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छत्तीसगढ़

59 महीने का एरियर देने का रास्ता साफ:हाईकोर्ट बोला- MP-CG सरकार की सहमति नहीं बनी तो भी पेंशनर्स का एरियर देना होगा

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने बुजुर्ग पेंशनर्स के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच “आपसी सहमति या वित्तीय तालमेल” न होने के आधार पर पेंशनर्स को उनके वैध एरियर के भुगतान से वंचित नहीं किया जा सकता।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें सिंगल बेंच के एरियर भुगतान संबंधी आदेश को चुनौती दी थी।

इस फैसले से राज्य के हजारों पेंशनभोगियों को छठवें और सातवें वेतन आयोग के तहत रोके गए कुल 59 महीने के एरियर के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है।

क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के बाद संबंधित कर्मचारी छत्तीसगढ़ सरकार के अधीन आ गए थे।

याचिका के अनुसार, राज्य सरकार ने छठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2006 से और सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू किया था, लेकिन सरकार ने 31 अगस्त 2009 और 6 जुलाई 2018 को जारी अलग-अलग सर्कुलर के जरिए पेंशनर्स के लिए अलग और भेदभावपूर्ण प्रभावी तिथियां तय कर दीं, जिससे उन्हें वेतन आयोग का लाभ समय पर नहीं मिल सका।

पेंशनर्स को नुकसान

छठवां वेतन आयोग: साल 2006 से पहले रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका लाभ केवल 1 सितंबर 2008 से दिया गया, जिससे उन्हें 32 महीने के एरियर से वंचित रहना पड़ा।

सातवां वेतन आयोग: साल 2016 से पहले रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका लाभ 1 अप्रैल 2018 से लागू किया गया, जिसके कारण उन्हें 27 महीने का एरियर नहीं मिल सका।

छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा- MP से नहीं मिली सहमति

राज्य सरकार ने अपने जवाब में कहा कि मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 के तहत जब तक मध्य प्रदेश सरकार पेंशन देनदारियों के अपने हिस्से पर “आपसी सहमति” नहीं दे देती, तब तक यह एरियर नहीं दिया जा सकता।

हालांकि, केंद्र सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इसके लिए किसी आपसी सहमति की जरूरत नहीं है।

सिंगल बेंच ने रद्द कर दिया था सर्कुलर, भुगतान का दिया था आदेश

राज्य सरकार के इस जवाब को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज ने याचिका दायर की थी। 1 अप्रैल 2026 को सिंगल बेंच ने राज्य सरकार के सर्कुलर को भेदभावपूर्ण और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन’ मानते हुए रद्द कर दिया था।

सिंगल बेंच ने 120 दिनों के भीतर कुल 59 महीनों (32 + 27) का एरियर जारी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि छत्तीसगढ़ सरकार भुगतान कर बाद में अपना हिस्सा एमपी सरकार से क्लेम कर सकती है।

सिंगल बेंच के फैसले को राज्य सरकार ने दी थी चुनौती

सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने याचिका दायर की थी। राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के लॉ अफसर ने कहा कि पेंशनर्स कट-ऑफ डेट से पहले रिटायर हो चुके थे।

इसलिए ये सेवारत कर्मचारियों के समान एरियर का दावा नहीं कर सकते। यह वित्तीय और नीतिगत मामला है, जिसमें अदालत को दखल नहीं देना चाहिए। साथ ही यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है।

हाईकोर्ट ने खारिज की राज्य सरकार की अपील

याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार की सभी दलीलों को खारिज करते हुए रिट याचिका को रद्द कर दिया है।

डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को पूरी तरह वैधानिक ठहराया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दो राज्यों के बीच प्रशासनिक या वित्तीय हिस्सेदारी के आपसी विवाद की आड़ में उन बुजुर्ग पेंशनर्स के कानूनी हक को नहीं रोका जा सकता, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सरकारी सेवा में लगा दी।

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कोरबा

बालको की वजह से क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव: लखन लाल देवांगन

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बालको की यह विकास यात्रा पूरे क्षेत्र के लिए एक आदर्श स्थापित करेगा

