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कोरबा

कोरबा में मनाया गया जनजातिय गौरव दिवस: आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम कर रही है हमारी सरकार- मंत्री देवांगन

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कोरबा। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर कोरबा जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम में बिहार के जमुई से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से लाइव देखा व सुना गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लगभग 6600 करोड़ रूपए के विकास परियोजनाओं का सौगात देते हुए भगवान बिरसामुण्डा की 150वीं जन्म जयंती वर्ष शुभारंभ की स्मृति में 150 रूपए का सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने आदिवासी समाज प्रमुखों एवं आदिवासी समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों, समाज सेवी संगठनों, आदिवासी जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी संगठनों एवं आदिवासी समाज के शहीदों के परिजनों का शाल एवं श्रीफल से सम्मानित किया। उन्होंने शासन के विभिन्न योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आज आदिवासियों के सम्मान में पूरा देश जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। भगवान श्री विरसा मुंडा ने देश की स्वतंत्रता के लिये जो योगदान दिया है उसे भुलाया नहीं जा सकता। वे अपने कार्यों से अमर हो गये हैं। आज उनकी जयंती को गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अलग गौरव गाथा है। देश में अंग्रेजों के विरूद्ध आदिवासी समाज के योद्धाओं ने जमकर लड़ाई लड़ी। भगवान श्री बिरसामुंडा सहित मंगल पांण्डेय, तिलका मांझी, वीर नारायण सिंह, शंकर साह, राजाराम गोड़, गुंडाधूर आदि ने संघर्ष किया और देश की रक्षा के लिए बलिदान हो गये। उन्होंने देश की आजादी महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज हम उनके योगदान से देश में सुरक्षित रह पा रहे हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के पद पर आदिवासी समाज की महिला है। उनके मार्गदर्शन में आदिवासी समाज का विकास हो रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भी आदिवासी समाज से हैं। उनके नेतृत्व में विगत 11 माह में छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में आदिवासी समाज के उत्थान की दिशा में योजनाएं बनाकर कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने जिले में डीएमएफ से हो रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवन तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य किये जा रहें हैं। उन्होंने आदिवासी शक्तिपीठ परिसर में विकास हेतु 50 लाख की दी गई राशि के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि इससे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर ने कहा कि हम सभी को एक जुट होकर आदिवासी संस्कृति को संरक्षित रखना है। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि भगवान श्री विरसा मुंडा ने प्रकृति, संस्कृति की रक्षा करते हुए अन्याय एवं अत्याचार के विरूद्ध ब्रिटिशों के खिलाफ आवाज उठाई। छत्तीसगढ़ के वीर नारायण सिंह, गुंडा धुर सहित अन्य स्वतंत्रता सग्राम सैनानियों ने आजादी के लिए अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर जरूरतमंद लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में पीएम जनमन अंतर्गत  आवासों का निर्माण, पेयजल एवं सड़क की व्यवस्था के साथ ही सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि समाज को सही दिशा में ले जाने वाले महान विभूतियों के आदर्शों पर चलकर जिले का विकास किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं पर आधारित स्टॉल लगाए गए और लोगों को योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री श्री देवांगन ने स्टॉल का अवलोकन किया। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की योजनाओं को बताया गया।
योजनाओं से हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित-
जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा 08 हितग्राहियों को स्प्रेयर एवं मसूर मिनी किट का वितरण किया गया। 05 हितग्राहियों श्यामलाल, बुधवारा बाई, सुखमतबाई बिरहोर, श्यामजी, सुमित्राबाई को पीएम जनमन अंतर्गत आवास योजना की सांकेतिक चाबी सौंपी गई।

आदिवासी समाज के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, समाज प्रमुखों आदि को किया गया सम्मानित


कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज, धनवार समाज, मुण्डा समाज, मंझवार, ,खैरवार, गोंड़, अगरिया, भारिया, बिंझवार, उरांव समाज प्रमुखों का शॉल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया। इसी तरह आदिवासी समाज के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जनजाति समाज हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सेवी संगठनों, मेधावी छात्र-छात्राओं, खिलाड़ियों, प्रतियोगी परीक्षा में विभिन्न पदों पर चयनित उम्मीदवारों, कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों, सरहुल नृत्य में राज्य स्तर पर सम्मानित उरांव समाज के प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। जनजातीय गौरव दिवस में मेधावी छात्र के रूप में दिलेश कुमार, कुमारी जस्मिन्ता राठिया, कु. शुभलता, मोसेस वैभव एक्का, गुंजिता राठिया, सुनील कुमार, कु. चुनिषा, अनुराग सिंह राज, गामनी कंवर, कृतिका कंवर को सम्मानित किया गया।

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कोरबा

भू-विस्थापितों को राहत, हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा

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कोरबा। एसईसीएल मानिकपुर खदान से प्रभावित भिलाईखुर्द के भ-ूविस्थापितों को बड़ी राहत मिली है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर 300 प्रभावितों को मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है। हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा देने एसईसीएल प्रबंधन ने सहमति दी है।

एसईसीएल विश्राम गृह कोरबा में शुक्रवार को नगर विधायक व उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता मेंभिलाईखुर्द के भूविस्थापितों, एसईसीएल के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें देवांगन ने एसईसीएल के अधिकारियों को दो टूक कहा कि 50 वर्ष पूर्व खदान के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

