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छत्तीसगढ़

फिल्म-सिटी के लिए पेड़ों की कटाई फिर शुरू:रायपुर में पेड़ से लिपटे ग्रामीणों को पुलिस थाने ले गई, कांग्रेस ने घेराव किया

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रायपुर, एजेंसी। नवा रायपुर के माना-तूता में बन रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए जंगल में पेड़ों की कटाई फिर शुरू हो गई है। कटाई के दौरान ग्रामीण पेड़ों से लिपटकर रोकने की कोशिश करने लगे। इस दौरान ग्रामीणों को रोकने पहुंची पुलिस के साथ झूमाझटकी हुई। इसका वीडियो भी सामने आया है।

विरोध कर रहे 10 ग्रामीणों को पुलिस माना थाने ले गई। इसकी जानकारी मिलने पर शहर जिला कांग्रेस और ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी थाने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को थाने ले जाने के विरोध में घेराव किया। घेराव के करीब 1 घंटे बाद पुलिस ने ग्रामीणों को छोड़ दिया।

दरअसल, मंगलवार को पेड़ काटे जाने की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कटाई रोकने की मांग की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इसका विरोध किया था। विरोध के बाद पेड़ों की कटाई रोक दी गई थी, लेकिन अब दोबारा कटाई तेज कर दी गई है।

इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पेड़ों की कटाई जारी रही, तो वे फिर से इसका विरोध करेंगे।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही थी।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही थी।

मौके पर पहुंचे ग्रामीणों पेड़ कटाई का विरोध किया था। इसके बाद कटाई पर रोक लगा दी गई थी।

मौके पर पहुंचे ग्रामीणों पेड़ कटाई का विरोध किया था। इसके बाद कटाई पर रोक लगा दी गई थी।

दोबारा पेड़ कटाई शुरू होने पर ग्रामीण पेड़ों से लिपट गए।

दोबारा पेड़ कटाई शुरू होने पर ग्रामीण पेड़ों से लिपट गए।

विरोध कर रहे ग्रामीणों का पुलिस थाने ले गई।

विरोध कर रहे ग्रामीणों का पुलिस थाने ले गई।

कांग्रेसियों ने माना थाने का घेराव किया। इस दौरान वे धरने पर बैठ गए।

कांग्रेसियों ने माना थाने का घेराव किया। इस दौरान वे धरने पर बैठ गए।

ग्रामीण बोले- 30 से 40 साल पुराने हैं पेड़

ग्रामीणों का कहना है कि फिल्म सिटी का निर्माण करीब 100 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने की आशंका है। जंगल में काटे जा रहे पेड़ करीब 30 से 40 साल पुराने हैं। एक पेड़ को बड़ा होने में कई साल लग जाते हैं। ऐसे में पुराने पेड़ों को काटना पर्यावरण के लिहाज से सही नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों से परेशानी नहीं है, लेकिन इसके लिए जंगल के पुराने पेड़ों को नहीं काटना चाहिए। उनकी मांग है कि फिल्म सिटी के लिए नवा रायपुर में किसी दूसरे स्थान का चयन किया जाए

मौके पर पुलिस की टीम भी मौजूद रही।

मौके पर पुलिस की टीम भी मौजूद रही।

क्या है चित्रोत्पला फिल्म सिटी परियोजना?

नवा रायपुर के माना-तूता क्षेत्र में चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 24 जनवरी 2026 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना और राज्य को फिल्मों की शूटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

परियोजना के तहत फिल्म सिटी के लिए 95.79 करोड़ रुपए और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए 52.03 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। दोनों परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित करने की योजना है। इसमें निजी क्षेत्र से करीब 300 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना भी जताई गई है।

फिल्म सिटी में फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां सड़क, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे स्थायी सेट तैयार करने की योजना है।

फिल्म सिटी के लिए जंगल में पेड़ों की कटाई फिर शुरू हो गई है।

फिल्म सिटी के लिए जंगल में पेड़ों की कटाई फिर शुरू हो गई है।

फिल्म इंडस्ट्री और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना

चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और अन्य आयोजन किए जाने हैं।

हालांकि, निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि विकास कार्यों के साथ जंगल और पुराने पेड़ों को भी सुरक्षित रखा जाए।

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कोरबा

30 एवं 31 को दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी रायगढ़ में: डॉ. गजेंद्र तिवारी आमंत्रित

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कोरबा/पाली। विश्व हिन्दी अधिष्ठान अंतर्गत केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली का पत्र, दिनांक 17.09.2026, सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ का पत्र, दिनांक 30.09.2026 के अनुसार 21वीं सदी का हिन्दी साहित्य:विविध परिदृश्य विषयक सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ परिसर में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय आयोजन प्रात: 10.30 बजे से प्रारंभ होगा।
उक्त संगोष्ठी में वक्ता/सत्र समीक्षक के रूप में कोरबा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल पाली के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी को आमंत्रित किया गया है।
इस आशय का पत्र अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक मीनकेतन प्रधान ने डॉ. गजेन्द्र तिवारी को पे्रषित किया है और फोन कर भी उन्हें आमंत्रित किया। डॉ. तिवारी इस दो दिवसीय संगोष्ठी में अपना वक्तव्य देंगे।

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कोरबा

प्रतिभा: शिवाली शर्मा ने की बॉटनी में पीएचडी, गुरू घासीदास विश्व विद्यालय से अवार्ड

