शिवाली, हर काम को संभव कर दिखाती है और बचपन से ही पढ़ाई के प्रति ऐसी रूचि रखती थी, लक्ष्य लेकर आगे बढ़ती रही और अपना लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत के साथ यह सफलता अर्जित की और हमें शिवाली पर गर्व ही नहीं अभिमान भी है। उसकी सफलता से पूरा परिवार आल्हादित है।

Continue Reading

कोरबा

कौशिल्या देवी साय कोरबा पहुंची: छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने किया अभिनंदन

Published

on

कोरबा। आज 28 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी, आदिवासी कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाज सेविका श्रीमती कौशिल्या देवी साय कोरबा के अल्प प्रवास पर पहुंची। वे एक शो रूम के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुईं। कोरबा पहुंचने पर छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में श्रीमती कौशिल्या देवी साय का अभिनंदन किया और बुके देकर उनका हृदय से स्वागत किया। इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू सहित जिला सचिव जयकुमार नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, मीडिया प्रभारी रामायण सिंह, अनिल गिरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677