बालकोनगर। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा सिविक सेंटर स्थित नवीनीकृत जुबली पार्क का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया। उद्घाटन समारोह में कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह, वार्ड 43 पार्षद हितानंद अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, बालको के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अतिथियों ने पार्क का भ्रमण कर विकसित की गई आधुनिक सुविधाओं, बच्चों के मनोरंजन क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के विश्राम स्थल, हरित परिसर एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों ने बालको द्वारा नागरिक अधोसंरचना एवं हरित सार्वजनिक स्थलों के विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की।

मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा, “नवीनीकृत जुबली पार्क हरित वातावरण, योग एवं वॉकिंग ट्रैक तथा बच्चों के लिए विकसित आकर्षक सुविधाओं के माध्यम से सभी आयु वर्ग के लोगों को लाभान्वित करेगा। बालको ने सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, महिला सशक्तिकरण तथा अन्य जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उद्योग क्षेत्र के विकास से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। मुझे विश्वास है कि बालको विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए पूरे क्षेत्र के लिए एक आदर्श स्थापित करेगा। मैं इस सराहनीय पहल के लिए बालको प्रबंधन तथा सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करता हूँ।”

बालको के सीईओ राजेश कुमार सिंह ने कहा, “बालको क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक एवं नागरिक अधोसंरचना के विकास में भी निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। नवीनीकृत जुबली पार्क इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह नागरिकों को मनोरंजन, स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता के लिए एक उत्कृष्ट सार्वजनिक स्थल प्रदान करेगा। इस सराहनीय पहल के लिए मैं बालको की पूरी टीम को बधाई देता हूँ तथा समुदाय का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिसने हमारे कार्यों पर निरंतर विश्वास बनाए रखा है।”

महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा, “बालको ने सामुदायिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, नेहरू नगर में नाला निर्माण में सहयोग सहित अनेक जनहितकारी परियोजनाओं के माध्यम से निरंतर सिद्ध किया है। मैं इस प्रेरणादायी पहल के लिए बालको एवं राजेश कुमार सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”

वर्ष 1990 में बालको की रजत जयंती (सिल्वर जुबली) के अवसर पर स्थापित जुबली पार्क का पुनर्विकास कर इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पार्क में बच्चों के लिए आधुनिक एवं सुरक्षित खेल उपकरण, सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए ओपन जिम, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष बैठक एवं विश्राम क्षेत्र, योग एवं ध्यान के लिए समर्पित योगा प्लेटफॉर्म तथा स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आकर्षक वॉकिंग ट्रैक विकसित किया गया है।

यह पार्क स्वास्थ्य, मनोरंजन, योग, फिटनेस एवं सामाजिक सहभागिता के लिए एक आदर्श सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया गया है। बालको की यह पहल टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यह पार्क स्वास्थ्य, मनोरंजन, सामाजिक मेलजोल एवं सामुदायिक जुड़ाव का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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कोरबा

दीपका रेलवे क्रॉसिंग पर ACB कंपनी के हाईवा चालक की भारी लापरवाही, सजग नागरिक से की बदसलूकी, ओवरब्रिज निर्माण के बीच मंडरा रहा हादसों का खतरा

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कोरबा/दीपका। दीपका के गौरव पथ मार्ग पर बीते शुक्रवार को सुबह 6:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टला ACB कंपनी के आईचर हाईवा वाहन क्रमांक: CG 12 BF 3647 के चालक ने घोर लापरवाही बरतते हुए रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्धारित कच्चे रास्ते को छोड़कर वाहन को प्रतिबंधित पक्की सड़क गौरव पथ की तरफ घुसा दिया ।

वहां मौजूद एक सजग नागरिक ने जब जिम्मेदारी दिखाते हुए चालक को टोकना चाहा और कहा कि आप गलत रास्ते पर आ गए हैं, भारी वाहनों से रेलवे क्रॉसिंग पर कच्चा रास्ता से होते हुए पक्की मार्ग के लिए अपने कर्तव्य निर्धारित किया गया है, जोकि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक के लिए यह रास्ता प्रशासन ने अस्थाई रूप से छूट दिया गया है। बस इतना ही कहते ही चालक अपनी गलती मानने के बजाय आक्रोशित हो गया, आरोपी चालक सजग नागरिक के साथ ‘तू-तू मैं-मैं’ और बदतमीजी करने लगा। मौके पर मौजूद अन्य राहगीरों ने बीच-बचाव कर हाईवा चालक को समझाया, जिसके बाद नागरिक ने उसे वापस तय मार्ग पर जाने की हिदायत दी ।

क्या है पूरा मामला और नियम?