तब ज़मीन का मुआवजा दिया जा चुका था, लेकिन इतने वर्षों बाद आज ज़मीन खाली करवाई जा रही है। भू-विस्थापितों को मकानों और शिफ्टिंग का उचित मुआवजा दिए किसी भी तरह से जमीन खाली करवाना गलत है। उद्योग मंत्री ने बैठक में भू विस्थापितों की मांग को मजबूती से रखते हुए कहा की इतने वर्षों में एक-एक जमीन धारक के एक से अधिक परिवार हो चुके हैं, आज की स्थिति में सिर्फ एक ज़मीन धारक के बजाए एक-एक परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।

देवांगन ने कहा की देश की ऊर्जा के लिए कोयला अतिमहत्वपूर्ण हैं, लेकिन भू- विस्थापितों को साथ में लेकर खदानों का विस्तार करना होगा। एसईसीएल के अधिकारियों ने बैठक में ही सभी परिवारों का मुआवजा देने की मंजूरी दी। भू-विस्थापित के प्रति परिवार को 6.78 लाख देने की घोषणा की गई। पिछले 8 वर्ष से बिना मुआवजा दिए प्रबंधन बस्ती खाली कराने पर आमदा था। मंत्री के दबाव के बाद एसईसीएल बैकफुट पर आए। इस निर्णय का ग्राम भिलाईखुर्द के सभी भू विस्थापितों ने स्वागत करते हुए अपनी सहमति देते हुए मंत्री देवांगन का आभार जताया।

एसईसीएल मानिकपुर खदान से 52 लाख 50 हजार टन कोयला उत्पादन किया गया था। कोरबा एरिया का यह सबसे बड़ा ओपन माइंस है। लगातार 11 साल से लक्ष्य हासिल कर रहा है। इस साल कोरबा एरिया में 83 लाख 60 हजार टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

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कोरबा

कोरबा में चलती कार में शॉर्ट सर्किट से लगी आग:गैरेज पहुंचते ही भड़की, मिस्त्री ने पाया काबू

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कोरबा। कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत मुड़ापार स्थित लिटिल स्टेप स्कूल के पास एक ऑटो गैरेज में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। गैरेज में मौजूद मिस्त्री ने तत्काल पानी डालकर और केबल वायर काटकर आग पर काबू पा लिया।

जानकारी के अनुसार, एक युवक लाल रंग की कार लेकर गैरेज पहुंचा था। गाड़ी रोकते ही वह तुरंत बाहर निकला और मिस्त्री को आवाज लगाई। मिस्त्री के मौके पर पहुंचते ही कार में अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जो देखते ही देखते बढ़ने लगी।

शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग

कार चालक युवक ने बताया कि वह किसी काम से निकला था, तभी उसे गाड़ी से हल्का धुआं आता महसूस हुआ। वह किसी तरह कार को गैरेज तक लाया।

जैसे ही उसने बोनट खोला, धुआं तेजी से निकलने लगा और उसने तुरंत मिस्त्री को बुलाया। बताया जा रहा है कि चूहे ने कार के केबल काट दिए थे, जिसके कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई।

समय रहते आग में पाया काबू

समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ी घटना टल गई। यह क्षेत्र आबादी वाला है और पास में ही बच्चों का स्कूल भी है। आगजनी के समय लोगों की आवाजाही भी थी।

घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस और दमकल विभाग को देने की तैयारी थी, लेकिन आग पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।

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कोरबा

DMF का कथित मिसयूज…केंद्र ने छत्तीसगढ़ CS को पत्र-जारी किया:तत्कालीन कलेक्टर पर निजी फायदे के लिए 26 करोड़ मंजूर करने का आरोप

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कोरबा। कोरबा में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) के कथित दुरुपयोग के मामले में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील को स्मरण पत्र जारी किया है। यह कार्रवाई भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत के बाद की गई है।

शिकायत में बालको से संबंधित सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप है। दरअसल, ननकी राम कंवर ने शिकायत की थी कि दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे।

ननकी राम के अनुसार, यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के सीएसआर फंड से होना चाहिए था। इस मामले में केंद्र सरकार ने पहले भी मुख्य सचिव विकास शील को पत्र जारी किया था। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कलेक्टर को भारत सरकार में शिकायत होने की जानकारी मिलते ही, उन्होंने अपने ट्रांसफर से पहले ही लोक निर्माण विभाग को आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।

मुख्य सचिव से जवाब मांगा

इस जानकारी के बाद ननकी राम कंवर ने केंद्र सरकार को फिर पत्र लिखकर अवगत कराया। केंद्र सरकार ने उनके पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन विकास शील को पत्र लिखा है। इसमें केंद्र ने नाराजगी जाहिर करते हुए पत्र में लिखे गए तथ्यों के संबंध में जवाब मांगा है और आवेदक को भी अवगत कराने को कहा है।

कलेक्टर ने पुल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया

इसी बीच कलेक्टर दुदावत ने डीएमएफ के तहत बनने वाले दर्री डेम मार्ग (ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तक) का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुल के मरम्मत कार्य के लिए भी शीघ्र निविदा प्रक्रिया शुरू कर समयबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

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