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नीट, सेट को भी किया क्वालीफाई, 10वीं में 93.33 एवं 12वीं में 93.4 प्रतिशत के साथ परीक्षा पास
ग्रेजुएशन बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) में 81.93 एवं पीजी एमएससी बॉटनी में 88.08 के साथ किया अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
बिलासपुर। कड़ी मेहनत और लगन के साथ जो भी विद्यार्थी आगे बढ़ता है, उसे लक्ष्य जरूर हासिल होता है, भले ही थोड़ा समय लगे। ऐसे ही कड़ी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने वाली होनहार छात्रा शिवाली शर्मा ने कर दिखाया और प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली ने अपनी मेहनत एवं लगन के बल पर सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ के साथ-साथ सीजी सेेट और माइक्रोबॉयोलॉजी में पीएचडी कर जिले को गौरव प्रदान किया।

प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली शर्मा ने अपना लक्ष्य तय कर आगे बढ़ रही हैं। शासकीय सेवक आर के शर्मा एवं हाऊस वाईफ श्रीमती इंदिरा शर्मा की होनहार पुत्री शिवाली शर्मा ने 2013 में हाई स्कूल सर्टिफिकेट में 93.33 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी सर्टिफिकेट 2015 में 93.4 प्रतिशत अंक हासिल किया। 12वीं में बायोलॉजी विषय लेकर हायर सेकेण्डरी पास की। बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) 2018 में 81.93 अंक अर्जित किया, वहीं एमएससी बॉटनी 2020 में 88.08 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी सफलता का लोहा मनवाया, उन्होंने एमएससी गुरूघासीदास विश्वविद्यालय (सेन्ट्रल युनिवर्सिटी) बिलासपुर से पास किया।
2020 में सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ क्वालिफाईट किया। 2025 में सीजी एसईटी क्वालिफाईट किया वहीं उन्होंने पीएचडी-डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, रिसर्च फिल्ड-माईक्रोबॉयोलॉजी में किया।

Research Topic- Study of Qurum Sensing Regulated Siderophore Production From Soil Rhizosphere Bactria Isolated From Rice Filed of Chhattisgarh.
PHD Suparvisor- Dr. Vibhaynath Tripathi, Assistant Professor-Guru Ghasidas University Bilaspur

पूरा परिवार उच्च शिक्षित
शिवाली शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा नवजागृति उच्चतर माध्यमिक शाला तखतपुर से प्रारंभ की और प्रारंभ से ही लगन और कड़ी मेहनत तथा माता-पिता की प्रेरणा को उज्ज्वल भविष्य के लिए हथियार बनाया। आज वो पीएचडी की उपाधि से शिक्षा और उन्नत कृषि क्षेत्र में काम करने को अपने कैरियर का लक्ष्य बनाया है।
शिवाली शर्मा के पिता लोकनिर्माण विभाग में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं और एक कर्त्तव्यनिष्ठ लोक सेवक हैं। बड़े भाई डॉ. शशांक शर्मा भी फिजिक्स में पीएचडी हैं और उनकी भाभी अल्का शर्मा एमएससी (केमिस्ट्री) बीएएड हैं।
शिवाली शर्मा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति संजीदा हैं और माता-पिता पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते रहें।
बच्चों को आगे बढ़ने प्रोत्साहित करें अभिभावक-डॉ. गजेन्द्र तिवारी

प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं पाली स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने शिवाली शर्मा की सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का बेहतर कैरियर सिर्फ शिक्षा के माध्यम से बन सकता है और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर अभिभावक को प्रेरित करना चाहिए। शिवाली शर्मा युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जिन्होंने लगातार कई उपलब्धियां हासिल कर यह बता दिया कि अभिभावकों की प्रेरणा, गुरूजनों का मार्गदर्शन एवं लक्ष्य हासिल करने की ललक और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।
मेरे पापा मेरे प्रेरणाश्रोत-शिवाली

अपनी उपलब्धि पर शिवाली शर्मा ने कहा कि पापा हमेशा कहा करते हैं कि बेटियां ज्यादा प्रतिभावान होती हैं और तुम असंभव को भी संभव करने की ताकत रखती हो। अपना लक्ष्य तय करो और उसे जुनून बना लो, कड़ी मेहनत करो और अनुशासन के साथ सभी काम समय पर करो। पापा की हर बात को मैंने गांठ बांध ली और कड़ी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य पाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और भाई के प्रोत्साहन के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ती गई और सफलता मिलती गई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रयास कभी न छोड़ें, मंजिल जरूर मिलेगी।
हर काम को संभव कर दिखाती है शिवाली- आर के शर्मा

शिवाली शर्मा की सफलता पर पिता भावुक हुए और कहा कि बेटियां घर की शान और मान दोनों होती हैं, वे असंभव को संभव करने की माद्दा रखती हैं। बेटियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, फिर वे अपने स्वर्णिम भविष्य का रास्ता खुद तय कर लेती हैं। शिवाली, हर काम को संभव कर दिखाती है और बचपन से ही पढ़ाई के प्रति ऐसी रूचि रखती थी, लक्ष्य लेकर आगे बढ़ती रही और अपना लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत के साथ यह सफलता अर्जित की और हमें शिवाली पर गर्व ही नहीं अभिमान भी है। उसकी सफलता से पूरा परिवार आल्हादित है।

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कोरबा

कौशिल्या देवी साय कोरबा पहुंची: छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने किया अभिनंदन

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कोरबा। आज 28 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी, आदिवासी कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाज सेविका श्रीमती कौशिल्या देवी साय कोरबा के अल्प प्रवास पर पहुंची। वे एक शो रूम के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुईं। कोरबा पहुंचने पर छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में श्रीमती कौशिल्या देवी साय का अभिनंदन किया और बुके देकर उनका हृदय से स्वागत किया। इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू सहित जिला सचिव जयकुमार नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, मीडिया प्रभारी रामायण सिंह, अनिल गिरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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