गौरतलब है कि गौरव पथ मार्ग पर वर्तमान में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो जल्द ही पूरा होने वाला है। जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक प्रशासन ने भारी वाहनों ट्रेलर-हाईवा के लिए दीपका रेलवे क्रॉसिंग फाटक के पास से कच्चा रास्ता मुख्य मार्ग से होते हुए रास्ता प्रशासन ने अस्थाई रूप से तय किया है, इसके बावजूद कोयला परिवहन में लगे कई वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर फाटक के पास के मुख्य मार्ग पर गाड़ियां घुसा रहे हैं ।

पहले भी टूट चुका है लोहे का बैरियर, हो चुके हैं कई हादसे

यह कोई पहली घटना नहीं है पूर्व में भी दीपका रेलवे क्रॉसिंग फाटक के पास प्रशासन द्वारा लगाए गए लोहे के सुरक्षा बैरियर को इन भारी ट्रेलर और हाईवा गाड़ियों ने कई बार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया है, इन चालकों की अंधाधुंध और लापरवाही पूर्वक ड्राइविंग के कारण इस क्षेत्र में आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे आम राहगीरों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है ।

कंपनियों और वाहन मालिकों को चेतने की जरूरत

गौरव पथ मार्ग पर भारी वाहनों के कारण होने वाले हादसों को लेकर पूर्व में कई सामाजिक संगठनों द्वारा उग्र आंदोलन भी किए जा चुके हैं, सड़क पर चलने वाले हर एक आम नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है ।

इस घटना के बाद प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय जनता ने ACB कंपनी सहित अन्य सभी ट्रांसपोर्ट और निजी ट्रक मालिकों से कड़ी मांग की है कि:-

वे अपने वाहन चालकों (ड्राइवर्स) को समय-समय पर सतर्कता सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का विशेष प्रशिक्षण दें ।

जनता से दुर्व्यवहार करने वाले ऐसे लापरवाह चालकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ।

भविष्य में किसी भी राहगीर की जान-माल की हानि न हो इसके लिए कंपनियां खुद आगे आकर जिम्मेदारी लें ।

प्रशासन और प्रबंधन को यह समझना होगा कि जब तक ड्राइवर चालकों को सजग नहीं होंगे, तब तक दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना मुमकिन नहीं है। यदि समय रहते कंपनियां और ट्रक मालिक नहीं जागे, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।

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छत्तीसगढ़

सरगुजा : आषाढ़ के प्रथम दिवस पर 29 एवं 30 जून को होगा भव्य रामगढ़ महोत्सव

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, इतिहास, संस्कृति, साहित्य और लोककला का होगा अद्भुत संगम

विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ में दो दिनों तक सजेंगी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियां

आषाढ़ के प्रथम दिवस पर 29 एवं 30 जून को होगा भव्य रामगढ़ महोत्सव

सरगुजा। सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक रामगढ़ में आषाढ़ के प्रथम दिवस के अवसर पर 29 एवं 30 जून को दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित महोत्सव में प्रदेश की लोकसंस्कृति, साहित्य, इतिहास, पुरातत्व और पर्यटन की समृद्ध विरासत एक साथ देखने को मिलेगी। महोत्सव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, कलाकार, शोधकर्ता, पर्यटक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहेंगे।

29 जून को प्रातः 10ः30 बजे अतिथियों के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। स्वागत समारोह, अतिथियों के उद्बोधन तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं पर आधारित लोकनृत्य, लोकगीत एवं लोकवाद्य प्रस्तुतियां पूरे दिन आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सायंकाल सुप्रसिद्ध लोक एवं सांस्कृतिक कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां महोत्सव को और अधिक भव्य बनाएंगी। महोत्सव के दौरान आगंतुक विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण करेंगे। विशेषज्ञ इन धरोहरों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी देंगे।

30 जून को साहित्य, इतिहास एवं संस्कृति पर केंद्रित परिचर्चाएं, जनजातीय संस्कृति की प्रस्तुतियां, लोककलाओं का प्रदर्शन, स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी तथा विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया जाएगा। रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा। महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को रामगढ़ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को निकट से जानने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन ने प्रदेशवासियों, साहित्यकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों एवं पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

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